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Premchand Biskohar Mein

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‘प्रेमचन्द बिस्कोहर’ में हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक विश्वनाथ त्रिपाठी की कविताओं का संकलन है—कह सकते हैं कि उनका मन, भावों से भरा। लेकिन ये किसी निराकार अनुभूति से उपजे भाव नहीं हैं। इनकी जड़ें हैं—पृथ्वी में, स्मृति में, परिवार में, प्रकृति में और उस इतिहास में जो समय के अंक में बन रहा है, बीत रहा है— फूल में सूरज में मिट्टी में आँखों में झुलसे सँवलाए चेहरों में एक लपट काँपती रहती है मैं उसी से शब्दों को सुलगा लेता हूँ ये धीमी आँच में सुलगते हुए शब्द हैं जिनकी उष्मा हमें कुछ देर बाद महसूस होती है और फिर देर तक साथ रहती है, हमें हमारे ऐसे ही क्षणों की ओर लौटाती हुई—अपने स्मृति-वृक्षों के पास। यह देखकर तो किसे अचरज होगा कि वे भाषा से काम भी एक कुशल कारीगर की तरह लेते हैं। वह शब्द-संयम जो मुक्तिबोध और शमशेर में है, यहाँ भी दिखाई देता है; और अनेक ऐसे बिम्ब भी जो केवल यहीं उपलब्ध हैं। मसलन— एक बिल्ली है—मैंने उसके अंगों में चुम्बनों की घंटियाँ बाँध दी हैं वह जहाँ होगी, घंटियाँ खनखना रही होंगी। एक पठनीय और संग्रहणीय कविता-संग्रह।

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‘प्रेमचन्द बिस्कोहर’ में हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक विश्वनाथ त्रिपाठी की कविताओं का संकलन है—कह सकते हैं कि उनका मन, भावों से भरा।

लेकिन ये किसी निराकार अनुभूति से उपजे भाव नहीं हैं। इनकी जड़ें हैं—पृथ्वी में, स्मृति में, परिवार में, प्रकृति में और उस इतिहास में जो समय के अंक में बन रहा है, बीत रहा है—

फूल में सूरज में मिट्टी में आँखों में

झुलसे सँवलाए चेहरों में

एक लपट काँपती रहती है

मैं उसी से शब्दों को सुलगा लेता हूँ

ये धीमी आँच में सुलगते हुए शब्द हैं जिनकी उष्मा हमें कुछ देर बाद महसूस होती है और फिर देर तक साथ रहती है, हमें हमारे ऐसे ही क्षणों की ओर लौटाती हुई—अपने स्मृति-वृक्षों के पास।

यह देखकर तो किसे अचरज होगा कि वे भाषा से काम भी एक कुशल कारीगर की तरह लेते हैं। वह शब्द-संयम जो मुक्तिबोध और शमशेर में है, यहाँ भी दिखाई देता है; और अनेक ऐसे बिम्ब भी जो केवल यहीं उपलब्ध हैं। मसलन—

एक बिल्ली है—मैंने उसके अंगों में

चुम्बनों की घंटियाँ बाँध दी हैं

वह जहाँ होगी, घंटियाँ खनखना रही होंगी।

एक पठनीय और संग्रहणीय कविता-संग्रह।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
1st
Publication year
2025
Weight
260 grams
ISBN-13
9789360863609
Pages
104
Reading time
~3 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
13.5 × 21 cm
Language
Hindi

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