Pratyancha
Author:
SanjeevPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Historical-fiction0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
‘प्रत्यंचा’ एक युगप्रवर्तक राजा की जीवनगाथा है जिन्हें कोई लोकराजा कहता, कोई राजर्षि तो कोई सनकी। प्रारम्भ में उन्हें भी गुमान रहा कि वे छत्रपति हैं, क्षत्रिय कुलावतंस... लेकिन जिस दिन उन्हीं के अधीनस्थ एक पुरोहित ने उनका गर्व खर्व कर दिया कि तुम शूद्र हो, सिर्फ शूद्र, वे आसमान से सीधे जमीन पर आ गए। तुर्रा यह कि अधिसंख्य विप्र वर्ग भी उसी पतित पुरोहित के पक्ष में खड़ा था। फिर तो राजा ने उठा लिया अपना अमोघ अस्त्र!
यह लड़ाई दूसरी लड़ाइयों से ज्यादा विकट और उलझी हुई थी। प्रकट युद्ध में शत्रु सामने होता है, लेकिन यहाँ वह घर-परिवार और सदियों-सहस्राब्दियों से व्यक्ति—व्यक्ति के मन-मस्तिष्क तक में समाया हुआ था। जब एक राजा के साथ वे ऐसा कर सकते हैं तो सामान्य जन की क्या बिसात!
शाहूजी का जीवन खुद को और समाज को वर्गविहीन और जातिविहीन करने तथा सबको सामाजिक न्याय दिलाने के सतत संघर्ष का साक्ष्य है। उन्होंने अपनी त्रासदी को एक मुहूर्त और व्यक्तिमात्र में न देखकर पूरी शास्त्रीय और सांस्कृतिक परम्परा में देखा और इस सामूहिक त्रासदी की मर्मान्तक घुटन और पीड़ा को सामूहिक मुक्ति में बदलने की जिद के तहत उलटे नियमों को उलटकर जाति-उच्छेद और सामाजिक परिवर्तन का बीड़ा उठाया।
प्रत्यंचा अर्थात दोतरफा तनावों के बीच लक्ष्य का सन्धान! प्रत्यंचा अर्थात पराक्रम और प्रहार की प्रदीप्त दास्तान! प्रत्यंचा अर्थात दुर्दम्य प्रत्याख्यान का अभिनव आख्यान!
ISBN: 9789360867423
Pages: 264
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Nalanda : How it Changed the World
- Author Name:
Abhay K.
- Rating:
- Book Type:

- Description: Much about Nalanda remains shrouded in mystery. When was it founded? Who founded it? Who studied and taught there? What subjects were offered? How many students and teachers were there? Was Nalanda a university in the modern sense? And what ultimately led to its downfall? Nalanda by Abhay K. unravels these questions, telling the story of the rise, fall, and re-rise of Nalanda Mahavihara. Through extensive research, the book explores Nalanda’s contributions in fields such as science, mathematics, philosophy, art, architecture, and poetry. It also highlights the great luminaries who elevated its unparalleled reputation as the preeminent seat of knowledge, as well as the foreign scholars who visited the celebrated monastery. Broad in sweep and deep in history, Nalanda is a thrilling read that sheds new light on Nalanda and its journey over millennia.
Vaijayantipura Kadamba Mayooravarmana Maha Charite
- Author Name:
Santoshkumar Mehandale
- Rating:
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Babar
- Author Name:
Pirimqul Qadyrov
- Book Type:

- Description: बाबर एक ऐतिहासिक उपन्यास है। इसका मुख्य पात्र मुगल सल्तनत का संस्थापक जहीरुद्दीन मोहम्मद बाबर है जो शासक होने के साथ-साथ अपने समय के सबसे प्रबुद्ध व्यक्तियों में से एक था। लेखक ने तत्कालीन सामन्ती परिवेश और फ़रगना व समरकन्द में गृहयुद्ध का विशद चित्रण करते हुए युद्धों और उत्पीड़कों के प्रति जनता की भूमिका और उनके दृष्टिकोण की पड़ताल कर इस उपन्यास को अविस्मरणीय बना दिया है।
TEESA
- Author Name:
Nandani Agrawal
- Book Type:

- Description: "भारत में किस्से-कहानियों में राजा और उनकी रियासत को आज भी जिंदा रखा गया है। राजाओं के भोग-विलास की कहानियाँ उस दौर में प्रजा के साथ हुई घटनाओं और राजा के कुटिल स्वभाव को भी बयान करती हैं। ‘तीसा’ उपन्यास का तानाबाना भी राजा और मंत्री की चालबाजी से शुरू होता है। जहाँ राजा लालची तो है ही लेकिन एक खौफ के साये में अपनी जिंदगी को जी रहा है। राजा का अपनी ही रानी से मोहभंग सिर्फ इसलिए हो जाता है क्योंकि रानी राजा की कुटिल करतूतों पर खामोश नहीं होती है। कहानी का केंद्र बिंदु तीसा का शांत स्वभाव और चाँद सी शीतलता ओढ़े उसकी खूबसूरती है जो जंगल में चंदन की खूशबू फैलाती हुई सी लगती है। अब जहाँ चंदन हो, वहाँ विषैले साँप तो होंगे ही। ऐसे में राजा के मायाजाल से खुद को बचाना, यह चुनौती का काम तो होगा ही। तीसा कैसे मुश्किल समय में धैर्य और साहस से अपनी जीत को सुनिश्चित करती है, यह हम सबके लिए एक सबक की तरह हो सकता है। आप किसी भी मुश्किल समय में क्यों न हों, बस उम्मीद रखिए कि बुरा समय जरूर बीत जाएगा और अधर्म कितना भी क्यों न पाँव पसारे, जीत अंत में धर्म की ही होती है।"
Vanara
- Author Name:
Anand Neelakantan
- Rating:
- Book Type:

- Description: Baali and Sugreeva, orphan brothers from the Vana Nara tribe, were born into severe poverty and grew up as slaves like most of their fellow tribesmen. They were often called the vanaras, meaning monkey men. Caught between the ongoing war between the Deva tribes in the north and the Asura tribes in the south, the Vana Naras seemed to have lost all hope. However, Baali was determined not to remain a slave. With the help of his beloved brother Sugreeva, he built a nation for their people. The capital, Kishkindha, became a symbol of hope for freed slaves worldwide—a city of the people, by the people, for the people, where caste, creed, language, or skin color didn't matter. For a brief moment in history, it appeared mankind had found its ideal hero in Baali. But fate changed everything through Tara, daughter of a tribal healer. Loved by Baali and desired by Sugreeva, Tara sparked a brotherly war that would forever alter history. The love triangle involving Baali, Tara, and Sugreeva is arguably the first of its kind. Written by Anand Neelakantan, who also gave voice to Ravana in Asura, Duryodhana in the Ajaya series, and Sivagami in Baahubali, Vanara is a timeless story of love, lust, and betrayal. It’s Shakespearean in its tragic depth and epic in scope, giving voice to Baali, the greatest warrior in the Ramayana.
Charitani Rajgondanaam
- Author Name:
Shivkumar Tiwari
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में गोंड राजाओं के प्रेरणादायी जीवन-प्रसंगों को रेखांकित किया गया है जिन्होंने अपने समय की तमाम धार्मिक, राजनैतिक और सामाजिक व्यवस्थाओं को आत्मसात् करके, इतिहास के हाशिए से उठकर अपना एक अनूठा साम्राज्य क़ायम किया। यह पुस्तक हमें राजगोंडों की अद्वितीय जिजीविषा के बारे में विस्तार से बताती है। एक तरफ़ यहाँ अगर गढ़ा-कटंगा के राजा संग्रामशाह की दूरदृष्टि व कूटनीतिज्ञता की झलक मिलती है तो दूसरी तरफ़ शक्तिशाली मुग़ल साम्राज्य से लोहा लेनेवाली रानी दुर्गावती की धर्मपरायणता व साहसिकता भी हमें प्रेरित करती है। राजगोंड राजाओं के जीवट से देदीप्यमान कहानियों के साथ-साथ यह पुस्तक हमें उनकी मानवीय संवेदना, ज्ञानपिपासा, चारित्रिक दृढ़ता, धर्मनिरपेक्षता, विश्वास, रूढ़ियों और रुचियों के बारे में भी क्रमबद्ध ढंग से बताती है, कुछ इस तरह कि पाँच शताब्दी पूर्व के गोंडों का इतिहास हमारे सामने साकार हो उठता है। रोचक उतार-चढ़ावों से लबालब और सरल भाषा में सँजोयी गई यह पुस्तक ज्ञानपिपासुओं और इतिहास के गर्त में कुछ ढूँढ़ने का प्रयत्न करनेवाले शोधकर्ताओं के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
Nagasaki Ki Vidhvans-Katha
- Author Name:
Hayashi Kyoko
- Book Type:

- Description: ख़तरे की चेतावनी के बिना ऊपर आकाश से पैराशूट के खुलने के साथ गिर रहे परमाणु बम को कुछ लोग मुँह बाए देख रहे थे। उन्होंने सोचा कि शायद जहाज़ अमेरिकी युद्धबन्दियों के लिए खाद्य-सामग्री गिरा रहे हैं। ये पंक्तियां उस पल के बारे में हैं जब अमेरिका का बोक्सकार नामक जहाज नागासाकी के ऊपर परमाणु बम गिरा रहा था। इस उपन्यास की लेखिका उस समय स्कूल में पढ़ती थीं और उस दिन सैकड़ों छात्रों और मजदूरों के साथ उस स्थान से कुछ ही दूरी पर श्रमदान में लगी हुई थीं। परमाणु-विस्फोट की भुक्तभोगी लेखिका के इस आत्मकथात्मक उपन्यास में नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम के फौरी तथा बाद के समय में सामने आए प्रभावों-अनुभवों का यथार्थ विवरण प्रस्तुत किया गया है। जहाँ आवश्यक था वहाँ उन्होंने सर्वेक्षण-रपटों और अन्य दस्तावेजों का प्रयोग भी इसमें किया है। मुख्यतः नौ अगस्त, 1945 की सुबह से लेकर उसके बाद की लगभग दो महीनों की अवधि के दौरान जापान के नागासाकी शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में हुए घटनाक्रम का यह वास्तविक लेखा-जोखा युद्ध के विरुद्ध एक चेतावनी है जो आज के समय, जब युद्ध के लिए एक अजीब सी व्याकुलता विश्व में देखी जा रही है, खास तौर पर प्रासंगिक है। इस उपन्यास को पढ़ना एक पीड़ादायी अनुभव है लेकिन इससे गुजरना भी जरूरी है।
Paanchali : Nari Ki Ek Shaswat Gatha
- Author Name:
Shachi Mishra
- Book Type:

- Description: पांचाली उपन्यास द्रौपदी के मन को समझने का प्रयास है। द्रौपदी आजीवन सहधर्मिणी बनी रही किन्तु इसके कारण पाँच पाण्डवों की पत्नी बनी। पांचाली का कथन है कि मेरे जीवन में एक भी क्षण ऐसा नहीं आया जहाँ मुझे अनुभव हुआ हो कि मैं इन सब की पत्नी हूँ। मैं तो सदैव इनकी दासी और भोग्या ही रही। आज सोचती हूँ कि मैंने स्वयं को पाँच हिस्सों में क्यों बाँटा? जब बाँट ही रही थी तो छह हिस्से क्यों नहीं किए? एक हिस्सा अपने लिये क्यों नहीं रखा जहाँ मेरी इच्छा के विपरीत किसी का भी प्रवेश वर्जित हो, साथ ही बाँटते समय थोड़ी-सी बेईमानी क्यों नहीं कर ली? थोड़ी नहीं अधिक बेईमानी करनी चाहिये थी मुझे, आधा से भी अधिक, किन्तु अब तो बाँट चुकी, सब हिस्सों में से कतर-ब्योंत करूँगी तो भी कुछ पूरा तो होगा नहीं बस टुकड़े-टुकड़े ही रहेंगे। अब तो मैं अभ्यस्त हो चुकी हूँ वे हिस्से मेरे जीवन में ढल चुके हैं, उस समय क्यों नहीं सोचा?
The Lost Diary of Kastur, My Ba
- Author Name:
Tushar Gandhi +1
- Book Type:

- Description: तिच्या सोबतीवाचून अहिंसा आणि आत्मशिस्तीच्या माझ्या प्रयत्नांमध्ये मला यश मिळालं नसतं, हे सत्य मी मान्य करायला हवं. इतर कुणाच्याही तुलनेत ती मला अधिक चांगलं समजून घेऊ शकायची. तिची निष्ठा अद्वितीय होती. आयुष्याचा निरोप घेताना ती कुणाच्या मांडीवर, त्या क्षणी डोके टेकवून डोळे मिटेल हे मलाही शेवटपर्यंत माहीत नव्हतं, पण तिनं शेवटच्या क्षणी मला बोलावलं आणि माझ्या मांडीवर डोकं ठेवून अखेरचा श्वास घेतला. अशी होती बा! तिच्यासारखी निर्दोष श्रद्धा, नि:स्वार्थ भक्ती आणि सेवाभाव माझ्या पाहण्यात नाही. आमचं लग्न झाल्यापासून ती माझ्या आयुष्यातील सर्व संघर्षांमध्ये अतूट निष्ठेनं माझ्या पाठीशी उभी राहिली. शरीर-आत्म्यासह आपलं सर्वस्व अर्पून तिनं स्वत:ला माझ्या जीवनकार्याला वाहून घेतलं. अशा प्रकारच्या समर्पणाचं दुसरं उदाहरण क्वचितच सापडेल. महात्मा गांधी कस्तुरबांच्या तिसऱ्या स्मृतिदिनानिमित्त बोलताना 22 फेब्रुवारी 1947, नोआखाली. The Lost Diary of Kastur, My Ba | Tushar Gandhi Translated by : Sonali Navangul द लॉस्ट डायरी ऑफ कस्तुर, माय बा । तुषार गांधी अनुवाद : सोनाली नवांगुळ
Sampradayikta Ka Zahar
- Author Name:
Ranjit
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद, आचार्य नरेन्द्रदेव, जयप्रकाश नारायण, डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राममनोहर लोहिया, शहीदे आज़म भगतसिंह, किशन पटनायक, गणेशशंकर विद्यार्थी, प्रेमचन्द, कमलेश्वर, राजेन्द्र यादव, मस्तराम कपूर, विभूति नारायण, पुरुषोत्तम अग्रवाल, असगर अली इंजीनियर, राजकिशोर, डॉ. रमेन्द्र, डॉ. राम पुनियानी, तस्लीमा नसरीन, मधु किश्वर, इरफ़ान इंजीनियर आदि के लेख संकलित हैं। स्पष्ट है कि इसमें स्वाधीनता से पूर्व और स्वाधीनता के बाद के भारत में साम्प्रदायिकता की समस्या के बदलते हुए रूपों और फैलते हुए आयामों पर, भारतीय मनीषा ने जो भी कुछ सोचा है, एक प्रकार से उसका निचोड़ आ गया है। हिन्दी में शायद ही कोई और ऐसी पुस्तक हो, जिसमें इतने व्यापक फ़लक पर इस समस्या को रखकर देखा गया है। अन्त में देवी प्रसाद मिश्र की कविता के द्वारा हमारे सबसे बड़े अल्पसंख्यक वर्ग को, हमारे आम नज़रिये की रौशनी में, मर्मस्पर्शी, प्रस्तुति ने, सोने में सुहागे का काम किया है। अपने विषय की एक अपरिहार्य पुस्तक।
Draupadi
- Author Name:
Yarlagadda Lakshmi Prasad +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Draupadi, originally written in Telugu, was first serialised in Andhra Jyoti before it came out in book form. The novel presented in a unique style, is not just an account of the different incidents occur around Draupadi but these incidents have been fused together into a fascinating story. The narrative process and the structural method of description used by Lakshmi Prasad fully engage the reader.
Amrapali
- Author Name:
Gayathriraj
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಲೇಖಕಿ ಗಾಯತ್ರಿ ರಾಜ್ ಅವರ ಆಮ್ರಪಾಲಿ-ಎಂಬುದು ಐತಿಹಾಸಿಕ ಕಾದಂಬರಿ. ವೈಶಾಲಿನಗರದ ಅತ್ಯಂತ ಸುಂದರ ಯುವತಿ ಆಮ್ರಪಾಲಿ ವೈಶಾಲಿನಗರದ ರಾಜ ಮನುದೇವ ಆಕೆಯನ್ನು ಕಾಮುಕ ಕಣ್ಣಿನಿಂದ ನೋಡಿ ವರಿಸಲು ಹಾತೊರೆಯುತ್ತಾನೆ. ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಪ್ರೇಮಿ ಪುಷ್ಪಕುಮಾರರನ್ನು ಮದುವೆಯಾದ ದಿನವೇ ಕೊಲ್ಲಿಸುತ್ತಾನೆ. ಆದರೂ, ಆತನ ಪ್ರಯತ್ನ ಕೈಗೊಡಲಿಲ್ಲ ನಗರದ ವಧುವನ್ನಾಗಿಸಲು ಸಂಚು ಹೂಡುತ್ತಾನೆ. ಈ ಮಧ್ಯೆ, ಮಗದ ರಾಜ್ಯದ ಅರಸ ಬಿಂಬಸಾರನು ವಿಣೆ ಕಲಿಸುವ ನೆಪದಲ್ಲಿ ವೇಷ ಮರೆಸಿಕೊಂಡು ಆಮ್ರಪಾಲಿ ಹತ್ತಿರ ಇರುತ್ತಾನೆ. ಅವರ ಮಧ್ಯೆ ಪ್ರೇಮಾಂಕುರವಾಗಿ ಮಗು ಸಹ ಜನಿಸುತ್ತದೆ. ಆದರೆ, ಆಮ್ರಪಾಲಿ, ಮಗದ ರಾಜ್ಯಕ್ಕೆ ತೆರಳು ನಿರಾಕರಿಸುತ್ತಾಳೆ. ಇದನ್ನು ತಂದೆಗೆ ಮಾಡಿದ ಅವಮಾನ ಎಂದು ತಿಳಿದ ಬಿಂಬಸಾರನ ಮಗನು ವೈಶಾಲಿ ರಾಜ್ಯದ ಮೇಲೆ ದಂಡೆತ್ತಿ ನಾಶಪಡಿಸುತ್ತಾನೆ. ಆ ಮಗನೂ (ಅಜಾತಶತ್ರು) ಸಹ ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಮೇಲೆ ಮನಸು ಮಾಡುತ್ತಾನೆ. ಆದರೆ, ಆಮ್ರಪಾಲಿ ಒಪ್ಪುವುದಿಲ್ಲ. ಕೊನೆಗೆ ಬುದ್ಧನ ಶಿಷ್ಯೆಯಾಗಿ ಹೊರಟು ಹೋಗುತ್ತಾಳೆ ಎಂಬುದು ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಕಥೆ. ಈ ಅಂಶವನ್ನೇ ಸಾಹಿತ್ಯವಾಗಿಸಿದ ಕಾದಂಬರಿ ಇದು.
Jab Jyoti Jagi
- Author Name:
Sukhdev Raj
- Book Type:

- Description: भारतीय स्वाधीनता-आन्दोलन में बिना किसी प्रकार की सुयश-प्राप्ति की कामना किए हँसते-हँसते फाँसी के तख़्ते पर झूल जानेवाले मृत्युंजयी वीरों के बलिदान का सर्वाधिक महत्त्व रहा है। उन वीरों को जितनी प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त होना चाहिए था, उसकी उपेक्षा एवं अवहेलना सत्ता-लोलुप स्वार्थियों ने सदैव ही की है। यदि उन वीरों की नि:स्वार्थ मातृ-भूमि-सेवा का अनुकरण किया गया होता तो भारतीय जनता आज स्वर्ग-सुख का उपभोग निस्सन्देह करती होती। पराधीनता के समय जो भी क्रान्तिकारी साहित्य उपलब्ध था उसे भारतीय युवक बड़े उत्साह से पढ़ते थे; इसीलिए तत्कालीन युवकों में देश के प्रति नि:स्वार्थ सेवा की सच्ची लगन थी। आज भारतीय जनता, विशेषतः युवकों में सुषुप्त त्याग और सेवा की भावना को जाग्रत करने के लिए उन क्रान्तिकारी वीरों के इतिहास के पठन-पाठन की अत्यधिक आवश्यकता है। भारतीय क्रान्तिकारियों के सम्बन्ध में अभी तक बहुत कम लिखा गया है। इन क्रान्तिकारियों के सम्बन्ध में पुस्तक लिखने का कार्य अत्यन्त कठिन है क्योंकि सभी क्रान्तिकारी अपने कार्य-कलापों को एकदम गुप्त रखते थे, उनके निकटतम सहयोगी भी उनकी बहुत सी बातों से अपरिचित रहते थे। प्रस्तुत पुस्तक अमर शहीद स्व. चन्द्रशेखर आज़ाद और भगवतीचरण बोहरा के अत्यन्त विश्वासपात्र, क्रान्तिकारी आन्दोलन में निरन्तर कार्य करनेवाले भाई सुखदेव राज जी ने लिखी है। अस्तु, पुस्तक की उपादेयता निर्विवाद है।
Varun te Bahirjee
- Author Name:
Ravi Amale
- Book Type:

- Description: हा शोध आहे बहिर्जी नाईक यांचा. छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या हेरप्रमुखाचा आणि त्याच बरोबर शिवरायांच्या हेरसंस्थेचा. शिवरायांची ही हेरव्यवस्था कशी होती? तिचे स्वरूप कसे होते, तिची व्याप्ती किती होती? मुख्य म्हणजे त्यामागील विचार कोणता होता? अनेक प्रश्न. त्यांची उत्तरे शोधताना आपल्याला जावे लागते भारतीय राजनीतिच्या प्राचीन इतिहासात, हेरगिरीच्या प्राचीन परंपरांकडे, ऋग्वेद, रामायण, महाभारत, कौटिल्य, कामंदक, संत तिरुवळ्ळुवर, कृष्णदेवराय आणि अगदी कुराण आणि पैगंबरांकडेही. ‘वरुण ते बहिर्जी’ आख्यायिका, दंतकथा, फेककथा यापलीकडे जाऊन घेतलेला हा हेरगिरीच्या विचारप्रवाहाचा वेध. Varun te Bahirjee | Ravi Amale वरुण ते बहिर्जी । रवि आमले
Maye
- Author Name:
Asha Raghu
- Rating:
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Tejo Tungabhadra: Tributaries of Time
- Author Name:
Maithreyi Karnoor +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Tejo Tungabhadra narrates the story of two rivers on different continents whose souls are interconnected through history. On the banks of the river Tejo in Lisbon, Bella, a young Jewish refugee, and her family face daily threats to their lives and dignity from a deeply antisemitic society. Gabriel, her lover, sails to India with General Albuquerque's fleet, seeking wealth and a secure future. Meanwhile, on the banks of the Tungabhadra in the Vijayanagara Empire, the young couple Hampamma and Keshava find themselves caught in a storm of religious violence and the harsh cycle of tradition. The two stories come together in Goa with the power and energy of meeting rivers. Set in the late 15th and early 16th centuries, Tejo Tungabhadra is a grand saga of love, ambition, greed, and a lively passion for life amid the turbulent waves of history.
Chakka Jaam
- Author Name:
Gautam Choubey
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘चक्का जाम’ की क़िस्सागोई बहा ले जाती है। देवानन्द दूबे की इस दुनिया में बंगाली माई का चमत्कार भी है और आज़ाद भारत में बचे एंग्लो-इंडियन समुदाय की त्रासदी भी; हवा में उड़ते संन्यासी भी हैं और छात्र-आन्दोलन को संरक्षण देती गृहिणियाँ भी। यह उपन्यास एक बड़े देश की बड़ी घटनाओं में उलझे इनसान के छोटे सपनों की कहानी है। यहाँ व्यक्तिगत आदर्श पारिवारिक, ऐतिहासिक और राजनैतिक आदर्शों की छाया से दूर, खुले आकाश में आज़ाद खिलने को बेचैन है। यह मासूम बेचैनी इस उपन्यास में कुछ इस तरह उभरती है कि पात्र, घटनाएँ और उनकी बोली-बानी पाठकों के दिल-दिमाग में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं।
Bhagat Singh Ko Fansi : Vol. 2
- Author Name:
Rajwanti Mann +1
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक ‘भगत सिंह को फांसी-1’ का ही दूसरा भाग है। इसमें लाहौर साज़िश केस के दौरान हुई 457 गवाहियों में से महत्त्वपूर्ण गवाहियों के तो पूर्ण विवरण दिए गए हैं, जबकि शेष गवाहियों के तथ्य-सार दिए गए हैं। शहीद सुखदेव ने इस दस्तावेज़ का बारीकी से अध्ययन किया था और उनके द्वारा अंकित की गई टिप्पणियों का उल्लेख सम्बन्धित गवाहियों के ब्योरे में किया गया है। यहाँ यह कहना भी प्रासंगिक है कि इस ऐतिहासिक दस्तावेज़ को पहली बार प्रकाशित किया जा रहा है, जिसके द्वारा पाठकों को अनेक विचित्र तथ्य जानने का अवसर प्राप्त होगा। ज़िक्र योग्य है कि ये गवाहियाँ विशेष ट्रिब्यूनल के समक्ष 5 मई, 1930 से 26 अगस्त, 1930 तक हुई थीं जबकि इससे पूर्व 10 जुलाई, 1929 से 3 मई, 1930 तक मुक़दमा विशेष मजिस्ट्रेट की अदालत में चला था।
Treta
- Author Name:
Ashish Prakash
- Rating:
- Book Type:

- Description: त्रेतायुग की अनसुनी कहानियां त्रेता युग द्वापर से पहले क्यों आया, क्या है वाल्मीकि रामायण और तुलसी के मानस में अन्तर, कैसे हैं लक्ष्मण राम से भी अधिक महान योद्धा, कैसे शत्रुघ्न सा भाई मिलना मुश्किल है, क्या है हनुमान जी की अष्टसिद्धियां। इस तरह के अनेक प्रश्नों का उत्तर ले के आ गई है आशीष प्रकाश की किताब "त्रेता"।
The Life and Death of Sambhaji
- Author Name:
Medha Deshmukh Bhaskaran
- Book Type:

- Description: It begins to dawn on nine-year-old Sambhaji that his father has fled from Mughal emperor Aurangzeb and left him behind. He now has to find his way home with the help of strangers... Under the shadow of a renowned father, Sambhaji is thrown into the Maratha-Mughal conflict from a young age. His mistakes cost him dearly, and when his father suddenly dies and he becomes the chhatrapati, it's like inheriting a crown of thorns. Over the next nine years, he fights a constant battle-internally, as palace intrigues threaten his life, and externally, as Aurangzeb advances into the Deccan with his army. Even Shivaji had never faced such outright Mughal aggression. Can he protect the Maratha nation and Swaraj, his father's dream? Will he prove himself a worthy son in life and death? Though history has often been unkind to Sambhaji, it cannot deny that he inspired a generation of Maratha warriors who ultimately ended Aurangzeb's jihad.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book