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Tulsi Rachna-Sanchayan

Published by

Prabhat Prakashan

In category

Poetry

Language

Hindi

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About the book

तुलसी रचना संचयन एक चिर कालिक अभाव की परिपूर्ति का उपक्रम है। समृद्ध भारतीय ज्ञान-परंपरा और लोकमंगल विधायिनी, अप्रतिहत आध्यात्मिक आस्था के सजग प्रहरी महात्मा तुलसीदास का 'रामचरितमानस' भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठतम प्रतीक है। किंतु 'मानस' की अतिव्याप्त लोकप्रियता के कारण उनके अन्य मूल्यवान और कालजयी ग्रंथ प्रायः छायावेष्टित ही रह जाते हैं। इस 'संचयन' में गोस्वामीजी के सर्वस्वीकृत बारह ग्रंथों के महत्त्वपूर्ण अंशों को संकलित किया गया है। पाठकों की सुविधा के लिए आरंभ में ही सभी कृतियों का किंचित् विस्तार से परिचय दे दिया गया है, जिससे वे चयनित अंशों में मूल प्रतिपाद्य, शिल्प-सौष्ठव और कवि-दृष्टि का साक्षात्कार कर सकें। अंशों के चयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि कृति विशेष का सर्वोत्तम सामने आ जाए और सभी अंशों के योग से राम-कथा एवं गोस्वामीजी के कृतित्व का समग्र स्वरूप स्पष्ट हो जाए, जिससे पाठकों के लिए संपूर्ण तुलसी वाड्मय का सम्यक् रसास्वादन और समाकलन संभव हो सके। पाठकों की सुविधा के लिए परिशिष्ट में कठिन शब्दों के अर्थ दे दिए गए हैं। आशा है, यह संचयन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सामान्य अध्येताओं के लिए प्रेरक और उपकारक सिद्ध होगा।

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तुलसी रचना संचयन एक चिर कालिक अभाव की परिपूर्ति का उपक्रम है। समृद्ध भारतीय ज्ञान-परंपरा और लोकमंगल विधायिनी, अप्रतिहत आध्यात्मिक आस्था के सजग प्रहरी महात्मा तुलसीदास का 'रामचरितमानस' भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठतम प्रतीक है। किंतु 'मानस' की अतिव्याप्त लोकप्रियता के कारण उनके अन्य मूल्यवान और कालजयी ग्रंथ प्रायः छायावेष्टित ही रह जाते हैं। इस 'संचयन' में गोस्वामीजी के सर्वस्वीकृत बारह ग्रंथों के महत्त्वपूर्ण अंशों को संकलित किया गया है।

पाठकों की सुविधा के लिए आरंभ में ही सभी कृतियों का किंचित् विस्तार से परिचय दे दिया गया है, जिससे वे चयनित अंशों में मूल प्रतिपाद्य, शिल्प-सौष्ठव और कवि-दृष्टि का साक्षात्कार कर सकें। अंशों के चयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि कृति विशेष का सर्वोत्तम सामने आ जाए और सभी अंशों के योग से राम-कथा एवं गोस्वामीजी के कृतित्व का समग्र स्वरूप स्पष्ट हो जाए, जिससे पाठकों के लिए संपूर्ण तुलसी वाड्मय का सम्यक् रसास्वादन और समाकलन संभव हो सके। पाठकों की सुविधा के लिए परिशिष्ट में कठिन शब्दों के अर्थ दे दिए गए हैं।

आशा है, यह संचयन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सामान्य अध्येताओं के लिए प्रेरक और उपकारक सिद्ध होगा।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Prabhat Prakashan
Format
Paperback
Publisher
Prabhat Prakashan
Publication year
2025
Weight
400 grams
ISBN-13
9789395386333
Pages
296
Reading time
~10 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
10 × 10 cm
Language
Hindi

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