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अल्लाह मियाँ का कारख़ाना उर्दू ज़बान में लिखे जा रहे आज के कुछ अहम नॉवेलों में से एक है। इस नॉवेल में एक बच्चे के ज़रिए मुस्लिम मुआशरे के हालात और समाजी, मआशी, मज़हबी, तालीमी और घरेलू ज़िन्दगी की परेशानियों का ज़िक्र बड़े ही आम और नर्म तरीके से किया गया है। इस नॉवेल का मफ़हूम जितना संजीदा है, तर्ज़ उतनी ही तज्रबाती है।
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अल्लाह मियाँ का कारख़ाना उर्दू ज़बान में लिखे जा रहे आज के कुछ अहम नॉवेलों में से एक है। इस नॉवेल में एक बच्चे के ज़रिए मुस्लिम मुआशरे के हालात और समाजी, मआशी, मज़हबी, तालीमी और घरेलू ज़िन्दगी की परेशानियों का ज़िक्र बड़े ही आम और नर्म तरीके से किया गया है। इस नॉवेल का मफ़हूम जितना संजीदा है, तर्ज़ उतनी ही तज्रबाती है।
Book Details
-
ISBN9789394494268
-
Pages273
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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