Amrapali
(1)
Author:
GayathrirajPublisher:
Sahitya Loka PublicationsLanguage:
KannadaCategory:
Historical-fiction₹
325
₹ 276.25 (15% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
ಲೇಖಕಿ ಗಾಯತ್ರಿ ರಾಜ್ ಅವರ ಆಮ್ರಪಾಲಿ-ಎಂಬುದು ಐತಿಹಾಸಿಕ ಕಾದಂಬರಿ. ವೈಶಾಲಿನಗರದ ಅತ್ಯಂತ ಸುಂದರ ಯುವತಿ ಆಮ್ರಪಾಲಿ ವೈಶಾಲಿನಗರದ ರಾಜ ಮನುದೇವ ಆಕೆಯನ್ನು ಕಾಮುಕ ಕಣ್ಣಿನಿಂದ ನೋಡಿ ವರಿಸಲು ಹಾತೊರೆಯುತ್ತಾನೆ. ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಪ್ರೇಮಿ ಪುಷ್ಪಕುಮಾರರನ್ನು ಮದುವೆಯಾದ ದಿನವೇ ಕೊಲ್ಲಿಸುತ್ತಾನೆ. ಆದರೂ, ಆತನ ಪ್ರಯತ್ನ ಕೈಗೊಡಲಿಲ್ಲ ನಗರದ ವಧುವನ್ನಾಗಿಸಲು ಸಂಚು ಹೂಡುತ್ತಾನೆ. ಈ ಮಧ್ಯೆ, ಮಗದ ರಾಜ್ಯದ ಅರಸ ಬಿಂಬಸಾರನು ವಿಣೆ ಕಲಿಸುವ ನೆಪದಲ್ಲಿ ವೇಷ ಮರೆಸಿಕೊಂಡು ಆಮ್ರಪಾಲಿ ಹತ್ತಿರ ಇರುತ್ತಾನೆ. ಅವರ ಮಧ್ಯೆ ಪ್ರೇಮಾಂಕುರವಾಗಿ ಮಗು ಸಹ ಜನಿಸುತ್ತದೆ. ಆದರೆ, ಆಮ್ರಪಾಲಿ, ಮಗದ ರಾಜ್ಯಕ್ಕೆ ತೆರಳು ನಿರಾಕರಿಸುತ್ತಾಳೆ. ಇದನ್ನು ತಂದೆಗೆ ಮಾಡಿದ ಅವಮಾನ ಎಂದು ತಿಳಿದ ಬಿಂಬಸಾರನ ಮಗನು ವೈಶಾಲಿ ರಾಜ್ಯದ ಮೇಲೆ ದಂಡೆತ್ತಿ ನಾಶಪಡಿಸುತ್ತಾನೆ. ಆ ಮಗನೂ (ಅಜಾತಶತ್ರು) ಸಹ ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಮೇಲೆ ಮನಸು ಮಾಡುತ್ತಾನೆ. ಆದರೆ, ಆಮ್ರಪಾಲಿ ಒಪ್ಪುವುದಿಲ್ಲ. ಕೊನೆಗೆ ಬುದ್ಧನ ಶಿಷ್ಯೆಯಾಗಿ ಹೊರಟು ಹೋಗುತ್ತಾಳೆ ಎಂಬುದು ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಕಥೆ. ಈ ಅಂಶವನ್ನೇ ಸಾಹಿತ್ಯವಾಗಿಸಿದ ಕಾದಂಬರಿ ಇದು.
Read moreAbout the Book
ಲೇಖಕಿ ಗಾಯತ್ರಿ ರಾಜ್ ಅವರ ಆಮ್ರಪಾಲಿ-ಎಂಬುದು ಐತಿಹಾಸಿಕ ಕಾದಂಬರಿ. ವೈಶಾಲಿನಗರದ ಅತ್ಯಂತ ಸುಂದರ ಯುವತಿ ಆಮ್ರಪಾಲಿ ವೈಶಾಲಿನಗರದ ರಾಜ ಮನುದೇವ ಆಕೆಯನ್ನು ಕಾಮುಕ ಕಣ್ಣಿನಿಂದ ನೋಡಿ ವರಿಸಲು ಹಾತೊರೆಯುತ್ತಾನೆ. ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಪ್ರೇಮಿ ಪುಷ್ಪಕುಮಾರರನ್ನು ಮದುವೆಯಾದ ದಿನವೇ ಕೊಲ್ಲಿಸುತ್ತಾನೆ. ಆದರೂ, ಆತನ ಪ್ರಯತ್ನ ಕೈಗೊಡಲಿಲ್ಲ ನಗರದ ವಧುವನ್ನಾಗಿಸಲು ಸಂಚು ಹೂಡುತ್ತಾನೆ. ಈ ಮಧ್ಯೆ, ಮಗದ ರಾಜ್ಯದ ಅರಸ ಬಿಂಬಸಾರನು ವಿಣೆ ಕಲಿಸುವ ನೆಪದಲ್ಲಿ ವೇಷ ಮರೆಸಿಕೊಂಡು ಆಮ್ರಪಾಲಿ ಹತ್ತಿರ ಇರುತ್ತಾನೆ. ಅವರ ಮಧ್ಯೆ ಪ್ರೇಮಾಂಕುರವಾಗಿ ಮಗು ಸಹ ಜನಿಸುತ್ತದೆ. ಆದರೆ, ಆಮ್ರಪಾಲಿ, ಮಗದ ರಾಜ್ಯಕ್ಕೆ ತೆರಳು ನಿರಾಕರಿಸುತ್ತಾಳೆ. ಇದನ್ನು ತಂದೆಗೆ ಮಾಡಿದ ಅವಮಾನ ಎಂದು ತಿಳಿದ ಬಿಂಬಸಾರನ ಮಗನು ವೈಶಾಲಿ ರಾಜ್ಯದ ಮೇಲೆ ದಂಡೆತ್ತಿ ನಾಶಪಡಿಸುತ್ತಾನೆ. ಆ ಮಗನೂ (ಅಜಾತಶತ್ರು) ಸಹ ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಮೇಲೆ ಮನಸು ಮಾಡುತ್ತಾನೆ. ಆದರೆ, ಆಮ್ರಪಾಲಿ ಒಪ್ಪುವುದಿಲ್ಲ. ಕೊನೆಗೆ ಬುದ್ಧನ ಶಿಷ್ಯೆಯಾಗಿ ಹೊರಟು ಹೋಗುತ್ತಾಳೆ ಎಂಬುದು ಆಮ್ರಪಾಲಿಯ ಕಥೆ. ಈ ಅಂಶವನ್ನೇ ಸಾಹಿತ್ಯವಾಗಿಸಿದ ಕಾದಂಬರಿ ಇದು.
Book Details
-
ISBNsahityalokaamarpali
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Awadheshwari
- Author Name:
Shankar Mokashi Punekar
- Book Type:

- Description: Awadheshwari, released in 1987, received the Sahitya Akademi Award (the National Academy of Letters, India) in 1988. This well-researched political novel set in Vedic times paints a vivid picture of the social and political ethos of the era. It specifically focuses on the concept of NiYoga, a prevalent practice of legal adultery where an infertile husband permits his wife to conceive with another man. Through various plots and subplots, the novel illustrates the circumstances leading to the practice's decline. It stands out as one of the best creative fictions in Kannada literature.
Shukmaya Hangma
- Author Name:
Shobha Limboo
- Book Type:

- Description: ‘शुकमाया हाङमा’ लिम्बू आदिवासी समुदाय की एक सशक्त, स्वाभिमानी स्त्री की सच्ची कहानी पर आधारित उपन्यास है। शुकमाया के जीवन का आरम्भ नैसर्गिक सुषमा से परिपूर्ण और पारम्परिक जीवनशैली की प्रधानता वाले परिवेश में होता है। लेकिन विवाह के बाद वह ख़ुद को न केवल नई जगह और नए परिवेश में पाती है, बल्कि उसका जीवन भी नई चुनौतियों से घिर जाता है। बर्मा युद्ध का छिड़ना शुकमाया के लिए एक प्रचंड आघात साबित होता है जिसमें उसे अपने पति, पुत्र और श्वसुर को खो देना पड़ता है। वस्तुत: बर्मा युद्ध को पृष्ठभूमि बनाकर रची गई यह कृति उस युद्ध के दौरान विस्थापित हुए लोगों की पीड़ा और क्षत-विक्षत मन की कहानी को भी पूरी मार्मिकता से सामने लाती है। विपरीत-से-विपरीत परिस्थितियों में शुकमाया जिस दृढ़ता से खड़ी रहती है और जीवन को सँभालती चलती है, वह अपनी परवर्ती पीढ़ी के लिए प्रेरक और स्मरणीय बन जाती है। जिस आदिवासी समुदाय और जिस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का अंकन इस उपन्यास में किया गया है वह हिन्दी पाठकों के लिए अपेक्षाकृत कम जाना-सुना है। इस तरह देखें तो यह उपन्यास हिन्दी साहित्य में एक नया अध्याय जोड़ता है।
Treta
- Author Name:
Ashish Prakash
- Rating:
- Book Type:

- Description: त्रेतायुग की अनसुनी कहानियां त्रेता युग द्वापर से पहले क्यों आया, क्या है वाल्मीकि रामायण और तुलसी के मानस में अन्तर, कैसे हैं लक्ष्मण राम से भी अधिक महान योद्धा, कैसे शत्रुघ्न सा भाई मिलना मुश्किल है, क्या है हनुमान जी की अष्टसिद्धियां। इस तरह के अनेक प्रश्नों का उत्तर ले के आ गई है आशीष प्रकाश की किताब "त्रेता"।
Nagasaki Ki Vidhvans-Katha
- Author Name:
Hayashi Kyoko
- Book Type:

- Description: ख़तरे की चेतावनी के बिना ऊपर आकाश से पैराशूट के खुलने के साथ गिर रहे परमाणु बम को कुछ लोग मुँह बाए देख रहे थे। उन्होंने सोचा कि शायद जहाज़ अमेरिकी युद्धबन्दियों के लिए खाद्य-सामग्री गिरा रहे हैं। ये पंक्तियां उस पल के बारे में हैं जब अमेरिका का बोक्सकार नामक जहाज नागासाकी के ऊपर परमाणु बम गिरा रहा था। इस उपन्यास की लेखिका उस समय स्कूल में पढ़ती थीं और उस दिन सैकड़ों छात्रों और मजदूरों के साथ उस स्थान से कुछ ही दूरी पर श्रमदान में लगी हुई थीं। परमाणु-विस्फोट की भुक्तभोगी लेखिका के इस आत्मकथात्मक उपन्यास में नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम के फौरी तथा बाद के समय में सामने आए प्रभावों-अनुभवों का यथार्थ विवरण प्रस्तुत किया गया है। जहाँ आवश्यक था वहाँ उन्होंने सर्वेक्षण-रपटों और अन्य दस्तावेजों का प्रयोग भी इसमें किया है। मुख्यतः नौ अगस्त, 1945 की सुबह से लेकर उसके बाद की लगभग दो महीनों की अवधि के दौरान जापान के नागासाकी शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में हुए घटनाक्रम का यह वास्तविक लेखा-जोखा युद्ध के विरुद्ध एक चेतावनी है जो आज के समय, जब युद्ध के लिए एक अजीब सी व्याकुलता विश्व में देखी जा रही है, खास तौर पर प्रासंगिक है। इस उपन्यास को पढ़ना एक पीड़ादायी अनुभव है लेकिन इससे गुजरना भी जरूरी है।
Indira Gandhi ka samajwad
- Author Name:
Hiranand Acharya
- Book Type:

- Description: History
Massacre At Midnight
- Author Name:
Chaudhary Kaushal Kishor Thakur
- Book Type:

- Description: Massacre at Midnight is a fascinating tale of medieval intrigue and revenge in the best traditions of ‘magic realism’ with a touch of the divine. Set in the Mughal era, the story opens with the covetous Nawaab of Waariaul locking horns with the principled estate owner of Singhwaar over the possession of LaaDlii and Pyaare, a famed pair of hunting dogs. The Nawaab enlists the support of the Mughal army under false pretences, portraying Singhwaar’s Thaakur as a seditious renegade. The family is massacred to the last man, and Singhwaar is laid waste. The widow gives birth to a male heir in a fugue, abandoning the infant in the wilderness. The child is miraculously saved by the benevolent goddess Vana-Durgaa and becomes her favourite. When he comes of age, Destiny takes him to the imperial court at Delhi for a showdown with his father’s murderer, witnessed by the Great Mughal himself. Mainly based on folklore, ‘Massacre at Midnight’ is replete with enchanting old-world belief in miracles, spirits protecting family fortunes and poetic justice for the unjust, as well as glimpses of life in medieval Mithilaa.
Gulara Begum
- Author Name:
Sharad Pagare
- Rating:
- Book Type:

- Description: "रुचि बराबर क़ायम रहती है, जो सफलता का बड़ा प्रमाण है। ऐतिहासिक विषय के साथ न्याय किया गया है, उपन्यास की माँग को निबाहते हुए भी। यह क्षमता रचना से सिद्ध होती है।" ~जैनेन्द्र कुमार "किसी अच्छी रचना का पहला गुण सम्प्रेषणीयता होती है, वह इसमें है। निरन्तर आगे पढ़ते रहने की उत्सुकता बनी रहती है। उस युग का वातावरण प्रामाणिक लगता है। कहानी का ढंग आकर्षक है। जो चरित्र निर्मित हुए हैं, वे भी विश्वसनीय लगते हैं। अबू-छंगी, इनू-सलमा की कहानियाँ अधिक प्रामाणिक बन गई हैं। चरित्र की दृष्टि से सलमा सर्वोत्तम है। पढ़ने में मन रमता है। कहानी कहने के ढंग से रोचकता बढ़ गई है।" ~विष्णु प्रभाकर "उपन्यास के बुनने में बड़ा परिश्रम किया है। और इसकी अन्तर-कथाओं के ताने-बाने बड़े कौशल से तैयार किए गए हैं। भाषा को भी सँवारा है।" ~शिवमंगलसिंह ‘सुमन’
Vanara
- Author Name:
Anand Neelakantan
- Rating:
- Book Type:

- Description: Baali and Sugreeva, orphan brothers from the Vana Nara tribe, were born into severe poverty and grew up as slaves like most of their fellow tribesmen. They were often called the vanaras, meaning monkey men. Caught between the ongoing war between the Deva tribes in the north and the Asura tribes in the south, the Vana Naras seemed to have lost all hope. However, Baali was determined not to remain a slave. With the help of his beloved brother Sugreeva, he built a nation for their people. The capital, Kishkindha, became a symbol of hope for freed slaves worldwide—a city of the people, by the people, for the people, where caste, creed, language, or skin color didn't matter. For a brief moment in history, it appeared mankind had found its ideal hero in Baali. But fate changed everything through Tara, daughter of a tribal healer. Loved by Baali and desired by Sugreeva, Tara sparked a brotherly war that would forever alter history. The love triangle involving Baali, Tara, and Sugreeva is arguably the first of its kind. Written by Anand Neelakantan, who also gave voice to Ravana in Asura, Duryodhana in the Ajaya series, and Sivagami in Baahubali, Vanara is a timeless story of love, lust, and betrayal. It’s Shakespearean in its tragic depth and epic in scope, giving voice to Baali, the greatest warrior in the Ramayana.
Ek Kishori Ki Diary
- Author Name:
Anne Frank
- Book Type:

- Description: अने फ़्रांक की लिखी 'एक किशोरी की डायरी' विश्व की श्रेष्ठ कृतियों में गिनी जाती है। जर्मनी में जन्मी अने ने यह ‘डायरी’ 1942 से 1944 के दौरान लिखी। इसमें युद्ध के बाद जर्मन क़ब्ज़े के दौरान डच लोगों की पीड़ा का आँखों-देखा विवरण है। एक 15 वर्षीय किशोरी ने समाज की उथल-पुथल और अपने मन की कशमकश को बहुत ही ईमानदारी से व्यक्त किया है। जन्मदिन के उपहार स्वरूप मिली एक डायरी को जिस समय उन्होंने अपना सच्चा मित्र बनाया था, उस समय ख़ुद उन्होंने भी कल्पना नहीं की होगी कि एक दिन यह डायरी विश्व की महानतम कृतियों में शुमार होगी। डायरी की प्रविष्टियों में जहाँ स्कूल की बातें हैं, तो सहेलियों की ईर्ष्या, मनपसन्द खिलौनों की चाह, छुट्टियों में बिताए समय के साथ देश में तेज़ी से बदलते हालात का भी वर्णन है। कैसे जर्मनी में रहनेवाले यहूदियों की ज़िन्दगी एक सनक-भर से जहन्नुम हो गई थी, लेकिन जीने की उत्कट इच्छा आख़िरी समय तक भी हार मानने को तैयार नहीं हुई। अने का बाल-मन कहीं न कहीं मानता है कि एक दिन सब सही हो जाएगा और वो वापस अपने परिवार के साथ एक सामान्य जीवन जी पाएगी। एक किशोरी की यह मार्मिक डायरी सिर्फ़ उसी की न रहकर सीधे पाठक के दिल में घर कर जाती है।
Babar
- Author Name:
Pirimqul Qadyrov
- Book Type:

- Description: बाबर एक ऐतिहासिक उपन्यास है। इसका मुख्य पात्र मुगल सल्तनत का संस्थापक जहीरुद्दीन मोहम्मद बाबर है जो शासक होने के साथ-साथ अपने समय के सबसे प्रबुद्ध व्यक्तियों में से एक था। लेखक ने तत्कालीन सामन्ती परिवेश और फ़रगना व समरकन्द में गृहयुद्ध का विशद चित्रण करते हुए युद्धों और उत्पीड़कों के प्रति जनता की भूमिका और उनके दृष्टिकोण की पड़ताल कर इस उपन्यास को अविस्मरणीय बना दिया है।
Thengphakhri Tehsildar Kee Tambewali Talwar
- Author Name:
Indira Goswami
- Book Type:

- Description: ‘थेंगफाखरी तहसीलदार की ताँबेवाली तलवार’ उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में असम में बसी बोडो जनजाति की प्रथम महिला स्वतंत्रता सेनानी और ब्रिटिशकालीन भारत की पहली महिला तहसीलदार थेंगफाखरी के जीवन पर आधारित उपन्यास है। इन्दिरा गोस्वामी ने भारत के पूर्वोत्तर अंचल में प्रचलित जनश्रुतियों और उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर, थेंगफाखरी के गुमनाम हो चुके असाधारण व्यक्तित्व को साकार किया है। जब असम में सामाजिक-राजनीतिक स्तर पर एक अस्पष्टता व्याप्त थी और अलग बोडोलैंड के लिए ‘डिवाइड असम फिफ्टी-फिफ्टी’ का नारा गूँज रहा था, वैसे समय में इन्दिरा ने यह उपन्यास लिखकर असमिया और बोडो संस्कृतियों और भाषाओं के मध्य प्रशंसनीय सेतुबन्धन किया। यह उपन्यास थेंगफाखरी के अदम्य साहस और भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन में निचले असम के बिजनी राज्य के महत्त्वपूर्ण योगदान से परिचित कराता है। औपनिवेशिक शासन के दौरान थेंगफाखरी का तहसीलदार के पद पर नियुक्त होना जहाँ महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश करता है, वहीं अंग्रेज़ों के विरुद्ध क्रान्तिकारी के रूप में थेंगफाखरी के रूपान्तरण से ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों का पर्दाफ़ाश भी करता है। उपन्यास में औपनिवेशिक शासन के दौरान असम के सुदूर गाँवों में बसे, सरकारी करों की भीषण मार झेलते ग़रीब किसानों की मानसिक-शारीरिक यंत्रणा मार्मिक ढंग से उजागर हुई है। इसमें सन्देह नहीं कि यह उपन्यास हिन्दी पाठकों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक अल्पज्ञात अध्याय से रू-ब-रू कराएगा, बल्कि विविधता में एकता को अपनी राष्ट्रीय शक्ति मानने वाली भारतीय दृष्टि को और दृढ़ता प्रदान करेगा।
Vaijayantipura Kadamba Mayooravarmana Maha Charite
- Author Name:
Santoshkumar Mehandale
- Rating:
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Main
- Author Name:
Bimal Mitra
- Book Type:

- Description: विमल मित्र का यह प्रयोगधर्मी उपन्यास ‘मैं’ हमारे समय के राजनीतिक एवं सामाजिक यथार्थ को परत-दर-परत सामने लाता है। स्वतंत्रता-पूर्व और पश्चात् की स्थितियों के जो चित्र इस कृति में मौजूद हैं, वे अपने आपमें ऐतिहासिक तथ्य हैं। इसमें एक तरफ़ दिगम्बर व नुटु का जीवन-संघर्ष है तो दूसरी ओर ज्योतिर्मय सेन का अन्तर्द्वन्द्व। यह अन्तर्द्वन्द्व साधारण जन का अन्तर्द्वन्द्व भी है जो सही व ग़लत के बीच अक्सर अनिर्णय का शिकार होकर यथास्थितिवादी बना रहता है। दो पुरुष और एक इतर प्राणी को केन्द्र मानकर चलती इसकी कथा अपने परिवेश से असंपृक्त नहीं रहती। इसमें एक ओर मानवीय प्रेम, अस्मिता तथा स्वतंत्रता का संघर्ष है तो दूसरी ओर व्यवस्था का निरंकुश अमानवीय चरित्र उद्घाटित होता है। कुल मिलाकर तीन प्राणियों को केन्द्र मानकर चलने के बावजूद यह कृति आत्मकथात्मक न होकर बीसवीं शताब्दी के भारत की महागाथा है। विविध आयामी यथार्थ चरित्रों के माध्यम से विमल मित्र एक ऐसा संसार रचते हैं, जिसमें प्रेम और वितृष्णा एक साथ उत्पन्न होते हैं।
Hasanpur Ke Ram
- Author Name:
Dr. Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: अंतर्वस्तु यह उपन्यास एक ऐसे राजवंश से संबंधित है, जो सम्राट् पृथ्वीराज चौहान केवंशज रहे। पानीपत की पहली लड़ाई के दौरान परिस्थितिवश उन्हें इसलाम स्वीकार करना पड़ा, लेकिन सगोत्रियों तथा अपने पूर्वजों के संस्कारों पर उनकी आस्था यथावत् बनी रही; ठीक वैसे ही, जैसे इंडोनेशिया के निवासी पंथ बदलने के बाद भी अपने पूर्वजों की संस्कृति पर आज भी आस्था रखते हैं। रामकथा लगभग संपूर्ण एशिया की आस्था का केंद्र रही है और आज भी इसमें इस पूरे क्षेत्र को एकता केसूत्र में पिरोने की अद्भुत क्षमता है। अयोध्या में भव्य राम-मंदिर के निर्माण ने इस आस्था को और अधिक बलवती किया है। ‘पंथ बदलने पर भी हम अपनी संस्कृति से बँधे रहते हैं’ यह भाव इस ऐतिहासिक उपन्यासका प्राण-तत्त्व है। यह ऐतिहासिक उपन्यास अपने तरीके से भारतीय संस्कृति की जिजीविषा की अनूठी कहानी एक अनूठे अंदाज में प्रस्तुत करता है। यह कहानी खंड-खंड से प्रचंड शक्ति बनने की कहानी है। यह अंधकार को चीरकर प्रकाश का नया सूरज उगाने की कहानी है। यह अनेक रोचक ऐतिहासिक तथ्यों का उद्घाटन भी करता है, जो भारतीय इतिहास को नए दृष्टिकोण से देखने का कुतूहल पैदा करता है। यह अनेक उलझी हुई समस्याओं के समाधान के रास्ते भी सुझाता है।
Mati Mati Arkati
- Author Name:
Ashwini Kumar Pankaj
- Book Type:

- Description: ब्रिटिश उपनिवेश द्वारा भारत से बाहर ले जाए गए मज़दूरों को तत्कालीन कम्पनियाँ और उनके एजेंट दो नामों से पुकारते थे। दक्षिण भारत, बिहार और प. उत्तर प्रदेश के ग़ैर-आदिवासी मज़दूरों को 'कुली' और झारखंड के सदान और आदिवासियों को 'हिल कुली', 'धांगर' और 'कोल' कहा जाता था। ये और कोई नहीं ग्रेटर झारखंड की उरांव, मुंडा, संताल, खड़िया और सदान जातियाँ थीं। ब्रिटिश संसद और ब्रिटिश उपनिवेशों में मौजूद दस्तावेज़ों में झारखंड के आदिवासियों के आप्रवासन के ठोस प्रमाण उपलब्ध हैं। कालान्तर में मॉरीशस, गयाना, फ़िजी, सूरीनाम, टुबैगो सहित अन्य कैरीबियन तथा लैटिन अमेरिकी और अफ़्रीकी देशों में लगभग डेढ़ सदी पहले ले जाए गए ग़ैर-आदिवासी गिरमिटिया मज़दूरों ने बेशक लम्बे संघर्ष के बाद इन देशों को भोजपुरी बना दिया है और वहाँ के नीति-नियन्ताओं में शामिल हो गए हैं। लेकिन सवाल है कि वे हज़ारों झारखंडी जो सबसे पहले वहाँ पहुँचे थे, कहाँ चले गए? कैसे और कब वे गिरमिटिया कुलियों की नवनिर्मित भोजपुरी दुनिया से ग़ायब हो गए? ऐसा क्यों हुआ कि गिरमिटिया कुली ख़ुद तो आज़ादी पा गए लेकिन उनकी आज़ादी हिल कुलियों को चुपचाप गड़प कर गई। एक कुली की आज़ादी कैसे दूसरे कुली के ख़ात्मे का सबब बनी? क्या थोड़े आर्थिक संसाधन जुटते ही उनमें बहुसंख्यक धार्मिक और नस्ली वर्चस्व का विषधर दोबारा जाग गया और वहाँ उस अनजान धरती पर फिर से ब्राह्मण, क्षत्रिय, भूमिहार और वैश्य पैदा हो गए? सो भी इतनी समझदारी के साथ कि 'शूद्र' को नई सामाजिक संरचना में जन्मने ही नहीं दिया? इस उपन्यास का मूल प्रश्न यही है। कोन्ता और कुन्ती की इस कहानी को कहने के पीछे लेखक का उद्देश्य पूरब और पश्चिम दोनों के ग़ैर-आदिवासी समाजों में मौजूद नस्ली और ब्राह्मणवादी चरित्र को उजागर करना है जिसे विकसित सभ्यताओं की बौद्धिक दार्शनिकता के ज़रिए अनदेखा किया जाता रहा है।
Rogues and Rajas: Dark Tales for Tumultuous Times
- Author Name:
S.V. Iyer
- Rating:
- Book Type:

- Description: THE OLD STORIES TEACH US HOW SOME CONQUER TEMPTATION, SIDESTEP MISFORTUNE AND RISE ABOVE THEMSELVES. AND HOW SOME LOSE THEIR DISPUTE WITH THE DEVIL... A prince so reviled that he is determined to become the monster everyone calls him. A queen who crushes every challenger who dares to rise. A craftsman who uses his divine talents to steal from the state treasury. An executioner whose paradisiacal garden veils macabre designs. Be it king or knave, queen or slave, minister or minion, the barbaric instinct that might is right echoes and re-echoes across lifetimes. Dramatically revealing the gambles, betrayals and plots of fierce and ferocious rulers of ancient India – from Ashoka of Magadha to Shashanka of Bengal and from Didda of Kashmir to Peruvalathan of Tamilakam – and of commonfolk no less menacing, these are tales of an age when intrigue was rife and offence was the first defence. Gripping and intense, Rogues and Rajas opens a rare window to a shadowy past, eloquently exposing the underside of the soul and questioning how far we have come today.
Draupadi
- Author Name:
Yarlagadda Lakshmi Prasad +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Draupadi, originally written in Telugu, was first serialised in Andhra Jyoti before it came out in book form. The novel presented in a unique style, is not just an account of the different incidents occur around Draupadi but these incidents have been fused together into a fascinating story. The narrative process and the structural method of description used by Lakshmi Prasad fully engage the reader.
Jalianwala Bagh Ki Karahein : Pratibandhit Hindi Sahitya
- Author Name:
Rajwanti Mann
- Book Type:

- Description: ग़ुलामी के दौरान पंजाब पर अकल्पनीय अत्याचार के प्रतिवाद में रचित तथा ब्रिटिश शासन द्वारा प्रतिबन्धित और ज़ब्त रचनाएँ ‘जलियाँवाला बाग़ की कराहें’ पुस्तक जलियाँवाला बाग़ के नरसंहार की अतिशय वेदना और अंग्रेज़ी जुल्मों की व्यथा-कथा है जिसे हिन्दुस्तानियों ने अपनी आत्मा पर झेला, अपनी आँखों से देखा और साहित्यकारों ने अपनी क़लम से उकेरा। यह जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए लिखा गया साहित्य है जो एक सदी तक अन्वेषकों की नज़रों से लगभग छिपा रहा। इन रचनाकारों ने अंग्रेज़ी राज की प्रताड़नाएँ सहते हुए औपनिवेशिक काल की त्रासद स्थितियों को कलमबद्ध किया। रचनाएँ मौखिक यात्रा करती हुईं जन-चेतना के उद्देश्य तक पहुँचती रहीं। पुस्तक में कुल नौ अध्याय हैं जिनमें जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के बाद रचित वे नाटक, कविताएँ, दोहे, ठुमरी, लावणी, क़व्वाली, ग़ज़ल आदि सम्मिलित हैं जो अलग-अलग पुस्तिकाओं में प्रकाशित हुईं। लगभग सभी विधाओं में रचित यह साहित्य जलियाँवाला बाग़ की पृष्ठभूमि से लेकर हर छोटी-बड़ी घटना, अंग्रेज़ों की क्रूरता, जुल्म और यातनाओं, लोगों की बेबसी, लाचारी, सामाजिक दशा-दुर्दशा का निर्भीक और वास्तविक विवरण प्रस्तुत करता है तो दूसरी तरफ़ साहस से उठ खड़े होने का आह्वान भी करता है। इनमें नृशंस हत्याओं के साथ-साथ हरे-भरे पेड़-पौधों की उखड़ी-जली छालों, घास चरती हुईं गाय-भैंसों का चरते-चरते मारे जाना, तोते, कोयल और मैना आदि पक्षियों तक का भी गोलियों से डरकर मरने का मार्मिक चित्रण है। इन रचनाओं की सत्यता पर कोई सन्देह इसलिए नहीं किया जा सकता कि आधिकारिक ऐतिहासिक दस्तावेज़ों में भी किसी न किसी रूप में इनका ज़िक्र है और इतिहास की पुस्तकों में भी इन्हें प्राय: उसी रूप में अभिव्यक्त किया गया है।
Ramayan Mahan Bhartiya Sangharsh Gatha
- Author Name:
Hemant Dwivedi
- Book Type:

- Description: ‘रामायण : महान भारतीय संघर्षगाथा’ राम के दण्डकवन भ्रमण की कहानी है। विश्व की सबसे सरल एवं सबसे विख्यात कहानी। यह अयोध्या के युवराज राम द्वारा महामानव राम के शोध का परावर्तन है। दलितों, वंचितों, वनवासियों के सुख-दुःख, राग-विराग, घृणा-प्रेम, दीनता, संकल्प के अनुसन्धान का प्रतिफल है जिसकी धड़कन में राम लगातार धड़कते हैं। तभी तो राम-जानकी सम्पूर्ण भारत के नर-नारियों, बूढ़े-बच्चों के हृदय में रहने लगे। राम का जन्म तो कहीं भी हो सकता है। लेकिन राम तब निखरता है जब लाखों वंचितों के हित में दण्डक के दुर्गम पठारों को अपनी युवावस्था समर्पित कर दे। तब चलती है भूर्जपत्र पर आदिकवि की लेखनी।
An Account of the Maithil Marriage
- Author Name:
Pt. Bhavnath Jha
- Book Type:

- Description: Maharajadhiraja Rameshwar Singh (16 January 1860 – 3 July 1929) was the 21st ruler of the Khandawala dynasty of Darbhanga in the Mithila region from 1898 till his death. On the one hand, he was a scholar of Indian scriptures and worshiper of divine powers, on the other hand, he was proficient in the English language and an efficient administrator. As the president of Bharat Dharma Mahamandal, he propagated Sanatan Dharma all over India and strengthened it socially and religiously. For the promotion of education in Mithila as well as social political awakening, he established a press and started a newspaper Mithila Mihir. Many important books were published under his supervision. Maharaj Rameshwar Singh established many factories for economic development and played an important role in the establishment of Kashi Hindu University. The ruins of the grand palace of Rajnagar in the present Madhubani district and many grand temples in that complex remind us of his glory. He was made a Knight Commander of the Order of the Indian Empire (KCIE) and was promoted to a Knight Grand Commander (GCIE) and a Knight Commander of the Order of the British Empire, Civil Division (KBE).
Customer Reviews
Be the first to write a review...
5 out of 5
Book