Priywar
Author:
Nimai BhattacharyaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Reviews
Price: ₹ 48
₹
60
Unavailable
स्त्री-जीवन की विडम्बनाएँ हमेशा साहित्यिक चिन्ता को अपनी तरफ़ खींचती रही है। यह उपन्यास एक सफल भारतीय स्त्री के जीवन को उकेरते हुए बताता है कि कैसे भीतर से सुखी होने की उसकी चाहत क़दम-क़दम पर उन्हीं लोगों द्वारा छली जाती रही, जिनकी तरफ़ उसने उम्मीद की निगाह से देखा।
उपन्यास की नायिका कविता चौधरी यूनाइटेड नेशंस में कार्यरत हैं, देश-विदेश के दौरों में उनका जीवन बीतता है। उनके पास सब कुछ है लेकिन भीतर एक ख़ालीपन है जो लगातार किसी तलाश में रहता है। ऐसी ही एक यात्रा में उसे एक पत्रकार मिलता है जिसके साथ उनका रिश्ता बड़ी बहन का बन जाता है। और फिर शुरू होता है पत्रों का एक सिलसिला जिसमें वे अपने अन्तस् को उघाड़कर अपने उस संवेदनशील छोटे भाई के सामने रख देती है।
यह उपन्यास उन्हीं पत्रों को बुनकर तैयार किया गया है। इमसें भारतीय सामाजिक जीवन की नैतिक हिप्पोक्रेसी ख़ास तौर पर देखने लायक़ है जो नायिका की आन्तरिक पीड़ा के सामने और ज़्यादा ओछी लगती है।
ISBN: 9788180311444
Pages: 141
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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