1000 Jeev Jantu Prashnottari
Author:
Menaka GandhiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
1000 जीव-जंतु प्रश्नोत्तरी ' में संसार भर के समस्त जीवों-चाहे वे जल में वास करनेवाले हैं या जमीन पर रहनेवाले हैं अथवा गगन में स्वच्छंद विचरण करनेवाले; जमीन पर रेंगनेवाले, पानी में तैरनेवाले या जमीन पर जीवन के लिए संघर्ष करनेवाले हैं-उनकी आदतों, वातावरण, रहन-सहन, शिकार एवं भोजन प्राप्ति, उनकी संतति तथा उनकी जीवन- रक्षा की पद्धति से संबंधित रहस्यपूर्ण व जानकारीपरक वर्णन है ।
जीव-जगत् का समग्र दिग्दर्शन करानेवाले जंतु विज्ञान का विशद् ज्ञान कराने के उद्देश्य से एक हजार प्रश्नों का संकलन बड़ी सूझ-बूझ और सुबोध एवं सरल भाषा में किया गया है ।
प्रस्तुत पुस्तक को पढ़कर पाठकगण जीव-जंतुओं के अनोखे संसार की रोचक जानकारी प्राप्त कर इस क्षेत्र में अपने ज्ञान का विस्तार सहज ही कर पाएँगे ।
ISBN: 9788177212723
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: नई शिक्षा नीति से विद्यार्थियों, अध्यापकों, शोधार्थियों व शैक्षिक नेतृत्व की सोच में व्यापक बदलाव होगा। समकालीन विषय, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजाइन थिंकिंग, होलिस्टिक हेल्थ, ऑर्गेनिक लिविंग, इनवायरनमेंटल एजुकेशन, ग्लोबल सिटिजनशिप एजुकेशन आदि शामिल करने से शिक्षा के स्तर में काफी बढ़ोतरी होगी। नई शिक्षा नीति में हमारा पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि हमारी बालिकाएँ कहीं भी पीछे नहीं रहें। केवल भारत ही एक ऐसा देश है, जहाँ पर अल्पसंख्यकों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ। जहाँ एक ओर हमने हमेशा विदेशी भूमि से लोगों का स्वागत किया है और उन्हें गले लगाया है, उनके मूल्यों और परंपराओं को समाहित करती हमारी संस्कृति अत्यंत विविधताओं को समेटे हुए एक खूबसूरत जीवंतता के दर्शन कराती है। आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है, क्योंकि विषम परिस्थितियों में भी अद्भुत जिजीविषा का परिचय देकर भारतीयों ने हर क्षेत्र—शिक्षा, उद्योग, विज्ञान, पर्यावरण, अनुसंधान में मुँह बाए खड़ी चुनौतियों को अवसर में बदलकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। प्रस्तुत पुस्तक भारतीय कर्मशीलता और कर्तव्यबोध का दिग्दर्शन कराती सकारात्मकता जाग्रत् करनेवाली कृति है।
Samkaleen Antarashtriya Sambandh
- Author Name:
Vivek Ojha
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक अन्तरराष्ट्रीय राजनीति और सम्बन्धों की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर समसामयिक सन्दर्भों और घटनाक्रम को अद्यतन रूप में प्रस्तुत करती है। पुस्तक में भारत की विदेश नीति की उभरती प्रवृत्तियों, विकसित-विकासशील देशों की राजनीति को प्रभावित करनेवाले कारकों और पोस्ट कोविड विश्व-व्यवस्था की सम्भावित प्रकृति को विस्तार से समाहित किया गया है। इसमें उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इस पुस्तक को समावेशी बनाने का प्रयास करते हुए पाठ्यक्रम के सभी महत्त्वपूर्ण विषयों को प्रासंगिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Gandhijan Charitramala
- Author Name:
Sunanda Mohini +7
- Book Type:

- Description: आज आपण नवभारताची संकल्पना, ‘आयडिया ऑफ इंडिया’ हीच विसरलो आहोत. हा देश येथे राहणाऱ्या सर्वांचा आहे, त्यावर त्यांचा समान हक्क आहे, समता-न्याय-बंधुता ह्यांवर आधारित देश उभारणे, त्याला समृद्ध करणे ही ह्या सर्वांची सामायिक जबाबदारी आहे, ही झाली ‘आयडिया ऑफ इंडिया.’ द्वेष आणि उन्मादाने भारलेल्या आजच्या वातावरणातून बाहेर पडण्यासाठी आपल्याला ह्या संकल्पनेचे आणि तिची पायाभरणी करणाऱ्यांचे पुनर्स्मरण करावेच लागेल. याच भूमिकेतून घेऊन येत आहोत गांधीजन चरित्रमाला... अनुराधा मोहनी संपादित या चरित्रमालेत आपल्याला वाचायला मिळतील एकाहून एक सिद्धहस्त लेखकांच्या लेखणीतून साकारण्यात आलेली आठ दिग्गज व्यक्तिमत्वांची चरित्र म्हणजेच गांधीजनांची चरित्रमाला ! 1. सर्वांचे गांधीजी । रवीन्द्र रुक्मिणी पंढरीनाथ 2. सावली नव्हे, जीवनसंगिनी – कस्तुरबा गांधी । सुनन्दा मोहनी 3. क्रांतिकारक ऋषी विनोबा भावे । मीना श्रीकांत कारंजेकर 4. नियतीशी करार करणार महामानव- पंडित जवाहरलाल नेहरू । हेमंत कर्णिक 5. नवभारताचे पहिले शिक्षणमंत्री मौलाना आझाद । नंदू गुरव 6. दीपशिखा सरोजिनी नायडू । डॉ. सिसिलिया कार्व्हालो 7. अहिंसेचा उपासक खान अब्दुल गफ्फार खान । श्याम पाखरे 8. मातृहृदयी समतायोद्धा साने गुरूजी । सुचिता पडळकर गांधीजन चरित्रमाला – संपादन : अनुराधा मोहिनी Gandhijan Charitramala – sampadan : Anuradha Mohini Lekhak - Ravindra Rukmini Pandharinath , Sunanda Mohini , Meena Shrikan Karanjekar, Hemant Karnik, Nandu Gurav, Dr, sisilia karvhalo, Shyam Pakhare, Suchita Padalkar
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