Short Stories from Pakistan
(9)
Author:
M. Asaduddin, Intizar Hussain, Asif FarrukhiPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections₹
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The short stories - originally written in Urdu, Punjabi, Sindhi, Pushto, and Saraiki, and now translated into English - showcased in this anthology engage with the above questions in their own ways, articulating a multiplicity of voices and experiences. They chronicle the birth of the nation of Pakistan in traumatic circumstances and its chequered history over the past fifty years by depicting the "desire and aspirations, fear and horror, pride, shame, helplessness and a thousand other unnamed feelings" of their protagonists. In doing so, they also depict the immensely varied and rich tapestry of cultural life in Pakistan.
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The short stories - originally written in Urdu, Punjabi, Sindhi, Pushto, and Saraiki, and now translated into English - showcased in this anthology engage with the above questions in their own ways, articulating a multiplicity of voices and experiences. They chronicle the birth of the nation of Pakistan in traumatic circumstances and its chequered history over the past fifty years by depicting the "desire and aspirations, fear and horror, pride, shame, helplessness and a thousand other unnamed feelings" of their protagonists. In doing so, they also depict the immensely varied and rich tapestry of cultural life in Pakistan.
Book Details
-
ISBN9788126015986
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Pages334
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Avg Reading Time11 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: s 'ज्ञानगढ़ की लड़ाई' ग्यारह कहानियों का संग्रह है। 20-25 वर्षों का लेखन—ग्यारह कहानियाँ। लिखने के सम्मोहन और कहानीकार कहलाने की कामना से कोसों दूर। लेकिन जब लिखा तो उस मेहतर की तरह लिखा जो साफ-सुथरेपन को कर्तव्य की तरह पूरा करता हो, दिनचर्या की तरह निभाता-भर नहीं हो। बलराज पांडेय आदर्शवादी, साफ-सुथरी कहानियों वाली लेखन-परंपरा के कहानीकार नहीं हैं। प्रतीकवादी कहन भी इन कहानियों की विशेषता नहीं। ये कहानियाँ प्रगतिशील परंपरा में, यथार्थवादी धारा की कहानियाँ हैं। यथार्थवादी धारा में भी, विरूपण (डिस्टार्शन) की कला के सहारे विद्रूपता का चित्रण इन कहानियों का शिल्प है। विद्रूपता के इस चित्रण में उपहास नहीं, बल्कि विडम्बना को उजागर करने वाली वह ट्रैजिक स्थितियाँ हैं, जिनमें पाखंड, भ्रष्टाचार, निकृष्टताएँ, दुरभिसंधियाँ, छल-प्रपंच, रीढ़हीनता, चाटुकारिता, पीठ-पीछे वार करने वाली निरीहता को जीने और पोषित करने वाले लोग हैं। धिक्कार, ज़ाहिर हो जा, है तू जैसा, प्रोन्नति का फेर, इंटरव्यू, तस्मै श्री गुरवे नम:, अध्यक्ष जी का वसंतोत्सव, ज्ञानगढ़ की लड़ाई आदि कहानियों को इन किरदारों के साथ पढ़ा जा सकता है। ये सभी किरदार जाने-पहचाने वास्तविक किरदार हैं। यह संग्रह शिक्षण-संस्थानों, उनके विभागों, उन विभागों में पदासीन आचार्यों की कार्य-संस्कृति, उनके बीच की अंदरूनी ख्वाहिशात, चालबाजि़यों और धूर्तताओं का रंगीन हलफनामा है। नैतिकता और मूल्यों के क्षरण-मरण का कथात्मक मर्सिया। इन कहानियों के बहाने आप देश के सभी विश्वविद्यालयों के हिन्दी-विभागों के खद्दो-खाल को पढ़ सकते हैं, देख सकते हैं।
Hoshiyari Khatak Rahi Hai
- Author Name:
Subhash Chandra Kushwaha
- Book Type:

- Description: Short Stories
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Book
Short Stories from Pakistan is a powerful anthology that brings together voices from across Pakistan’s rich linguistic landscape—Urdu, Punjabi, Sindhi, Pushto, and Saraiki—now available in English translation.
These stories trace the emotional and historical journey of a nation born out of Partition. Through deeply personal narratives, they capture the turbulence of nationhood—fear, loss, aspiration, identity, pride, and the quiet resilience of everyday life.
The collection does not present a single perspective. Instead, it offers a mosaic of experiences—each story reflecting a different region, class, and moment in time. Together, they reveal the cultural depth and diversity of Pakistan, while also echoing themes that resonate across the subcontinent.
Edited and translated by distinguished literary figures including Intizar Hussain, Asif Aslam Farrukhi, and M. Asaduddin, this anthology stands at the intersection of literature, history, and memory.
Short Stories from Pakistan is not just about one country—it is about shared histories and human experiences that transcend borders.
What is Short Stories from Pakistan about?
It is a collection of short stories from Pakistan, translated into English, that explore themes of Partition, identity, culture, and the evolution of the nation over time.
Are these stories originally written in English?
No. The stories were originally written in languages such as Urdu, Punjabi, Sindhi, Pushto, and Saraiki, and later translated into English.
What themes do these stories cover?
The collection covers themes like Partition, fear, identity, cultural diversity, social change, and the emotional experiences of individuals in a changing society.
Who should read this book?
- Readers interested in South Asian literature
- Students of Partition and post-colonial studies
- Those exploring literature in translation
- Book clubs looking for diverse perspectives
Is this book relevant for Indian readers?
Yes. The stories reflect shared histories and cultural connections across the subcontinent, making them deeply relevant for Indian readers as well.
Why readers choose this book
- Stories from multiple Pakistani languages in one volume
- Deep connection to the Partition and shared history
- Rich cultural and emotional narratives
- Best books on Partition and South Asian history”
- Pairing: Indian + Pakistani short story collections. This one can become a high-intent discovery page for thoughtful readers.