Aansu Aur Raushani : Alok Dhanwa Se Samvad
Author:
Pankaj ChaturvediPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction0 Ratings
Price: ₹ 556
₹
695
Available
कवि-आलोचक पंकज चतुर्वेदी की पुस्तक ‘आँसू और रौशनी’ दरअस्ल दो कवियन की वार्ता है। यह रूखा-सूखा साक्षात्कार नहीं, वरन् दो संवेदनशील सृजनधर्मियों का संवाद है; जिसमें हम अपने प्रिय साथी कलाकार से वह सब बाँट लेना चाहते हैं, जो हमें रसज्ञ की तरह अभिभूत करता है।
आलोकधन्वा जैसे ख़ामोश कवि को थोड़ा-बहुत खोलना भी धैर्य, धृति और साधना की माँग करता है। पंकज ने वे एकान्त क्षण पकड़े, जब आलोक संवाद की सृजन-चेतना में जाग्रत थे। उनकी वह भीगी भावप्रवण आवाज़ इस पुस्तक में सुनाई दे रही है, जो घास के एक तिनके का भी कम्पन पहचान लेती है। पंकज चतुर्वेदी आलोकधन्वा की विह्वलता, वाग्वैभव और तरलता को ज्यों-का-त्यों हम तक लेकर आए हैं इस अनूठी पुस्तक में।
संवाद दो कवियों का परस्पर मिलना भी है और खुलना भी। वे जीवन-संग्राम से बच नहीं रहे, उसी में रहते हुए रच रहे हैं। पंकज चतुर्वेदी की युवा उत्कंठाओं को पहचानते हुए आलोकधन्वा उन्हें अपने सृजन-कक्ष की मेज़ तक ले जाकर दिखा देते हैं और कहते हैं, “अच्छे लोग वही हुए, जो अन्याय के ख़िलाफ़ लड़े, उनसे ख़ूबसूरत कोई नहीं है।” एक ऐसे समय में, जब संवाद मन्थर पड़ रहा है, ‘आँसू और रौशनी’ के प्रकाशन का स्वागत है।
—ममता कालिया, कथाकार
ISBN: 9788119159260
Pages: 256
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: चरकसंहिता व्यापक रूप से पढ़ा-पढ़ाया जाने वाला आयुर्वेद का प्रतिष्ठित ग्रन्थ है। महर्षि चरक ने इसमें अनेक प्रकार के मानव उपयोगी जीव-जन्तुओं का उल्लेख किया है। वनों, वनस्पतियों और जीव-जन्तुओं के अन्वेषक, प्राणि-विशेषज्ञ रामेश बेदी ने अपनी दीर्घकालीन अनुभव के आधार पर उनकी प्रकृति और जातियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें निम्नलिखित वर्गों में श्रेणीबद्ध किया है—स्तनपायी की 44 जातियाँ, पक्षियों की 42 जातियाँ, सरीसृपों की 12 जातियाँ, क्षुद्र जीवों की 12 जातियाँ, कुल 110 जातियाँ। इन जीव-जन्तुओं के सम्बन्ध में दिए गए 46 रंगीन फोटो तथा 128 सादे चित्र इनके स्वरूप को भली भाँति समझने में सहायक होंगे। चरकसंहिता के जीव-जन्तुओं के स्वरूप, रहन-सहन, आहार-विहार, पारिवारिक जीवन, प्रजनन, सन्तान का पालन-पोषण, इन्सान के साथ उनका स्नेहिल व्यवहार, इन्सान के लिए उनकी उपादेयता का लेखक ने विस्तार से परिचय दिया है। लेखक के अनुभव रोचक हैं। भाषा सरल, प्रवाहमयी और आकर्षक है।
Shrikrishnacharitra
- Author Name:
Bankim Chandra Chatterjee
- Book Type:

- Description: श्रीकृष्णचरित्र बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय की मूलतः बांग्ला में इसी नाम से रचित कालजयी कृति का अनुवाद है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के वास्तविक चरित्र को ऐतिहासिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। गहन शोध और तर्कपूर्ण विश्लेषण के साथ, बंकिमचन्द्र ने श्रीकृष्ण को केवल एक पौराणिक नायक के रूप में नहीं बल्कि एक आदर्श मानव, दूरद्रष्टा राजनयिक और अलौकिक ज्ञान-सम्पन्न दार्शनिक के रूप में चित्रित किया है। लगभग 130 वर्ष पहले रची गई इस पुस्तक में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को कालानुक्रम में प्रस्तुत किया गया है। महाभारत, प्रमुख पुराणों तथा अन्य धार्मिक सन्दर्भों के प्रामाणिक उद्धरणों से समृद्ध यह पुस्तक प्राचीन और मान्य ग्रन्थों के आधार पर श्रीकृष्ण के जीवन, व्यक्तित्व-कृतित्व और उनकी शिक्षाओं को पुनर्परिभाषित करती है, जो भारतीय संस्कृति और नैतिकता के मूल्यों को सहजता से स्पष्ट करती हैं। इस कालजयी रचना की सामग्री तथा मूल शैली को बनाए रख कर, अपरिहार्य संशोधनों के साथ, इस अनूदित संस्करण को आधुनिक पाठकों के लिए अधिक प्रासंगिक बनाया गया है। निस्सन्देह यह कृति साहित्य, इतिहास, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए नितान्त पठनीय और अवश्य संग्रहणीय है।
Ins and Outs of INDIAN THEATRE
- Author Name:
H S Shivaprakash
- Rating:
- Book Type:

- Description: Anthology of Essays on Contemporary Indian Theatre
1000 Mahabharat Prashnottari
- Author Name:
Rajendra Pratap Singh
- Book Type:

- Description: क्या आप जानते हैं-' वह कौन पांडव वंशज था, जिसने एक बार अनजाने में ही भीम को मल्ल-युद्ध में पराजित कर दिया था ', ' धृतराष्ट्र का वह कौन पुत्र था, जो महाभारत युद्ध में जीवित बच गया था ', ' किस वीर से युद्ध करते हुए अर्जुन की मृत्यु हो गई थी ', ' द्रौपदी को ' याज्ञसेनी ' क्यों कहते थे ', ' हस्तिनापुर का नाम ' हस्तिनापुर ' कैसे पड़ा ', ' महाभारत युद्ध में कुल कितने योद्धा मारे गए थे ', ' उस अस्त्र को क्या कहते हैं, जिसके प्रयोग करने पर पत्थरों की वर्षा होने लगती थी ' तथा ' एक ब्रह्मास्त्र को दूसरे ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर दबा देने से कितने वर्षों तक वर्षा नहीं होती थी?' यदि नहीं, तो ' महाभारत प्रश्नोत्तरी ' पढ़ें । आपको इसमें इन सभी और ऐसे ही रोचक, रोमांचक, जिज्ञासापूर्ण व खोजपरक 1000 प्रश्नों के उत्तर जानने को मिलेंगे । इस पुस्तक में भीष्म, द्रोण, कर्ण, अर्जुन, भीम एवं अभिमन्यु जैसे पराक्रमियों के अद्भुत शौर्य का वर्णन तो है ही, विभिन्न शस्त्रास्त्रों, दिव्यास्त्रों एवं उनके प्रयोगों और प्रयोग के पश्चत् परिणामों की जानकारी भी दी गई है । इसके अतिरिक्त महाभारतकालीन नदियों, पर्वतों, राज्यों, नगरों तथा राज्याधिपतियो का सुस्पष्ट संदर्भ भी जानने को मिलता है । साथ ही लगभग दो सौ विभिन्न पात्रों के माता, पिता, पत्नी, पुत्र- पुत्री, पितामह, पौत्र, नाना, मामा आदि संबंधों का खोजपरक विवरण भी । यह पुस्तक आम पाठकों के लिए तो महत्त्वपूर्ण है ही, लेखकों संपादकों पत्रकारों वक्ताओं, शोधार्थियों, शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है । वस्तुत: यह महाभारत का संदर्भ कोश है ।
Cinema Ka Ishq
- Author Name:
Pitras Bukhari
- Book Type:

- Description: पितरस बुख़ारी का पूरा नाम पीर सैयद अहमद शाह बुख़ारी है। आपका ताल्लुक़ पाकिस्तान के पेशावर से हैं। शुरूआती तालीम पाकिस्तान ही में पायी और एम.ए. करने के बाद इंग्लिस्तान की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में डिग्री हासिल की। लाहौर में बतौर उस्ताद आपकी ख़िदमात रहीं और कई बरस तक ऑल इंडिया रेडियो में अलग-अलग ओहदों पर रहे। 1952 में यूनाइटेड नेशन्स में नुमाइन्दे चुने गए, जहाँ 1954 तक रहे। पितरस के लिखे मज़ामीन ज़माने भर में मशहूर हैं मगर इस किताब में मुन्तख़ब 11 मज़ामीन का एक अलग मक़ाम है। आपका लिखा हुआ मिज़ाह उर्दू अदब में बेशक़ीमती सरमाया है। यही वजह है कि आपके इन्तेक़ाल के अगले ही रोज़ न्यूयॉर्क टाईम्स (6 दिसम्बर 1958) ने अपने इदारिया में उनको याद करते हुए 'सिटिज़न सिटिज़न ऑफ वर्ल्ड' कहा। 2013 में पाकिस्तानी हुक़ूमत के ज़रिए आपको मुल्क का दूसरा सबसे बड़ा सिटिज़न अवॉर्ड 'हिलाल-ए-इम्तियाज़' भी दिया गया। शुऐब शाहिद का तआल्लुक़ बुनियादी तौर पर उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर से है। इस वक़्त आपकी शिनाख़्त मुल्क के एक मशहूर बुक कवर डिज़ाइनर के तौर पर होती है। दुनिया की कई मशहूर किताबों पर बतौर आर्टिस्ट काम करने के सबब आपकी अदबी दुनिया में एक ख़ास मक़बूलियत है। मुल्कगीर और बैनुलअक़्वामी सतह पर कई अवार्ड्स के साथ आपका नाम रहा है। आपके लिखे मज़ामीन, ख़ुतूत और बिलख़ुसूस उर्दू मिज़ाह से मुताल्लिक मज़ामीन हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बहुत से रिसालों में अक्सर शाया होते हैं और आप अवाम-ए-ख़ास-ओ-आम में अपने मुन्फ़रद अन्दाज़ के लिए काफ़ी मकबूल हैं। इन दिनों क्लासिकल उर्दू अदब को देवनागरी रस्मुल-ख़त में लाने का तारीख़ी काम अंजाम दे रहे हैं।
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