Seva Sadan
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कहने को बहुत सारे पात्र हैं, उनके बदलने की परिस्थितियाँ हैं, उनका जटिल जीवन-चक्र भी है। लेकिन प्रेमचंद का उपन्यास 'सेवासदन' सुमन की कहानी है। एक ईमानदार दारोगा कृष्णचंद्र की प्यारी बेटी सुमन, पिता के पहले रिश्वत लेने की दुर्घटना से उलझकर वेश्यावृत्ति के रास्ते पर पहुँच जाती है। लेकिन कथा यहीं समाप्त नहीं हो जाती। सुमन अपनी आंतरिक ज्योति को वापस पाती है, अपने से जुड़े लोगों के जीवनोद्धार का प्रमुख कारण बनती है। कथा का अंत आते-आते बेसहारा को सहारा देने के निमित्त बने केंद्र 'सेवासदन' की निर्देशिका बनती है ।
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कहने को बहुत सारे पात्र हैं, उनके बदलने की परिस्थितियाँ हैं, उनका जटिल जीवन-चक्र भी है। लेकिन प्रेमचंद का उपन्यास 'सेवासदन' सुमन की कहानी है। एक ईमानदार दारोगा कृष्णचंद्र की प्यारी बेटी सुमन, पिता के पहले रिश्वत लेने की दुर्घटना से उलझकर वेश्यावृत्ति के रास्ते पर पहुँच जाती है। लेकिन कथा यहीं समाप्त नहीं हो जाती। सुमन अपनी आंतरिक ज्योति को वापस पाती है, अपने से जुड़े लोगों के जीवनोद्धार का प्रमुख कारण बनती है। कथा का अंत आते-आते बेसहारा को सहारा देने के निमित्त बने केंद्र 'सेवासदन' की निर्देशिका बनती है ।
Book Details
-
ISBN9788119745654
-
Pages326
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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Shrilal Shukla
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- Description: ‘सूनी घाटी का सूरज’ एक ग्रामीण युवक के बारे में है जो शिक्षित और प्रतिभाशाली होने के बावजूद स्वयं को एक ऐसे समाज में पाता है, जहाँ उसकी सोच, आदर्शों और गुणों के व्यापारी प्रतिष्ठित हैं। लेकिन उस बाज़ार में अपनी गुणवत्ता और उपयोगिता को साबित करने के लिए उसके पास न तो सिफ़ारिश है, न उसके सम्बन्ध किसी ‘बड़े’ से हैं और न ही रिश्वत देने के लिए उसके पास धन हैं। उसने अपने पिता को क़र्ज़दार होकर एक ख़ानदानी ठाकुर के यहाँ बँधुआ जैसा जीवन जीते देखा है, और उनकी मृत्यु के बाद उसकी अपनी पढ़ाई एक हेडमास्साब के पास अनाथ की तरह रहकर, सेवा करके और फिर ट्यूशन आदि करके पूरी हुई, इसी तरह उसने एक मेधावी छात्र के रूप में प्रथम श्रेणी की डिग्रियाँ हासिल कीं। लेकिन अपनी उन सीमाओं के चलते जिनके लिए वह ख़ुद नहीं, बल्कि व्यवस्था ज़िम्मेदार है, वह अपने लिए कहीं जगह नहीं पाता। फलस्वरूप युग के आकर्षण, अतीत की प्रताड़ना और वर्तमान की निराशा को झाड़कर वह उसी अँधेरी और सुनसान घाटी में उतरने का फ़ैसला करता है, जहाँ उसकी सर्वाधिक आवश्यकता है।
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