Aesop ki kahaniyan | ईसप की कहानियाँ
Author:
Kamini GayakwadPublisher:
Unbound ScriptLanguage:
HindiCategory:
Religion-spirituality0 Ratings
Price: ₹ 103.75
₹
125
Available
ईसप की कहानियाँ सैकड़ों सालों से पूरी दुनिया में पढ़ीं और सुनी जा रही हैं। जब ये नीतिपरक कहानियाँ कही गईं तब दास-प्रथा जैसी बुराई ग्रीस और दूसरे देशों में मौजूद थी। कहते हैं कि इन कहानियों को कहने वाला ईसप भी एक गुलाम था और उसने इन सुन्दर और शिक्षाप्रद कहानियों को सुना-सुनाकर अपने लिए आज़ादी हासिल की थी। इन कहानियों में नई-नई कहानियाँ जुड़ती गईं, इनमें बदलाव हुए' लेकिन इन्हें आज भी जाना ईसप के नाम से ही जाता है ।
ISBN: 9789348497789
Pages: 72
Avg Reading Time: 2 hrs
Age: 0-11
Country of Origin: India
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देश के कोने-कोने में रामलीला के आयोजन की चर्चा अनेक धार्मिक तथा ऐतिहासिक ग्रन्थों में हुई। किन्तु किसी में उसका सम्यक् निरूपण प्राप्त नहीं होता। रामलीला का आयोजन प्रायः भक्ति-साधना के रूप में होता रहा है। अतएव भौतिकता से दूर रहनेवाले साधु-महात्मा इसके विश्लेषणात्मक इतिहास को धर्म-विरुद्ध समझ इससे दूर ही रहे। उन्हें तो रामलीला के दर्शन मात्र से प्रयोजन था। गोस्वामी जी राम का व्यापक प्रचार करना चाहते थे। उनके मत से तात्कालिक व्याधियों का सबसे बड़ा उपचार रामचरित था। जहाँ उन्होंने प्रचार के अनेक साधन अपनाए वहाँ मानस की रामलीला का आयोजन धूम-धाम से किया। रामलीला प्रचार का बड़ा उपयुक्त साधन है। कथा-वार्ता, मन्दिर या अखाड़ों में तो वह व्यक्ति जाता है जिसमें उस प्रकार की प्रवृत्ति रहती है, किन्तु रामलीला के कारण ऐसे जन भी उनकी ओर आकृष्ट होते हैं जिनकी सम्भावना नहीं की जाती। इसमें मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा भी मिलती हैं। प्रत्यक्ष दर्शन का प्रभाव श्रव्यकाव्य या उपदेश की अपेक्षा अधिक तथा स्थायी होता है।
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