Dil Ki Duniyan
(0)
Author:
Ismat ChugtaiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
199
₹ 159.2 (20% off)
Available
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इस्मत चुग़ताई भारतीय साहित्य में वो आवाज़ हैं जिसने अपने ज़माने में बनती हुई प्रगतिशीलता को अपनी कहानियों और उपन्यासों से एक चेहरा दिया, उसे अवाम के समझने और अपनाने लायक़ बनाया। अपने किरदारों के माध्यम से उन्होंने उस हिम्मत को साकार किया, जो कम-से-कम उनके दौर में तो स्त्रियों के लिए एक दिवास्वप्न ही थी।</p> <p>अपनी क़लम की एक-एक जुम्बिश से सौ-सौ जादू जगानेवाली इस्मत चुग़ताई ने अपने इस उपन्यास में समाज की मुर्दा और सड़ी-गली परम्पराओं से आज़ाद होकर ‘दिल की दुनिया' आबाद की है—यह एक युवती की कहानी है जिसे शादी के बाद शौहर ने छोड़ दिया था। मज़हब और समाज की ग़लत मान्यताओं के दरमियान जिसे रास्ता न सूझता था लेकिन जिसने अपनी ही जैसी एक बदनसीब ज़िन्दगी से हौसला पाकर अपने चारों तरफ़ एक आभामंडल बुन दिया।</p> <p>
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इस्मत चुग़ताई भारतीय साहित्य में वो आवाज़ हैं जिसने अपने ज़माने में बनती हुई प्रगतिशीलता को अपनी कहानियों और उपन्यासों से एक चेहरा दिया, उसे अवाम के समझने और अपनाने लायक़ बनाया। अपने किरदारों के माध्यम से उन्होंने उस हिम्मत को साकार किया, जो कम-से-कम उनके दौर में तो स्त्रियों के लिए एक दिवास्वप्न ही थी।</p>
<p>अपनी क़लम की एक-एक जुम्बिश से सौ-सौ जादू जगानेवाली इस्मत चुग़ताई ने अपने इस उपन्यास में समाज की मुर्दा और सड़ी-गली परम्पराओं से आज़ाद होकर ‘दिल की दुनिया' आबाद की है—यह एक युवती की कहानी है जिसे शादी के बाद शौहर ने छोड़ दिया था। मज़हब और समाज की ग़लत मान्यताओं के दरमियान जिसे रास्ता न सूझता था लेकिन जिसने अपनी ही जैसी एक बदनसीब ज़िन्दगी से हौसला पाकर अपने चारों तरफ़ एक आभामंडल बुन दिया।</p>
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Book Details
-
ISBN9788126718160
-
Pages111
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: उर्दू भाषा का जन्म हिन्दुस्तान में हुआ। मातृभाषा जो भी हो मगर लिखनेवाले उर्दू में लिखते रहे। इसलिए जहाँ उर्दू का विस्तार बढ़ा, वहीं पर उसके पढ़नेवालों की दिमाग़ी फ़िज़ा भी रौशन और खुली बनी। भाषा पर किसी धर्म और विचारधारा की हुकूमत नहीं हो सकती है, जो ऐसा सोचते हैं वे अपना ही नहीं, अपनी भाषा के विकास का भारी नुक़सान करते हैं। अपनी ऐतिहासिक धरोहर को वक़्ती सियासी मुनाफ़े का मोहरा बनाकर उनका व्यक्तिगत लाभ हो सकता है, मगर बड़े पैमाने पर हम उर्दू साहित्य का ख़ज़ाना खो बैठेंगे और साथ ही हिन्दी भाषा साहित्य का भी नुक़सान करेंगे। अनेक लेखकों की हिन्दी भाषा लिपि में लिखी कहानियों में उर्दू शब्द नगीने की तरह जड़े नज़र आते हैं, जो भाषा को नया सौंदर्य देते हैं। उनको हटाकर वहाँ हिन्दी भाषा के ख़ालिस शब्द लगाने की मुहिम चलाएँगे तो उस गद्य का क्या बनेगा? हमारे बुज़ुर्गों ने औरतों के इतने शानदार चरित्र गढ़े हैं, जो आज भी ज़िन्दा महसूस होते हैं, जिनमें ज़िन्दगी अपने सारे परिवेश के साथ धड़कती है और हर रंग में हमारे सामने अहसास का पिटारा खोलती है और इस विचार को पूर्णरूप से रद्द कर देती है कि औरत के बारे में सिर्फ़ औरत ही ईमानदारी से लिख सकती है। यह सौ फीसदी सच है मगर कला इस तथ्य से आगे निकल कर हमें यह बताती है कि कफ़न की दुनिया औरत-मर्द क़लमकारों के इस फ़र्क़ को न मानती है न स्वीकार करती है। सबूत इन कहानियों के रूप में सामने है। इन कहानियों में पूरी एक सदी का समय क़ैद है, जो हमारे बदलते ख़यालात, समाज, माहौल और इंसान को हमारे सामने एक सनद की शक्ल में पेश करते हैं। यह अलग बात है कि कुछ किरदार हमें बिलकुल नए और वर्तमान में साँस लेते लगेंगे।
Mahabharat Ke Maharany Mein
- Author Name:
Pratibha Basu
- Book Type:

- Description: ‘महाभारत’ नामतः भरतवंश का इतिहास होकर भी, वस्तुतः सत्यवती-द्वैपायन के वंश का इतिहास है। इस ग्रन्थ में धर्म भी कुछ नहीं, अधर्म भी कुछ नहीं। जो है वह केवल सुविधावादी का सुविधाभोग। विदुर-युधिष्ठिर जैसे धार्मिक लोग एवं ईश्वर के प्रतिभू कूट-दक्ष बहुसंख्य आज भी हमारे चारों ओर विराजमान हैं। दुर्योधन स्वभाव से ही कुछ संयत एवं सहिष्णु चरित्र के हैं। प्रचार की महिमा से ठीक इसके विपरीत लोग विश्वास करते आए हैं। कुरुक्षेत्र का ‘धर्मयुद्ध’ कितनी दूर अधर्म के यूपकाष्ठ में बलि हो सकता है, यह जानकर स्तम्भित होना पड़ता है। जिस भारत में आज भी जातिभेद प्रबल है, उच्च और निम्नवर्ग का भेद शरीर के रंग में प्रतिकारित है, वहाँ क्षत्रियों की इस कहानी में सर्वत्र काले रंग का आधिपत्य दिखेगा—शुद्ध रक्त की चूड़ान्त पतन और विलोप।
Facts Fictions Imaginations
- Author Name:
Bhupen N Sarma
- Book Type:

- Description: Truth is that few questions accelerated My beeps of heart are still unanswered. Were those evictions prudent? Why distress come always for most of the innocent commoners after every changing of game?? Are there any remedies??? Who has to take care???? I am still in pursuit and shall remain.
Sukhi Mrityu
- Author Name:
Albert Camus
- Book Type:

-
Description:
एक लोकप्रिय लेखक होने के साथ-साथ कामू एक महान चिन्तक भी थे। जीवन-भर वे अपनी आत्मा और प्रतिभा की पूरी शक्ति से, विचार के पूर्ण प्रयास तथा अन्तरात्मा की वेदना से अपने समय की जटिल व यातनाप्रद समस्याओं में उलझे रहे। उनकी रचनाओं में मानव की आत्मा के विद्रोह, सच्चे सुख के रहस्य की खोज और सत्य का मूल रूप जानने की चिर-अतृप्त जिज्ञासा बहुत गम्भीरता से व्यक्त हुई है। ‘सुखी मृत्यु’ उपन्यास भी जीवन-सुख और उसी में निहित मृत्यु-सुख को समझने के प्रयास का विवरण है।
जीवन में सुख प्राप्त करना जिससे कि मृत्यु भी एक सुखद अनुभव रहे; ऐसा सम्पूर्ण सुख कैसे मिले? यही इस उपन्यास की केन्द्रीय समस्या है। उपन्यास का पहला भाग जीवन की इस समस्या का अदीप्त, अस्पष्ट पहलू हमारे सामने रखता है जब नायक के पास न तो मानसिक परिपक्वता है, न आर्थिक क्षमता और न ही समय। दूसरा भाग उसके मन के सुख, शान्ति और आन्तरिक आनन्द को प्रस्तुत करता है।
कहा जाता है कि कामू के अत्यन्त चर्चित उपन्यास ‘अजनबी’ का अंकुर ‘सुखी मृत्यु’ उपन्यास में ही संहत है।
My Senior Girlfriend
- Author Name:
Yash Sharma
- Rating:
- Book Type:

- Description: Yash Sharma is author of the book fl.A.M.E.S. His book talks about romance and issues is that are relatable to the youth of this generation. It told the story of a girl who attempts to move on from her lover who had left her. His book get a decent response from young readers and the one of the biggest newspaper groups of Rajasthan with millions of readers reviewed favourably, giving it 5 out of 5 stars. Ash is a 21-year year-old from a small town in Rajasthan, rajgarh.He is pursuing his B.Tech. In Civil Engineering from Alwar district. He started writing at the early age of 13. His hobbies include reviewing books and movies, and writing scripts, screenplay and music. He has written more than a thousand quotes and poems. He is a bookworm and has quite an interest in politics and Hollywood. He is also a storyteller and an actor too. His passion for to be an actor lead him to theatre at a very young age. He has also wrote numerous plays for his school and college festivals.
Kashi Ka Assi
- Author Name:
Kashinath Singh
- Book Type:

- Description: ज़िन्दगी और ज़िन्दादिली से भरा एक अलग क़िस्म का उपन्यास। उपन्यास के परम्परित मान्य ढाँचों के आगे प्रश्नचिह्न। ‘अस्सी’ काशीनाथ की भी पहचान रहा है और बनारस की भी। जब इस उपन्यास के कुछ अंश ‘कथा रिपोर्ताज’ के नाम से पत्रिकाओं में छपे थे तो पाठकों और लेखकों में हलचल-सी हुई थी। छोटे शहरों और क़स्बों में उन अंक विशेषों के लिए जैसे लूट-सी मची थी, फ़ोटोस्टेट तक हुए थे, स्वयं पात्रों ने बावेला मचाया था और मारपीट से लेकर कोर्ट-कचहरी की धमकियाँ तक दी थीं। अब यह मुकम्मल उपन्यास आपके सामने है जिसमें पाँच कथाएँ हैं और उन सभी कथाओं का केन्द्र भी अस्सी है। हर कथा में स्थान भी वही, पात्र भी वे ही—अपने असली और वास्तविक नामों के साथ, अपनी बोली-बानी और लहज़ों के साथ। हर राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय मुद्दे पर इन पात्रों की बेमुरव्वत और लट्ठमार टिप्पणियाँ काशी की उस देशज और लोकपरम्परा की याद दिलाती हैं जिसके वारिस कबीर और भारतेन्दु थे। उपन्यास की भाषा उसकी जान है—भदेसपन और व्यंग्य-विनोद में सराबोर। साहित्य की ‘मधुर मनोहर अतीव सुन्दर’ वाणी शायद कहीं दिख जाए!
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