Jeevan Gita: Bhagavadgita Mein Jyotish Vigyan (Set of Volume 1 & 2)
Author:
Dr. Arun Kumar JaiswalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Religion-spirituality0 Ratings
Price: ₹ 1440
₹
1800
Unavailable
डॉ. अरुण कुमार जायसवाल—एक प्रेरक व्यक्तित्व, जिन्होंने अपनी जीवन-साधना से अपने क्षण-प्रति-क्षण के जीवन में यह प्रमाणित किया है कि जीवन का अर्थ ‘मर्म एवं दर्शन-साधनों’ में नहीं, साधना में है। डॉ. जायसवाल की जीवन साधना उन्हीं की भाँति बहुआयामी है। वैदिक संस्कृति, ज्योतिष विज्ञान, भारतीय दर्शन—इन्हीं में से कुछ है।
श्रीमद्भगवद्गीता के वे न केवल तत्त्वदर्शी विज्ञाता हैं बल्कि इसमें वर्णित साधना विधियों के वे लोकोत्तर व रहस्यदर्शी साधक हैं। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता की रचना को प्रकट करनेवाले महर्षि कृष्णद्वैपायन, जिन्हें वेदव्यास के नाम से भी जाना जाता है और इसका दिव्य गायन करनेवाले विश्वात्मा भगवान् कृष्ण, दोनों को ही तत्त्वत: आत्मसात् करने में सफलता पाई है।
डॉ. अरुण ने अपने इस ग्रंथ में स्वयं के हृदय की अनुभूतियों को अक्षरों में पिरोया है। जैसे भगवान् सूर्य के सारथी अरुण सूर्यदेव के प्रकाश से संसार का परिचय कराते हैं, कुछ इसी तरह से डॉ. अरुण ने भी भगवद्गीता के ज्ञानसूर्य का अपनी जीवन-चेतना एवं जीवन-साधना से इस ग्रंथ के माध्यम से परिचय दिया है। उनके इस ग्रंथ में पूर्ववर्ती आचार्यों एवं मनीषियों के परंपरागत दर्शन-ज्ञान के साथ ज्योतिष विज्ञान के मर्म का भी समन्वय व प्राकट्य है।
डॉ. अरुण कुमार जायसवाल की जीवनयात्रा व्यक्ति से व्यक्तित्व बनने-गढऩे व विनिर्मित होने की साधना यात्रा है। व्यक्ति के रूप में अपने परिवार-नगर व प्रांत में जनमे एवं जीवन साधना के लिए समर्पित होकर असंख्यों के लिए प्रेरक बने।
उनका नाम, उनका परिचय ही इस ग्रंथ का भी परिचय है। निष्काम कर्म- अनासक्त जीवन-साधनाशील जीवनयात्रा, जो नित सोपानों एवं आयामों की ओर निरंतर गतिशील है। उसका यथार्थ परिचय तो बस उनसे मिलनेवालों एवं प्रेरित होनेवालों की अनुभूतियों में पहचाना जा सकता है। उनसे परिचित होने का सुगम साधन भी यही है।
सत्य और यथार्थ यही है कि ग्रंथकार का परिचय किन्हीं शब्दों में नहीं समा सकता है। वह तो उनके निरंतर विराट् होते हुए व्यक्तित्व में है, जो गीता गायक की निरंतर चेतना में अनवरत घुलता-मिलता हुआ उन्हीं में एकाकार होता जा रहा है।
ISBN: 9789355212283
Pages: 1369
Avg Reading Time: 46 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Kashmir 370 Ke Sath Aur Baad (Hindi Translation of Valley of Red Snow)
- Author Name:
Jitendra Dixit
- Book Type:

- Description: 5 अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देनेवाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर अब एक केंद्र शासित प्रदेश है। कश्मीर की इस ऐतिहासिक घटना से पहले आजादी के बाद के सात दशकों में सिलसिलेवार अनेक राजनीतिक और सामाजिक घटनाएँ हुई थीं। किन ताकतों की वजह से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की यह प्रक्रिया हुई? जम्मू-कश्मीर के लोगों पर इसके क्या परिणाम हुए? इस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया थी? और सबसे महत्त्वपूर्ण बात, उनका भविष्य क्या है? वरिष्ठ पत्रकार जीतेंद्र दीक्षित लिखित ‘कश्मीर : 370 के साथ और बाद’ में इन सवालों के जवाब देने की कोशिश की गई है। साथ ही एक निष्पक्ष, सही-गलत का फैसला सुनाए बिना तमाम पहलुओं को शामिल करनेवाली कहानी पेश करने का प्रयास भी किया गया है। यह पुस्तक अनुच्छेद 370 हटने की ऐतिहासिक घटना से पहले के वर्षों की घटनाओं, अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के समय कश्मीर की तात्कालिक स्थिति का वर्णन करती है और अनेक साक्षात्कारों के जरिए घाटी में विभिन्न हितधारकों की आवाज आप तक पहुँचाती है। यह पिछले दशक के दौरान घाटी में होनेवाली महत्त्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन करती है, जिन्हें लेखक ने कश्मीर की धरती पर जाकर देखा। यही नहीं, यह ‘न्यू कश्मीर’ पर गहरी जानकारी भी देती है। जम्मू-कश्मीर के भविष्य में रुचि रखनेवाले इसे अवश्य पढ़ें।
Bhagwan Mahavir Swami
- Author Name:
M.A. Sameer
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- Description: विश्व का कल्याण करने वाले महापुरुषों में भगवान् महावीर का नाम बड़े सम्मान एवं श्रद्धा के साथ लिया जाता है। उनका संपूर्ण जीवन मानव-समाज के लिए आदर्श है। राजवंशी होकर भी उन्होंने समस्त सांसारिक यश-वैभव का परित्याग कर अत्यंत साधारण जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया। भगवान् महावीर ने कठिन साधना व तप के बल पर समस्त इंद्रियों को विजित कर लिया था। इसी कारण उन्हें 'जितेंद्रिय' कहा गया। वे धैर्य, क्षमा, संयम और सहनशीलता की साक्षात् प्रतिमूर्ति थे। भगवान् महावीर आजीवन लोगों को सत्य, अहिंसा और सदाचरण का उपदेश देते रहे। उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य ही 'अहिंसा परमो धर्मः' था। आज भी उनका जीवन-दर्शन संपूर्ण विश्व-समाज के कल्याण हेतु अनुकरणीय है। भगवान् महावीर स्वामी की प्रेरक व पठनीय जीवनी।
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