The Last Fliker
(2)
Author:
Ajmer S. Rode, Gurdial SinghPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
Contemporary-fiction₹
70
₹ 58.1 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Long ago Dharam Singh's father had brought Thola to this village. He treated him as his own brother and had even gifted four bighas of land to him. After Thola's death, Dharam Singh took sole responsibility of his son Jagsir and his mother Nondi. Over the years however, things changed. The tragedy of Jagsir is not confined to this. It is also a tragedy of unfulfilled love of Bhani, Nikka's wife. Through his long years of loneliness, it is opium which somewhat alleviates the storm raging inside him.
Read moreAbout the Book
Long ago Dharam Singh's father had brought Thola to this village. He treated him as his own brother and had even gifted four bighas of land to him. After Thola's death, Dharam Singh took sole responsibility of his son Jagsir and his mother Nondi.
Over the years however, things changed.
The tragedy of Jagsir is not confined to this. It is also a tragedy of unfulfilled love of Bhani, Nikka's wife. Through his long years of loneliness, it is opium which somewhat alleviates the storm raging inside him.
Book Details
-
ISBN8172012330
-
Pages123
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Parai Daal Ka Panchhi
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

- Description: महत्त्वाकांक्षा, प्यार और स्वार्थ। दीपक को अपने जीवन का सार यही लगता है। लेकिन उसे महसूस होता है कि जीवन से उसे कुछ नहीं मिला। पत्नी के रूप में उसे अहिल्या मिली जबकि वह चाहता था कि उसकी शादी किसी आधुनिक लड़की से होती। इसलिए वह हमेशा किसी पराई डाल की तलाश में रहता है, मित्रों के घर में, उनकी पत्नियों से ऐसा व्यवहार कर जाता है जो अपेक्षित नहीं है। इसके लिए उसे कई बार अपमान का पात्र भी बनना पड़ता है, जिसके चलते कुछ समय के लिए वह एक संयमित पारिवारिक जीवन बिताने और अपने मन के ऊपर नियन्त्रण रखने का संकल्प भी लेता है। लेकिन फिर रेखा उसकी जिन्दगी में आती है। साहित्य में रुचि रखनेवाली एक मेधावी छात्रा। दीपक की बौद्धिक बातों से वह उसके प्रेमपाश में बँध जाती है और दीपक एक बार फिर अहिल्या से दूर अपने सुख की तलाश में चल देता है... इस मनोविश्लेषणात्मक उपन्यास में अमरकान्त एक मध्यवर्गीय परिवार में स्त्री की स्थिति को भी भली-भाँति चित्रित करते हैं, और समाज के सम्बन्धों को भी जिनका आधार बहुत छोटे-छोटे स्वार्थ होते हैं।
Shyam Swapn
- Author Name:
Thakur Jagmohan Singh
- Book Type:

- Description: यह एक विचित्र संयोग ही कहा जाएगा कि जिस अंचल में रहकर बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे आधुनिक चिन्तक-कवि ने अपने समय के खुरदुरे और अदम्य यथार्थ के लिए फंतासी की विधि का आविष्कार किया, उसी अंचल के ठाकुर जगमोहन सिंह ने उन्नीसवीं शताब्दी के अन्त के कुछ बरसों पहले एक पूरा उपन्यास ही फंतासी के रूप में लिखा। हिन्दी में यथार्थ के चित्रण की जो इकहरी परम्परा बाद में लगभग केन्द्रीय बन गई उसमें इस उत्तराधिकार का कोई बोध या स्मृति, दुर्भाग्य से, शेष नहीं है। उपन्यास की गल्पता को हिन्दी में इतनी जल्दी साध लिया गया था और उसे अपनी जातीय परम्परा के अनुकूल भी कर लिया गया था, यह जानना आज के स्मृतिवंचित दौर में रोमांचक है। इस अनोखे गद्य में मध्यकालीन कविता ‘स्वच्छन्द’ है : उस पर सचाई का व्यर्थ का बोझ नहीं है, बल्कि सपने की सहज प्रवाहमयता है। वह खिलता, स्पन्दित, कविसमयों में विन्यस्त ऐसा गद्य है कि विशेषत: आज तो सर्वथा अनन्य लगता है। ‘श्यामास्वप्न’ का पुनर्प्रकाशन सचमुच एक साहित्यिक घटना है। शायद इसका एक और साक्ष्य कि कैसे कई मायनों में उत्तर-आधुनिक हमारे यहाँ प्राक्-आधुनिक है। —अशोक वाजपेयी
Karmeleena
- Author Name:
Damodar Mauzo +1
- Book Type:

- Description: Karmeleena- Damodar Mauzo's Award Winning Novel translated by S. M. Krishna Rao from Konkani to English.
Gaon Wala Angrezi School
- Author Name:
Pranjal Saxena
- Book Type:

- Description: गाँव वाला अंग्रेजी स्कूल एक ऐसी पुस्तक है जिसमें बच्चों से लेकर बड़ों सबके लिए कुछ न कुछ है। एक ऐसी किताब जिसमें कोई बकवास न हो, जिसमें कठिन वाला इतिहास न हो और जिसे पढ़कर कोई उदास न हो। कोई ऐसी किताब जिसे पढ़कर शिक्षा मिले और पता भी न चले कि कुछ सिखाया गया है। जिसे पढ़कर हँसी छूटे और कोई न रूठे। यह पुस्तक गाँव और शहर के बच्चों की सोच को एक पुल प्रदान करती है। हम लोग पिज्जा, बर्गर, टॉयज के लिए अपने पैरेंट्स से डिमांड पर डिमांड किए जाते हैं और न पूरी होने पर मुँह फुलाकर बैठ जाते हैं। लेकिन विलेज के बच्चों को तो कई बार लंच ही नहीं मिल पाता, लंच मिल जाए तो डिनर मिलेगा कि नहीं ये उन्हें नहीं पता। हमारे पेंसिल बॉक्स की जितनी कॉस्ट होती है उतनी कॉस्ट में यहाँ के बच्चे साल भर की स्कूल कॉपीज खरीद लेते हैं। हम ब्रांडेड नोट बुक्स की डिमांड करते हैं और प्रमोद जैसे बच्चों के पास तो स्लीपर्स तक नहीं हैं। जब हम दीपावली पर क्रैकर्स के लिए जिद कर रहे होते हैं उस समय हमसे भी छोटे बच्चे मिट्टी के दिये बना रहे होते हैं ताकि उन्हें बेचकर त्योहार पर तो एक ही दिन में लंच और डिनर दोनों कर सकें। प्रांजल सक्सेना
Baisvin Sadi
- Author Name:
Rahul Sankrityayan
- Book Type:

- Description: ‘बाईसवीं सदी’ राहुल सांकृत्यायन का पहला उपन्यास है। गोकि उन्होंने इसे भ्रमण-वृत्तान्त, निबन्ध और शब्दचित्र कहा था। वास्तव में यह अपने ढंग की अनूठी रचना है जो विधागत सीमाओं का अतिक्रमण करने के बावजूद अपनी औपन्यासिकता बचाए रखती है और असाधारण रूप से पठनीय है। इसमें राहुल ने भविष्य का वह चित्र आँका है जिसकी परिकल्पना उनके मन में थी। वे जिस समय—1924 में—यह पुस्तक लिख रहे थे उस समय रूस में साम्यवादी क्रान्ति हो चुकी थी और भारत में आज़ादी की लड़ाई असहयोग आन्दोलन के बाद नए मोड़ पर पहुँच चुकी थी। वे आज़ादी की लड़ाई में ख़ुद सक्रिय थे। ज़ाहिर तौर पर उनके सामने बराबरी और आज़ादी का एक उद्देश्य एक आदर्श था जिसकी प्रेरणा इस कृति में स्पष्ट दिखाई देती है। ‘बाईसवीं सदी’ एक ऐसे समाज का ख़ाका पेश करता है जो ज्ञान-विज्ञान में उन्नति हासिल कर, पुरानी व्यवस्था को आमूल बदलकर अभाव और भेदभाव की समस्त बेड़ियाँ तोड़ चुका है। कहना आवश्यक नहीं कि भावी समय का यह आख्यान पाठक को एक तरफ़, वर्तमान समाज की विषमताओं और बन्धनों के विरुद्ध सचेत करता है तो दूसरी तरफ, बराबरी पर आधारित समाज के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रेरित भी। हिन्दी का पहला यूटोपियाई उपन्यास!
Vaishalinama : Loktrantra Ki Janamkatha
- Author Name:
Prabhat Pranit
- Book Type:

- Description: वैशालीनामा सुदूर अतीत की पृष्ठभूमि में ऐसी एक कथा प्रस्तुत करता है जो न केवल रोचक है बल्कि जिसमें निहित मूल्यबोध तत्कालीन देशकाल में जितना युग-परिवर्तक हो सकता था, उससे कम परिवर्तनकारी और प्रासंगिक वह आज भी नहीं है। वह मूल्यबोध है मनुष्यमात्र की समानता का। यह समानता ऐसी किसी व्यवस्था में सम्भव नहीं हो सकती जिसका आधार स्वयं असमानता पर टिका हो। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था ही यह सम्भव कर सकती है। वैशाली को लोकतंत्र की जन्मस्थली माना जाता है। इतिहास ही नहीं, इसके पौराणिक सन्दर्भ भी मिलते हैं। लेखक ने इस उपन्यास के लिए एक पौराणिक आख्यान को आधार बनाया है और वर्णों के श्रेणीक्रम में विभाजित समाज की सतह के नीचे खदबदाते उस लावे पर रोशनी डाली है जो मुट्ठीभर उच्चस्थों के वर्चस्व से उत्पीड़ित अधिसंख्य जनों के क्षोभ और क्रोध से निर्मित है। स्पष्टतः यह किसी पूर्ववर्णित आख्यान का औपन्यासिक रूपान्तर मात्र नहीं है। लेखकीय कल्पना का इसमें पर्याप्त निवेश हुआ है जिसके जरिये यह कृति राजतंत्र के प्राचीन युग में समाज में व्याप्त असमानता और उसके विरुद्ध हुई प्रतिक्रिया का उल्लेख कर लोकतंत्र के आदि रूप को रेखांकित करता है और किसी ऐतिहासिकता का दावा किये बिना एक समानता पर आधारित समाज का आह्वान करता है।
Wah Phir Nahin Aai
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Book Type:

- Description: "लेकिन शायद हम झूठ से अलग रह ही नहीं सकते। हमारा सामाजिक जीवन भी तो एक तरह का व्यापार है—आर्थिक न भी सही, भावनात्मक व्यापार, यद्यपि यह अर्थ हमारे अस्तित्व से ऐसे बुरी तरह चिपक गया है कि हम इससे भावना को मुक्त रख ही नहीं पाते। इस व्यापार में माल नहीं बेचा जाता या ख़रीदा जाता, बल्कि भावना का क्रय-विक्रय होता है। हमारा समस्त जीवन ही लेन-देन का है, और इसलिए झूठ की इस परम्परा को तोड़ सकने की सामर्थ्य मुझमें नहीं है। सामाजिक शिष्टाचार निभाने के लिए मैं निकल पड़ा। और कोई काम भी तो नहीं था मेरे पास।" नारी सनातन काल से पुरुष की लालसा का केन्द्र है। जीवन के संघर्षों में फँसकर अभागी नारी को संसार के प्रत्येक छल-कपट का सहारा लेना पड़ता है। किन्तु आधुनिक जीवन-संघर्षों की विषमता में ममता का सम्बल जीवन-नौका के लिए महान आशा है। भगवती बाबू का यह उपन्यास आकार में छोटा होकर भी अपनी प्रभावशीलता में व्यापक है, जिसकी गूँज देर तक अपने भीतर और बाहर महसूस की जा सकती है।
Ek Doctor Ki Kahani
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘एक डॉक्टर की कहानी’ दरअसल जया की कहानी है और उसके देखे-महसूस किये जीवन की। जैसे जीवन का एक आम-सा चलचित्र एक फ़्रेम में विशिष्ट हो उठा हो। एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की जया अपनी पढ़ाई, विद्यार्थी जीवन और युवा सपनों की यात्रा करते हुए एक दिन गिनेस से मिलती है, और माँ-पिता की असहमति के बावजूद उससे शादी कर लेती है। गिनेस का सम्बन्ध भारतीय मूल के एक मॉरीशसवासी परिवार से है। दिल्ली में वह अपने अध्ययन के लिए एक अस्पताल में कार्यरत है। अत्यन्त संप्रेषणीय और रोचक ढंग से लिखी हुई इस कथा में हमें मुख्य रूप से अस्पताल के भीतर की ज़िन्दगी के दर्शन होते हैं जिन्हें ममता जी ने बहुत सूक्ष्म ऑब्ज़र्वेशन के साथ उकेरा है। डॉक्टरों का निर्मम और स्वार्थी रवैया, पैसे का लोभ, मरीजों की बेबसी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का जीवन आदि का एक कैलाइडोस्कोपिक विवरण हमें इस उपन्यास में मिलता है। गिनेस इस सबमें शामिल नहीं है, वह एक कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील डॉक्टर है लेकिन अपने काम के प्रति उसका यह निष्ठा-भाव जया को कई बार अकेला-सा कर जाता है। सबकुछ अच्छा होने के बावजूद जया को लगता है कि उसके पास वही नहीं रह गया जिसकी ज़रूरत उसे सबसे ज़्यादा है। दिल्ली और मॉरीशस का भूगोल इस उपन्यास को एक अलग आस्वाद प्रदान करता है।
Prarabdha
- Author Name:
Niharika
- Book Type:

- Description: दिन बीतते रहे। मुन्ना पढ़ने में तेज था। मास्टर जी उसकी खूब बड़ाई करते। स्कूल में पाँच किलास तक पढ़ाई थी तो मुन्ना का पढ़ाई अच्छे से होते रहा। खेती से धान, मकई, मूँग अच्छा हो रहा था। हम अनाज बदलकर जरूरी सामान खरीद लेते और घर खर्च से अधिक रखकर बाकी बेच देते। हजार सोने की मोहर में से एक-चौथाई खर्च हो गया था। चाँदी के सिक्के भी दो-ढाई हजार नग थे। उसमें भी लगभग हजार नग खर्च हो गए थे। इसलिए बक्सा में ताला लगाकर उसे हमने अपने पलंग के नीचे रख दिया था और उस पर टूटे-फूटे बरतन रख दिये। अनाज बेचकर जो पैसा मिलता उससे हम कुछ बचा लेते। मुंशी काका ने आसपास और भी जमीन सस्ते दाम पर खरीद ली थी। अब तक जोत 30 बीघा हो गई थी। बस एक कुआँ बनवाना था हमें, जिससे पानी के लिए गाँव में एक कुएँ पर ही न रहना पड़े। घर भी कुआँ के बिना पूरा नहीं था। मुन्ना की पाँच किलास की पढ़ाई और कुआँ का बनना एक साथ ही सम्पन्न हुआ। अब तक चार दुधारू गाय, दो जोड़ी बैल और एक बैलगाड़ी भी घर में आ गई थी। मुन्ना भी खेती के काम में हाथ बँटाता। पर वह हर दिन मुझसे आगे पढ़ने के लिए शहर जाने की जिद करता। उसके एक-दो संगी-साथी शहर चले गए थे और अपने जान-पहचान में रहकर बड़ी किलास में पढ़ने लगे थे। पर हमारे पास तो कोई उपाय नहीं था।
The Tale of a Place
- Author Name:
S.K. Pottekkat +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Prema Jayakumar provides the English translation of S.K. Pottekkar's acclaimed Malayalam novel, ' Oru Deshanthinte Katha, ' published by Sahitya Akademi in 2015. The narrative centres on Sreedharan, a boy from Athiranippadam, portraying villagers' lives through the perspectives of the narrator and other characters. Set during British India, the story begins with Sreedharan's return to his hometown after more than 40 years. He is dropped near a petrol overhead tank on the site of his teenage love's house. He recounts the lives of the residents of Athiranippadam. The novel is segmented into five parts: childhood, early youth, teenage years, and a final section called "marmarangal." It features a story told by Velu Mooper, who witnesses events after Sreedharan's father's death, following his extensive travels to North India, Africa, and Europe. Throughout the story, he encounters individuals who leave lasting impressions from different stages of life, including Emma from Switzerland, a Bengali Babu, his half-brothers Kunhappu and Gopalettan (who caused him suffering by contracting syphilis), the mother goddess psyche of a Tamil Brahmin woman, with whom he longs, a girl who loved him unrequitedly before dying of tuberculosis, pranks with the " Supper Circuit Set, " lost loves, profound loneliness, his father's legendary life, and his journeys across continents. He started by dropping off his widowed mother at her family's home, initially at Elanhippoyil, then heading to Bombay- a solitary voyage into the vast, bewildering world, as SKP describes. This haunting autobiographical novel spans about 60 years of history, reflecting on themes of memory, nostalgia, hardship, dreams, and numbness. It concludes with a monologue: "Forgive me, the representative of the new generation of Athiranippadam, forgive me for trespassing into your land, and consider me merely an antique collector, a non-native!"
Deewar Me rasta
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Lahrein
- Author Name:
Amarnath
- Book Type:

- Description: सामाजिक सरोकारों को लेकर अत्यन्त सचेत कथाकार अमरकान्त के इस उपन्यास के केन्द्र में क़स्बाई परिवेश की साधारण घरेलू महिलाएँ हैं जो धीरे-धीरे पुरुषप्रधान पारिवारिक व्यवस्था में अपनी अस्मिता और स्थिति के प्रति सजग होती हैं। उनका यह सफ़र शुरू होता है उस वक़्त जब मुहल्ले में किराये पर रहने वाला एक आत्ममुग्ध व्यक्ति बरसों से गाँव में छोड़ी अपनी पत्नी को लेकर आता है। यह सीधी-सादी ग्रामीण स्त्री बस एक सवाल से वहाँ की सुखी-सन्तुष्ट स्त्रियों को झिंझोड़ देती है—‘ख़ूब कहती हो बहिनी, कहीं सुहागिन स्त्री का नाम पूछता है कोई? नाम लेकर बुलाता है भला?’ इस सवाल का जवाब किसी से नहीं बन पाता। वे सोचने लगती हैं कि वाक़ई, अपने ही विवाहित जीवन में, अपने ही परिवार में उनका नाम कैसे ग़ायब हो गया! यहीं से शुरू होता है उनका आत्म-चिन्तन जो पहले अकेले-दुकेले और फिर नियमित बैठकों तक जाता है और एक संस्था के रूप में फलीभूत होता है। अपनी पहचान को लेकर सजग होती स्त्रियों की विचारोत्तेज कथा है यह कृति।
Hatya
- Author Name:
Hrideyesh
- Book Type:

- Description: सुपरिचित कथाकार हृदयेश ने इस उपन्यास में एक छोटे-से शहर की धड़कती ज़िन्दगी को केन्द्र बनाकर हत्या जैसे कृत्य के बहुआयामी चित्र प्रस्तुत किए हैं। शिवनारायण एक आदर्शवादी व्यक्ति है, और है शहर का एक नामी गुंडा चुन्नू जो मोहल्ले और शहर के निरीह लोगों पर जोर-जुल्म करता है। शिवनारायण उसकी इन हरकतों पर उत्तेजित होकर, उसके साथ कोई व्यक्तिगत शत्रुता न होते हुए भी, एक दिन उसकी हत्या कर देता है। मुक़दमा चलता है और अन्ततः शिवनारायण को फाँसी की सज़ा होती है। इस सारी प्रक्रिया में न केवल क़ानून का वास्तविक रूप उजागर होता है बल्कि हत्या के अनेक पहलू उभरकर सामने आते हैं। क़ानून की नज़र में हत्या सिर्फ़ एक आदमी के प्राण ले लेना है, जबकि हत्या व्यक्ति के चरित्र की, उज्ज्वल सम्भावनाओं की, अभिव्यक्ति पाने के लिए छटपटाती प्रतिभा की भी होती है। लेकिन समाज के कर्णधारों, सत्ता में बैठे लोगों और क़ानून के लिए हत्या के ये रूप चिन्तनीय नहीं हैं। ‘हत्या’ उपन्यास में लेखक ने इन सब पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है।
Nandit Narak Mein
- Author Name:
Humayun Ahmed
- Book Type:

- Description: Bangla novel by Humayun Ahmed Translated in Hindi by Ramlochan Thakur
Vaya Gurgaon
- Author Name:
Dushyant
- Book Type:

- Description: सुमन ने कहा कि कर दी ना सीधी सट्ट जाटोंवाली बात! महेंद्र ने कहा– क्यों जची नहीं क्या, सुमन ने कहा– जाटणी हूं, जी में आ जाए तो क्या नी जचे। और ना जचे तो भगवान भी नहीं जचा सके। वैसे बात तो सयाणी करी है। सोचने दो महेंद्र सिहाग जी। वैसे, गोदारों का जवाईं बनने का सुख भी आसानी से नहीं मिलता। –इसी उपन्यास से
Kasheer
- Author Name:
Sahana Vijayakumar
- Book Type:

- Description: यह एक त्रासदी है कि कुछ कहानियाँ अनकही रह जाती हैं, प्रमुख कथाओं और जटिल वास्तविकताओं के कोलाहल में खो जाती हैं। कश्मीरी हिंदुओं की कहानी ऐसी ही एक कहानी है। जब यह उपन्यास जुलाई 2018 में मूल रूप से कन्नड़ में प्रकाशित हुआ था, तब धारा 370 लागू थी। अब, इसके निरस्त होने के बाद भी, उपन्यास बहुत प्रासंगिक है। कश्मीर की सृष्टि और प्रगति का परिचय, उसके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयामों से कराते हुए, यह उपन्यास न केवल कश्मीर के समकालीन और ऐतिहासिक दोनों चित्रों की कल्पना करता है, बल्कि सनातन धर्म और सेमेटिक मतों के अंतर्निहित दर्शन की भी छानबीन करता है। यह आवश्यक है कि आनेवाले दिन कश्मीर के लिए आशावाद से भरे हों। साथ ही कश्मीरी हिंदुओं की दुर्भाग्यपूर्ण कहानी को जानना भी उतना ही आवश्यक है, जो अपनी मातृभूमि से बेदखल किए गए हैं। यह उनकी कहानी है। यह कश्मीर की कहानी है।
Main Ladi Aur Udi
- Author Name:
Ruchira Gupta
- Book Type:

- Description: बिहार में रेड-लाइट एरिया के बाहरी इलाक़े में, हीरा एक उधार की ज़िन्दगी जी रही है, तभी तक जब तक कि उसके पिता अपना कर्ज़ चुकाने के लिए उसे सेक्स ट्रेड में बेचने का फ़ैसला नहीं कर लेते। जैसा कि उसे बताया गया है, उस बाज़ार की सभी लड़कियों का यही हश्र होता है। लेकिन क्या हो अगर वह "क़िस्मत" के ख़िलाफ़ लड़ना सीख ले? एक लोकल हॉस्टल मालिक उसे कुंग फू सीखने का मौक़ा देता है, तो हीरा यह जानना शुरू करती है कि उसका शरीर कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिस पर कोई भी हमला करे, बल्कि यह एक ऐसा ज़रिया है जिससे वह खुद की रक्षा कर सकती है। उसे अकल्पनीय मुश्किलों का सामना करना पड़ता है—स्कूल से निकाली जाती है, प्रकृति की बेरहम ताक़तों, और एक लोकल तस्कर से निबटना पड़ता है जो उस पर से अपनी नज़र नहीं हटाता। लेकिन किस्मत बदल भी सकती है, बहादुरी संक्रामक होती है, एक से दूसरे तक जाने वाली। जैसे ही हीरा यूनाइटेड स्टेट्स में एक पेन पाल के ज़रिए अपनी लापता दोस्त का पता लगाने की कोशिश करती है, और एक प्रतियोगिता उसे न्यूयॉर्क ले जाती है, अपनी दोस्त की जान बचाने की चाहत उसे सबसे बड़ा जोखिम उठाने पर मजबूर कर देती है। ‘मैं लड़ी और उड़ी’ में एक्टिविस्ट और एमी अवॉर्ड विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर रुचिरा गुप्ता साहस, आज़ादी और बदलाव लाने की हमारी क्षमता की एक एक्शन-पैक, चौंकाने वाली और विजयी कहानी बुनाती हैं जो महाद्वीपों को पार कर जाती है।
Ramjanmabhoomi Andolan Ki Sangharshgatha
- Author Name:
Arun Anand +1
- Book Type:

- Description: रामजन्मभूमि' का अर्थ है, भगवान् राम का जन्मस्थान, जो भगवान् विष्णु के अवतार हैं। भगवान् राम का जन्मस्थान उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या में स्थित है, और हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। 1528 में बाबर ने अयोध्या के राम मंदिर को ध्वस्त करवाकर वहाँ एक मसजिद जैसे एक ढाँचे का निर्माण करवा दिया। तब से हिंदू इस स्थान को वापस पाने और इस पर राम मंदिर बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहे हैं। इसके लिए अनेक हिंदुओं ने अपने प्राणों की आहुति दी। 1980 के दशक के मध्य में राम मंदिर निर्माण का आंदोलन पुनः प्रारंभ किया गया था। इसने भारत में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नींव रखी और भारतीय राजनीति में भी एक परिणामकारी परिवर्तन का काल प्रारंभ हुआ । रामजन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के मामले को दुनिया के इतिहास में सबसे लंबी चलनेवाली कानूनी लड़ाई होने का गौरव भी प्राप्त है। इस मामले पर आखिरकार 2019 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय और रामजन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। यह पुस्तक 'रामजन्मभूमि' के इन सभी पहलुओं की पड़ताल करती हुई भव्य, उथल-पुथल भरी ऐतिहासिक गाथा के सभी महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को एक स्थान पर लाती है। 'रामजन्मभूमि' विषय पर ऐतिहासिक दस्तावेजों, धर्मग्रंथों, उपाख्यानों और दस्तावेजी बहसों से समर्थित यह पुस्तक आपको हजारों वर्षों से अधिक की यात्रा पर ले जाएगी और रामजन्मभूमि की ऐतिहासिकता के साथ-साथ इसके माहात्म्य और गौरव को समझने की दृष्टि भी विकसित करेगी।
Rameau Ka Bhatija
- Author Name:
Denis Diberot
- Book Type:

- Description: ‘रामो का भतीजा’ को अधिकांश विद्वान दिदेरो की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक रचना मानते हैं। यह दार्शनिक और नीतिशास्त्रीय होने के साथ ही एक सौन्दर्यशास्त्रीय कृति भी है जो अपने समय के तमाम नैतिक-वैधिक-सामाजिक-सौन्दर्यशास्त्रीय मूल्यों पर, प्रस्तरीकृत रूढ़ियों पर अनूठे कोण और मारक ढंग से सवाल उठाती है, जिरह करती है और बिना फ़ैसला सुनाए दो अवस्थितियों के दोनों पक्षों पर सोचने और सापेक्षत: सही-ग़लत की शिनाख़्त करने के लिए पाठक को तर्क एवं दृष्टि देकर खुला छोड़ देती है। इसीलिए इसे द्वन्द्ववाद की अनुपम कृति भी माना जाता। ‘रामो का भतीजा’ में स्वयं दिदेरो और रामो का भतीजा—दो ही मुख्य पात्र सामने हैं जिनके बीच एक लम्बे संवाद के रूप में रचना अन्त तक की यात्रा पूरी करती है। रामो का भतीजा भी तत्कालीन पेरिस का एक वास्तविक चरित्र है। प्रसिद्ध फ़्रांसीसी संगीत-रचनाकार रामो उसका चाचा है। (भतीजा) रामो एक ग़रीब संगीतकार है जो पेरिस के बोहेमियाई जीवन का एक प्रतिनिधि है—पूरी तरह से अनैतिक, बिना किसी उसूल का, मानवद्वेषी चरित्र, जो घूसखोर, धनलोलुप, प्रतिक्रियावादी पत्रकारों का मित्र है और एक ऐसा परजीवी जो धनी अभिजातों के घरों में घुसने की जुगत भिड़ाने में दक्ष है। रामो समाज के नैतिक मानदंडों को ख़ारिज करता है। वह उन्हें एक ऐसी ताक़त मानता है जो उसके लिए बेगानी है, उसके ख़िलाफ़ है और इसलिए बुरी है। अपनी कामनाओं-वासनाओं-आवश्यकताओं की पूर्ति—जीवन में बस इसी एक चीज़ को वह मूल्य के तौर पर स्वीकार करता है। लेकिन रचना का कौशल यह है कि अपने अनैतिक व्यवहार और मानवद्वेषी अभिव्यक्तियों के ज़रिए रामो अपने आसपास की दुनिया को बेनकाब करता जाता है। वह समाज के पाखंडों के मुखौटों को नोच देता है और उसके सारतत्त्व को सामने ला देता है। वह दार्शनिक (जिसका प्रतिनिधित्व संवाद में दिदेरो करता है) के आदर्शों की निर्जीविता और अमूर्तता को भी उजागर करता है। वह स्पष्टत: देख रहा है कि धन समाज की मुख्य शक्ति बनता जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर ग़रीबी भी मौजूद है। इस स्थिति में किसी भी तरह की स्वतंत्रता का बोध भ्रामक है। हर व्यक्ति भाँति-भाँति की मुद्राएँ-मुखौटे ओढ़े हुए है और कोई भी अपने प्रति सच्चा और ईमानदार नहीं है।
Dekh Loon To Chaloon
- Author Name:
Sameer Lal
- Book Type:

- Description: This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
4 out of 5
Book