Cheelwali Kothi
Author:
Sara RaiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
अपने कथ्य के लिए भाषा और शिल्प की भी रचना करनेवाली लेखिका हैं सारा राय। सारा राय की यह कृति एक उपन्यास होते हुए भी अपने कथ्य के वितान में एक महाकाव्य जैसी विशिष्टता समेटे हुए है जिसमें अतीत और भविष्य साथ-साथ वर्तमान में घटित हो रहे होते हैं। यह घटित होना भारतीय सामन्तवादी ढूह पर एक लड़की यानी एक स्त्री का वह सच है जिसके प्रकृति और मनुष्य दोनों गवाह हैं, फिर भी सच ऐसा रंग बदलता रहता है कि झूठ भी अपनी भूमिका में हर बार एक संजाल बन जाता है।</p>
<p>उपन्यास में मीनाक्षी और विक्रम के बीच की ज़मीन प्रेम की वह ज़मीन है जहाँ ‘प्रवृत्ति’ हारती है और चेतना में वह युग हावी रहता है जो न ठीक से जीने देता है और न मरने; बस रिश्ते रिसते हैं और रिसते रिश्ते वह निर्माण नहीं कर पाते, जिसे निर्माण कहा जा सके। अपने अनिर्णय-द्वन्द्व में सनद ढूँढ़ते दृश्य परम्परा, संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान, विज्ञान, दर्शन की इस दुनिया में नाकाम प्रतीत होते हैं। इन्हीं नाकामियों में चेतना-धार की तलाश है यह उपन्यास जिसकी ज़िम्मेवारी अपने विखंडन में एक स्त्री लेती है।</p>
<p>इस उपन्यास की नायिका अपने अनाथ होने, गोद लिए जाने के बाद ‘आरम्भ’ और ‘युग-दर-युग’ के जिन व्यतीत-अनव्यतीत क्षणों में सृजन का सत्त्व रचती है, उससे स्त्री-विमर्श हो या दलित-विमर्श—समय एक क़दम आगे घटित होता है—और मिथक ध्वस्त होते हैं, सत्ताएँ हिलती हैं। ‘चीलवाली कोठी’ क़लम के ‘विजन’ और ‘मिशन’ का उदाहरणों में एक उदाहरण है।
ISBN: 9788126727650
Pages: 184
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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