Atha katha Bajrang bali
Author:
Avadhesh PreetPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 159.2
₹
199
Available
अवधेश प्रीत आठवें दशक के उन चर्चित कथाकारों में हैं, जिनकी कहानियों को शीर्ष आलोचकों से लेकर सुधी पाठकों तक ने खुले दिल से सराहा है। वह अपने समय और समाज के ज़रूरी सवालों से टकराते हैं और उनमें न्यस्त स्याह-सफ़ेद की शिनाख़्त करते हुए पाठकों को उन सच्चाइयों तक ले जाते हैं, जो अक्सर अदीठ रह जाती हैं। अवधेश प्रीत की ‘नृशंस’, ‘अलीमंज़िल’, ‘बाबू जी की छतरी’, ‘तालीम’, ‘तीसरी औरत’, ‘हमज़मीन’, ‘चाँद के पार एक चाभी’ जैसी अनेक कहानियाँ हैं,जो अपने कथ्य-वैविध्य, कथा-भाषा और शिल्पगत प्रयोगों के कारण सुधीजनों का ध्यान आकर्षित करती रही हैं। अवधेश प्रीत अपनी कहानियों के ज़रिये उन संवेदनशील प्रान्तरों में भी पहुँचने से नहीं हिचकते, जहाँ रूढ़ियों को तोड़ने के अनेक जोखिम फन काढ़े खड़े हैं।<br>अवधेश प्रीत के इस संग्रह की कहानियाँ अपने बेबाकपन और कहन की विशिष्टता के कारण चर्चित-प्रशंसित रही हैं। अपनी प्रवाहमयी भाषा, किस्सागोई के दिलचस्प अन्दाज़, यथार्थ, अनुभव और फैंटेसी के प्रयोग से अपने कथा अभीष्ट को उद्घाटित करती ये कहानियाँ मनुष्य की विडम्बना,समाज की संवेदना, साम्प्रदायिकता के रूपान्तरण और राजनीति की जटिलताओं का आख्यान हैं। अनायास नहीं कि इस संग्रह की कहानी 'कजरी' को पढ़कर वरिष्ठ समालोचक विश्वनाथ त्रिपाठी अपनी निजी प्रतिक्रिया में कहते हैं, यह प्रेमचन्द के रंग-ढंग की अद्भुत कहानी है।<br>अवधेश प्रीत की कहानियाँ जितनी पठनीय होती हैं, उतनी ही चाक्षुष भी। यही कारण है कि उनकी अनेक कहानियों के देश की कई रंग-संस्थाओं ने नाट्य-मंचन किये हैं। अपनी पठनीयता और दृश्यात्मकता के संयोग से अवधेश प्रीत अपनी कहानियों में जो जादू जगाते हैं, वो उन्हें अपने समकालीन लेखकों में पृथक पहचान देती हैं। दरअसल, इस संग्रह की कहानियाँ जादुई यथार्थ की नहीं, यथार्थ में निहित जादुई-शक्ति की कहानियाँ हैं।
ISBN: 9788119835621
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Narak Le Janewali Lift
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
मेरे लिए अनुवाद दो भाषाओं की क्षमता, सम्भावना और शब्द-शक्तियों को खँगालने और सही अर्थ या मन्तव्य पकड़ सकने की चुनौती के रूप में आता है। यहाँ दोनों भाषाओं की अपनी बनावट ही नहीं, भौगोलिक स्थितियों और संस्कृतियों के साथ अलग समयों की यात्रा भी करनी पड़ती है। सौ-दो सौ या हज़ार साल पहले के समाज-समय को आज के मिज़ाज में ढालना सिर्फ़ शब्दार्थ देना ही नहीं है। इस प्रयास में प्रायः नाश अपनी भाषा का ही होता है। हमारे दिमाग़ पर मूल पाठ इतना हावी होता है कि अपनी भाषा-प्रकृति की तरफ़ ध्यान ही नहीं दे पाते।
अनुवाद में मैं पहली जवाबदेही अपनी भाषा के प्रति मानता हूँ। वह मूल के प्रति ईमानदार होने के साथ अधिक से अधिक सहज, सम्प्रेषणीय और प्रवाहपूर्ण होनी चाहिए। इसके लिए ज़रूरी है कि या तो आप स्वयं मूलपाठ से मुक्त होकर अनुवाद का संशोधन करें या दूसरे ऐसे व्यक्ति से मदद लें जो मूल से आक्रान्त न हो।
इन कहानियों के चुनाव के पीछे न कोई योजना है, न सिद्धान्त। जब जो कहानी पसन्द आ गई या जितनी फ़ुर्सत या मनःस्थिति सामने हुई, उसी हिसाब से कहानी चुन ली गई। चूँकि इन सारी कहानियों के अनुवाद की अवधि मोटे रूप से दस-पन्द्रह साल (1952-65) रही है, इसलिए शायद भाषा भी एक-सी नहीं है। फिर भी सम्भवतः पठनीय है।
—भूमिका से
Usha Kiran Khan Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ushakiran Khan
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत संग्रह में वरिष्ठ कथाकार उषा किरण खान की छोटी-बड़ी चौबीस कहानियों में नई और लोकप्रिय कथाएँ शामिल हैं। आत्मवंचना के युग में कई अच्छे-भले शिक्षित युवक आतंकवाद की राह में फँसा दिए जाते हैं—‘अम्मा मेरे भइया को भेजो...’ ऐसी ही कहानी है। ‘किसी से न कहना’, ‘लौट आ ओ समय’ तथा ‘गए माघ उनतीस दिन बाकी’ एक कथा-सीरीज है। अपने समय से संवाद करती बाल सखियाँ उम्र के चौथेपन में मिलती हैं। एक-दूसरे को अपने दिल की कहने-सुनने पर चाहकर भी सबकुछ बाँट नहीं पातीं, कि कहीं साथी इसके दुःख से अधिक दुःखी न हो जाएँ। इनमें स्त्री विमर्श इसी प्रकार का है। लेखिका अपने गाँव, महानगरों में बसी गाँव की स्त्रियों के भूख की, सम्मान की, अस्मिता की तनी गरदनवाली स्त्री की कहानी कहती है। उनके सारे पात्र यथार्थ से उपजे हैं, कल्पना से नहीं। सामाजिक संवेदना और मर्म को छूती लोकप्रिय कहानियों का अनूठा संग्रह।
Thoda Sa Pragatisheel
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
ममता कालिया की नवीन कहानियों का संग्रह ‘थोड़ा सा प्रगतिशील’ उनके रचनात्मक विकास का महत्त्वपूर्ण बिन्दु है। इन कहानियों में एक ओर प्रेम तो दूसरी ओर बदलते हुए समाज की जीवन्त तस्वीर है। इन कहानियों को महज़ स्त्री-लेखन के कोष्ठक में सीमित नहीं किया जा सकता क्योंकि इनमें समूचे समाज की संघर्षधर्मिता विभिन्न पात्रों और स्थितियों द्वारा व्यक्त हुई है।
प्रस्तुत कहानियों का शिल्प मौलिक और सहज है तथा भाषा-शैली जानदार। वरिष्ठ कथाकार उपेन्द्रनाथ अश्क के शब्दों में, “ममता कालिया की कहानियों में हमेशा अपूर्व पठनीयता रही है। पहले वाक्य से उनकी रचना मन को बाँध लेती है और अपने साथ अन्तिम पंक्ति तक बहाए लिए जाती है।” इन कहानियों में स्त्री-विमर्श समानता का स्वप्न लेकर उपस्थित है।
Pratinidhi Kahaniyan : Mithileshwar
- Author Name:
Mithileshwar
- Book Type:

- Description: मिथिलेश्वर हिन्दी कथा-साहित्य में एक अलग महत्त्व रखते हैं। प्रेमचन्द और रेणु के बाद हिन्दी कहानी से जिस गाँव को निष्कासित कर दिया गया था, अपनी कहानियों में मिथिलेश्वर ने उसी की प्रतिष्ठा की है। दूसरे शब्दों में, वे ग्रामीण यथार्थ के महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं और उन्होंने आज की कहानी को संघर्षशील जीवन-दृष्टि तथा रचनात्मक सहजता के साथ पुन: सामाजिक बनाने का कार्य किया है। इस संग्रह में शामिल उनकी प्राय: सभी कहानियाँ बहुचर्चित रही हैं। ये सभी कहानियाँ वर्तमान ग्रामीण जीवन के विभिन्न अन्तर्विरोधों को उद्घाटित करती हैं, जिससे पता चलता है कि आज़ादी के बाद ग्रामीण यथार्थ किस हद तक भयावह और जटिल हुआ है। बदलने के नाम पर ग़रीब के शोषण के तरीक़े बदले हैं और विकास के नाम पर उनमें शहर और उसकी बहुविध विकृतियाँ पहुँची हैं। निस्सन्देह इन कहानियों में लेखक ने जिन जीवन-स्थितियों और पात्रों का चित्रण किया है, वे हमारी जानकारी में कुछ बुनियादी इज़ाफ़ा करते हैं और उनकी निराडम्बर भाषा-शैली इन कहानियों को और अधिक सार्थक बनाती हैं।
Gulmarg Gulzar Hoga
- Author Name:
Priyanka Vaidya
- Book Type:

- Description: यह किताब 34 कहानियों का संग्रह है। यह समर्पित है उन लोगों को जो गुलमर्ग के गुलज़ार होने का इंतज़ार कर रहे हैं, जो बिछड़ी हुई बच्ची की छोटी-छोटी चूड़ियों को देख ज़िंदगी का सफ़र तय करते हैं, वो औरत जो पति के इंतज़ार में बैठी है और उसकी दी हुई लालटेन से ज़िंदगी को रौशन करने की कोशिश कर रही है। एक साहित्य उत्सव में प्रिया उस पिता को मिलती है जिसकी बेटी ने कैन्सर से लड़ते हुए अपने प्राण त्याग दिए और वो प्रिया में अपनी बेटी को देखता है। ये संग्रह है उन लोगों के बारे में है जो विदेशों में देश की मिट्टी की महक ढूँढ रहे हैं, वो लोग जो माँ का बुना हुआ स्वेटर पहन विदेश की ठिठुरती शीत को सहने की कोशिश करते हैं, वही लोग जो रोज़ घर की तलाश में घर से निकलते हैं, मंडी की पराशर झील को लंदन के हाइड पार्क में ढूँढते हैं। हाँ माता-पिता ने ही तो वो दिल दिया जो सतरंगी आसमान को देख सके, उस कलाकार की ज़िंदगी का चित्र खींच सके जो प्रेमिका का चित्र बनाते-बनाते प्रेमिका को प्रेम करना ही भूल गया है। वो लड़की जो हज़ारों पन्ने लिखती है और फिर इस दौड़ को रोकने के लिए सारे पन्ने जला देती है, किताबों को हासिल करने के लिए ठंड में शिमला से चंडीगढ़ का सफ़र और सनवारा में बस के रुकने पर एक कप चाय की ललक। बिखरे तिनकों को जोड़ने के लिए कल्पना और प्रेरणा भी उन्हीं की देन है। वो लड़की जो बूढ़े माँ बाप को छोड़ शहर चली जाती है और वापिस लौटती है पिता की ख़ाली कुर्सी देखने के लिए, वक़्त ने उसे वक़्त पर उनकी क़द्र न करने की सज़ा दी, अब वो गुलमोहर के पेड़ से लिपट कर रोती है, मानो पिता ने गले लगाया हो। उस लड़के की कहानी जो पिता के घर छोड़ने के बाद पश्चात्ताप से भर आँसू बहाता है। नानी के सूने घर में अमावस्या में फैले अँधियारे को कौन दूर करेगा?
Amlghaat
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: अम्लघात या एसिड अटैक शब्द सुनते ही रूह काँप जाती है। भीतर दर्द की एक लहर लहरा जाती है। पीड़िता से उसका चेहरा और अंग ही नहीं उसका आत्मसम्मान, इंसान और नागरिक होने का मूल अधिकार, ईश्वर प्रदत्त उसका स्वरूप छीन लिया जाता है, जिसे छीनने का हक़ 'किसी को' भी नहीं है। कानून भी अपराध पर दंड देता है। अम्लघात के शिकार तो अक्सर निरपराधी होते हैं, फिर उन्हें किस अपराध की सज़ा दी जाती है और क्यों ? कौन दोषी है इसके लिए.... परिवार, समाज या कानून? एसिड अटैक पर कहानियाँ भेजने की सूचना मैंने अपनी फ़ेसबुक वॉल की एक पोस्ट में पोस्ट की थी, जिसे पढ़कर अनगिनत कहानियाँ आईं। शिवना प्रकाशन की टीम ने उनमें से बीस कहानियाँ चुनी। मैं उषाकिरण खान जी, कादम्बरी मेहरा जी, गीताश्री जी, आकांक्षा पारे काविश जी, रजनी मोरवाल जी, विकेश निझावन जी, अरुण अर्णव खरे जी, ज्योति जैन जी, आनंदकृष्ण जी, हर्षबाला शर्मा जी, रेनू यादव जी, डॉ. ऋतु भनोट जी, डॉ. निरुपमा राय जी, राधेश्याम भारतीय जी, रोचिका अरुण शर्मा जी , प्रबोध कुमार गोविल जी, पूनम मनु जी, सत्य शर्मा 'कीर्ति' जी, रेणु वर्मा जी, डॉ. लता अग्रवाल जी की आभारी हूँ, जिन्होंने इस हवन में खूबसूरत कहानियों की सामग्री डाली। इस पुस्तक का संपादन करते समय मैं बहुत तनाव से गुज़री हूँ, अम्लघात से पीड़ित स्त्री-पुरुषों का दर्द महसूस किय
Lalmaniyan Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Maitreyi Pushpa
- Book Type:

-
Description:
नब्बे के दशक में जिन रचनाकारों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और जिन्हें पाठकों ने भी हाथों-हाथ लिया, मैत्रेयी पुष्पा का नाम उनमें प्रमुख है! आज वे हिन्दी साहित्य-परिदृश्य की एक महत्त्वपूर्ण उपस्थिति हैं। उन्होंने हिन्दी कथा-धारा को वापस गाँव की ओर मोड़ा और कई अविस्मरणीय चरित्र हमें दिए। इन चरित्रों ने शहरी-मध्यवर्ग को उस देश की याद दिलाई जो धीरे-धीरे शब्द की दुनिया से ग़ायब हो चला था। ‘इदन्नमम’ की मंदा, 'चाक' की सारंग, ‘अल्मा कबूतरी’ की अल्मा और ‘झूला नट’ की शीलो, ऐसे अनेक चरित्र हैं जिन्हें मैत्रेयी जी ने अपनी समर्थ दृश्यात्मक भाषा और गहरे जुड़ाव के साथ आकार दिया है।
यहाँ प्रस्तुत कहानियों में भाषागत बिम्बों और दृश्यों को सजीव कर देने की अपनी अद्भुत क्षमता के साथ वे जिस पाठ की रचना करती हैं, उसे पढ़ना कथा-रस के एक विलक्षण अनुभव से गुज़रना है। ‘ललमनियाँ’ की मौहरो, ‘रिजक’ कहानी की लल्लन, ‘पगला गई है भागवती!’ की भागो या ‘सिस्टर’ की डोरोथी, ये सब स्त्रियाँ अपने परिस्थितिगत गहरे करुणा भाव के साथ पाठक के मन में गहरे उतर जाती हैं, और यह चीज़ लेखिका की भाषा-सामर्थ्य और गहरे चरित्र-बोध को सिद्ध करती है।
K Kahani ka
- Author Name:
Manish Vaidya
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Short Stories from Pakistan
- Author Name:
Intizar Hussain +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: The short stories - written originally in Urdu, Punjabi, Sindhi, Pushto and Saraiki, and now translated into English - showcased in this anthology engage with the above questions in their own ways, articulating a multiplicity of voices and experiences. They chrocle the birth of Pakistan nation in traumatic circumstances and its schequered history over the past fifty yearsthrough depicting the "desire and aspirations, fear and horror, pride, shame, helplessness and a thousand other unnamed feelings" of their protagonists. While doing so, they also depict the immensely varied and rich tapestry of the cultural life in Pakistan.
Wah Bhayanak Raat
- Author Name:
Sharatchandra Chatopadhyay
- Book Type:

- Description: वह भयानक रात बांग्ला के महान कथाशिल्पी शरत् चन्द्र की ऐसी कहानियों का संग्रह है जो खास तौर से किशोर पाठकों के मनोजगत के अनुकूल हैं। इन कहानियों में साहसिकता और रोमांचकता तो है ही, अपार करुणा और उदात्त प्रेम भी है, जिसके दायरे में मनुष्य ही नहीं, एक उपेक्षित कुत्ता भी शामिल है। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इन कहानियों के पात्र किसी जादुई दुनिया से नहीं आए हैं, बल्कि ये हमारे आस-पास रहनेवाले लोग हैं, लेकिन इनकी साधारणता में भी ऐसे मानवीय गुणों का समावेश है कि एक बार इनसे परिचित हो जाने पर इन्हें भुला पाना नामुमकिन है।
Nai Sadi Ki Pehchan : Shrestha Dalit Kahaniya
- Author Name:
Mudra Rakshas
- Book Type:

- Description: हिन्दी क्षेत्र में दलित लेखन शुरू तो बहुत पहले हो गया था पर उसकी पहचान बनने में देर लगी। पहले हिन्दी में दलित लेखकों और चिन्तकों द्वारा दलित चेतना और संघर्ष को लेकर वैचारिक, ऐतिहासिक और सामाजिक लेखन हुआ। हिन्दी में दलित लेखन का यह एक महत्त्वपूर्ण दौर माना जाएगा। इसके बाद रचनात्मक लेखन का दौर शुरू हुआ। हिन्दी में दलित रचनात्मक लेखन का इतिहास ज़्यादा लम्बा नहीं है। बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में दलित लेखक हिन्दी में सामने आए। हिन्दी रचनाजगत में दलित लेखकों की सक्रियता तीन क्षेत्रों में सामने आई। उन्होंने बड़े पैमाने पर रचनात्मक साहित्य लिखा। दलित लेखकों की कविताएँ और कथाकृतियाँ प्रकाशित हुईं। राजेन्द्र यादव लिखते हैं—दलित साहित्यकारों की यह मजबूरी है कि वे सिर्फ़ अपने निजी अनुभवों को ज़मीन पर जीने के संघर्षों और स्थितियों का इन्दराज करें। हाँ, सबसे निचली गहराइयों से उछल-उछलकर आनेवाली ये तस्वीरें इतनी ख़ौफ़नाक हैं कि सारे समाज को दहलाकर रख देती हैं।” दलित कथा रचनाओं को इसी पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए। उनमें अपने समय और इतिहास का समाजशास्त्र भी है और स्थितियों से ऐसी मुठभेड़ भी जो व्यवस्था में बुनियादी परिवर्तन के लिए प्रयत्नशील है। इन कथा रचनाओं में मात्र यथार्थ नहीं है। उनकी कृतियाँ यथार्थ की शल्यक्रिया भी करती हैं। लेकिन इस सामाजिक शल्यक्रिया के बावजूद दलित रचनाकार की समस्याएँ जीवन में ही नहीं साहित्य की दुनिया में पहले से ज़्यादा जटिल और लगभग हिंसक हो गई हैं।
Prapti
- Author Name:
Paramita Satpathy +1
- Book Type:

- Description: Hindi translation of award winning Odia short story collection Prapti of Paramita Satpathy by Rajendra prasad Mishra.
Mansarovar Vol. 4 : Laag - Daat Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mehfil
- Author Name:
Hariyash Rai
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
The Clamour Of Butterflies: Stories About The Lost Voices
- Author Name:
Hari Om
- Book Type:

- Description: This collection of eleven compelling stories offers a deep and poignant exploration of the evolving landscape of Indian society, particularly rural life. The stories capture the voices of those often overlooked-people who exist on the margins, their lives shaped by systemic challenges and societal indifference. Through these narratives, the reader is drawn into a world where dreams are both nurtured and shattered, where resilience meets despair, and where the pursuit of happiness is fraught with obstacles. The stories reflect not only the changes in society over the past decade but also the lingering shadows of inequality that contin-ue to haunt progress. They offer a critique of a system that destroys aspirations while showcasing the perseverance of individuals striving to reshape their destinies. Rich in symbolism and layered with meaning, the collection traverses themes of survival, hope, and human dignity.
Pratiroop
- Author Name:
Manoj Kumar Pandey
- Book Type:

-
Description:
प्रतिरूप मनोज कुमार पांडेय का पाँचवाँ कहानी-संग्रह है। इस संकलन में मौजूद सभी कहानियाँ अपने आपको अलग-अलग ढंग से कहती हैं। स्मृति, स्वप्न, फंतासी, स्वगत, एकालाप, इन सभी विधियों से उन्होंने जीवन के कुछ विशिष्ट क्षणों को पकड़ा है। बचपन का चित्रण इस संग्रह की एकाधिक कहानियों में हुआ है; और वह सचमुच ही हम सबकी स्मृतियों के इस मूल्यवान खंड को आलोकित कर जाता है। ‘खेल’ और ‘बिच्छू’ इस लिहाज से बेहद सशक्त कहानियाँ हैं।
प्रेम को महसूस करने और एक रचनाकार की हैसियत से उसे शब्द देने की कला उनके पास अनुपम है। इस संग्रह में शामिल ‘पुरइन की ख़ुशबू’ जितनी कहानी है, उससे ज्यादा कविता है जो गन्ध की तरह हमारे अनुभव का हिस्सा हो जाती है। इसी तरह ‘पैर’ शीर्षक कहानी भी, जो प्रेम के एहसास को संवेदना के एक अपेक्षाकृत वयस्क इलाक़े में लेकर जाती है। दरअसल, कवि-कथाकार मनोज पांडेय ने कविता और कहानी दोनों ही विधाओं में अपनी एक निजी भाषा विकसित की है। कहानी की बात करें तो भाषा के साथ विभिन्न कथा-प्रविधियों में काम लेने की भी उनमें अद्भुत क्षमता है।
‘जेबकतरे का बयान’ और ‘तितलियाँ’ भी ग़ैर-पारम्परिक इलाकों में देखने की उनकी ललक को दर्शाती हैं जिनमें उन्होंने सभ्य समाज की निगाह में अपराधी माने जाने वाले लोगों के मन में झाँकने की कोशिश की है। समकालीन समय की राजनीतिक, सामाजिक और पेशागत कई चुनौतियों को सम्बोधित कहानियाँ भी इस संग्रह में शामिल हैं जो हमारे समय की भयावहताओं को अलग-अलग ढंग से रेखांकित करती हैं।
एक पठनीय कथा-संग्रह!
DALDAL
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description: Stories
Bahari Log
- Author Name:
Hemant Deolekar
- Book Type:

-
Description:
राजी सेठ मानवीय संवेदन को समर्पित कथाकार हैं। वे कथा के रचाव में इतिहास का इतिवृत्त या उत्खनन प्रस्तुत नहीं करतीं, घटनाओं/दुर्घटनाओं के दबाव में मनुष्य जाति के भीतरी बदलाव का साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। समय को शब्दशः जीने की चेष्टा में रत वे अपनी कथा में सृजनात्मक स्रोतों का उपयोग मनुष्य जीवन के गहरे अनुभव को समायोजित कर साहित्य को महत्ता, मौलिकता और गहराई प्रदान करती हैं।
‘बाहरी लोग’ कहानी-संग्रह में दो तरह की कहानियाँ हैं। पहली, विभाजन-केन्द्रित कहानियाँ। राजी सेठ ने व्यक्तिगत रूप से इस विभाजन को झेला है। ‘मुलाक़ात’, ‘रुको, इंतज़ार हुसैन’, ‘बाहरी लोग’, ‘किसका इतिहास’ कहानियों में यह साया काफ़ी गहरा है। संवेदनशील भी।
दूसरा पक्ष दो अलग संस्कृतियों के टकराव तथा श्रेय और प्रेय का है। पश्चिम ने सदा रंग, रूप, शौर्य, पराक्रम, बुद्धि और सभ्यता में अपने आपको श्रेष्ठ माना है। भारत गहन सांस्कृतिकबोध, नैतिक सम्पदा का वस्तु शोषित और निर्धन बना दिया गया देश रहा है परन्तु श्रेय और प्रेय के दरवाज़े बन्द नहीं रहे। राजी सेठ ने इस सम्बन्ध में आत्मीयता से कुछ प्रामाणिक चित्र कहानियों में उकेरे हैं, प्रश्न खड़े किए हैं। ‘किसे कहते हैं विदेश’ और लम्बी प्रभावशाली कहानी ‘मार्था का देश’ इसी तरह की सार्थक कहानियाँ हैं जिनमें लेखकीय कुशलता का पता चलता है। मूल्यों का भी।
एक प्रभावशाली कहानी-संग्रह।
Saraasar
- Author Name:
Jivan Singh Thakur
- Book Type:

- Description: Book
Dus Numainda Kahaniya
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: collection of seven brilliant stories
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book