Ujali Aag
(0)
Author:
Ramdhari Singh DinkarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
495
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Available
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अनादि काल से ही बोधकथाओं की अपनी महत्ता रही है। इनका मुख्य उद्देश्य यही रहा है कि प्रेरक और गूढ़ प्रसंगों को रोचक शैली में जनमानस तक पहुँचाया जाए ताकि इनमें निहित नीतियों एवं उपदेशों से वे अपने जीवन में सृजनात्मक चेतना विकसित कर सकें। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की इस पुस्तक ‘उजली आग’ में इस तथ्य को सहज ही जाना-समझा जा सकता है। ‘उजली आग’ बच्चों और किशोरों से लेकर प्रौढ़ पाठकों तक की जीवन-शैली को कुतूहल, मनोरंजन, शिक्षा, मार्गदर्शन आदि के ज़रिए गहरे प्रभावित करनेवाली पुस्तक है। दिनकर की इस अनुपम कृति में जो भी बोधकथाएँ शामिल हैं, जैसे—आदमी का देवत्व, बीज बनने की राह, धर्म लोगे, धर्म? गुफावासी, अफ़सर और पैग़म्बर, उजला हाथी और गेहूँ के खेत, जीवन का बोझ, नर-नारी, माया की रचना, नारी की रुचि, अर्धनारीश्वर, नदी के पार की आग, कलाकार, बनिया और किसान, संसार का इतिहास, पत्थर के दूसरी ओर, पराजय, फूल की आरी, निर्माता और विजेता, सपनों का सपना, सुकरात का मकान, साहसी माता, घोड़ा और ऊँट, ऊँचाई के गीत, शासन और राजनीति आदि, वे सब पढ़ने वाले की जीवन-दृष्टि को गहरे प्रभावित करती है। राष्ट्रकवि की इस पुस्तक से आशा है कि यह जीवन और समाज में अपनी नवीनता से नए परिवेश के निर्माण में अवश्य सहायक सिद्ध होगी।
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अनादि काल से ही बोधकथाओं की अपनी महत्ता रही है। इनका मुख्य उद्देश्य यही रहा है कि प्रेरक और गूढ़ प्रसंगों को रोचक शैली में जनमानस तक पहुँचाया जाए ताकि इनमें निहित नीतियों एवं उपदेशों से वे अपने जीवन में सृजनात्मक चेतना विकसित कर सकें। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की इस पुस्तक ‘उजली आग’ में इस तथ्य को सहज ही जाना-समझा जा सकता है।
‘उजली आग’ बच्चों और किशोरों से लेकर प्रौढ़ पाठकों तक की जीवन-शैली को कुतूहल, मनोरंजन, शिक्षा, मार्गदर्शन आदि के ज़रिए गहरे प्रभावित करनेवाली पुस्तक है। दिनकर की इस अनुपम कृति में जो भी बोधकथाएँ शामिल हैं, जैसे—आदमी का देवत्व, बीज बनने की राह, धर्म लोगे, धर्म? गुफावासी, अफ़सर और पैग़म्बर, उजला हाथी और गेहूँ के खेत, जीवन का बोझ, नर-नारी, माया की रचना, नारी की रुचि, अर्धनारीश्वर, नदी के पार की आग, कलाकार, बनिया और किसान, संसार का इतिहास, पत्थर के दूसरी ओर, पराजय, फूल की आरी, निर्माता और विजेता, सपनों का सपना, सुकरात का मकान, साहसी माता, घोड़ा और ऊँट, ऊँचाई के गीत, शासन और राजनीति आदि, वे सब पढ़ने वाले की जीवन-दृष्टि को गहरे प्रभावित करती है।
राष्ट्रकवि की इस पुस्तक से आशा है कि यह जीवन और समाज में अपनी नवीनता से नए परिवेश के निर्माण में अवश्य सहायक सिद्ध होगी।
Book Details
-
ISBN9788180314162
-
Pages124
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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नब्बे के दशक में जिन रचनाकारों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और जिन्हें पाठकों ने भी हाथों-हाथ लिया, मैत्रेयी पुष्पा का नाम उनमें प्रमुख है! आज वे हिन्दी साहित्य-परिदृश्य की एक महत्त्वपूर्ण उपस्थिति हैं। उन्होंने हिन्दी कथा-धारा को वापस गाँव की ओर मोड़ा और कई अविस्मरणीय चरित्र हमें दिए। इन चरित्रों ने शहरी-मध्यवर्ग को उस देश की याद दिलाई जो धीरे-धीरे शब्द की दुनिया से ग़ायब हो चला था। ‘इदन्नमम’ की मंदा, 'चाक' की सारंग, ‘अल्मा कबूतरी’ की अल्मा और ‘झूला नट’ की शीलो, ऐसे अनेक चरित्र हैं जिन्हें मैत्रेयी जी ने अपनी समर्थ दृश्यात्मक भाषा और गहरे जुड़ाव के साथ आकार दिया है।
यहाँ प्रस्तुत कहानियों में भाषागत बिम्बों और दृश्यों को सजीव कर देने की अपनी अद्भुत क्षमता के साथ वे जिस पाठ की रचना करती हैं, उसे पढ़ना कथा-रस के एक विलक्षण अनुभव से गुज़रना है। ‘ललमनियाँ’ की मौहरो, ‘रिजक’ कहानी की लल्लन, ‘पगला गई है भागवती!’ की भागो या ‘सिस्टर’ की डोरोथी, ये सब स्त्रियाँ अपने परिस्थितिगत गहरे करुणा भाव के साथ पाठक के मन में गहरे उतर जाती हैं, और यह चीज़ लेखिका की भाषा-सामर्थ्य और गहरे चरित्र-बोध को सिद्ध करती है।
Pattharbaaz
- Author Name:
Neerja Madhav
- Book Type:

- Description: 1947 में भारत की आज़ादी के बाद से ही आतंकवाद, अलगाववाद, कश्मीर समस्या, सीमा-तनाव, शरणार्थी समस्या आदि से जूझता हुआ भारत देश कैसे हमारे वीर सैनिकों के कारण सुरक्षित बना हुआ है, यह भारतीय जनता के लिए गौरव और आश्वस्ति का कारण है तो पूरे विश्व के लिये स्पृहा का। शायद ही विश्व के किसी देश के सैनिकों में यह अदम्य साहस और शौर्य हो, जो माइनस टेम्परेचर और कठिन जीवनचर्या के बीच अपने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का ऊर्जस्वी भाव रखते हों। इस संग्रह की कुछ कहानियाँ सीधे-सीधे भारतीय सैनिकों के शौर्य और सहनशीलता दोनों से संवाद करती हैं तो कुछ कहानियाँ सामाजिक ताने-बाने को रूपायित करती है
Janakpriya Evam Anya Kahaniya
- Author Name:
Manoj Kumar Sharma
- Book Type:

- Description: कवि-हृदय मनोज कुमार शर्मा का कहानी-संग्रह ‘जनकप्रिया एवं अन्य कहानियाँ’ जीवन के विविध अनुभवों को प्रांजल भाषा में अभिव्यक्त करता है। लेखक के पास संवेदनाओं की सशक्त पूँजी है। यह संवेदना आधुनिक महानगरीय मन और परम्परागत लोकचित्त की साझा निर्मिति है। यही कारण है कि मनोज कुमार शर्मा की कई कहानियाँ लोक-स्वभाव का अनुगमन करते हुए लोकलय में लिखी गई हैं। इसे परम्परा को संरक्षित करने की ‘कथात्मक कोशिश’ भी कह सकते हैं। मनोज कुमार शर्मा समकालीन ज़िन्दगी की विसंगतियों को बहुत सलीके से छू लेते हैं। उन्हें इस बड़बोले समय में शब्द संयम के प्रति सचेत कहानीकार कहा जा सकता है। उन्होंने कुछ नए मुहावरों को रूपायित भी किया है, जैसे ‘मैं वैसे क्रोध तो राजस्थान की वर्षा की तरह कम ही करता हूँ परन्तु उस दिन तो बस चेरापूँजी...।’ ऐसे प्रयोगों से पठनीयता में वृद्धि होने के साथ शैली में एक सुखद चमक भी आ जाती है। समग्रतः प्रस्तुत कहानी-संग्रह भावों और विचारों में उल्लेखनीय और महत्त्वपूर्ण है।
Dulhin
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

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Description:
चित्रा मुद्गल मध्यवर्गीय स्त्री-जीवन की आकांक्षाओं और अभावों को गहरे भाव के साथ देखती-लिखती रही हैं। उनकी अनेक कहानियाँ मानक के रूप में देखी और सराही गई हैं।
अपने लम्बे साहित्यिक जीवन में उन्होंने न सिर्फ सामान्य अनुभवों से इतर कथाओं को सम्भव किया, बल्कि भाषा के स्तर पर भी अपनी एक विशिष्ट शैली ईजाद की। इस संग्रह की कुछ कहानियों में प्रयुक्त भाषा को देखते हुए कहा जा सकता है कि रचनाकार ने सिर्फ पात्रों के जीवन और आचार-व्यवहार का ही नहीं, उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक विशिष्टताओं का भी गहरा अध्ययन किया है।
उनकी इन कहानियों में उस स्त्री का स्वर सुनाई पड़ता है जो अपने जीवन को धीरे-धीरे बदलते हुए समाज को भी बदल रही है। पारिवारिक जीवन के तौर-तरीकों में विन्यस्त उत्पीड़न के बिम्बों को तो उन्होंने बारीकी से पकड़ा ही है।
‘दुलहिन’ चित्रा मुद्गल का सबसे पहला संग्रह जिसे उन्होंने अपने लेखकीय जीवन की पहली कृति के रूप में संकलित किया था।
Nahar Mein Bahati Lashen
- Author Name:
Raju Sharma
- Book Type:

- Description: ‘नहर में बहती लाशें’ कथाकार राजू शर्मा का चर्चित कहानी-संग्रह है। अपनी कहानियों से राजू शर्मा ने जो ख्याति अर्जित की है, उसे कई अर्थों में ख़ास कहा जा सकता है। वे एक ऐसे रचनाकार हैं जो प्रचलित परिपाटियों, मुहावरों, आशयों और सुविधाओं से वीतराग दूरी बनाते हुए अभिव्यक्ति के बेपहचाने बीहड़ रास्ते तलाश करते हैं। राजू शर्मा यथार्थ का उत्खनन करते हैं। इस प्रक्रिया में वे धारणाओं, विमर्शों और निष्कर्षों से टकराते हैं। जटिल रचनात्मक जद्दोजेहद के बाद वे किसी वृत्तान्त के बहाने समय का अप्रत्याशित चेहरा प्रकट करते हैं। इन कहानियों को 'निरी साहित्यिक संरचना' कहना, सम्भवत: इनकी अर्थसमृद्धि को सीमित करना है। राजनीति, अर्थशास्त्र, संस्कृति, प्रशासन, परम्परा और आधुनिकता की प्रखर समझ के कारण राजू शर्मा 'सभ्यता के संकटों' पर व्यापक बहस का प्रस्थान बनाते हैं। इस संग्रह की कहानियों में आश्वस्तकारी वैविध्य है। यह विविधता उस एकरूपता-एकरसता का निषेध है जिससे कई बार हिन्दी कहानी आक्रान्त हो उठती है। नेहरूयुगीन संकल्पों-स्वप्नों के मोहभंग से लेकर एकान्त में स्पन्दित आसक्तियों के संगीत तक इन रचनाओं का विस्तार है। इनमें प्रेम और आकर्षण के अद्भुत चित्र हैं। सर्वोपरि यह कि राजू शर्मा भाँति-भाँति से उस सार्थकता का अनुसन्धान करते हैं जो व्यक्ति, समाज और व्यवस्था में विलुप्तप्राय पक्षी हो गई है। भाषा भी राजू शर्मा की रचनात्मक उपलब्धियों का एक आयाम है। इच्छित अर्थ के सर्वाधिक निकट पहुँचती, गद्य की अपूर्व लय से सम्पन्न और सर्जनात्मक दार्शनिकता से युक्त कथाभाषा प्रस्तुत कहानी-संग्रह को अविस्मरणीय बनाती है। एक महत्त्वपूर्ण कहानी-संग्रह।
Kathakram
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में सुप्रसिद्ध वैयाकरण एवं कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा लिखित रोचक कथाएँ संकलित हैं। इनमें दो पौराणिक वृत्तांत हैं—‘शकुंतला’ और ‘गौतम बुद्ध’। ये बँगला के प्रसिद्ध कथाकार तथा चित्रकार अवींद्र कुमार ठाकुर की अनूठी कृतियाँ हैं, जो अपनी चित्रमयता के लिए जानी जाती हैं। इनका छायानुवाद इस पुस्तक में है। दो यात्रा-वृत्तांत हैं—‘उत्तराखंड की ओर’ और ‘सूर्योदय के देश में’। जीवन के कथा-क्रम से जुड़ी कथाओं और यात्रा-वृत्तों का रोचक-पठनीय संकलन।
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