Varun te Bahirjee
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Author:
Ravi AmalePublisher:
Manovikas Prakashan LLPLanguage:
MarathiCategory:
Historical-fiction₹
280
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हा शोध आहे बहिर्जी नाईक यांचा. छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या हेरप्रमुखाचा आणि त्याच बरोबर शिवरायांच्या हेरसंस्थेचा. शिवरायांची ही हेरव्यवस्था कशी होती? तिचे स्वरूप कसे होते, तिची व्याप्ती किती होती? मुख्य म्हणजे त्यामागील विचार कोणता होता? अनेक प्रश्न. त्यांची उत्तरे शोधताना आपल्याला जावे लागते भारतीय राजनीतिच्या प्राचीन इतिहासात, हेरगिरीच्या प्राचीन परंपरांकडे, ऋग्वेद, रामायण, महाभारत, कौटिल्य, कामंदक, संत तिरुवळ्ळुवर, कृष्णदेवराय आणि अगदी कुराण आणि पैगंबरांकडेही. ‘वरुण ते बहिर्जी’ आख्यायिका, दंतकथा, फेककथा यापलीकडे जाऊन घेतलेला हा हेरगिरीच्या विचारप्रवाहाचा वेध. Varun te Bahirjee | Ravi Amale वरुण ते बहिर्जी । रवि आमले
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हा शोध आहे बहिर्जी नाईक यांचा.
छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या हेरप्रमुखाचा
आणि त्याच बरोबर शिवरायांच्या हेरसंस्थेचा.
शिवरायांची ही हेरव्यवस्था कशी होती?
तिचे स्वरूप कसे होते, तिची व्याप्ती किती होती?
मुख्य म्हणजे त्यामागील विचार कोणता होता?
अनेक प्रश्न. त्यांची उत्तरे शोधताना आपल्याला
जावे लागते भारतीय राजनीतिच्या प्राचीन इतिहासात,
हेरगिरीच्या प्राचीन परंपरांकडे, ऋग्वेद, रामायण,
महाभारत, कौटिल्य, कामंदक, संत तिरुवळ्ळुवर,
कृष्णदेवराय आणि अगदी
कुराण आणि पैगंबरांकडेही.
‘वरुण ते बहिर्जी’
आख्यायिका, दंतकथा, फेककथा यापलीकडे जाऊन
घेतलेला हा हेरगिरीच्या विचारप्रवाहाचा वेध.
Varun te Bahirjee | Ravi Amale
वरुण ते बहिर्जी । रवि आमले
Book Details
-
ISBN9789363746589
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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