Contemporary Indian Short Stories Series III
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Sahitya AkademiPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
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Price: ₹ 166
₹
200
Available
This sheaf of nineteen short stories, written by different authors, represents a cross-section of contemporary Indian short fiction. Eighteen stories are translations from eighteen modern Indian languages, and one is a specimen of Indian creative writing in English.
Selected by the Sahitya Akademi's Advisory Boards of various languages, these stories, provide fascinating glimpses into the panorama of Indian life, with its baffling variety, its rich contrasts of the simple and the sophisticated, the ancient and the modern. Here is evidence, if such were needed that Indian literature is one though written in many languages its oneness consisting not of a stale uniformity but of a rich variety.
This is the third volume of Sahitya Akademi series of such representative anthologies in English of contemporary Indian short story.
ISBN: 9788126046928
Pages: 214
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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शैवाल ने सामान्य जन की कहानियाँ भी लिखी हैं और बिहार के उन्हीं सामान्य लोगों को विशिष्ट बनाकर भी ढेर सारी कहानियाँ लिखी हैं। इन कहानियों का मूल राग एक ही है और वह आदिम राग भी है, जिसे मैं हिन्दुस्तान का केन्द्रीय अन्तर्विरोध मानता हूँ।
शैवाल की इन कहानियों में गाँव की दुनिया पर बढ़ते हुए दबावों की यंत्रणा है, असंगठित-साधनहीन फिर भी परिस्थितियों से जूझते हुए स्त्री-पुरुष हैं तथा छोटे-छोटे समुदायों के भीतर का आतंक है। इनमें ‘मरुयात्रा’ का कष्ट-भरा अनुभव और वह मारक आतंक भी है, जिससे घिरा हुआ परमेसरा कहता है, ‘सुक्को कुओं में कूद गई, मालिक।’ सूचना चाहे बड़ी न हो, पर सुअर की तरह रीं-रीं कर उसका रोना क्या इस घटना से बाहर जाकर हमें कुछ और सुनने के लिए बाध्य नहीं करता?
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Book
What is Contemporary Indian Short Stories Series III in English about?
This anthology, compiled by the Sahitya Akademi, presents nineteen contemporary Indian short stories selected from eighteen different Indian languages, along with one original English tale. The collection offers a vivid cross-section of India’s literary landscape — capturing the simple and the complex, the ancient and the modern, the regional and the universal — all within one volume. It is the third instalment in the Akademi’s representative series.
Why should readers pick up this book?
It’s a rich introduction to India’s linguistic and cultural diversity through fiction. Each story opens a small window into lived realities across the country, offering layers of emotion, social context, and narrative texture. For readers and students interested in Indian literature, this series is essential because it demonstrates how many languages can share a single literary identity.
Who is this book ideal for?
-
Readers curious about Indian literature in translation
-
Students studying regional Indian writing
-
Young readers stepping into serious short fiction
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Book clubs exploring diverse voices
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Libraries are building strong Indian-language and translation collections
Key Themes
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Unity across linguistic diversity
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Snapshots of Indian life and culture
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Rural–urban contrasts
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Emotional and moral complexities
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A blend of modern and traditional storytelling
Where to read or buy the Contemporary Indian Short Stories Series III in English?
Here’s the link: https://rachnaye.com/books/short-story-collections/contemporary-indian-short-stories-series-iii-english-by-sahitya-akademi