Bharat Ki Bhashayen Evam Bhashik Ekta Tatha Hindi
(0)
Author:
Mahavir Saran JainPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Language-linguistics₹
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भारत में भाषाओं , प्रजातियों , धर्मों , सांस्कृतिक परम्पराओं एवं भौगोलिक स्थितियों का असाधारण एवं अद्वितीय वैविध्य विद्यमान हैं । विश्व के इस सातवें विशालतम देश को पर्वत तथा समुद्र शेष एशिया से अलग करते हैं जिससे इसकी अपनी अलग पहचान है , अविरल एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है ; राष्ट्र की अखण्डित मानसिकता अनेकता में है । एकता तथा एकता में अनेकता की विशिष्टता के कारण भारत को विश्व में अद्वितीय सांस्कृतिक लोक माना जाता है । भाषिक दृष्टि से भारत बहुभाषी देश है । प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय भाषाविज्ञान की बहुत - सी भ्रान्तियों को दूर करने की विनम्र पहल की गयी है तथा मौलिक, प्रामाणिक एवं अकाट्य मान्यताएँ एवं स्थापनाएँ प्रस्थापित हैं ।
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भारत में भाषाओं , प्रजातियों , धर्मों , सांस्कृतिक परम्पराओं एवं भौगोलिक स्थितियों का असाधारण एवं अद्वितीय वैविध्य विद्यमान हैं । विश्व के इस सातवें विशालतम देश को पर्वत तथा समुद्र शेष एशिया से अलग करते हैं जिससे इसकी अपनी अलग पहचान है , अविरल एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है ; राष्ट्र की अखण्डित मानसिकता अनेकता में है । एकता तथा एकता में अनेकता की विशिष्टता के कारण भारत को विश्व में अद्वितीय सांस्कृतिक लोक माना जाता है । भाषिक दृष्टि से भारत बहुभाषी देश है । प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय भाषाविज्ञान की बहुत - सी भ्रान्तियों को दूर करने की विनम्र पहल की गयी है तथा मौलिक, प्रामाणिक एवं अकाट्य मान्यताएँ एवं स्थापनाएँ प्रस्थापित हैं ।
Book Details
-
ISBN9789352210855
-
Pages440
-
Avg Reading Time15 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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