The Lost Diary of Kastur, My Ba
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Author:
Tushar Gandhi, Sonali NavangulPublisher:
Manovikas Prakashan LLPLanguage:
MarathiCategory:
Historical-fiction₹
399
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तिच्या सोबतीवाचून अहिंसा आणि आत्मशिस्तीच्या माझ्या प्रयत्नांमध्ये मला यश मिळालं नसतं, हे सत्य मी मान्य करायला हवं. इतर कुणाच्याही तुलनेत ती मला अधिक चांगलं समजून घेऊ शकायची. तिची निष्ठा अद्वितीय होती. आयुष्याचा निरोप घेताना ती कुणाच्या मांडीवर, त्या क्षणी डोके टेकवून डोळे मिटेल हे मलाही शेवटपर्यंत माहीत नव्हतं, पण तिनं शेवटच्या क्षणी मला बोलावलं आणि माझ्या मांडीवर डोकं ठेवून अखेरचा श्वास घेतला. अशी होती बा! तिच्यासारखी निर्दोष श्रद्धा, नि:स्वार्थ भक्ती आणि सेवाभाव माझ्या पाहण्यात नाही. आमचं लग्न झाल्यापासून ती माझ्या आयुष्यातील सर्व संघर्षांमध्ये अतूट निष्ठेनं माझ्या पाठीशी उभी राहिली. शरीर-आत्म्यासह आपलं सर्वस्व अर्पून तिनं स्वत:ला माझ्या जीवनकार्याला वाहून घेतलं. अशा प्रकारच्या समर्पणाचं दुसरं उदाहरण क्वचितच सापडेल. महात्मा गांधी कस्तुरबांच्या तिसऱ्या स्मृतिदिनानिमित्त बोलताना 22 फेब्रुवारी 1947, नोआखाली. The Lost Diary of Kastur, My Ba | Tushar Gandhi Translated by : Sonali Navangul द लॉस्ट डायरी ऑफ कस्तुर, माय बा । तुषार गांधी अनुवाद : सोनाली नवांगुळ
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तिच्या सोबतीवाचून अहिंसा आणि आत्मशिस्तीच्या
माझ्या प्रयत्नांमध्ये मला यश मिळालं नसतं,
हे सत्य मी मान्य करायला हवं.
इतर कुणाच्याही तुलनेत
ती मला अधिक चांगलं समजून घेऊ शकायची.
तिची निष्ठा अद्वितीय होती.
आयुष्याचा निरोप घेताना ती कुणाच्या मांडीवर,
त्या क्षणी डोके टेकवून डोळे मिटेल
हे मलाही शेवटपर्यंत माहीत नव्हतं,
पण तिनं शेवटच्या क्षणी मला बोलावलं आणि
माझ्या मांडीवर डोकं ठेवून अखेरचा श्वास घेतला.
अशी होती बा!
तिच्यासारखी निर्दोष श्रद्धा, नि:स्वार्थ भक्ती आणि
सेवाभाव माझ्या पाहण्यात नाही.
आमचं लग्न झाल्यापासून ती माझ्या आयुष्यातील
सर्व संघर्षांमध्ये अतूट निष्ठेनं माझ्या पाठीशी उभी राहिली.
शरीर-आत्म्यासह आपलं सर्वस्व अर्पून
तिनं स्वत:ला माझ्या जीवनकार्याला वाहून घेतलं.
अशा प्रकारच्या समर्पणाचं दुसरं उदाहरण क्वचितच सापडेल.
महात्मा गांधी
कस्तुरबांच्या तिसऱ्या स्मृतिदिनानिमित्त बोलताना
22 फेब्रुवारी 1947, नोआखाली.
The Lost Diary of Kastur, My Ba | Tushar Gandhi
Translated by : Sonali Navangul
द लॉस्ट डायरी ऑफ कस्तुर, माय बा । तुषार गांधी
अनुवाद : सोनाली नवांगुळ
Book Details
-
ISBN9789363746077
-
Pages336
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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