Bodh Kathayen
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Author:
Yogacharya Chandrabhanu GuptPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
695
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विश्व के महापुरुषों का व्यक्तित्व और कृतित्व सर्वथा हमारे जीवन को प्रभावित कर हमें सभ्य, सुसंस्कृत, सद्भावनाओं से भरा मानवीय जीवन जीने के लिए प्रेरित करता रहा है। लेखक ने पवित्र भारत भूमि में जन्म लेनेवाली महान विभूतियों के ही नहीं, वरन् विश्व भर के महान लोगों के जीवन से जुड़े प्रेरित प्रसंगों को चुन-चुनकर हमारे समक्ष रखा है।</p> <p>लेखक ने मानवीय जीवन को और उत्कृष्ट बनाने के लिए पुस्तक को तीन भागों में विभाजित किया है।</p> <p>पहला भाग : ‘महापुरुषों के जीवन से प्रेरक प्रसंग’ में स्वामी रामतीर्थ, विवेकानन्द, गांधी, शिवाजी, रवीन्द्रनाथ टैगोर, हाड़ारानी आदि के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को अभिव्यक्त किया गया है।</p> <p>दूसरा भाग : ‘अलौकिक कथाओं व आख्यानों से प्रेरक प्रसंग’ पाठकों को अभिभूत ही नहीं करते हैं बल्कि वैचारिक दृढ़ता भी प्रदान करते हैं।</p> <p>तीसरा भाग : ‘असाधारण क्षमता : विविध प्रसंग’ में जगदीश चन्द्र बसु, शेरी जॉनसन, नेपोलियन, फ़क़ीर बुल्लेशाह से लेकर अन्यान्य महान लोगों की असाधारण क्षमताओं वाली घटनाओं से हमारे जीवन को आशावान बनाने का सफल प्रयास किया गया है।
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विश्व के महापुरुषों का व्यक्तित्व और कृतित्व सर्वथा हमारे जीवन को प्रभावित कर हमें सभ्य, सुसंस्कृत, सद्भावनाओं से भरा मानवीय जीवन जीने के लिए प्रेरित करता रहा है। लेखक ने पवित्र भारत भूमि में जन्म लेनेवाली महान विभूतियों के ही नहीं, वरन् विश्व भर के महान लोगों के जीवन से जुड़े प्रेरित प्रसंगों को चुन-चुनकर हमारे समक्ष रखा है।</p>
<p>लेखक ने मानवीय जीवन को और उत्कृष्ट बनाने के लिए पुस्तक को तीन भागों में विभाजित किया है।</p>
<p>पहला भाग : ‘महापुरुषों के जीवन से प्रेरक प्रसंग’ में स्वामी रामतीर्थ, विवेकानन्द, गांधी, शिवाजी, रवीन्द्रनाथ टैगोर, हाड़ारानी आदि के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को अभिव्यक्त किया गया है।</p>
<p>दूसरा भाग : ‘अलौकिक कथाओं व आख्यानों से प्रेरक प्रसंग’ पाठकों को अभिभूत ही नहीं करते हैं बल्कि वैचारिक दृढ़ता भी प्रदान करते हैं।</p>
<p>तीसरा भाग : ‘असाधारण क्षमता : विविध प्रसंग’ में जगदीश चन्द्र बसु, शेरी जॉनसन, नेपोलियन, फ़क़ीर बुल्लेशाह से लेकर अन्यान्य महान लोगों की असाधारण क्षमताओं वाली घटनाओं से हमारे जीवन को आशावान बनाने का सफल प्रयास किया गया है।
Book Details
-
ISBN9788183614542
-
Pages320
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Mudra Rakshas
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- Description: हिन्दी क्षेत्र में दलित लेखन शुरू तो बहुत पहले हो गया था पर उसकी पहचान बनने में देर लगी। पहले हिन्दी में दलित लेखकों और चिन्तकों द्वारा दलित चेतना और संघर्ष को लेकर वैचारिक, ऐतिहासिक और सामाजिक लेखन हुआ। हिन्दी में दलित लेखन का यह एक महत्त्वपूर्ण दौर माना जाएगा। इसके बाद रचनात्मक लेखन का दौर शुरू हुआ। हिन्दी में दलित रचनात्मक लेखन का इतिहास ज़्यादा लम्बा नहीं है। बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में दलित लेखक हिन्दी में सामने आए। हिन्दी रचनाजगत में दलित लेखकों की सक्रियता तीन क्षेत्रों में सामने आई। उन्होंने बड़े पैमाने पर रचनात्मक साहित्य लिखा। दलित लेखकों की कविताएँ और कथाकृतियाँ प्रकाशित हुईं। राजेन्द्र यादव लिखते हैं—दलित साहित्यकारों की यह मजबूरी है कि वे सिर्फ़ अपने निजी अनुभवों को ज़मीन पर जीने के संघर्षों और स्थितियों का इन्दराज करें। हाँ, सबसे निचली गहराइयों से उछल-उछलकर आनेवाली ये तस्वीरें इतनी ख़ौफ़नाक हैं कि सारे समाज को दहलाकर रख देती हैं।” दलित कथा रचनाओं को इसी पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए। उनमें अपने समय और इतिहास का समाजशास्त्र भी है और स्थितियों से ऐसी मुठभेड़ भी जो व्यवस्था में बुनियादी परिवर्तन के लिए प्रयत्नशील है। इन कथा रचनाओं में मात्र यथार्थ नहीं है। उनकी कृतियाँ यथार्थ की शल्यक्रिया भी करती हैं। लेकिन इस सामाजिक शल्यक्रिया के बावजूद दलित रचनाकार की समस्याएँ जीवन में ही नहीं साहित्य की दुनिया में पहले से ज़्यादा जटिल और लगभग हिंसक हो गई हैं।
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