Footprints of Jagadev Ramji
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The observations of Jagdev Ram ji encircle the Hindu philosophy along with academic research and study of contemporary social currents. He emphatically proclaimed that the soul of ‘Janjati’ way of life is intrinsically connected to the Hindu way of life. He dedicated his life for the emancipation of the janjati society and his teachings serve as guidance towards adoption of ethical practices to lead better lives.
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The observations of Jagdev Ram ji encircle the Hindu philosophy along with academic research and study of contemporary social currents. He emphatically proclaimed that the soul of ‘Janjati’ way of life is intrinsically connected to the Hindu way of life. He dedicated his life for the emancipation of the janjati society and his teachings serve as guidance towards adoption of ethical practices to lead better lives.
Book Details
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ISBN9789394534124
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Pages56
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Avg Reading Time2 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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समाजवादी चिन्तक प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा प्रणीत यह पुस्तक डॉ. लोहिया के अक्षय व्यक्तित्व एवं कृतित्व का बहुआयामी मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। डॉ. लोहिया की वैश्विक दृष्टि की व्यापकता का संज्ञान कराती एवं सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में परिवर्तन के अग्रदूत के रूप में उन्हें प्रतिष्ठित करती हुई यह कृति एक नया चिन्तन प्रस्तुत करती है। डॉ. लोहिया का जीवन-संघर्ष निरन्तर सामाजिक या उत्थानवादी चेतना के द्वन्द्व को रूपायित करता है। आर्थिक ग़ैर-बराबरी दूर करने और समतामूलक समाज बनाने में उनका चिन्तन मार्क्सवादियों से भिन्न था।
भारतीय समाजवाद के प्रवर्तक डॉ. लोहिया की 105वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में प्रो. यादव द्वारा रचित इस किताब की उपादेयता समाजवाद के विकास की दिशा में एक अमूल्य योगदान है। पुस्तक की उपादेयता इस अर्थ में भी बढ़ जाती है कि यह लोहिया जी के व्यक्तित्व और उनकी निज परिमार्जित की हुई विचारधारा और उनके योगदान सब पर समुचित प्रकाश डालती है।
Jugaad
- Author Name:
Navi Radjou +2
- Book Type:

- Description: “ज्या कॉर्पोरेट अधिकार्यांना आणि व्यावसायिकांना यशस्वी व्हायचं आहे आणि स्वत:ची प्रगतीही करून घ्यायची आहे आणि तीही फक्त साधनसामग्रीच्या बाबतीत कायमच अभावग्रस्त असणार्या भारतासारख्या देशामध्येच फक्त नाही, तर जगातल्या सर्वच बाजारपेठांमध्ये त्यांना हे साध्य करायचं आहे, त्यांना हे पुस्तक उपयुक्त वाचनापलीकडेही आणखी बरंच काही देऊन जातं!’’ रतन टाटा, चेअरमन, टाटा ग्रूप. “जुगाड संशोधन ह्या विषयाचा विविध अंगांनी विचार करणारं आणि अतिशय उत्तम तर्हेनं लिहिलेलं पुस्तक... पानापानांवरचं उत्कंठावर्धक विवेचन... उपाययोजनांचा आणि महत्त्वपूर्ण माहितीचा अमूल्य खजिना.’’ - इंडिया टुडे Jugaad - Navi Radjou, Jaideep Prabhu, Simone Ahuja जुगाड - नवी राजू, जयदीप प्रभू , सिमॉन आहुजा
Gandhi evam Pandit Nehru ka Vaicharik Drashtikon
- Author Name:
Dr. Siyaram Shukla
- Book Type:

- Description: Description Awaited
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