Sarhadon Ke Paar Darakhton Ke Saaye Me
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Book Details
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ISBN9789390593194
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Pages120
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Avg Reading Time4 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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Arun Dev
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- Description: जीवन और मृत्यु सहोदर स्थितियाँ हैं। लेकिन खड़ी बोली हिन्दी में ऐसी कोई कविता पुस्तक नहीं जो केवल मृत्यु सम्बन्धी अनुभव और स्थितियों से निर्मित हो। इस अर्थ में अरुण देव के इस संग्रह का प्रकाशन एक विरल घटना है। सौ पदों में प्रशस्त यह पुस्तक मृत्यु के प्राय: सभी आयामों,पक्षों और मृत्युजनित भावों को पुंजीभूत करती है। इन कविताओं की सबसे बड़ी विशेषता है जीवन के साथ घनिष्ठता। मृत्यु की कविताएँ अन्ततः जीवन की कविताएँ होती हैं, जो जीवन था, जो है और जो होगा। कभी-कभी कविता इतनी कम जगह घेरती है मानो कोई अन्तिम साँस हो। कभी कबीर से लेकर कामू तक के प्रसंग एक बिम्ब को महाकाव्यात्मक विस्तार दे देते हैं। लेकिन कहीं भी न तो ईश्वर का स्मरण है, न किसी अन्य लोक या उत्तर-जीवन की अभिलाषा। जो है यहीं है। मृत्यु भी इसी जीवन, इसी संसार की परिघटना है, शाश्वत और सर्वग्रासी। लेकिन जीवन सबसे बड़ा है। अरुण कमल प्रख्यात कवि
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