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उर्दू और हिंदी की संधि-रेखा पर स्थित ज़बान को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने वाली प्रज्ञा शर्मा का जन्म 1981 में कानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने शिक्षा शास्त्र में पोस्ट-ग्रैजुएशन किया है। पिता श्री बी. एल. शर्मा और माँ श्रीमती रमा शर्मा की प्रेरणा से कुछ दिन शिक्षण का काम करने के बा’द उन्होंने कवि सम्मेलनों और मुशाइ’रों में अपनी पहचान स्थापित की और फिर ये सब छोड़ कर अपने आपको तन्हाई की रचनात्मकता के सुपुर्द कर दिया। इन दिनों मुम्बई में निवास है। ‘गोपाल दास नीरज की हस्तलिखित कविताएँ’ नाम से उनकी एक किताब 2019 में प्रकाशित हुई थी।
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उर्दू और हिंदी की संधि-रेखा पर स्थित ज़बान को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने वाली प्रज्ञा शर्मा का जन्म 1981 में कानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने शिक्षा शास्त्र में पोस्ट-ग्रैजुएशन किया है। पिता श्री बी. एल. शर्मा और माँ श्रीमती रमा शर्मा की प्रेरणा से कुछ दिन शिक्षण का काम करने के बा’द उन्होंने कवि सम्मेलनों और मुशाइ’रों में अपनी पहचान स्थापित की और फिर ये सब छोड़ कर अपने आपको तन्हाई की रचनात्मकता के सुपुर्द कर दिया। इन दिनों मुम्बई में निवास है। ‘गोपाल दास नीरज की हस्तलिखित कविताएँ’ नाम से उनकी एक किताब 2019 में प्रकाशित हुई थी।
Book Details
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ISBN9789391080006
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Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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