Shantanukulnandan
(0)
Author:
Purabi Bormudoi, Purna Kumar SarmahPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
NepaliCategory:
Contemporary-fiction₹
295
₹ 244.85 (17% off)
Available
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शान्तनुकुलनन्दन - पुरस्कृत असमिया उपन्यास अति ग़हिरो भावपूर्ण र जीवन्त भाषाशैलीमा रचिएको ऐतिहासिक कथानक हो। अनादि अनंतकालसम्म प्रवाहित महानदी ब्रह्मपुत्र को जीवन रेखा महामुनि शान्तनु र भार्गव परशुरामको जीवन संग जोडेर संपूर्ण भारतीय भाषा-कृष्टि, धर्म-संस्कृति यस्को उद्भव अनी विकास सम्म मननशील शास्त्र सम्मत इतिहासपरक दस्तावेज भन्न मिल्दछ। प्राचीन भारतमा किरातहरुको, आर्यहरुको उपस्थिति प्रवजन, यवनहारूको व्यावसायिक परिभ्रमणले भारतको उत्तर-दक्षिण पूर्व-पश्चिम सबै दिशा र परिवर्तनशील समयको बदलिदो दिशा र दशालाइ शान्तनुकुलनन्दनले समेटेको छायस्को भाषिक उच्चतपूर्वक मर्यादापूर्ण कथनभड़गीले पाठकलाई स्वत समाहित गराउछ।
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शान्तनुकुलनन्दन - पुरस्कृत असमिया उपन्यास अति ग़हिरो भावपूर्ण र जीवन्त भाषाशैलीमा रचिएको ऐतिहासिक कथानक हो। अनादि अनंतकालसम्म प्रवाहित महानदी ब्रह्मपुत्र को जीवन रेखा महामुनि शान्तनु र भार्गव परशुरामको जीवन संग जोडेर संपूर्ण भारतीय भाषा-कृष्टि, धर्म-संस्कृति यस्को उद्भव अनी विकास सम्म मननशील शास्त्र सम्मत इतिहासपरक दस्तावेज भन्न मिल्दछ।
प्राचीन भारतमा किरातहरुको, आर्यहरुको उपस्थिति प्रवजन, यवनहारूको व्यावसायिक परिभ्रमणले भारतको उत्तर-दक्षिण पूर्व-पश्चिम सबै दिशा र परिवर्तनशील समयको बदलिदो दिशा र दशालाइ शान्तनुकुलनन्दनले समेटेको छायस्को भाषिक उच्चतपूर्वक मर्यादापूर्ण कथनभड़गीले पाठकलाई स्वत समाहित गराउछ।
Book Details
-
ISBN9789389467499
-
Pages268
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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