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Author:
Gorakh Thorat, Makarand SathePublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
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समकालीन मराठी साहित्य-जगत में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में स्वीकृत ‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ उपन्यास हमारे आसपास की दुनिया का बयान है जो यूँ तो तमाम रंगीनियों और हलचलों से भरी हुई है लेकिन इसमें हरेक आदमी एक वीराने में फँसा हुआ है। यह वीराना अभाव से भी उपजा है और अधिकता से भी; विचार से भी उपजा है और विचारहीनता से भी। बहुप्रचारित और सर्वस्वीकृत विकास ने समाज में अनगिनत दरारें पैदा कर दी हैं। खंडित अस्मिताएँ लोगों को कभी हिंसा की ओर धकेलती हैं तो कभी निविड़ एकान्त की ओर। गढ़ी हुई वास्तविकता वास्तविक वास्तविकता पर भारी पड़ रही है। इस तरह पूरा समय ही एक रेगिस्तान में तब्दील होता जा रहा है। प्रेम का टिके रहना मुश्किल हो रहा है, जबकि जातिवाद, कट्टरता और तानाशाही निरन्तर बढ़ रही हैं। हिंसा क्रूर से क्रूरतर रूप धरकर सामने आ रही है। ‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ आधुनिक जीवन के लगातार विद्रूप होते जाने के मौजूदा दौर में मानवीय भविष्य से जुड़े प्रश्नों पर गहराई से विचार करने वाली एक प्रयोगशील कृति है, एक बेहद दिलचस्प और विचारोत्तेजक उपन्यास।
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समकालीन मराठी साहित्य-जगत में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में स्वीकृत ‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ उपन्यास हमारे आसपास की दुनिया का बयान है जो यूँ तो तमाम रंगीनियों और हलचलों से भरी हुई है लेकिन इसमें हरेक आदमी एक वीराने में फँसा हुआ है। यह वीराना अभाव से भी उपजा है और अधिकता से भी; विचार से भी उपजा है और विचारहीनता से भी। बहुप्रचारित और सर्वस्वीकृत विकास ने समाज में अनगिनत दरारें पैदा कर दी हैं। खंडित अस्मिताएँ लोगों को कभी हिंसा की ओर धकेलती हैं तो कभी निविड़ एकान्त की ओर। गढ़ी हुई वास्तविकता वास्तविक वास्तविकता पर भारी पड़ रही है। इस तरह पूरा समय ही एक रेगिस्तान में तब्दील होता जा रहा है। प्रेम का टिके रहना मुश्किल हो रहा है, जबकि जातिवाद, कट्टरता और तानाशाही निरन्तर बढ़ रही हैं। हिंसा क्रूर से क्रूरतर रूप धरकर सामने आ रही है।
‘गार्डन ऑफ़ ईडन उर्फ़ साईं सोसायटी’ आधुनिक जीवन के लगातार विद्रूप होते जाने के मौजूदा दौर में मानवीय भविष्य से जुड़े प्रश्नों पर गहराई से विचार करने वाली एक प्रयोगशील कृति है, एक बेहद दिलचस्प और विचारोत्तेजक उपन्यास।
Book Details
-
ISBN9789348157720
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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