The Clamour Of Butterflies: Stories About The Lost Voices
Author:
Hari OmPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
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Price: ₹ 280
₹
350
Available
This collection of eleven compelling stories offers a deep and poignant exploration of the evolving landscape of Indian society, particularly rural life. The stories capture the voices of those often overlooked-people who exist on the margins, their lives shaped by systemic challenges and societal indifference. Through these narratives, the reader is drawn into a world where dreams are both nurtured and shattered, where resilience meets despair, and where the pursuit of happiness is fraught with obstacles.
The stories reflect not only the changes in society over the past decade but also the lingering shadows of inequality that contin-ue to haunt progress. They offer a critique of a system that destroys aspirations while showcasing the perseverance of individuals striving to reshape their destinies. Rich in symbolism and layered with meaning, the collection traverses themes of survival, hope, and human dignity.
ISBN: 9789355621665
Pages: 180
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: "नजरा गईली गुईंयां" एक मौन प्रतिरोध की कहानी है। एक स्त्री जो अपना प्रतिरोध मौन रहकर जताती है, लेकिन वो अपना प्रतिरोध स्थानांतरित कर देती है। अपनी बेटी में जो पितृसत्ता पर वार कर देती है। कहानी में वही बेटी अपनी माँ से सवाल करती है कि माँ क्या तुम्हारा सपना भी मेरी शादी है तो वो जवाब देती हैं। "भक्क... हम ऐसा सपना देखते तो तुम आज वहाँ से हमसे मज़ाक कर रही होती का... दो तीन बच्चा-खच्चा लेकर किचकिचा रही होती... हम वैसी माँ नहीं, हम तो तुमको पैर पर खड़ा होते देखने का सपना देखते रहे, खुदमुख्तार बनने का सपना... मेरी तरह नहीं बनाना चाहती थी कि दिन भर टेटियाती रहो- "ऐ जी... सुनते हैं, हमको सौ रुपया दीजिए... हमको चूड़ी खरीदना है..." इसके साथ ही जो गीताश्री जी की कहानियों की ख़ासियत है कि वे उनकी हर कहानी के माध्यम से संस्कृति से परिचय कराती हैं। रुदाली तो जानते थे, एक विलुप्त परंपरा हंकपड़वा से उन्होंने परिचय कराया। 'ट्राम नंबर 5 और बोहेमियन धुन' को पढ़ते हुए याद आते हैं निर्मल वर्मा। कहानी प्रेम की उदास कहानी है। प्रेम के होते हुए जो उदासी होती है, यह कहानी उसी उदासी को रचती है। यह हिज्र वाली उदासी नहीं है, यह तो प्रेम के होने की उदासी है। इस कहानी की भाषा सप्तक की सारी कहानियों से एकदम अलग है। कहानी अपने पीछे एक गहरा सन्नाटा छोड़ जाती है। मैगनोलिया का फूल हमारी स्मृति बसा रह जाता है। उनकी सभी कहानियाँ पाठक को बांध देती हैं। जिनके ख़त्म होने तक उनके पाश से मुक्त होना संभव नहीं होता। कथा सप्तक में सभी कहानियाँ इसी तरह की हैं। -आकाश माथुर
Katha Saptak - Jayanti Rangnathan
- Author Name:
Jayanti Rangnathan
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- Description: Description Awaited
Volga Se Ganga
- Author Name:
Rahul Sankrityayan
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- Description: राहुल सांकृत्यायन की अत्यन्त चर्चित कृति ‘वोल्गा से गंगा’ ऐसी बीस ऐतिहासिक कहानियों का संकलन है जिनमें उन्होंने आर्यों के आठ हजार साल के इतिहास को कालानुक्रम से अंकित किया है। इन कहानियों में मातृसत्तात्मक समाज-व्यवस्था को पितृसत्तात्मक व्यवस्था में बदलने की प्रक्रिया भी दृष्टिगोचर होती है और आर्यों की यूरेशिया से वोल्गा तथा उसके बाद गंगा तक की यात्रा की रूपरेखा भी पता चलती है। ई.पू. 6000 से लेकर 1942 ई. तक के कालखंड को कड़ी-दर-कड़ी प्रस्तुत करनेवाली ये कहानियाँ एक तरफ जहाँ राहुल सांकृत्यायन के असीम अध्ययन का पता देती हैं, वहीं भारोपीय मानव-इतिहास के प्रति हमें एक व्यापक समझ भी देती हैं। इन कहानियों में इतिहास भी है, और कथा भी। सम्बन्धित काल खंडों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए ये कहानियाँ कथा-रस को भी कहीं भंग नहीं होने देतीं। भारतीय साहित्य में एक क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी इस पुस्तक का अनुवाद असमिया, मराठी, बांग्ला, कन्नड़, तमिल, मलयालय, तेलुगु, पंजाबी आदि भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी, चेक तथा पोलिश भाषाओं में भी हो चुका है।
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