Wah Awaj
(0)
Author:
Asha PrabhatPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
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समय के बदलते मिजाज और जीवन तथा मन की शाश्वत जरूरतों को रेखांकित करती ‘वह आवाज’ कहानी-संग्रह की कहानियाँ अपनी दृष्टि के फैलाव के चलते भी हमें आकर्षित करती हैं और कहन के अपने तरीके से भी।</p> <p>गाँव-जवार की पुरखिन धरती से उखड़े, किसान से मजदूर बनकर शहरों के किनारे शरणार्थी जीवन जीते लोग हों, या जीवन के पल-पल बदलते रूपों के साथ सामंजस्य बिठाने को जूझता मध्यवर्ग हो, आशा प्रभात हर बार अपनी भाषा को ऐसा प्रवाह देती हैं कि पाठक हर कहानी के साथ दूर तक बहता चला जाता है।</p> <p>‘वह आवाज’ उनका नया कहानी-संग्रह है। इसमें संकलित ग्यारह कहानियों में उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी समाज के समकालीन संसार से कुछ ऐसे विषय पकड़े हैं जिन पर दृष्टिपात किया जाना अत्यन्त जरूरी है। प्राकृतिक आपदाओं के सम्मुख असहाय और सरकारी मशीनरी के सामने निरुपाय साधारण जनगण की विवशताएँ भी इसमें हैं, और पीढ़ियों के बीच खुलते भावनात्मक गवाक्षों से फूटती उम्मीदें भी। संकलन की शीर्षक कथा ‘वह आवाज’ एक ऐसी दुनिया की तरफ इशारा करती है जिसका होना आधुनिक मनुष्य के मन को अकसर चौंका जाता है।
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समय के बदलते मिजाज और जीवन तथा मन की शाश्वत जरूरतों को रेखांकित करती ‘वह आवाज’ कहानी-संग्रह की कहानियाँ अपनी दृष्टि के फैलाव के चलते भी हमें आकर्षित करती हैं और कहन के अपने तरीके से भी।</p>
<p>गाँव-जवार की पुरखिन धरती से उखड़े, किसान से मजदूर बनकर शहरों के किनारे शरणार्थी जीवन जीते लोग हों, या जीवन के पल-पल बदलते रूपों के साथ सामंजस्य बिठाने को जूझता मध्यवर्ग हो, आशा प्रभात हर बार अपनी भाषा को ऐसा प्रवाह देती हैं कि पाठक हर कहानी के साथ दूर तक बहता चला जाता है।</p>
<p>‘वह आवाज’ उनका नया कहानी-संग्रह है। इसमें संकलित ग्यारह कहानियों में उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी समाज के समकालीन संसार से कुछ ऐसे विषय पकड़े हैं जिन पर दृष्टिपात किया जाना अत्यन्त जरूरी है। प्राकृतिक आपदाओं के सम्मुख असहाय और सरकारी मशीनरी के सामने निरुपाय साधारण जनगण की विवशताएँ भी इसमें हैं, और पीढ़ियों के बीच खुलते भावनात्मक गवाक्षों से फूटती उम्मीदें भी। संकलन की शीर्षक कथा ‘वह आवाज’ एक ऐसी दुनिया की तरफ इशारा करती है जिसका होना आधुनिक मनुष्य के मन को अकसर चौंका जाता है।
Book Details
-
ISBN9789360863197
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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