Brahmos Ki Safalta Ke Mantra
(0)
Author:
A. Sivathanu PillaiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction₹
450
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Available
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प्रोफेशनल को ब्रह्मोस से बहुत कुछ सीखना है—कुछ भी नामुमकिन नहीं। इस पुस्तक में ब्रह्मोस की यात्रा का वर्णन किया गया है, जिसने भारत को तीव्रतम, उच्च, परिशुद्ध, सुपर-सोनिक क्रूज मिसाइल के साथ मिसाइल प्रौद्योगिकी का लीडर बना दिया। भारत तथा रूस द्वारा मिलकर किए गए अनूठे संयुक्त प्रयास के कारण इतने कम समय में यह उपलब्धि प्राप्त हुई। यह इस ‘अनजान मार्ग’ का पहला अनुभव है, जिससे उजागर होता है कि ‘हम ऐसा कर सकते हैं।’ इस पुस्तक में दरशाया गया है कि इस समय ‘उत्कृष्ट प्रबंधन पद्धतियों’ तथा ‘बाजार दृष्टिकोण की मनोवृत्ति’ के माध्यम से मात्र 300 मिलियन डॉलर का निवेश करके 6 बिलियन डॉलर से अधिक ऑर्डर डिलीवर किए जा चुके हैं। यह अपनी किस्म का पहला अद्वितीय मॉडल है, जिसमें भारत-रूस ने 50.5 : 49.5 प्रतिशत पूँजी निवेश किया तथा पहली सरकारी स्वामित्व की प्राइवेट तौर पर संचालित कंपनी (जीओपीओ) बनी; इसमें निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी लाना सुनिश्चित किया गया—परिणाम उत्पाद की समयोचित प्राप्ति! दोनों देशों के बीच सहयोग से प्रौद्योगिकी की दृष्टि से ‘अनूठी प्रगति’ (Leap Frog Effect) हुई, जिससे दोनों भागीदारों को बराबर लाभ हुआ। देश की वृद्धि/उन्नति के लिए इस सफल मॉडल का आसानी से अनुकरण (replicate) किया जा सकता है
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प्रोफेशनल को ब्रह्मोस से बहुत कुछ सीखना है—कुछ भी नामुमकिन नहीं।
इस पुस्तक में ब्रह्मोस की यात्रा का वर्णन किया गया है, जिसने भारत को तीव्रतम, उच्च, परिशुद्ध, सुपर-सोनिक क्रूज मिसाइल के साथ मिसाइल प्रौद्योगिकी का लीडर बना दिया। भारत तथा रूस द्वारा मिलकर किए गए अनूठे संयुक्त प्रयास के कारण इतने कम समय में यह उपलब्धि प्राप्त हुई। यह इस ‘अनजान मार्ग’ का पहला अनुभव है, जिससे उजागर होता है कि ‘हम ऐसा कर सकते हैं।’
इस पुस्तक में दरशाया गया है कि इस समय ‘उत्कृष्ट प्रबंधन पद्धतियों’ तथा ‘बाजार दृष्टिकोण की मनोवृत्ति’ के माध्यम से मात्र 300 मिलियन डॉलर का निवेश करके 6 बिलियन डॉलर से अधिक ऑर्डर डिलीवर किए जा चुके हैं।
यह अपनी किस्म का पहला अद्वितीय मॉडल है, जिसमें भारत-रूस ने 50.5 : 49.5 प्रतिशत पूँजी निवेश किया तथा पहली सरकारी स्वामित्व की प्राइवेट तौर पर संचालित कंपनी (जीओपीओ) बनी; इसमें निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी लाना सुनिश्चित किया गया—परिणाम उत्पाद की समयोचित प्राप्ति! दोनों देशों के बीच सहयोग से प्रौद्योगिकी की दृष्टि से ‘अनूठी प्रगति’ (Leap Frog Effect) हुई, जिससे दोनों भागीदारों को बराबर लाभ हुआ। देश की वृद्धि/उन्नति के लिए इस सफल मॉडल का आसानी से अनुकरण (replicate) किया जा सकता है
Book Details
-
ISBN9789352669455
-
Pages224
-
Avg Reading Time7 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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For all but the final day of six electric weeks during the winter of 2023, India’s campaign at a home World Cup blazed and sparkled, warming the soul of a cricket-crazed nation. As Rohit Sharma’s dominant side took their show on the road, from one delirious city to another hysterical town, stretching from the sunburnt coast of Chennai to the frozen mountains of Dharamshala, the greatest cricket team to not win a World Cup edition unified a vast and diverse country in their shade of blue. Gully Gully reveals not only what cricket means to India, but also what Indians mean to cricket by capturing the best and the worst of us, along with the grit and the grime of the land. This book is as much about a fabulous team brimming with legends as it is about the game’s other, oft-forgotten heroes: nameless and faceless Indian fans, emerging from numerous gullies.
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