Chhote Shahar Ki Ladki
(0)
Author:
Kalpana VermaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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"छोटे शहर की लड़की कहानी-संग्रह में स्त्री को उसके 'सम्पूर्णता' के आइने में देखा गया है। पुरुष मानसिकता के बीच से स्त्री के अस्तित्व की तलाश की गयी है। प्रकृति ने जिस नर और नारी की संरचना की थी वह एक-दूसरे के पूरक के रूप में हैं। नैसर्गिक नियमों की वास्तविकता को आज नये परिवेश में तमाम सच्चाइयों से रूबरू होना पड़ रहा है। स्त्री-विमर्श के प्लेटफार्म पर स्त्री नये अन्दाज में दिख रही है। यह उसका पुरुष हो जाना कतई नहीं है। वह एक कोमल संरचना ही रहेगी। नजर और नज़रिया तभी मायने रखता है जब पारखी सामने हो। पारखी पाठकों के समक्ष यह पुस्तक है।
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"छोटे शहर की लड़की कहानी-संग्रह में स्त्री को उसके 'सम्पूर्णता' के आइने में देखा गया है। पुरुष मानसिकता के बीच से स्त्री के अस्तित्व की तलाश की गयी है। प्रकृति ने जिस नर और नारी की संरचना की थी वह एक-दूसरे के पूरक के रूप में हैं। नैसर्गिक नियमों की वास्तविकता को आज नये परिवेश में तमाम सच्चाइयों से रूबरू होना पड़ रहा है। स्त्री-विमर्श के प्लेटफार्म पर स्त्री नये अन्दाज में दिख रही है। यह उसका पुरुष हो जाना कतई नहीं है। वह एक कोमल संरचना ही रहेगी। नजर और नज़रिया तभी मायने रखता है जब पारखी सामने हो। पारखी पाठकों के समक्ष यह पुस्तक है।
Book Details
-
ISBN9789393603333
-
Pages142
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Dr. L.R. Hegde
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- Description: ಜನಪದ ಮತ್ತು ಗಿರಿಜನರ, ಕಥೆಗಳು ಅತಿಮಾನುಷ, ರಮ್ಯ, ಮಾಂತ್ರಿಕ, ಹಾಸ್ಯ, ಪ್ರಾಣಿಕಥೆಗಳೇ ಅಲ್ಲದೆ ಇನ್ನೂ ಹಲವು ವರ್ಗಗಳಿಗೆ ಸೇರುವ 65 ಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಕನ್ನಡ ಜನಪದ ಕಥೆಗಳು ಇಲ್ಲಿ ಸಂಗ್ರಹಗೊಂಡಿವೆ. ಇಲ್ಲಿನ ಕಥೆಗಳು ಜಗತ್ತಿನ ಯಾವ ಭಾಷೆಯ ಜನಪದ ಕಥೆ ಗಳೊಡನೆಯಾದರೂ ಹೆಗಲೆಣೆಯಾಗಿ ನಿಲ್ಲ ಬಲ್ಲುವು. ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಗಿರಿಜನರ ಗುಂಪಿಗೆ ಸೇರುವ ಹಾಲಕ್ಕಿ ಒಕ್ಕಲಿಗರು, ಸಿದ್ಧಿಯರು, ಗೊಂಡರು, ಕುಣುಬಿಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರಚಲಿತವಿರುವ ಕಥೆಗಳು ಈ ಸಂಗ್ರಹದಲ್ಲಿರುವುದು ವೈಶಿಷ್ಟ್ಯಪೂರ್ಣ ಸಂಗತಿ. ಜನಪದ ಸಾಹಿತ್ಯ ಸಂಕಲನಕಾರ್ಯದಲ್ಲಿ ನುರಿತ ಡಾ.ಎಲ್.ಆರ್.ಹೆಗಡೆ ಅವರು ಸಂಗ್ರಹಿಸಿದ ಈ ಜನಪದ ಮತ್ತು ಗಿರಿಜನರ ಕಥೆಗಳು ಕೃತಿ ಕನ್ನಡ 'ಜಾನಪದಾಸಕ್ತರ ಗಮನ ಸೆಳೆಯುತ್ತದೆಂಬುದು ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾದೆಮಿಯ ಆಶಯ.
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