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Pandit Nehru Aur Anya Mahapurush

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राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की यह पुस्तक पंडित जवाहरलाल नेहरू और तीन अन्य महापुरुषों—स्वामी विवेकानन्द, महर्षि रमण और महात्मा गांधी—के विषय में हमें विशेष जानकारी देती है। राष्ट्रकवि दिनकर पंडित जवाहरलाल नेहरू के संस्मरण में लिखते हैं—‘‘कि क्या पंडित जवाहरलाल नेहरू तानाशाह थे?’’ दिनकर जी नेहरू जी के जीवन-दर्शन, गांधी और नेहरू के आपसी रिश्ते और भारतीय एकता के लिए पंडित जी के प्रयासों को हमारे सामने लाते हैं। इस पुस्तक में दिनकर जी के तीन रेडियो-रूपकों को भी संगृहीत किया गया, जो क्रमशः स्वामी विवेकानन्द, महर्षि रमण और महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों के जीवन को आधार बनाकर लिखे गए हैं। इन रूपकों में न केवल उनके प्रेरक जीवन की झलकियाँ हैं, बल्कि उनमें इन महापुरुषों का जीवन-दर्शन भी समाहित है। ये रेडियो-रूपक जितने श्रवणीय हैं, उतने ही पठनीय भी। नए रूप और आकार में यह पुस्तक न केवल सामान्य पाठक, बल्कि दिनकर-साहित्य के शोधकर्ताओं के लिए भी महत्त्वपूर्ण है।

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राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की यह पुस्तक पंडित जवाहरलाल नेहरू और तीन अन्य महापुरुषों—स्वामी विवेकानन्द, महर्षि रमण और महात्मा गांधी—के विषय में हमें विशेष जानकारी देती है।

राष्ट्रकवि दिनकर पंडित जवाहरलाल नेहरू के संस्मरण में लिखते हैं—‘‘कि क्या पंडित जवाहरलाल नेहरू तानाशाह थे?’’ दिनकर जी नेहरू जी के जीवन-दर्शन, गांधी और नेहरू के आपसी रिश्ते और भारतीय एकता के लिए पंडित जी के प्रयासों को हमारे सामने लाते हैं।

इस पुस्तक में दिनकर जी के तीन रेडियो-रूपकों को भी संगृहीत किया गया, जो क्रमशः स्वामी विवेकानन्द, महर्षि रमण और महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों के जीवन को आधार बनाकर लिखे गए हैं। इन रूपकों में न केवल उनके प्रेरक जीवन की झलकियाँ हैं, बल्कि उनमें इन महापुरुषों का जीवन-दर्शन भी समाहित है। ये रेडियो-रूपक जितने श्रवणीय हैं, उतने ही पठनीय भी।

नए रूप और आकार में यह पुस्तक न केवल सामान्य पाठक, बल्कि दिनकर-साहित्य के शोधकर्ताओं के लिए भी महत्त्वपूर्ण है।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Weight
200 grams
ISBN-13
9788180313318
Pages
234
Reading time
~8 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 22 cm
Language
Hindi

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