J. Krishnamurti Ke Darshnik Vichar
Author:
Swati GautamPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
प्रसिद्ध दार्शनिक, आध्यात्मिक विषयों के लेखक एवं प्रवचनकार जे. कृष्णमूर्ति ने विभिन्न स्थानों पर विभिन्न वार्त्ताओं में अनगिनत विषयों पर बात की। उन्हीं विषयों में से कुछ महत्त्वपूर्ण विषयों पर उनके विचारों को इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। हमारे रिश्ते, दुःख का जन्म कैसे होता है? हमारी व्यवस्थाएँ कैसी हैं? हमारा मन कैसे काम करता है? ध्यान, प्रेम, मृत्यु। अपने जीवन में हम कैसे संबंध स्थापित करें ? भले ही हम इस अत्यधिक समाज में रह रहे हैं, परंतु यही आधुनिकता हमें अपना दास बना रही है।
यदि हम दास हैं तो हम स्वतंत्र कैसे हुए ? हम पूरी दुनिया को अपने नए-नए आविष्कारों से अचंभित कर रहे हैं, परंतु हमारा मन अब तक हमारी बात नहीं मानता। हमारे रिश्ते बस एक-दूसरों से अपेक्षा पर ही टिके हुए हैं; क्या हो अगर हमारी अपेक्षाएँ खत्म हो जाएँ? मृत्यु कैसे हमारे जीवन का ही एक पहलू है, वह हमसे भिन्न नहीं है। कैसे हम अपने जीवन में सुख की तलाश में अनगिनत दुःखों का कारण बनते हैं। क्या सुख कोई ऐसी वस्तु है, जिसे बाहरी रूप से प्रकट किया जा सकता है? या फिर वह हमारे मन की एक अवस्था है, जहाँ सुख से जन्म लेता है।
क्या प्रेम एक-दूसरे के प्रति आकर्षण और एक-दूसरे के लेन-देन पर ही संबंधित है या प्रेम एक भिन्न अवस्था है? जो किसी पुष्प-खुशबू की भाँति है, सबके लिए और सभी जगह। प्रेम की असली परिभाषा क्या है ? और अंतिम विषय जिसकी इस पुस्तक में चर्चा की गई है, वह है ध्यान; ध्यान क्या है, ध्यान क्यों आवश्यक है ?
आध्यात्मिक और दार्शनिक उन्नयन के लिए एक आवश्यक पुस्तक ।
ISBN: 9789349116467
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
1000 MODI PRASHNOTTARI
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description: "राष्ट्र को सर्वोपरि माननेवाले कोटिकोटि भारतीयों की जनाकांक्षाओं के केंद्रबिंदु भारत के जनप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सबके मानस में हैं। लोग उनको जाननेसमझने की तीव्र जिज्ञासा रखते हैं। भारत हो या विश्व का कोई भी कोना—जहाँ नरेंद्र मोदी जाते हैं, वहाँ उनका अपूर्व स्वागत होता है। परंतु अहंकार भाव उन्हें छू भी नहीं गया है। वे कहते हैं—‘जब विदेश में मैं किसी राजनेता से उनके समकक्ष बात करता हूँ तो मेरे पीछे मेरे सवा अरब भारतीयों की शक्ति का संबल होता है।’ ऐसे राष्ट्रनायक के अनेक रूप हैं—एक सामाजिक कार्यकर्ता, राष्ट्रनिष्ठ राजनेता, कर्तृत्वशील प्रधानमंत्री, ओजस्वी वक्ता, प्रखर चिंतक, प्रभावी लेखक। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के समुचित विकास हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएँ बनानेवाले नरेंद्र मोदी के सभी आयामों को संकलित किया है इस पुस्तक में। प्रश्नोत्तर के रूप में नरेंद्र मोदी के जीवन को जानने का अवसर उपलब्ध कराती एक पठनीय पुस्तक।"
Sone Ki Sikdi : Roop Ki Nathiya
- Author Name:
Rashmi Vajpeyi
- Book Type:

- Description: संताल आदिवासी समुदाय झारखंड की आबादी का एक मुख्य हिस्सा है। यहाँ के तेजी से बदलते सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में संताल लोगों की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती जा रही है। संताल परगना के प्रमण्डलीय मुख्यालय दुमका को झारखण्ड की उप-राजधानी का दर्जा दिया गया है जो इसकी महत्ता को स्वतः उजागर करता है। आज की बदली हुई स्थिति में संताल आदिवासियों के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहन शोध एवं अध्ययन की आवश्यकता प्रबल होती जा रही है। संताल आदिवासियों के बीच अलग-अलग मौसम त्योहार और अवसरों के लिए अलग-अलग गीतों के विधान हैं। दोङ अर्थात् विवाह गीतों के अतिरिक्त सोहराय दुरूमजाक् बाहा लांगड़े रिजां मतवार डान्टा और कराम संताल परगना के प्रमुख लोकगीत हैं। बापला अर्थात् विवाह संताल आदिवासियों के लिए मात्र एक रस्म ही नहीं वरन् एक वृहत् सामाजिक उत्सव की तरह है जिसका वे पूरा-पूरा आनन्द उठाते हैं। इसके हर विधि-विधान में मार्मिक गीतों का समावेश है। इन गीतों में जहाँ आपको आदिवासी जीवन की सहजता सरलता उत्फुल्लता तथा नैसर्गिकता आदि की झलक मिलेगी वहीं उनके जीवन-दर्शन सामाजिक सोच और मान्यता जिजीविषा तथा अदम्य आतंरिक शक्ति से भी अनायास साक्षात्कार हो जाएगा। परम्परागत संताली जीवन विविधतापूर्ण है जिसकी एक झलक प्रस्तुत करने की दिशा में हमने यह प्रयास किया है।
kothigalu
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description: ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಆರಂಭದ ಸುಲಲಿತ ಪ್ರಬಂಧಗಳ ಗುಚ್ಛ.
MANAS MEIN LAUKIK JNAN
- Author Name:
Dr. Shrikrishna +1
- Book Type:

- Description: अपने दिल का हाल जानने अपोलो अस्पताल जाना हुआ। हमेशा की तरह मेरे दिल की जाँच-पड़ताल के बाद मेरे दिल के डॉक्टर ने पहली बार अपने दिल का हाल भी बयान किया। देश के जाने-माने इस हृदयरोग विशेषज्ञ के दिल में राम-ही-राम बसते हैं। रामचरितमानस के पाठ से इनका दिनारंभ होता है। इन्हें यह भी भान है कि अनंत लोग इनकी तरह मानस का नित्य वाचन करना चाहते हैं पर समयाभाव आड़े आ जाता है। ऐसे लोगों की सुविधा के लिए इन्होंने कोरोना काल की फुरसत का लाभ उठाकर रामचरितमानस में से वे छंद, दोहे, चौपाइयाँ और सोरठे छाँटे हैं, जिनमें लौकिक ज्ञान निहित है। इनकी विदुषी सहधर्मिणी डॉ. किरण गुप्ता के शब्दों में ‘सांसारिक जीवन के विविध पक्षों पर विराम लगाते हुए, मात्र अपने कार्य पर ही केंद्रित रहना संभवतः इनके चुनौतीपूर्ण काम की अनिवार्यता है। सात्त्विक, सादा, कर्मठ एवं अनुशासित जीवन तथा रोगियों के प्रति निरंतर निष्काम सेवाभाव ने ही संभवतः इन्हें अध्यात्म के उच्चतम पथ पर अग्रसित किया है।’ डॉ. किरण ने डॉ. एस.के. गुप्ता द्वारा चयनित पाठ्य-सामग्री को तारतम्यता देकर इस संकलन को परिपूर्णता भी दी है। डॉक्टर दंपती ने चाहा कि प्रकाशन पूर्व मुझे इसका संपादकीय दृष्टि से अवलोकन करना चाहिए। मैंने वही किया। कहना न होगा, मानस के इस संक्षिप्त संस्करण के पठन ने इसकी उपयोगिता तो स्वयंसिद्ध की ही, मैं इसके चयनकर्ता की सोच, पारखी नजर, गुणग्राह्यता और इनकी सहधर्मिणी की सार-संक्षिप्तता का प्रशंसक हुए बिना भी न रह सका। —आमुख से...
Janjatiya Navjagran
- Author Name:
Rahul Singh
- Book Type:

- Description: ‘जनजातीय नवजागरण’ पुस्तक जनजातीय यानी आदिवासी सन्दर्भों के इतिहास में बिखरे पड़े तथ्यों को जुटाकर जनजातीय नवजागरण का एक नैरेटिव खड़ा करती है; बांग्ला, मराठी और हिन्दी क्षेत्रों के बहुश्रुत नवजागरणों के बरक्स जनजातीय नवजागरण की एक सैद्धान्तिकी निर्मित करती है; और प्रादेशिक नवजागरणों से जनजातीय नवजागरण को अलगाने के सूत्र प्रस्तावित करती है। इसके लिए यह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी और रानी विक्टोरिया के अधीन औपनिवेशिक भारत में हुए जनजातीय सामाजिक-धार्मिक आन्दोलनों की गहरी पड़ताल करती है और उससे हासिल निष्कर्षों को साझा करती है।औपनिवेशिक दबावों के विरुद्ध जनजातीय समूह कैसे संगठित होकर प्रतिरोध और परिवर्तन की इबारत लिखते हैं? कम्पनी राज और अंग्रेजी राज के बढ़ते अमानवीय दमन के समान्तर वे कैसे अपनी रणनीति में बदलाव करते चले जाते हैं? ऐसे अनेक प्रश्नों पर विचार करते हुए यह पुस्तक उजागर करती है कि शेष भारत की तुलना में आदिवासी समुदायों के लिए अंग्रेजी राज एक गहन सभ्यतागत संकट बनकर आया था जो उनके लिए अस्तित्वगत संकट का सबब बन गया था। उनका अभूतपूर्व प्रतिरोध इसी संकट की तीव्रतर प्रतिक्रिया था। उसका आधार थी उनकी स्वाधीनता की चेतना जो उनकी सहजीवी-समावेशी जीवनदृष्टि, सदियों पुराने सामुदायिक अनुभवों और परम्पराओं से उपजी थी, न कि किसी कथित आधुनिक विचार अथवा संस्थान के सम्पर्क से। इस ऐतिहासिक परिघटना की पूरी प्रक्रिया को यह पुस्तक उसकी सामाजिकता और ऐतिहासिकता के साथ दर्ज करती है। अंग्रेजी राज ने आदिवासी समुदायों की पूरी विरासत को जिस व्यवस्थित तरीके से ध्वस्त किया उसकी एक बानगी झारखंड के सन्दर्भ में इस पुस्तक में देखी जा सकती है। तथ्यों को विमर्शों के ताने-बाने में यह पुस्तक बहुत सावधानीपूर्वक पिरोती है। वस्तुतः यह एक विचारोत्तेजक किताब है, जो इतिहास की प्रचलित समझदारी को चुनौती देते हुए विमर्श की एक नई जमीन विकसित करती है। यह अकादमिक और गैर-अकादमिक दोनों समूहों के लिए जरूरी है।
Ekta-Akhandata Ki Kahaniyan
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: "‘एकता-अखंडता’ की कहानियाँ आपके समक्ष प्रस्तुत हैं। टी.वी. चैनलों के हास्य और मनोरंजन के कार्यक्रम, जो कुछ जनता के समक्ष परोस रहे हैं, उसके परिणामस्वरूप समाज का युवा वर्ग दिशाहीन होता जा रहा है। चोरी, डकैती और छेड़छाड़ की घटनाएँ निरंतर बढ़ती जा रही हैं। एक-दो नहीं, अनेक रेप कांड सभ्य नागरिकों, देशभक्तों के लिए घोर चिंता का विषय हैं। आम लोग न समाचार सुनते हैं, न सत्साहित्य पढ़ते हैं। प्रायः घरों में सीरियल ही देखते हैं। चरित्र-निर्माण तथा राष्ट्रभक्ति सिखाने की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। छोटी-छोटी बातों पर युवक गोली चला देते हैं। चाकूबाजी की घटनाएँ तो सामान्य हैं। राजनीति के खिलाड़ी सामान्य घटनाओं को राजनीतिक रंग देकर सांप्रदायिक झगड़े खड़े कर देते हैं। कोई जातीय रंग देते हैं, उच्च वर्ग और दलित वर्ग का संघर्ष खड़ा कर देते हैं, कारण वही है कि राष्ट्रीयता की भावना का पोषण करनेवाला साहित्य भी सीमित ही उपलब्ध है। हर समुदाय अपने जातीय हित के लिए आंदोलन के लिए तैयार है। कहीं जाट अपनी जाति को आरक्षण दिलवाने के लिए कटिबद्ध हैं तो कहीं पटेल विद्रोह पर उतर आए हैं। उनके सामने न सरकार और न्यायालय की विवशता है, न राष्ट्र की साख का प्रश्न है। युवाओं को देश की एकता-अखंडता की प्रेरणा देने का यह एक प्रयास है। आशा है, युवा वर्ग इन नई-पुरानी कहानियों से कुछ सीखेगा। "
4 Baal Upanyas
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: साहित्य अकादेमी के पहले बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित प्रकाश मनु बच्चों के सुविख्यात कथाकार हैं। बच्चे और किशोर पाठक उनकी कहानियों और बाल उपन्यासों को खूब रस ले-लेकर पढ़ते, सराहते और जीवन भर अपनी यादों के पिटारे में सहेजकर रखते हैं। प्रकाश मनु उस्ताद किस्सागो हैं, इसीलिए देश के कोने-कोने में फैले हजारों बच्चे उनके मुरीद हैं, जिन्हें उनकी लिखी कहानी की नई पुस्तकों और उपन्यासों का इंतजार रहता है। मनुजी की कलम का जादू इस कदर बाल पाठकों के मन को बाँध लेता है कि उनके साथ बहते हुए, कब वे देश-दुनिया की नई-नई और रोमांचक जगहों की सैर करके आ गए, उन्हें खुद पता नहीं चलता। ‘चार बाल उपन्यास’ प्रकाश मनुजी के दिलचस्प और भावनापूर्ण बाल उपन्यासों की नई पुस्तक है, जिसे पढ़कर बच्चे रोमांचित हो उठेंगे और खेल-खेल में बहुत कुछ सीखेंगे भी। पुस्तक में मनुजी के चार बड़े ही कौतुकपूर्ण बाल उपन्यास शामिल हैं—‘चिंकू-मिंकू और दो दोस्त गधे’, ‘भोलू पढ़ता नई किताब’, ‘सांताक्लाज का पिटारा’ तथा ‘गोलू भागा घर से’। ये चारों ऐसे उपन्यास हैं, जिनका जादू बाल पाठकों के दिलों पर तारी हो जाएगा, और जब तक वे उन्हें पूरा पढ़ नहीं लेंगे, पुस्तक उनके हाथ से छूटेगी नहीं। निस्संदेह ‘चार बाल उपन्यास’ एक ऐसा बहुरंगी, मनमोहक उपहार है, जिसे बच्चे हमेशा सँजोकर रखेंगे और बार-बार पढ़ना चाहेंगे।
Dharm, Satta Aur Hinsa
- Author Name:
Ram Puniyani
- Book Type:

-
Description:
बीते वर्षों के दौरान साम्प्रदायिकता का उभार भारतीय राजनीति में एक बड़े दावेदार के रूप में हुआ है। सो भी इतने ज़ोर-शोर से कि हमारे संवैधानिक ढाँचे के लिए ख़तरा बनता दिखाई दे रहा है। अन्तरराष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में भी उत्तरोत्तर धार्मिक शब्दावली का प्रयोग ज़्यादा दिखने लगा है। विश्व के भी मानवाधिकार आन्दोलन इसको एक बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
इस पुस्तक में शामिल सत्रह मौलिक आलेखों की पृष्ठभूमि यही है जिसमें अमेरिका पर सितम्बर 11 का हमला, अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ पर अमेरिकी आक्रमण, दुनिया-भर में इस्लाम का शैतानीकरण और भारत के मुम्बई व गुजरात के दंगों को ख़ास तौर पर रेखांकित किया गया है।
ये आलेख बताते हैं कि भीड़ को धर्म के नाम पर भड़काकर वंचित समूहों के भीतर किसी भी विद्रोह की सम्भावना को कैसे असम्भव कर दिया जाता है और धर्म-आधारित राजनीति किस तरह आज उदारीकरण, भूमंडलीकरण और निजीकरण के साथ गठजोड़ करके चल रही है। यह पुस्तक मुस्लिम पिछड़ेपन के मिथक, हिन्दुत्व की विभाजनकारी राजनीति को आप्रवासियों की आर्थिक मदद आदि मुद्दों पर भी तथ्याधारित विचार करती है और अब आदिवासी, दलित और स्त्रियों के साथ अन्य अल्पसंख्यक समूह कैसे उसके निशाने पर आ रहे हैं, यह भी बताती है।
‘हिन्दुत्व’ पर लगभग हर कोण से विस्तृत परिदृश्य में प्रश्नवाचक समीक्षा करनेवाली यह पुस्तक राजनीति, समाजविज्ञान, इतिहास और धर्म आदि सभी क्षेत्र के अध्येताओं के लिए पठनीय है।
Sabhi Ke Liye Manvadhikar
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: जन्म से ही प्रत्येक मानव के कुछ अधिकार हैं। ‘सभी के लिए मानवाधिकार’ पुस्तक में मानवाधिकारों के विभिन्न पक्षों को सरल भाषा में समझाया गया है जिन्हें पढ़कर बच्चे और नवसाक्षर भी मानवाधिकारों को समझ सकते हैं। पुस्तक में पाठक को बच्चों के अधिकार, लैंगिक समानता, महिला समानता का अधिकार, महिलाओं के आर्थिक अधिकार, सामाजिक न्याय एवं मानवाधिकार और पुलिस जैसे विषयों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया है।
Prayojanmulak Hindi : Prayog Aur Prakriti
- Author Name:
Manoj Pandey
- Book Type:

- Description: हिन्दी को राजभाषा बनाने के पीछे संकल्पना यह थी कि हिन्दी देश में संप्रेषण और संवाद की मुख्य भाषा बने, राजकाज का प्रधान माध्यम बने और महज कार्यालयीन व्यवहार तक सीमित न रहे, बल्कि देशवासियों के बीच संपर्क का सेतु बने। संवैधानिक स्वीकृति मिलने के पहले से ही हिन्दी इस दिशा में प्रयत्नशील थी, परंतु आजादी के बाद निश्चित रूप से उसके कदम तेजी से आगे बढ़े। सरकारी प्रयास भी सहायक बने। विगत कुछ दशकों से हिन्दी साहित्यानुशीलन ही नहीं, बल्कि जीविकोपार्जन की भाषा के रूप में देश के मानस-पटल पर अंकित हुई है। परिणामस्वरूप उसका अर्थ, स्वरूप और व्यवहार-क्षेत्र भी व्यापक हुआ है। धीरे-धीरे पाठ्यक्रमों में भी यह आवश्यकता महसूस की गई कि हिन्दी को उसकी भाषिक प्रयुक्तियों के आधार पर पढ़ा-पढ़ाया जाए। अनुवाद, जनसंचार, वाणिज्य, व्यवसाय, कम्प्यूटर, सोशल मीडिया आदि विविध क्षेत्रों में आज हिन्दी की सशक्त उपस्थिति को देखते हुए हिन्दी शिक्षण के प्रयोजनपरक पक्षों के शिक्षण-प्रशिक्षण की नितांत आवश्यकता है। यह पुस्तक इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हिन्दी के प्रयोजनमूलक पक्षों की प्रकृति को समझने का एक प्रयास है।
Chala, Karodpati Houya!
- Author Name:
Anil Patil
- Book Type:

- Description: कुटुंबाचा गाडा प्रगतीकडे न्यायचा असेल, तर घरातल्या प्रत्येक महिलेकडे आर्थिक शहाणपण असलं पाहिजे. ती आर्थिक साक्षर झाली पाहिजे. म्हणजेच आर्थिक शिस्तीबरोबरच हाती येणाऱ्या पैशाचं व्यवस्थापन करण्याची शास्त्रशुद्ध कला तिच्याकडे असायला हवी. ती अंगी बाणायची असेल तर अनिल पाटील लिखित ‘चला, करोडपती होऊया' हे पुस्तक प्रत्येक महिलेनं वाचलंच पाहिजे. हे पुस्तक महिलांना आर्थिकदृष्ट्या साक्षर तर बनवतंच पण त्याचबरोबरीनं अर्थसाक्षर झालेल्या महिलांना श्रीमंतीची वाटही दाखवतं. मुलांच्या शिक्षणपासून वृद्धापकाळातील आधारापर्यंतचं आर्थिक नियोजन कसं करावं आणि हाती येणारा पैसा कसा वाढवला जाऊ शकतो याची शास्त्रशुद्ध परंतु सहज समजेल अशा सोप्या पद्धतीने माहिती देणारं हे पुस्तक आपल्या संग्रही असायलाच हवं.
Vivah
- Author Name:
Devdutt Pattanaik
- Book Type:

- Description: ‘विवाह' - पुराणांचे अभ्यासक श्री.देवदत्त पट्टनायक यांच्या या पुस्तकातून भारतीय विवाहांच्या अनेक कथा आपल्या भेटीला येतात. त्यांनी या कथा वेद, पुराणे, तमिळ आणि संस्कृत साहित्य, तसंच विविध प्रदेशातल्या अभिजात, लोक आणि आदिवासी जमातीच्या साहित्याचा अभ्यास करून जमवल्या आहेत. त्यांना हे साहित्य कधी लिखित तर कधी मौखिक स्वरूपात उपलब्ध झालं. विवाहाबाबतच्या भारतीय परंपरा, रीतिरिवाज आणि श्रद्धा यांच्यामधली विविधता आणि प्रवाहितता स्पष्ट करण्यासाठी त्यांनी तीन लाख चौ. मी. भारतीय भूभागाचा आणि तीन हजार वर्षांहूनही अतिशय प्राचीन असलेल्या अशा इतिहासाचा धांडोळा घेतला आहे. Vivah | Devdutt Pattanaik Translated By : Amita Naidu विवाह | देवदत्त पट्टनायक अनुवाद : अमिता नायडू
Aao Model Banayen
- Author Name:
Shyam Sunder Sharma
- Book Type:

- Description: "आमतौर पर बच्चे विज्ञान को कठिन विषय समझते हैं। वे समझते हैं कि विज्ञान में बहुत पढ़ना पड़ता है, प्रयोग करने पड़ते हैं और कई बार घर या स्कूल से बाहर—बगीचों, जंगलों आदि में—घूमना पड़ता है। पर न तो विज्ञान के प्रयोग हमेशा बहुत कठिन होते हैं और न ही सब प्रयोगों को करने से पहले बहुत अध्ययन कर जरूरत होती है। प्रयोग करने के लिए कई बार मॉडलों की जरूरत होती है। ये मॉडल सरल यंत्र होते हैं और इन्हें आसानी से बनाया जा सकता है (वैसे इनको बनाना भी अपनेआप में बहुत रोचक प्रयोग होते हैं)। इन्हें तुम उन चीजों से बना सकते हो जो आसानी से बाजार में मिल जाती हैं और जिनकी लागत भी ज्यादा नहीं होती। "
1000 Rasayan Vigyan Prashnottari
- Author Name:
Sitaram Singh
- Book Type:

- Description: "वस्तुतः रसायन विज्ञान प्रकृति, पर्यावरण और जीवन से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। और तो और पृथ्वी पर जीवन का प्रादुर्भाव भी जटिल रासायनिक प्रतिक्रियाओं का ही परिणाम है। यहाँ तक कि जीवन की प्रत्येक गतिविधि में रासायनिक क्रिया-प्रतिक्रिया छिपी है। रासायनिक प्रतिक्रियाओं के बिना जीवन संभव नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक में रसायन विज्ञान के महत्त्वपूर्ण अध्यायों, जैसे कि परमाणु संरचना, कार्बन और उसके यौगिक, धातुएँ और अधातुएँ, विलयन, नाभिकीय रसायन इत्यादि के अंतर्गत उपयोगी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का समावेश किया गया है। छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं सामान्य वर्ग के पाठकों के लिए यह पुस्तक निश्चित ही अत्यंत उपयोगी साबित होगी। "
Rakesh Aur Parivesh : Patron Mein
- Author Name:
Jaidev Taneja
- Book Type:

-
Description:
कोई व्यक्ति और विशेषत: रचनाकार अपने बारे में क्या कहता है—इससे अधिक महत्त्वपूर्ण और बड़ा सच यह है कि दूसरे उसके बारे में क्या कहते हैं? यह पत्र-संग्रह दूसरों के आईने में राकेश के व्यक्तित्व, कृतित्व और परिवेश की एक प्रामाणिक तस्वीर पेश करता है। यहाँ केन्द्र में राकेश हैं और परिधि पर उनके समकालीन।
लेखकीय आत्म-सम्मान और अपने अधिकारों के लिए हर किसी से कभी भी और कहीं भी त्याग-पत्र देने, वॉक आउट करने और लड़ने-झगड़ने को सदैव तत्पर, निश्छल आत्मीयता की तलाश में दर-दर भटकते सैलानी, भीतर से असुरक्षित, अकेले और बेचैन लेकिन बाहर से छतफाड़ ठहाके लगानेवाले हरदिल अज़ीज़ अनूठे दोस्त, एक साथ ज़बरदस्त बौद्धिक एवं अहंकारी तथा अत्यधिक संवेदनशील और भावुक अपने सिद्धान्तों के लिए अडिग और अटूट तथा अपने लेखन के लिए अत्यन्त अस्थिर, बेसब्र और बेचैन मोहन राकेश के अन्तर्विरोधों की कोई सीमा नहीं है। इस पुस्तक में संकलित राकेश और उनके सहयात्रियों के 721 पत्र उनके जटिल व्यक्तित्व को, पाठकों के लिए, बड़े प्रामाणिक एवं विश्वसनीय रूप में एकदम पारदर्शी बना देते हैं। इनमें उनके चेतन-अवचेतन के अँधेरे-गुह्य कोनों और परिवेश के नेपथ्य की जीवन्त छवियों एवं धड़कनों को साफ़-साफ़ पहचाना और सुना जा सकता है।
नि:सन्देह, यह पुस्तक राकेश के पाठकों, अध्येताओं और शोधार्थियों को राकेश के संघर्षमय जीवन और वैविध्यपूर्ण रचनाकर्म के मर्म को गहराई से जानने-समझने में न केवल रोचक, दुर्लभ एवं महत्त्वपूर्ण सामग्री ही उपलब्ध कराती है, बल्कि हिन्दी के पत्र-साहित्य में एक उल्लेखनीय भूमिका भी निभाती है।
Reporting India (Hindi Translation of Reporting India)
- Author Name:
Prem Prakash
- Book Type:

- Description: रिपोर्टिंग इंडिया' भारतीय पत्रकारिता जगत् में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले, प्रेम प्रकाश के जीवन और समय का एक रोचक वर्णन है। एक फोटोग्राफर, फिल्म कैमरामैन और स्तंभकार के रूप में प्रकाश ने अपने लंबे और शानदार कैरियर के दौरान देश-विदेश की प्रमुख घटनाओं को कवर किया और इस दौरान प्राकृतिक आपदाओं, युद्धों, सैन्य तख्तापलट और उग्रवाद के गवाह भी बने। यह पुस्तक प्रकाश के बेमिसाल काम की सराहना करती है, जिसमें उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन की विस्तृत जानकारी दी गई है। साथ ही उनकी ओर से कवर की गई सबसे प्रभावशाली खबरों की यादें भी ताजा करती है, जिनमें 1962 के भारत-चीन युद्ध से लेकर पाकिस्तान के खिलाफ 1965 और 1971 के युद्ध और आपातकाल से लेकर इंदिरा गांधी की हत्या तक शामिल हैं । साथ ही, लाल बहादुर शास्त्री की दुर्भाग्यपूर्ण ताशकंद यात्रा से लेकर बॉग्लादेश की मुक्ति और जवाहरलाल नेहरू के निधन से लेकर नरेंद्र मोदी के उत्थान तक की खबरें शामिल हैं। पढ़ने में बेहद दिलचस्प यह पुस्तक भारतीय इतिहास के कुछ निर्णायक क्षणों को जीवंत बना देती है।
Chetna Hero
- Author Name:
Mission Chetna
- Book Type:

- Description: चेतना इस संसार में भलाई को पहचानने, उसकी सहारना करने और उसे आगे बढ़ानेवाला एक अभियान है। 'भलाई का प्रसार' करने और तमाम लोगों को जीवन में भलाई पर चलने की प्रेरणा देने के अपने मिशन पर खरा उतरते हुए, चेतना भारत भर में उन पुरुषों और महिलाओं की पहचान और उनका सम्मान हि] है, जो धारा के खिलाफ जाने और अन्य व्यक्तियों तथा परिवारों तक पहुँचने का पर्याप्त साहस रखते हैं। ये पुरुष और स्त्रियाँ चेतना के नायक- नायिकाएँ हैं--चेतना हीरो हैं। “चेतना हीरो' की जीवंत कहानियाँ दूसरों को भी कुछ ऐसा ही करने की, उसमें सहयोग करने की प्रेरणा दे सकती हैं--यही सोच इस चेतना हीरो की कॉफी टेबल बुक का आधार है। चेतना हीरो ऐसे भले लोग हैं, जिन्होंने कर्म के जरिए बोलने का फैसला किया है। उनमें से किसी ने भी बड़े पैमाने पर सुनियोजित और अच्छे-खासे पैसों के साथ भलाई के अपने काम शुरू नहीं किए। वे जिन लोगों के संपर्क में वे आए, उनकी मदद के लिए उन्होंने चुपचाप उनकी तकलीफों को कम किया और फिर किसी एक की तकलीफ दूर करने के बाद वे रुके नहीं। वे खुद से लगातार पूछते रहे, “मैं और क्या कर सकता हूँ समाज के लिए?” और 'किसे इस तरह की मदद चाहिए ?' इस तरह के सवालों के जवाब ने उनको चेतना हीरो में बदल दिया, जो वे आज हैं। 'चेतना हीरो : कॉफी टेबल बुक ' ऐसे ही कुछ असाधारण व्यक्तियों की सराहना है, जिन्होंने पशु देखभाल, शिक्षा, पर्यावरण देखभाल, भूख, सामाजिक जिम्मेदारी, दिव्यांगों और महिलाओं के सशकतीकरण में अपने प्रयासों से करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। चेतना की यह पहल उन सभी हीरो को एक मंच पर लेकर आती है। नेटवर्क बनाने और एक-दूसरे से जुड़ने के कारण इन हीरो को यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि उनके कार्यों का सामूहिक प्रभाव दयालुता और देखभाल के व्यक्तिगत कार्यों की तुलना में कई गुना व्यापक हो। आशा है कि कॉफी टेबल बुक आपके जीवन में भी 'भलाई के प्रसार' का एक दीपक जलाएगी। ...
Dalit-Vimarsh Aur Hindi Sahitya
- Author Name:
Deepak Kumar Pandey
- Book Type:

- Description: हिन्दी में दलित रचनाकारों की रचनाएँ लगभग तभी से मिलती हैं, जब से हिन्दी साहित्य का आरम्भ होता है। सिद्धों-नाथों की बानियों से लेकर सन्त साहित्य तक दलित रचनाकारों द्वारा रचित विपुल साहित्य हिन्दी की अमूल्य सम्पदा है। आधुनिक युग में समता, न्याय और सामाजिक सम्मान के लिए अम्बेडकरवादी वैचारिक प्रेरणा से लिखे गए सामाजिक बदलाव के साहित्य को ‘दलित साहित्य’ की संज्ञा प्राप्त हुई। सचेत अम्बेडकरवादी प्रेरणा का साहित्य हिन्दी से पहले ही मराठी आदि अन्य भारतीय भाषाओं में लिखा गया। पिछली सदी में 1980 के दशक से हिन्दी का दलित लेखन परिमाण और गुणवता, दोनों ही स्तरों पर अपनी सुस्पष्ट स्वतंत्र पहचान बनाता है। दलित साहित्य अखिल भारतीय परिघटना है। हिन्दी में पिछले चार दशक से सक्रिय दलित रचनाकारों की अनेक पीढ़ियों के प्रतिनिधि स्वरों से रचा गया यह संकलन वक़्त की माँग है।
Charles Darwin
- Author Name:
Vinod Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Aadhi Raat Koi Dastak De Raha Hai
- Author Name:
K.R. Malkani
- Book Type:

- Description: जै सा कि लेखक खुद कहते हैं, यह जेल-डायरी नहीं है, न ही यह इमरजेंसी का वृत्तांत है। इसकी बजाय यह आपातकाल पर पार्श्व प्रकाश है। मल्कानी ने एक बंदी के रूप में जेल में जो कुछ भी देखा, सुना और महसूस किया, उन पर अपने अनुभवों को लिखा है। हिसार, रोहतक और तिहाड़—इन तीन जेलों में उन्होंने इक्कीस महीने बिताए, जहाँ उनकी मुलाकात अपराधियों से लेकर आला नेताओं समेत तरह-तरह के लोगों से हुई। यह उनके विषय में एक बेहद मानवीय दस्तावेज है, जो कभी मनोरंजक, कभी मायूस करनेवाला तो कभी-कभी पीड़ादायी हो जाता है। जेल में एकांत में बिताए गए लंबे समय ने लेखक को हिंदू-मुसलिम समस्या पर गहन विश्लेषण का अवसर दिया, जिसके विषय में उन्होंने नई और उम्मीद जगानेवाली बातें लिखी हैं। पूरी संवेदनशीलता के साथ लिखी गई इस पुस्तक में मर्मस्पर्शी छोटी-छोटी कहानियाँ हैं, जिनमें सियासी ज्ञान भी है, और जिनके कारण पढ़ने में यह पुस्तक बेहद रोचक हो जाती है। यह न केवल किसी एक व्यक्ति का दृष्टिकोण सामने रखती है, बल्कि सभी बंदियों के जीवन की झलक भी दिखाती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book