Agnipurush
Author:
Shyam Bihari 'Shyamal'Publisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Unavailable
इस कठिन समय में बर्बर भ्रष्टतंत्र के भीतर तपते हुए, झुलसते हुए जो अपने ईमान, अस्मिता और स्वत्वबोध को बचाकर रख पाया, वही कुन्दन बनकर मूल्यों की स्थापना कर पाता है। ‘अग्निपुरुष’ इसी मायने में हमारे समय में ईमानदार आदमी की मौजूदगी का जीवन्त दस्तावेज़ है। बिहार की पृष्ठभूमि पर पलामू और डाल्टनगंज को चित्रित करते हुए यह उपन्यास नौकरशाही के सच को उघाड़कर सामने तो लाता ही है, साथ ही साथ लेखक की सहज–सरल, भाषायी आडम्बर से मुक्त गद्य-संरचना अपनी कथावस्तु की सुगढ़ता के साथ प्रकट होती है। लेखक की आत्मकथात्मक शैली सतुआ पाण्डे के जीवन का चित्र ऐसे प्रस्तुत करती है, जैसे वह उनका कोई अपना ही आँखों देखा हो
ISBN: 9788126702893
Pages: 275
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: Adventures of Huckleberry Finn is a novel by Mark Twain, first published in the United Kingdom in December 1884. It is an incredible tale of a boy, Huckleberry Finn, from a Mississippi River town who narrates his adventures with Tom Sawyer and how he gets into trouble for helping a runaway slave Jim.
Dudiya : Tere Jalte Hue Mulk Mein
- Author Name:
Vishwash Patil
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Description:
शाश्वत सत्य यह था कि आदिवासी जंगल की सन्तान हैं। मगर वस्तुस्थिति यह थी कि उनमें से किसी के पास भी जंगल की जमीन का कोई पट्टा नहीं लिखा था। न ही उनमें इतनी समझ थी कि उस जमीन को अपने नाम लिखाकर रखें। अपने पूर्वजों की तरह वह उस जमीन पर खेती करते थे। जंगल से जीवन यापन करते थे। लेकिन साठ के दशक में अचानक वन अधिकारी नए नियम-कायदों की लाठी से लैस होकर वहाँ घुस गए। आदिवासियों को चूल्हे में जलाने के लिए, जंगलों की सूखी लकड़ियाँ बीनने तक से रोका जाने लगा। उनके भेड़-बकरियों को जंगल में चराने पर रोक लगा दी गई। आदिवासी स्तब्ध रह गए कि यह क्या! जहाँ वे अपना हक समझते थे, पीढ़ी-दर-पीढ़ी जिन जंगलों में रहते थे, वहाँ किसका राज आ गया।
–इसी पुस्तक से
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