Colombo Se Almora Tak "कोलंबो से अल्मोड़ा तक" | Inspirational Talks on Dharma & Philosophy | Swami Vivekananda Book in Hindi
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Swami VivekanandPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Religion-spirituality₹
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"उन्तालिश वर्ष के संक्षिप्त जीवनकाल में स्वामी विवेकानंद जो काम कर गए, वे आनेवाली अनेक शताब्दियों तक पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनका विश्वास था कि पवित्र भारतवर्ष धर्म एवं दर्शन की पुण्यभूमि है। यहाँ बड़े-बड़े महात्माओं तथा ऋषियों का जन्म हुआ यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है तथा यहीं, केवल यहीं आदिकाल से लेकर आज तक मनुष्य के लिए जीवन के सर्वोच्च आदर्श अवस्थित हैं एवं मुक्ति का द्वार खुला हुआ है। उनके कथन—'उठो, जागो, स्वयं जगकर औरों को जगाओ। अपने नर-जन्म को सफल करो और तब तक रुको नहीं, जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।' पर अमल करके व्यक्ति अपना ही नहीं, सार्वभौमिक कल्याण कर सकता है। ‘कोलंबो से अल्मोड़ा' तक इस पुस्तक में स्वामीजी ने भारत सहित देश-विदेश में वेदांत धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु देश भर के युवकों का आह्वान किया है। उन्होंने भारतीय समाज में गहरे पैठी असमानता की भावना के प्रति लोगों को सचेत किया है। आत्मिक उन्नयन का पथ प्रशस्त करके मानव जीवन की सार्थकता को सिद्ध करने की प्रेरणा देती पठनीय पुस्तक ।"
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"उन्तालिश वर्ष के संक्षिप्त जीवनकाल में स्वामी विवेकानंद जो काम कर गए, वे आनेवाली अनेक शताब्दियों तक पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनका विश्वास था कि पवित्र भारतवर्ष धर्म एवं दर्शन की पुण्यभूमि है। यहाँ बड़े-बड़े महात्माओं तथा ऋषियों का जन्म हुआ यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है तथा यहीं, केवल यहीं आदिकाल से लेकर आज तक मनुष्य के लिए जीवन के सर्वोच्च आदर्श अवस्थित हैं एवं मुक्ति का द्वार खुला हुआ है।
उनके कथन—'उठो, जागो, स्वयं जगकर औरों को जगाओ। अपने नर-जन्म को सफल करो और तब तक रुको नहीं, जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।' पर अमल करके व्यक्ति अपना ही नहीं, सार्वभौमिक कल्याण कर सकता है।
‘कोलंबो से अल्मोड़ा' तक इस पुस्तक में स्वामीजी ने भारत सहित देश-विदेश में वेदांत धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु देश भर के युवकों का आह्वान किया है। उन्होंने भारतीय समाज में गहरे पैठी असमानता की भावना के प्रति लोगों को सचेत किया है।
आत्मिक उन्नयन का पथ प्रशस्त करके मानव जीवन की सार्थकता को सिद्ध करने की प्रेरणा देती पठनीय पुस्तक ।"
Book Details
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ISBN9789355627520
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: We read the dialogue between Shri Krishna and Arjuna and these teachings of Shri Krishna as the Srimad Bhagavad Gita. Shrimad Bhagavad Gita means the song of wisdom sung by God. We can see Shri Krishna not only as Arjuna's charioteer, but also as the charioteer of our lives. By following the path shown by him, we can find relief from all the worries and sorrows of life. The Bhagavad Gita is like a continuously flowing river of ideas and knowledge, irrigating Indian culture for ages and giving the message of moving forward on the path of action. Its ocean of knowledge is deep and vast; the more we immerse ourselves in it, the more pearls of wisdom we receive. The Bhagavad Gita, a journey of knowledge, defines action and leadership in seven chapters; this is the aim of this book. Like almost every major religious text in India, the Gita cannot be accurately dated to its composition. However, it appears to have been composed later than the 'classical' Upanishads, with the possible exception of Maitri, and to have been a work of Buddhism post-dating the period. It is clear from materials dating from the fifth and second centuries BCE that the major teachings of both the Upanishads and early Buddhism were similar to those of the Gita, as was the dualistic teaching, commonly known as Samkhya, later defined in the Samakhya-karika Ishakrpa.
Sai Ki Seva Mein
- Author Name:
Dr. Suresh Haware
- Book Type:

- Description: साईं की सेवा करने का मुझे अवसर मिला, यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा ईश्वरीय आशीर्वाद है, ऐसी मेरे मन की प्रामाणिक भावना है। इस कालावधि में मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। मैं शिरडी कभी आता नहीं था, लेकिन इस पूरे कार्यकाल में मैं शिरडी के सिवाय कहीं जाता ही नहीं था। साईं बाबा का पहले कभी विचार करता नहीं था। लेकिन इस दौरान साईं के सिवाय कोई दूसरा विचार ही नहीं किया। पैर अपने आप शिरडी की ओर खिंचे चले आते थे।
Baal Ramayan
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: यह कथा भगवान राम के जीवन पर आधारित है। इसमें भगवान राम के बालपन, त्याग, समर्पण और प्रेम को दिखाया गया है। हमारे नन्हें पाठक खूबसूरत चित्रांकन के जरिये कथा के अर्थ और भाव को आसानी से समझ सकेंगे।
Krishna Deities And Their Miracles
- Author Name:
Stephen Knapp
- Book Type:

- Description: Lord Krishna’s deities in temples serve as a channel through which the Divine can be better understood and perceived. In fact, the deities themselves can exhibit what some would call miracles in the way they reveal how the Divine accepts the form of deity. This is one process through which Krishna reveals himself and the reality of his existence. Stories of such miracles extend across the ages to the present. This book relates a range of these events to show how the images in the temples have manifested their character in various ways in their pastimes with their devotees, whether by developing their devotion, instructing them, or simply giving them His kindness, mercy, and inspiration. This book will give deeper insight into the unlimited personality and causeless benevolence of the Supreme, especially to those who become devoted to Him. In addition to presenting accounts of reciprocity, this book offers a rational and systematic explanation of the antiquity of devotion to the deity, scriptural references to deity veneration, and information on historical sites associated with Krishna deities.
Vachan Chintan
- Author Name:
Kashinath Ambalge
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
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