Shaadi ka Joker

(0)

₹ 595

476 (20% off)

Available

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


‘शादी का जोकर’ वरिष्ठ कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का महत्त्वपूर्ण कहानी-संग्रह है। इस संग्रह में सत्रह कहानियाँ हैं। अब्दुल बिस्मिल्लाह ने अपनी रचनाशीलता का प्रस्थान व्यापक सामाजिक सरोकारों से निर्मित किया था। उपन्यासों और कहानियों की सार्थक व यशस्वी रचना-यात्रा करने के बाद उनमें नई तरह की सादगी जगमगाने लगी है।</p> <p>प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ सक्रिय शब्दों में व्यक्त हुई हैं। लेखक ने आम ज़िन्दगी से झाँकती परेशानी, पशेमानी और कशमकश से इन कहानियों के सूत्र सहेजे हैं। पहली ही कहानी ‘ख़ून' रिश्तों की हिफ़ाज़त करनेवाले शख़्स और बेमुरव्वत दुनिया की दास्तान है। 'त्राहिमाम', 'कैलेंडर', ‘महामारी’, ‘तीसरी औरत’ सरीखी रचनाएँ रेखांकित करती हैं कि पठनीयता और सार्थकता की सहभागिता से स्मरणीय का जन्म होता है।</p> <p>यह उल्लेखनीय है कि एक नैतिक निष्कपट क़िस्सागोई अब्दुल बिस्मिल्लाह की पहचान है। सामाजिक अविश्वास और उत्पीड़न के प्रसंग को 'शादी का जोकर' में अद्भुत अभिव्यक्ति मिली है। बारिश होने पर गाँव की बरात में आए दिल्ली के कला रसिकों का भागना और कला की दशा का बखान ‘तूफ़ानी पहलवान’ के इन शब्दों में है—‘अब सिर्फ़ बच गई अमराई में दोनों चारपाइयाँ, जो भीगती रहीं उस धारासार वर्षा में और आम के तने से चिपटे खड़े रहे तूफ़ानी पहलवान हाथ जोड़े। भीगती रही काँधे से लटकी उनकी ढोलक और उसकी डोरियों से टपकता रहा बूँद-बूँद पानी टप्प-टप्प...।'</p> <p>ज़ाहिर है कि 'शादी का जोकर' एक उल्लेखनीय कहानी-संग्रह है। कथा-रस के साथ समकालीन सभ्यता में व्याप्त असमंजस की अभिव्यक्ति इसकी विशेषता है।

Read more

ISBN
N/A
Pages
N/A
Avg Reading Time
4 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Don’t Miss Out

Pick a membership and see exactly what it gets you

  • 15 Free Deliveries
  • 1 Free Book up to ₹500 MRP

Format:

Piracy Free

Express Delivery

Secure Payment

About the Book

‘शादी का जोकर’ वरिष्ठ कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का महत्त्वपूर्ण कहानी-संग्रह है। इस संग्रह में सत्रह कहानियाँ हैं। अब्दुल बिस्मिल्लाह ने अपनी रचनाशीलता का प्रस्थान व्यापक सामाजिक सरोकारों से निर्मित किया था। उपन्यासों और कहानियों की सार्थक व यशस्वी रचना-यात्रा करने के बाद उनमें नई तरह की सादगी जगमगाने लगी है।</p>
<p>प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ सक्रिय शब्दों में व्यक्त हुई हैं। लेखक ने आम ज़िन्दगी से झाँकती परेशानी, पशेमानी और कशमकश से इन कहानियों के सूत्र सहेजे हैं। पहली ही कहानी ‘ख़ून' रिश्तों की हिफ़ाज़त करनेवाले शख़्स और बेमुरव्वत दुनिया की दास्तान है। 'त्राहिमाम', 'कैलेंडर', ‘महामारी’, ‘तीसरी औरत’ सरीखी रचनाएँ रेखांकित करती हैं कि पठनीयता और सार्थकता की सहभागिता से स्मरणीय का जन्म होता है।</p>
<p>यह उल्लेखनीय है कि एक नैतिक निष्कपट क़िस्सागोई अब्दुल बिस्मिल्लाह की पहचान है। सामाजिक अविश्वास और उत्पीड़न के प्रसंग को 'शादी का जोकर' में अद्भुत अभिव्यक्ति मिली है। बारिश होने पर गाँव की बरात में आए दिल्ली के कला रसिकों का भागना और कला की दशा का बखान ‘तूफ़ानी पहलवान’ के इन शब्दों में है—‘अब सिर्फ़ बच गई अमराई में दोनों चारपाइयाँ, जो भीगती रहीं उस धारासार वर्षा में और आम के तने से चिपटे खड़े रहे तूफ़ानी पहलवान हाथ जोड़े। भीगती रही काँधे से लटकी उनकी ढोलक और उसकी डोरियों से टपकता रहा बूँद-बूँद पानी टप्प-टप्प...।'</p>
<p>ज़ाहिर है कि 'शादी का जोकर' एक उल्लेखनीय कहानी-संग्रह है। कथा-रस के साथ समकालीन सभ्यता में व्याप्त असमंजस की अभिव्यक्ति इसकी विशेषता है।

Book Details

  • ISBN
    9788126724987
  • Pages
    132
  • Avg Reading Time
    4 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

Recommended For You

Customer Reviews

Be the first to write a review...

(0)

0 out of 5

Book

Hurry! Limited-Time Coupon Code

WORDPOWER
* Terms and Conditions applied.

Offers

Best Deal

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat.

whatsapp