Bhagya-Rekha
Author:
Bhisham SahniPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 159.2
₹
199
Available
'भाग्य-रेखा' भीष्म साहनी का पहला कहानी-संग्रह है, जिसके साथ उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में क़दम रखा था। वर्ष 1953 में प्रकाशित इस संग्रह ने उन्हें साहित्य-संसार में अपनी एक पहचान दी; जिसके माध्यम से हिन्दी समाज ने कथा में सहज प्रवाह की शक्ति को महसूस किया।</p>
<p>भीष्म जी की कहानियों का ‘मैं’ भी कभी लेखक के प्रतिनिधि होने का आभास नहीं देता, पात्रों और उनके यथार्थ के साथ उनकी इस एकात्मता को, जो शायद बहुत गहरी तटस्थता से ही सधती होगी, बहुत कम लेखकों में चिह्नित किया जा सकता है। इस संग्रह में कई ऐसी कहानियाँ हैं जो भीष्म जी के गहरे मानवीय बोध को चिह्नित करती हैं और कुछ ऐसी हैं जो समकालीन समाज की अमानवीयता के प्रति घृणा का भाव भी पाठक के मन में जगाती हैं। उदाहरण के लिए 'क्रिकेट मैच' जिसमें पति-पत्नी सम्बन्धों के बीच आया दुराव इतने कौशल के साथ उभारा गया है कि बहुत कुछ न कहते हुए भी कहानी हमें घर-परिवार को बचाए-बनाए रखनेवाली स्त्री-भूमिका के प्रति आलोचनात्मक हो जाने को प्रेरित करती है। 'नीली आँखें' हाशिये पर रहनेवाले तबके के प्यार और शहरी पृष्ठभूमि में उसके प्रति असहिष्णु मध्यवर्गीय नज़रिए को बेहद कारुणिक रूप में व्यक्त करती है।</p>
<p>कहने की आवश्यकता नहीं कि भीष्म साहनी को चाहनेवाले पाठक इस संग्रह को अमूल्य पाएँगे ।
ISBN: 9788126729579
Pages: 104
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ghatshraadh
- Author Name:
U.R. Ananthamurthy
- Book Type:

- Description: प्रसिद्ध उपन्यासकार यू.आर. अनन्तमूर्ति की ये कहानियाँ अपनी प्रयोगधर्मिता, बौद्धिक संयम, अनूठी कथा-शैली और बेबाक आधुनिक दृष्टि के कारण कन्नड़ कथा-साहित्य में विशेष स्थान बना चुकी हैं। ‘घटश्राद्ध’ कहानी पर कन्नड़ में फ़िल्म भी बन चुकी है, जो काफ़ी चर्चित और पुरस्कृत हुई। इन कहानियों में प्रचलित रूढ़ियों के अनूठे चित्र और दिलचस्प चरित्र हैं जो आधुनिकता की मार खा-खाकर चरमरा रहे हैं, टूट रहे हैं, बिखर रहे हैं। उनके इस विघटन में निहित अनिवार्य त्रासदी मन को आलोड़ित करती है। कुछ प्रयोगधर्मी कहानियों में अनूठी फैंटेसियों का आकलन हुआ है, जो किसी गहरे आन्तरिक यथार्थ की प्रतीति कराती हैं। नारी के शोषण के अनेक चित्र इन कहानियों में देखने को मिलते हैं। कंठ के भीतर घुटते उच्छ् वासों को रचनाकार ने अपनी विशेष सजीव और सहज शैली में उभारा है। भारतीय भाषाओं को ‘संस्कार’ जैसा आधुनिक क्लासिक उपन्यास देनेवाले रचनाकार का यह संकलन पढ़ना एक अनूठा अनुभव है।
Sardiyon Ka Neela Akash
- Author Name:
Jaishankar
- Book Type:

-
Description:
हमारा जीवन घटनाओं की स्थूल शृंखला भर नहीं होता। क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं के मशीनी क्रम के समानांतर मन की भित्ति पर घटित होने वाला एक और जीवन हम जीते रहते हैं। आशा, आकांक्षा, हताशा, पश्चाताप, प्रेम और स्मृतियों का जीवन जिससे हम अपने एकांत में संवाद करते हैं। होने के दायित्व तले दबी हमारे आत्मबोध की एक बाँह जो हमें अपने होने के प्रति सचेत भी रखती है, हमें वापस स्थूल संसार में जाने का हौसला भी देती है, हमें सँभालती भी है।
हिंदी में जिन कुछ कहानीकारों ने मनुष्य के आस्तित्विक यथार्थ के इस पक्ष को प्रकाशित किया है उनमें जयशंकर भी शामिल हैं। जयशंकर की कहानियों में मनःस्थितियों के स्ट्रोक्स एक चित्रकथा की सी बिम्बावली बनाते हैं, जिनके बीच से गुज़रते हुए हमें अपना अतीत, बीते हुए वे क्षण जिन्हें रोज़मर्रा की भागदौड़ में हम अनदेखा किए रहते हैं, स्मृति की कौंध में झिलमिलाते दिखने लगते हैं।
प्रकृति का सजीव, साँस लेता सुदीर्घ लैंडस्केप, हल्की गर्द की तरह धूप में तैरती उदासी, ज़िन्दगी का ठहराव, दिनों का दोहराव, नासूर की तरह दुखता व्यर्थता बोध और एक सूक्ष्म दुख जो आत्मा के ख़ालीपन से, अस्तित्व की अपूर्णता से उपजता है, उनकी इन कहानियों का भूगोल है।
सर्दियों का नीला आकाश जयशंकर का नया कहानी संग्रह है। अपने अलग-अलग परिवेश में अपने-अपने जीवन के अर्थान्वेषण में डूबे इन कहानियों के पात्र हम पाठकों को मनुष्य के रूप में अपनी इयत्ता के प्रति नए सिरे से सजग और संवेदनशील बनाते हैं।
Wah Barah
- Author Name:
Satyajit Ray
- Book Type:

-
Description:
अपनी फिल्मों के जरिये पूरी दुनिया में असाधारण शोहरत हासिल करनेवाले सत्यजित राय ने अपने लेखन से भी अपार लोकप्रियता हासिल की।
अपनी अति व्यस्तता के बावजूद उन्होंने बांग्ला भाषा में जिस विपुल परिमाण में साहित्य लेखन किया, वह किसी को भी विस्मित कर सकता है। अपने पितामह उपेन्द्र किशोर रायचौधरी और पिता सुकुमार राय की तरह किशोरों के लिए साहित्य-सृजन की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जासूस फेलूदा, वैज्ञानिक प्रोफेसर शंकु और बातूनी तारिणी चाचा जैसे नायाब पात्रों को साकार किया। यथार्थ और कल्पना तथा लौकिक और अलौकिक के मेल से उन्होंने दर्जनों ऐसे पात्रों और प्रसंगों को अपनी कहानियों में जीवन्त किया, जिन्हें भुला पाना असम्भव है।
सत्यजित राय की कहानियाँ अकल्पनीय रहस्य-रोमांच से भरपूर हैं, पर ये कहानियाँ परम्परागत रहस्य-रोमांच की कहानियों से बिलकुल भिन्न एक नई भाव-भूमि, एक नए संसार से साक्षात्कार कराती हैं। उनकी अधिकतर कहानियाँ हमारी जानी-पहचानी जगहों और लोगों के बीच से ही कुछ ऐसा उद्घाटित करती हैं जो हमें रोमांचित कर देता है और हमारी कल्पनाशीलता को नई गति प्रदान करता है।
‘वाह बारह’ में सत्यजित राय के लेखन की तमाम रंगतों की बानगी पेश करने वाली एक दर्जन चुनिन्दा कहानियाँ संकलित हैं, जिन्हें पढ़ना निश्चय ही एक अविस्मरणीय अनुभव से गुजरना होगा।
Contemporary Kashmiri Short Stories
- Author Name:
Hriday Kaul Bharati +1
- Book Type:

- Description: The Kashmiri short story was born with the progressive movement in Kashmir and its acceptted the standards and values dictated by the movement unquesioningly. Nationalism and the desire for reaching out to people inspired most of the writers to switch over to Kashmiri, even though they had strated writing in Urdu. Dinanath Nadim's Javabi Card (Reply-Card) and Somnath Zutshi's Yell Phol Gash (when there was light) are the first two short stories written in Kashmiri
Beyond The Backyard
- Author Name:
P.Sathyavathi +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: Women’s voices no longer record only women’s confinement in kitchens and backyards and their victimhood. They speak of invisible enclosures around individuals, insurmountable barriers in much widened scenarios of the world. The twenty nine short stories in this volume bring together varieties of themes, multifocal narratives, strange figures, unusual metaphors and alternative world views. Underlying is all these is a quest for a just and equitable world. No subject such as Dalit, Minority, tribal issues, farmers’ distress, newer forms of exploitation in highly technological spaces under the impact of Globalization, and existential quest escapes the pens and perception of these marvelous Telugu women writers. More than a dozen translators enthusiastically lent their creative skills to bring these rich stories to English readership. The transformation of women from victims to survivors to saviours would have been amazing if men and women, worked together to build a casteless, classless, environmental friendly society. Which Our writers aspire for..
Muthbher
- Author Name:
Dhruv Gupt
- Book Type:

-
Description:
सुपरिचित कवि, ग़ज़लगो तथा सम्पादक ध्रुव गुप्त का कहानी के क्षेत्र में आगमन एक सुखद घटना है। ‘मित्र’ में प्रकाशित उनकी कहानी ‘नाच’ ने विषय के चयन, कथा गठन के कौशल, कथा की ज़मीनी पकड़ और भाषा की जीवन्तता के कारण मुझे आश्चर्यचकित किया था। इस दौरान कुछ अन्य पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित उनकी कहानियाँ भी नई ज़मीन तोड़ती हुई प्रतीत हुईं।
‘मुठभेड़’ ध्रुव गुप्त का पहला कहानी-संग्रह है, लेकिन हाथ के नएपन का एहसास इन कहानियों में कहीं नहीं। पेशे से पुलिस अधिकारी ध्रुव गुप्त ने अपने अनुभव संसार की प्रखरता को अपने कवि मन की संवेदनशीलता और काव्यात्मक भाषा में ढालकर अपनी कहानियों को निखारा और एक नया स्वाद प्रदान किया है। इन कहानियों में हमारे समय का यथार्थ पूरे तीखेपन के साथ व्यक्त हुआ है। संग्रह की प्रायः सभी कहानियाँ हमारे मन में एक टीस पैदा करती हैं। व्यवस्था की बदतरी और सामाजिक विकृतियों के प्रति हमें सजग बनाती हैं। हमें सोचने को बाध्य करती हैं।
इस संग्रह की पाँच कहानियाँ पुलिस ज़मीन की कहानियाँ हैं जो कथाकार का अनुभव जगत भी है। ‘मुठभेड़’ में जब माहौल की विसंगतियाँ एक संवेदनशील पुलिस अधिकारी को अमानवीय बनाती हैं तो सचमुच मन कचोट कर रह जाता है। यह बाहरी संघर्ष की ही नहीं, आन्तरिक संघर्ष की भी कथा है। इसी तरह ‘हत्यारा’ और ‘कांड’ कानूनी दाव-पेच के कारण न्याय न दिला पाने की एक संवेदनशील पुलिस अधिकारी की आन्तरिक पीड़ा को बेहद मर्मस्पर्शी तरीक़े से व्यक्त करती हैं।
‘समय और समाज का सच तथा संवेदना का नया आख्यान’ मेरी समझ से कहानियों की कसौटी है। ध्रुव गुप्त की कहानियाँ निःसन्देह इस कसौटी पर खरी उतरती हैं।
—मिथिलेश्वर
Dharohar Kahaniyaan : Suryakant Tripathi ‘Nirala’
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

- Description: निराला के कथा-साहित्य में दो परस्पर विरोधी प्रवृत्तियाँ देखी जाती हैं। एक प्रवृत्ति काल्पनिक इच्छापूर्ति के सपने रचने की है, दूसरी वास्तविक जीवन-संघर्ष को चित्रित करने की। ‘देवी’ और ‘चतुरी चमार’ में कहानी का पुराना ढाँचा टूट गया है। कथानक लेकर चलने वाली, समस्या के समाधान, नायक-नायिका के विवाह से समाप्त होनेवाली कहानियाँ ये नहीं हैं। इनमें परिवेश, पात्र ज्यों के त्यों उठाकर कहानी में रख दिये गए हैं। उनकी कहानियाँ कथा-रचना में यथार्थवादी साहित्य के विकास में नया चरण हैं। —रामविलास शर्मा
NoMan's Land
- Author Name:
Salam Azad
- Book Type:

-
Description:
बांग्लादेश के चर्चित लेखक सलाम आज़ाद की क़लम शासन-व्यवस्था के लिए चुनौती की तरह है, क्योंकि इनकी रचनाएँ शासकों की क्षुद्र व छद्म नीति की पोल खोल देती हैं। धर्म व राजनीति के कारण जब भी किसी देश का बँटवारा होता है तो लकीरें सरहद पर ही नहीं पड़तीं, लोगों के दिलों में भी खरोंचें लगती हैं। आम इनसानों की ज़िन्दगी पर बँटवारे का दूरगामी और विडम्बनापूर्ण प्रभाव पड़ता है तथा इनसानियत धार-धार रोती रह जाती है। सलाम आज़ाद की कहानियों को पढ़ते हुए शिद्दत के साथ यह अहसास होता है।
सलाम आज़ाद साम्प्रदायिक सौहार्द एवं धर्मनिरपेक्ष विकास के पक्षधर हैं। लिहाज़ा उनकी क़लम फासिस्ट शक्तियों के निशाने पर रहती है। इसलिए आश्चर्य नहीं कि उनकी कुछ रचनाओं को बांग्लादेश में प्रतिबन्धित कर दिया गया है।
इस संग्रह में लेखक की कुछ अन्य विषयों से सम्बन्धित कहानियाँ भी संकलित हैं जो उनके गहरे मानवीय सरोकारों को रेखांकित करती हैं। ‘जनक’ और ‘मानवाधिकार’ ऐसी ही मर्मस्पर्शी कहानियाँ हैं जो पाठकों के मन में रचनात्मक बेचैनी पैदा करती हैं। इन कहानियों का प्रवाहपूर्ण भाषा में सर्जनात्मक अनुवाद हुआ है जो पाठकों को अपनी रौ में बहा ले जाता है।
Pahad Katha 2
- Author Name:
Dinesh Pathak
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
Dharohar Kahaniyaan : Subhadra Kumari Chauhan
- Author Name:
Subhadra Kumari Chauhan
- Book Type:

- Description: अपनी समस्या पूरे देश की समस्या के साथ बँधी हुई है। सबकी मुक्ति में ही अपनी मुक्ति है। अन्धी परम्पराओं के बन्धन, चारों ओर सड़े-गले रस्म रिवाजों के गलीज घेरे, जिनमें क्रूर पाखंड की उँगलियाँ उठती हैं। एक दमन और घुटनवाला समाज, जो खुली तन्दुरुस्त जिन्दगी की साँस लेना जानता ही नहीं। सुभद्रा कुमारी चौहान की स्वस्थ और स्वतंत्र भावुकता ने यथार्थ के बहुत से मर्म पहचान लिये थे। हर चुनौती का जवाब उनके पास था। और यह जवाब था उनके अन्तःकरण और सच्चाई की हठ का। —शमशेर बहादुर सिंह
Sampurna Kahaniyan : Usha Priyamvada
- Author Name:
Usha Priyamvada
- Book Type:

-
Description:
उषा प्रियम्वदा की कहानियाँ जीवन के सहज विडम्बनाबोध की कहानियाँ हैं। घने कुहासे की तरह त्रास जब पाठक को अपने आगोश में लेता है तो सुध-बुध खोता पाठक ख़ुद को छोड़ देता है, उसकी धीमी लय पर डूबने-उतराने को। और, जब कहानी समाप्त होती है तो पाठक ख़ुद को एक सन्नाटे में पाता है—जहाँ दुनिया-जहान की तल्ख़ सच्चाइयाँ उसे कुरेद रही होती हैं; वह प्रश्नाकुल व बेचैन हो उठता है कि आख़िर ऐसा क्यों है—यह दुनिया ऐसी क्यों है?
यह सन्नाटा है जो बोलता है और डोलता भी है और अपने साथ डुलाता भी है पाठक को। फिर वह एक संशयात्मा की तरह जीवन स्थितियों को मुड़-मुडक़र देखने को बाध्य हो जाता है।
ऐसे समय में जब रचना के लिए भी विमर्श के कई ख़ाने बना दिए गए हैं, उषा प्रियम्वदा की कहानियाँ जीवन को उसकी समग्रता में लेती हैं। इन कहानियों की त्रासदी को स्त्री-पुरुष के ख़ानों में नहीं बाँटा जा सकता है। ये मनुष्यता की त्रासदी को प्रतिबिम्बित करती कहानियाँ हैं।
रघुवीर सहाय ने कभी कहा था—जब मैं कविता पढ़कर उठूँ तो सन्नाटा छा जाए। उषा जी की कहानियों की बाबत भी कुछ ऐसा ही कहा जा सकता है।
Katha Saptak - Dheerendra Asthana
- Author Name:
Dhirendra Asthana
- Book Type:

- Description: collection of seven brilliant stories - बहादुर को नींद नहीं आती - पराधीन - मेरी फ़र्नांडीस क्या तुम तक मेरी आवाज़ पहुँचती है? - उस रात की गंध - मुहिम - और आदमी रोया - चीख
Bodh Kathayen
- Author Name:
Yogacharya Chandrabhanu Gupt
- Book Type:

-
Description:
विश्व के महापुरुषों का व्यक्तित्व और कृतित्व सर्वथा हमारे जीवन को प्रभावित कर हमें सभ्य, सुसंस्कृत, सद्भावनाओं से भरा मानवीय जीवन जीने के लिए प्रेरित करता रहा है। लेखक ने पवित्र भारत भूमि में जन्म लेनेवाली महान विभूतियों के ही नहीं, वरन् विश्व भर के महान लोगों के जीवन से जुड़े प्रेरित प्रसंगों को चुन-चुनकर हमारे समक्ष रखा है।
लेखक ने मानवीय जीवन को और उत्कृष्ट बनाने के लिए पुस्तक को तीन भागों में विभाजित किया है।
पहला भाग : ‘महापुरुषों के जीवन से प्रेरक प्रसंग’ में स्वामी रामतीर्थ, विवेकानन्द, गांधी, शिवाजी, रवीन्द्रनाथ टैगोर, हाड़ारानी आदि के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं को अभिव्यक्त किया गया है।
दूसरा भाग : ‘अलौकिक कथाओं व आख्यानों से प्रेरक प्रसंग’ पाठकों को अभिभूत ही नहीं करते हैं बल्कि वैचारिक दृढ़ता भी प्रदान करते हैं।
तीसरा भाग : ‘असाधारण क्षमता : विविध प्रसंग’ में जगदीश चन्द्र बसु, शेरी जॉनसन, नेपोलियन, फ़क़ीर बुल्लेशाह से लेकर अन्यान्य महान लोगों की असाधारण क्षमताओं वाली घटनाओं से हमारे जीवन को आशावान बनाने का सफल प्रयास किया गया है।
Indian Stories Vol 1
- Author Name:
K. Sreenivassarao
- Rating:
- Book Type:

- Description: Volume 1 of Indian Stories is a curated selection of short stories translated into English from various Indian languages. This volume goes beyond being a simple collection; it captures the evolving social conditions and value systems over the past sixty years. The diverse stories showcase the richness of Indian culture and tradition, while also featuring universal elements that resonate with contemporary audiences and other cultures. The narratives within this anthology reflect the essence of India over time, weaving in mystical elements as they bridge the past and present. The dynamism, wisdom, and human qualities present in these tales ensure their relevance for generations. This is the first volume in a series, with each installment designed to highlight different aspects of Indian culture.
Kashmir Ek Prem Katha
- Author Name:
Maharaj Krishna Santoshi
- Book Type:

- Description: 'कश्मीर एक प्रेम कथा' महाराज कृष्ण संतोषी का एक ऐसा कहानी-संग्रह है जिसमें अपने जड़ से कटने के दर्द विभिन्न रूपों और संदर्भों में अभिव्यक्त होता है। विस्थापन का दर्द छिन्नमूल होने का दर्द है जिससे वह आदमी प्राय: नहीं समझ सकता जिसके जीवन में इस तरह की पीड़ा का प्रत्यक्ष अनुभव न जुड़ा हो। चिनार के पेड़ और पत्ते किन-किन क्षणों और कितने संदर्भों में कश्मीर छोड़ चुके एक इंसान के स्वप्न में आते और वर्तमान परिवेश की विडंबनाओं के चलते ठहर भी न पाते यह एक प्रवासी कश्मीरी का कभी न समाप्त होने वाला दर्द है। इस संग्रह की तमाम कहानियों में मानवीय संवेदनाओं के सघन रेशों के साथ जड़ से जुड़ी हुई स्मृति के तार रह-रहकर झंकृत होते रहते हैं। यहाँ किसी बूढ़े का दर्द हो या किसी अल्पसंख्यक या इतिहास में विस्मृत पात्रों के दंश—सबकुछ कहानी में बेहद सहज ढंग से आते हैं और कहानी-कला का निर्वाह करते हुए पाठक मन में देर तक बसे रहने की कुव्वत रखते हैं।
Kahni Upkhan
- Author Name:
Kashinath Singh
- Book Type:

-
Description:
सुप्रसिद्ध कथाकार काशीनाथ सिंह पिछले चालीस वर्षों से हिन्दी कथा में सक्रिय और तरो-ताज़ा हैं। उन्होंने अपने लेखन के ज़रिए पाठकों की नई जमात तैयार की है—युवाओं की जमात ‘अपना मोर्चा’ लिखकर और साहित्य से कोई सरोकार न रखनेवाले सामान्य पाठकों के संस्मरण और ‘काशी का अस्सी’ लिखकर। लेकिन ऊपर से आरोप यह कि उन्होंने साहित्य की कुलीनता की धज्जियाँ उड़ाई हैं। इसके एवज़ में उन्होंने गालियाँ भी खाई हैं, उपेक्षाएँ भी झेली हैं और ख़तरे भी उठाए हैं। यह यों ही नहीं है कि कथा-कहानी में आनेवाली हर युवा पीढ़ी काशी को अपना समकालीन और सहयात्री समझती रही है। ऐसा क्यों है—यह देखना हो तो कहनी उपखान पढ़ना चाहिए।
कहनी उपखान काशी की सारी छोटी-बड़ी कहानियों का संग्रह है—अब तक की कुल जमा-पूँजी। मात्र चालीस कहानियाँ। देखा जाना चाहिए कि वह कौन-सी ख़ासियत है कि इतनी-सी पूँजी पर काशी लगातार कथा-चर्चा में बने रहे हैं और आलोचकों के लिए भी ‘अपरिहार्य’ रहे हैं।
काल और काल से छेड़छाड़ और मुठभेड़—पहचान है काशी की कहानियों की। काल के केन्द्र में है सामाजिक और आर्थिक विसंगतियों से घिरा आदमी—कभी अकेले, कभी परिवार में, कभी समाज में। इस आदमी से मिलना यानी कहानियों को पढ़ना हरी-भरी ज़िन्दगी के बीच चहलक़दमी करने जैसा है। न कहीं बोरियत, न एकरसता, न मनहूसियत, न दुहराव। उठने-गिरने, चलने-फिरने, लड़ने-हारने में भी हँसी-ठट्ठा और व्यंग्य-विनोद। ज़िन्दादिली कहीं भी पाठक का साथ नहीं छोड़ती। जियो तो हँसते हुए, मरो तो हँसते हुए—यही जैसे जीने का नुस्खा हो पात्रों के जीवन का।
जैसे-जैसे ज़़िन्दगी बदली है, वैसे-वैसे काशी की कहानी भी बदली है—अगर नहीं बदला है तो कहानी कहने का अन्दाज़। जातक, पंचतंत्र और लोकप्रचलित कथाशैलियाँ जैसे उनके कहानीकार के ख़ून में हैं। कई कहानियाँ तो चौपाल या अलाव के गिर्द बैठकर सुनने का सुख देती हैं।
आइए, वह सुख आप भी लीजिए ‘कहनी उपखान’ पढ़कर। कहनी (कहानी) और उपखान (उपाख्यान) कहकर तो काशी ने लिया है, आप भी लीजिए पढ़कर, क्योंकि काशी को पढ़ना ही सुनना है।
Shaadi ka Joker
- Author Name:
Abdul Bismillah
- Book Type:

-
Description:
‘शादी का जोकर’ वरिष्ठ कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का महत्त्वपूर्ण कहानी-संग्रह है। इस संग्रह में सत्रह कहानियाँ हैं। अब्दुल बिस्मिल्लाह ने अपनी रचनाशीलता का प्रस्थान व्यापक सामाजिक सरोकारों से निर्मित किया था। उपन्यासों और कहानियों की सार्थक व यशस्वी रचना-यात्रा करने के बाद उनमें नई तरह की सादगी जगमगाने लगी है।
प्रस्तुत संग्रह की कहानियाँ सक्रिय शब्दों में व्यक्त हुई हैं। लेखक ने आम ज़िन्दगी से झाँकती परेशानी, पशेमानी और कशमकश से इन कहानियों के सूत्र सहेजे हैं। पहली ही कहानी ‘ख़ून' रिश्तों की हिफ़ाज़त करनेवाले शख़्स और बेमुरव्वत दुनिया की दास्तान है। 'त्राहिमाम', 'कैलेंडर', ‘महामारी’, ‘तीसरी औरत’ सरीखी रचनाएँ रेखांकित करती हैं कि पठनीयता और सार्थकता की सहभागिता से स्मरणीय का जन्म होता है।
यह उल्लेखनीय है कि एक नैतिक निष्कपट क़िस्सागोई अब्दुल बिस्मिल्लाह की पहचान है। सामाजिक अविश्वास और उत्पीड़न के प्रसंग को 'शादी का जोकर' में अद्भुत अभिव्यक्ति मिली है। बारिश होने पर गाँव की बरात में आए दिल्ली के कला रसिकों का भागना और कला की दशा का बखान ‘तूफ़ानी पहलवान’ के इन शब्दों में है—‘अब सिर्फ़ बच गई अमराई में दोनों चारपाइयाँ, जो भीगती रहीं उस धारासार वर्षा में और आम के तने से चिपटे खड़े रहे तूफ़ानी पहलवान हाथ जोड़े। भीगती रही काँधे से लटकी उनकी ढोलक और उसकी डोरियों से टपकता रहा बूँद-बूँद पानी टप्प-टप्प...।'
ज़ाहिर है कि 'शादी का जोकर' एक उल्लेखनीय कहानी-संग्रह है। कथा-रस के साथ समकालीन सभ्यता में व्याप्त असमंजस की अभिव्यक्ति इसकी विशेषता है।
Pajame Mein Aadmi
- Author Name:
Nag Bodas
- Book Type:

-
Description:
यद्यपि नाग बोडस एक नाटककार के रूप में अधिक प्रसिद्ध हैं, पर उनके साहित्यिक जीवन की शुरुआत कहानी-लेखन से ही हुई थी। उनकी पहली कहानी अज्ञेय द्वारा सम्पादित पत्रिका ‘नया प्रतीक’ में छपी थी। इसके बाद साहित्य की लगभग सभी महत्त्वपूर्ण पत्रिकाओं में उनकी कहानियाँ छपी हैं। उनकी कहानियों में एक बौद्धिक ऊर्जा देखी जा सकती है। ये सभी कहानियाँ न केवल विषयों के स्तर पर, बल्कि ‘कहने’ के स्तर पर भी भिन्न-भिन्न प्रकार की हैं। पर इसके बावजूद इनमें लेखक की छाप देखी जा सकती है और इसलिए कम-से-कम हिन्दी में ये अपनी अलग पहचान बनाती हैं।
इनमें प्रयोगात्मकता तथा भाषा का विशेष प्रकार का उपयोग है और इसलिए इन्हें पढ़ना एक अलग तरह के अनुभव से गुज़रना है। इस हिसाब से इनके लोकप्रिय होने में सन्देह किया जा सकता है, पर स्तरीय होने में नहीं। वैसे आज की लोकप्रिय कहानियों की हालत को देखते हुए, लोकप्रिय न होना अपने-आप में कोई सीमा नहीं है।
नाग बोडस के लेखन में अन्वेषण का उत्साह है, यद्यपि यह अन्वेषण किसी बुनियादी या बड़े सत्य के लिए न होकर स्थितियों के अन्दर से और अन्दर झाँकने की कोशिश के हिस्से की तरह लगता है।
विडम्बना उनकी कहानियों का एक प्रमुख तत्त्व है और ‘जन्मदिन’ जैसी कहानी तो इसी पर आधारित है। जो पाठक लीक से हटकर किन्तु दिलचस्प पढ़ने की लालसा रखते हैं, वे निश्चय ही इस संग्रह को अपने पाठन-मन के अनुकूल पाएँगे।
Lutiya Mein Loktantra
- Author Name:
Rajesh Pal
- Book Type:

- Description: Collection of Stories
Mahavidyalaya
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla
- Rating:
- Book Type:

- Description: ोद कुमार शुक्ल ऐसे कथाकार हैं जिन्होंने कम कहानियाँ लिखकर भी इस विधा पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। साधारण आय वाले मामूली लोग, उनके छोटे-छोटे जीवन संघर्ष और स्मृतियों का संसार उनकी कहानियों का निर्माण करते हैं। ‘रुपये’ और ‘बोझ’ जैसी उनकी कहानियाँ मामूली लोगों के जीवन में कठिन परिश्रम से कमाए गए रुपयों के मूल्य की कहानियाँ हैं जिनमें ख़ास ढंग का परिवेश और पात्रों का मिज़ाज कहानियों को अविस्मरणीय बनाता है। ‘पेड़ पर कमरा’ प्रकृति और मनुष्य के साहचर्य की कथा है तो ‘गोष्ठी’ साहित्य में तानाशाही का विरल चित्र है। ‘महाविद्यालय’ को शुक्ल जी की प्रतिनिधि कहानी माना जाता है जहाँ मनुष्य और बाज़ार का द्वन्द्व हमारे समय के विद्रूप का बखान करता है। ‘आदमी की औरत’ और ‘मछली’ शुक्ल के कथा-संसार का स्त्री पक्ष ही नहीं हैं, बल्कि यहाँ पितृसत्तात्मक विचार के विरुद्ध कथाकार की अपनी अर्जित की हुई दृष्टि है। ‘महाविद्यालय’ संग्रह की कहानियों की भंगिमाएँ कहानी के ख़ास शुक्ल-शिल्प का उदाहरण बन गई हैं। अपनी तरह के कथा रस से भरी इन कहानियों को पढ़ना स्मृति और जीवन के संसार में प्रवेश करना है जहाँ कहानीकार आशा और उजास की तमाम सम्भावनाएँ बचाए रखता ह
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book