Aadmi Ki Nigah Mein Aurat
Author:
Rajendra YadavPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
यशस्वी कथाकार-सम्पादक राजेन्द्र यादव की इस किताब में स्त्रियों की मुक्ति की राह में मौजूद अनगिनत गुत्थियों पर लिखे लेखों में अनेक कोणों से विचार किया गया है। बीते लगभग चार दशकों में विभिन्न विचारोत्तेजक मसलों पर स्त्रियों के पक्ष में दी गई दलीलों के साथ-साथ इन लेखों में बार-बार उन पेचीदगियों की तरफ़ भी इशारा किया गया है, जिन पर हमारा रूढ़िबद्ध मन सोचना नहीं चाहता।
कहते हैं कि दुनिया अगर चार पहाड़ों के बोझ तले पिस रही है तो औरतों पर पाँच पहाड़ों का बोझ है—पाँचवा पहाड़ पुरुष सत्तात्मक विधान का है।
आज जबकि पुनरुत्थानवादी शक्तियाँ भारतीय समाज में बड़े ठस्से के साथ घूम रही हैं, यह छिपा नहीं रह गया है कि धर्म और नैतिकता की आड़ में सबसे ज़्यादा अत्याचार औरतों पर ही हो रहे हैं। भूलना नहीं चाहिए कि धर्म के तालिबान हर युग में औरत की नाकेबन्दी करते आए हैं।
इस किताब में दो खंड हैं। पहला खंड स्त्री-दासता के रगो-रेशे उधेड़ते हुए उसके ऐतिहासिक सन्दर्भों की पड़ताल करता है जबकि दूसरे खंड में स्त्री विषयक चुनिन्दा रचनात्मक साहित्य को परत-दर-परत टटोलते हुए उसकी सीमाओं और सम्भावनाओं पर उँगली रखने का जोखिम लिया गया है।
पूछने को तो आप पूछ सकते हैं कि यह ‘आदमी की निगाह में औरत’ नाम की किताब भी तो आख़िर एक आदमी की ही लिखी हुई किताब है—एक और पुरुष दृष्टिकोण? जवाब में यही कहना पड़ेगा कि आइए पढक़र देखें...!
ISBN: 9788126711239
Pages: 260
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Bhorvela
- Author Name:
Jyoti Jain
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Kamal Ka Hai Mannu
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: मन्नू यानी मानस के लिए दादी ठीक ही कहती हैं—‘कमाल का है साड्डा मन्नू!’ वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया का यह उपन्यास किशोरों के लिए है। परीक्षाओं में नंबरों की मारामारी के बरअक्स मन्नू और उसके दोस्तों की यह कहानी बताती है कि ऊँचे नंबर लाना जितना अहम है, उतना ही अहम एक बेहतर नागरिक बनना भी है, बल्कि उससे ज़्यादा। और इसी के साथ ज़रूरी है अपनी प्रतिभा की पहचान करना, अपनी वास्तविक रुचि को समझना और उस दिशा में काम करते रहना। मन्नू का मन बिगड़ी हुई घड़ियों, ट्रांजिस्टरों आदि को ठीक करने में जितना लगता है, उतना न तो किताबें रटने में लगता है, न ही दोस्तों के साथ मटरगश्ती में। इसीलिए भले ही उसके नम्बर बस पास होन के लिए ही आए हों, उसके विज्ञान मॉडल को राज्यस्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पहला पुरस्कार मिला। यह लघु-उपन्यास किशोरों और छात्रों को पढ़ाई और जीवन के प्रति एक स्वस्थ; सन्तुलित और रचनात्मक नज़रिया देता है।
Proud Convicts Of Love
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: Pankaj Subeer is well known for his writings on unique subjects and his mesmerizing extraordinary ways of storytelling. He is a novelist, short story writer and an editor of two magazines. He has written three novels, eight short story books and his writings have appeared in many magazines, daily newspapers and books. In his writings, he depicts social injustice, ugliness and discrimination in the society, and hope through love. His one novel ''Akaal mein utsav'' is on farmer's problems. Another novel 'Yeh woh sehar to nahin' is written on those historical characters which had been forgotten and forbidden by the time. In his short stories, he has succeeded in riveting the reader's attention towards his characters with different, very engrossing, styles of writings in Indian literature. He has won numerous national and international awards for his contribution to literature. ''Proud convicts of love'' is a translation of his very popular Hindi novel ''Jinhe jurm e ishq par naaz tha.'' Rachana Tyagi has translated this novel. The novel was published in 2019 by Shiva publications and was sold out very quickly and its second edition was also published in 2019.Third and fourth editions came out in 2020 and fifth edition in 2021. Although all his books have been very popular, this novel has broken all records and is his best creation to date. ''Proud convicts of love'' is a beautiful journey of five thousand years of civilizations portraying the role religion played in shaping and dividing societies and nation building based on unfounded and selfish interpretations of religious teachings. In this novel Pankaj Subeer has been successful in bringing forward a new ideology of love, faith and belief. I'm confident that this English translation will enthrall the readers as much as the Hindi version continues to do till this day!. -Sudha Om Dhingra, USA
Krishnakali
- Author Name:
Shivani
- Rating:
- Book Type:

- Description: पाठक किसी पात्र से एकत्व स्थापित कर लेता है; जब उसका अपमान उसकी वेदना बन जाता है, तब ही लेखनी की सार्थकता को हम मान्यता दे पाते हैं। जब ‘कृष्णकली’ लिख रही थी तब लेखनी को विशेष परिश्रम नहीं करना पड़ा, सब कुछ स्वयं ही सहज बनता चला गया था। जहाँ क़लम हाथ में लेती, उस विस्तृत मोहक व्यक्तित्व को, स्मृति बड़े अधिकारपूर्ण लाड़-दुलार से खींच, सम्मुख लाकर खड़ा कर देती, जिसके विचित्र जीवन के रॉ-मैटीरियल से मैंने वह भव्य प्रतिमा गढ़ी थी। ओरछा की मुनीरजान के ही ठसकेदार व्यक्तित्व को सामान्य उलट-पुलटकर मैंने पन्ना की काया गढ़ी थी। जब लिख रही थी तो बार-बार उनके मांसल मधुर कंठ की गूँज कानों में गूँज उठती। वही विस्तृत मधुर गूँज, उनके नवीन व्यक्तित्व के साथ, ‘कृष्णकली’ में उतर आई। —शिवा
Moorkhon Ki Kami Nahi
- Author Name:
Shri Krishna
- Book Type:

- Description: श्रीकृष्ण द्वारा संपादित ‘मूर्खों की कमी नहीं’ बाल कहानियों का संकलन है। इसमें अलग-अलग बाल साहित्यकारों की कुल सात बाल-कथाएँ हैं। सभी कहानियों का विषय बाल-मनोविज्ञान है। बाल-साहित्यकारों की परम्परा की नई झलक इस पुस्तक को महत्त्वपूर्ण बना देती है।
Rameau Ka Bhatija
- Author Name:
Denis Diberot
- Book Type:

- Description: ‘रामो का भतीजा’ को अधिकांश विद्वान दिदेरो की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक रचना मानते हैं। यह दार्शनिक और नीतिशास्त्रीय होने के साथ ही एक सौन्दर्यशास्त्रीय कृति भी है जो अपने समय के तमाम नैतिक-वैधिक-सामाजिक-सौन्दर्यशास्त्रीय मूल्यों पर, प्रस्तरीकृत रूढ़ियों पर अनूठे कोण और मारक ढंग से सवाल उठाती है, जिरह करती है और बिना फ़ैसला सुनाए दो अवस्थितियों के दोनों पक्षों पर सोचने और सापेक्षत: सही-ग़लत की शिनाख़्त करने के लिए पाठक को तर्क एवं दृष्टि देकर खुला छोड़ देती है। इसीलिए इसे द्वन्द्ववाद की अनुपम कृति भी माना जाता। ‘रामो का भतीजा’ में स्वयं दिदेरो और रामो का भतीजा—दो ही मुख्य पात्र सामने हैं जिनके बीच एक लम्बे संवाद के रूप में रचना अन्त तक की यात्रा पूरी करती है। रामो का भतीजा भी तत्कालीन पेरिस का एक वास्तविक चरित्र है। प्रसिद्ध फ़्रांसीसी संगीत-रचनाकार रामो उसका चाचा है। (भतीजा) रामो एक ग़रीब संगीतकार है जो पेरिस के बोहेमियाई जीवन का एक प्रतिनिधि है—पूरी तरह से अनैतिक, बिना किसी उसूल का, मानवद्वेषी चरित्र, जो घूसखोर, धनलोलुप, प्रतिक्रियावादी पत्रकारों का मित्र है और एक ऐसा परजीवी जो धनी अभिजातों के घरों में घुसने की जुगत भिड़ाने में दक्ष है। रामो समाज के नैतिक मानदंडों को ख़ारिज करता है। वह उन्हें एक ऐसी ताक़त मानता है जो उसके लिए बेगानी है, उसके ख़िलाफ़ है और इसलिए बुरी है। अपनी कामनाओं-वासनाओं-आवश्यकताओं की पूर्ति—जीवन में बस इसी एक चीज़ को वह मूल्य के तौर पर स्वीकार करता है। लेकिन रचना का कौशल यह है कि अपने अनैतिक व्यवहार और मानवद्वेषी अभिव्यक्तियों के ज़रिए रामो अपने आसपास की दुनिया को बेनकाब करता जाता है। वह समाज के पाखंडों के मुखौटों को नोच देता है और उसके सारतत्त्व को सामने ला देता है। वह दार्शनिक (जिसका प्रतिनिधित्व संवाद में दिदेरो करता है) के आदर्शों की निर्जीविता और अमूर्तता को भी उजागर करता है। वह स्पष्टत: देख रहा है कि धन समाज की मुख्य शक्ति बनता जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर ग़रीबी भी मौजूद है। इस स्थिति में किसी भी तरह की स्वतंत्रता का बोध भ्रामक है। हर व्यक्ति भाँति-भाँति की मुद्राएँ-मुखौटे ओढ़े हुए है और कोई भी अपने प्रति सच्चा और ईमानदार नहीं है।
Sah-Saa
- Author Name:
Geetanjali Shree
- Book Type:

- Description: ‘सह-सा’ छोटे-छोटे अकस्मातों में बनती व्यापक मानव नियति की कहानी है। रोज़मर्रा के अनाटकीय प्रसंगों की टकराहटों से बड़े सवालों के खुले में आ जाने की कहानी। न्यायमूर्ति भूलेराम मिसिर अवकाश-प्राप्ति के बाद पत्नी प्रेमिला, बेटी चिया, और अपाहिज अम्मा के साथ रह रहे हैं। पत्नी व बेटी नौकरी पर निकल जाती हैं और घर की ज़िम्मेदारियाँ खुशी खुशी उन्होंने अपने ऊपर ले ली हैं। माँ अपनी शोर करती पटरागाड़ी पर बैठ घर भर का मुआयना करती रहती हैं। भूलेराम का बेटा, श्रवण, दूसरे शहर में है। दो नौकर हैं, शम्भु और उसकी जिज्जी। सब साथ भी हैं, अलग-थलग भी। घरों के जाने पहचाने शीतयुद्ध में रत, जिसे भूलेराम खुला युद्ध नहीं बनने देते। हँसते-खेलते सब पर आदतन चिल्लाते हैं, और बिना डींग-दावे के सबका ध्यान रखते हैं। सहसा एक दिन वे बेआराम हो जाते हैं। प्यार से बनाये उनके वन-प्रांगण में एक गौरैया उनकी बाँह पर आ बैठती है। वे मुस्कुराते हैं कि बाँह को डाल समझ रही है पर तभी मन में संदेह कौंधता है कि उन्हें देख ही नहीं रही शायद। ‘मैं क्या अदृश्य? हवा? प्रेत? भूत सा फिरता अपने घर में।’ यह संदेह यादों की लंबी कड़ी से जुड़ता है। वे जर्जराने लगते हैं और अचानक बीमारी के एक झटके में दम तोड़ देते हैं। जीते जी अदृश्य होने लगे भूले मृत्योपरांत चारों ओर छा जाते हैं। प्रकट कथा के पीछे, उसके अनकहे में, एक और कथा भी चलती है जो दिखाती है कि इस वाचाल समय में हम वही देखते सुनते हैं जो ढिंढोरा है, भड़कीला है, उसके पीछे हो रहे को नहीं। बात चाहे परिजनों की हो या नेताओं की या मेहनतकश मज़दूरों की, हम चुपचाप के अच्छे और बुरे दोनों को मिस कर देते हैं। भूले द्वारा चुपचाप किया गया अच्छा और चूहों द्वारा चुपचाप किया गया संहार इसीलिए छिपा रहता है। इस कृति में भी गीतांजलि श्री की भाषा और शैली का अपना वैभव है। बदलती स्थितियों, मनःस्थितियों को उजागर करती कभी चुटीली, नुकीली, कभी प्रशांत, उदास और दार्शनिक। हमेशा बहुअर्थी। और इसमें है उस प्रकृति का अद्भुत वात्सल्य जिसे हम बेगाना बना बैठे हैं। ‘सह-सा’ एक अनूठी प्रेम गाथा है।
Bida Ki Raat
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

- Description: यथार्थवादी कथाकार अमरकान्त के इस चर्चित उपन्यास के केन्द्र में आज़ादी के बाद का भारतीय मुस्लिम समाज, उसकी संस्कृति, उसकी सोच और उसके सामाजिक-पारिवारिक मरहले हैं। मुस्लिम महिलाओं के हालात पर लेखक ने इस उपन्यास में ख़ासतौर पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है। भारत और पाकिस्तान का बँटवारा इस कथा में बार-बार विचार के केन्द्र में आता है और वह माहौल भी जो बँटवारे के वक़्त विशेष तौर पर उन इलाक़ों में मौजूद था जहाँ हिन्दू-मुस्लिम बरसों से साथ रहते आए थे। उपन्यास का एक पात्र मुनीर अहमद इन हालात के मद्देनज़र कहता है कि आज़ादी के पहले मज़हब और जात-पाँत के अलगाव तो थे, मगर सभी अपनी-अपनी हद में रहते हुए आज़ादी की लड़ाई में शामिल थे, लेकिन आज़ादी के बाद यह चीज़ गायब हो गई। साम्प्रदायिक दंगों के दौरान आम लोगों की स्थितियाँ भी इस उपन्यास में दिखाई देती हैं। इस उपन्यास के बारे में मशहूर है कि अमरकान्त जी ने इसकी पांडुलिपि को तब तक छपने नहीं दिया था जब तक इस्लामी समाज और धार्मिक पहलुओं के जानकार लोगों को इसे पढ़वा नहीं लिया। भारतीय मुस्लिम समाज के सांस्कृतिक, सामाजिक व आर्थिक मसलों पर केन्द्रित एक महत्त्वपूर्ण उपन्यास।
Beghar Ankhen
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Anthu
- Author Name:
Prakash Nayak
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘ಅಂತು’ ಎಂಬ ಶಬ್ದದ ಎಲ್ಲ ಸಾಧ್ಯತೆಗಳನ್ನೂ ಅರ್ಥಪೂರ್ಣವಾಗಿ ಧ್ವನಿಸುವ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು, ತನ್ನ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಕಥನತಂತ್ರ ಎರಡೂ ದೃಷ್ಟಿಗಳಿಂದ ಕನ್ನಡ ಕಾದಂಬರಿಲೋಕಕ್ಕೆ ಒಂದು ವಿಶಿಷ್ಟ, ಮೌಲಿಕ ಸೇರ್ಪಡೆ. ಸದ್ಯದ ಅತ್ಯಾಧುನಿಕವಾದ ಕಾಪೆರ್Çರೇಟ್ ಜಗತ್ತಿನ ರೋಚಕ ವಿದ್ಯಮಾನಗಳನ್ನು ಲವಲವಿಕೆಯಿಂದ ನಿರೂಪಿಸುತ್ತಲೇ, ಅವುಗಳನ್ನೂ ಮೀರಿದ ನಿತ್ಯಸತ್ಯಗಳನ್ನು ಸ್ಪರ್ಶಿಸಿಬಿಡುವ ಮಹತ್ವಾಕಾಂಕ್ಷೆ ಇಲ್ಲಿ ಕಂಡುಬರುತ್ತದೆ. ಒಂದು ಕುತೂಹಲಕಾರೀ ಪ್ರಾಜೆಕ್ಟಿನ ಪೂರ್ವಾಪರಗಳನ್ನು ಪತ್ತೇದಾರೀ ಶೈಲಿಯಲ್ಲಿ ಶೋಧಿಸುವಂತೆ ಆರಂಭವಾಗುವ ಈ ಬರಹವು ಕ್ರಮೇಣ ಹುಟ್ಟು-ಸಾವು-ಪುನರ್ಜನ್ಮಗಳಂಥ ಗಂಭೀರ ಪ್ರಶ್ನೆಗಳಿಗೆ ಎದುರಾಗಿ ತಾತ್ವಿಕ ಎತ್ತರಗಳಿಗೆ ಬೆಳೆಯುವ ಪರಿ ಗಮನಾರ್ಹವಾಗಿದೆ. ಕನ್ನಡನಾಡಿನಿಂದ ಬಹುದೂರದ ಅಮೆರಿಕಾದಲ್ಲಿ, ತೀರಾ ಭಿನ್ನವಾದ ಪಾತ್ರ-ಭಾಷೆ-ಔದ್ಯಮಿಕ ಪರಿಸರದಲ್ಲಿ ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುವ ಅನುಭವವನ್ನು ಕನ್ನಡ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿ ಒಳಗೊಳ್ಳುವ ಈ ಸೃಜನಶೀಲ ಪ್ರಯೋಗವು ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಹಿಗ್ಗುತ್ತಿರುವ ಬಗೆಯನ್ನೂ ಕಾಣಿಸುತ್ತ ಆಸಕ್ತಿ ಹುಟ್ಟಿಸುತ್ತದೆ. ತನ್ನ ಸ್ಮೃತಿಗಳಲ್ಲಿ ಜತನದಿಂದ ಕಾಪಿಟ್ಟುಕೊಂಡಿರುವ ಸ್ಥಳೀಯ ತಿಳಿವಳಿಕೆಯನ್ನು ಆಧುನಿಕ ಲೋಕಕ್ಕೆ ಮುಖಾಮುಖಿಯಾಗಿಸಿ ಕಥನ ಪ್ರಕ್ರಿಯೆಯನ್ನು ಸತ್ಯದ ಶೋಧವಾಗಿ ವಿಸ್ತರಿಸುವ ಪ್ರಯತ್ನದಲ್ಲಿ ಪ್ರಕಾಶ್ ನಾಯಕರು ಸಾಕಷ್ಟು ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿದ್ದಾರೆ. ‘ಅಂತು’ ನಿಸ್ಸಂದೇಹವಾಗಿ ಈ ದಶಕದ ಮುಖ್ಯ ಕನ್ನಡ ಕಾದಂಬರಿಗಳ ಸಾಲಿನಲ್ಲಿ ನಿಲ್ಲುವಂಥದ್ದು.
Shubh Din
- Author Name:
Balram
- Book Type:

- Description: केदारनाथ अग्रवाल और रामविलास शर्मा की तरह बलराम भी पत्नीमुखी प्रेम के चितेरे हैं। विपन्न से विपन्न घर में भी यदि पति या पिता संवेदनशील हो तो गृहस्थी सुखी हो सकती है। दाम्पत्य है तो एक बड़ा भाव ही, जिसमें नौ रसों का समाहार है—शृंगार से शुरू होकर यात्रा रौद्र, वीभत्स आदि के भभके संभालती हुई अंततः करुणा पर तिरोहित! ‘शुभ दिन’ पति-पत्नी की मैरिज एनिवर्सरी का दिन है! कभी बच्चा, कभी मूड, कभी थकान, किसी न किसी बहाने टलती रही दैहिक आपसदारी इस दाम्पत्य में क्षीण हो चली है, पर पति स्वयं को उस शुभ दिन भी आरोपित नहीं करता और पत्नी आँखें मूंदे इंतजार करती रहती है, पर जो टल गया है, उसका रस-बोध बहुत सघन है, जीवन में और कहानी में भी। इस मार्मिकता में यह कहानी ओ हेनरी की ‘द गिफ्ट्स ऑफ द मेजाई’ से तुलनीय लगती है। समकालीन हिन्दी कहानी में ‘शुभ दिन’ उस दिन की सरस प्रतीक्षा के रूप में पढ़ी जानी चाहिए, जब पुरुष स्त्रीचेता होगा, स्त्री की संकेत भाषा समझ पाने लायक। बलराम की तरह ही ‘शुभ दिन’ का नायक एक स्त्रीचेता नवल पुरुष है, जो स्त्री को बहस की सुविधा देता है और थककर सोई उसकी देह पर अपनी देह आरोपित नहीं करता! ऐसे ही संवेदनशील और हमदर्द पुरुष की प्रतीक्षा में आज की हर स्त्री है, जो अपनी वृत्तियों पर काबू रख सके और योग्य बनकर इंतजार कर सके कि स्त्री स्वयं उमड़कर उसका हाथ पकड़ लेगी! अपनी कहानियों में बलराम ऐसे संवेदनशील पुरुषों की कल्पना कर पाए, यह एक बड़ी बात है! इस संग्रह की सभी कहानियाँ ऐसी ही मोहक हैं। अनामिका
Delightful Novella (Volume-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella (Volume-3) is the first book in a series of four novellas that follows the adventures of a young woman named Delightful. She's an aspiring writer who's trying to find her way in the world, and she has some big decisions to make about what kind of life she wants to live.Delightful is also a very interesting character because she has autism--which means that she has difficulty communicating with others and understanding social cues. This makes her vulnerable when it comes to making friends and finding love, but it also means that she can be very observant about people's behavior and learn things about others that they may not even realize they're doing!
Sangam Teere
- Author Name:
Pratap Gopendra
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में सिविल सेवा में रत अभ्यर्थियों के संघर्ष का जीता-जागता चित्र प्रस्तुत किया गया है। उपन्यास और संस्मरण की भूमध्य रेखा पर फिसलती-सरकती एक सहज-सरल कृति है जो स्वयं में सुनहरे भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले किशोर-युवा पीढ़ी के अन्तर्द्वन्दों, वेदनाओं, छोटी-छोटी खुशियों को समेटे हुए, धुप्प अंधकार में मार्ग खोजती उनकी अदम्य जीजीविषा को अतीव रोचकता और स्पष्टता से प्रस्तुत करती है। एक ऐसा आख्यान, जहाँ सिविल सेवाओं की तैयारी करने वालों की अनजानी दुनियाँ पूरी विश्वसनीयता के साथ उपस्थित होती है।
Garibnawaz
- Author Name:
Santosh Choubey
- Book Type:

- Description: ये इक्कीसवीं सदी की कहानियाँ हैं। यहाँ उत्तर-आधुनिक कहानी के इशारे हैं। ये पॉज़िटिवली हल्की-फुल्की हैं और बे-बोझ एवं प्रसन्न हैं। ये बड़ी बात का आडम्बर नहीं रचती हैं और न फालतू की पीड़ा का स्वाँग भरती हैं। इन कहानियों से हिन्दी में उत्तर-कहानी की शुरुआत हुई मानी जा सकती है। —सुधीश पचौरी संतोष चौबे की कहानियाँ यथार्थ की गहनता और व्याप्ति में जाकर सत्य को आख्यान में रूपान्तरित करने का जतन करती हैं। इस प्रक्रिया में वे कहानी कहने के अनेक अनुशासनों को नकारती हैं और यूँ अपनी तरह के कथानुशासन एवं शिल्प की निर्मिति करती हैं। ‘ग़रीबनवाज़’ की अधिसंख्य कहानियों में साहित्य, कला से जुड़े चरित्र उपस्थित हैं लेकिन कहानियाँ महज़ यहाँ से उड़ान भरती हैं, अन्तत: वे आर्थिक उदारीकरण से उपजी मूल्यहीनता, लालच, कपटीपन और क्षरणशील आधुनिकता का प्रत्याख्यान करती हैं। इन चीज़ों में इतनी निष्ठुरता है कि समाज की तमाम सुन्दरताएँ नष्ट हो रही हैं। संतोष चौबे की कहानियाँ पूँजी, तकनीक एवं ताक़त के सहमेल से उपजी विरूपता से मुठभेड़ करती अन्तत: जीवन के सुन्दरतम के पक्ष में खड़ी होती हैं। —अखिलेश
The Last Exit
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

- Description: The Last Exit (Kavve Aur Kala Pani) is a collection of several short stories dealing with personal tensions in the contemporary social context. Some stories exposed the Indian The Last Exit (Kavve Aur Kala Pani) is a compilation of various short stories that explore personal tensions within a modern social context. While some narratives highlight the Indian setting, others delve into European culture; however, the underlying human emotions remain unchanged. The stories in this collection feature a unique approach to introspection and vivid expressions, making the work truly engaging.environment, while some introduced the European culture, but the human emotions are the same. The stories presented in the volume have an innovative form of inner probing and evocative expressions, which makes the work a fascinating read
Apharan
- Author Name:
Ramdev Shukla
- Book Type:

- Description: हम लोग अपनी शैक्षिक योग्यता प्रमाणित कर चुके हैं। जवान हैं, मेहनत कर सकते हैं। कोई कमी नहीं है, किंतु आपकी महान् व्यवस्था हमारे लिए दैनिक मजूर के बराबर वेतन का भरोसा भी तो हमें नहीं दे पाती। हम क्या करें अपनी योग्यता का? हम क्या करें अपनी ऊर्जा का? क्या करें अपने खौलते लहू का? और अपने उबलते हुए गुस्से का क्या करें? हमारे साथ पढ़नेवाले फिसड्डी लड़के पाँच सितारा जिंदगी जी रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि वे किसी मंत्री के बेटे हैं या आई.ए.एस. अफसर के दामाद हैं या बड़े तस्कर के सपूत हैं!’ ‘जिन्होंने हमें पहचाना, हमारे माथे पर लगा बेरोजगार का दाग पोंछ दिया, हमें बीस, तीस, कभी-कभी चालीस हजार रुपए महीने तक वेतन देते हैं, वे कौन हैं, हम नहीं जानते? जानने की उत्सुकता न रखना ही हमारी ‘योग्यता’ है। आपकी न्याय-व्यवस्था देश को बेचकर स्विस बैंक भरनेवालों को गंदा नहीं कहती। भूख से बिलबिलाता बच्चा होटल से रोटी चुराकर खा ले तो उसके लिए जेल की सजा है और देश को हर तरह से लूटनेवालों के लिए है सार्वजनिक अभिनंदन-समारोह।’ —इसी संग्रह से ‘अपहरण’ की कहानियाँ समाज में व्याप्त सामाजिक-आर्थिक असमानता, कुरूपता और विसंगतियों को तो उजागर करती ही हैं, साथ ही राजनीति, चुनाव और मानवीय संबंधों का गहराई से विश्लेषण करती हैं। पठनीयता से भरपूर सुरुचिपूर्ण कहानियाँ।
Narak Dar Narak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘नरक-दर-नरक’ ममता कालिया के चर्चित उपन्यासों में से एक है। अपने समय का सांगोपांग चित्रण करने वाली यह रचना पाठकों और आलोचकों दोनों की प्रिय रही है। उपन्यास के केन्द्र में जगन और उषा हैं जो एक तरह से आज़ादी के बाद पैदा हुई युवा पीढ़ी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छा रोज़गार और बेहतर जीवन उनके ऐसे सपने हैं जो अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें अपनी पहुँच से दूर दिखाई देते हैं। प्रेम और उसके बाद तुरन्त ही शादी के बाद उनका प्यार ही है जो उन्हें राहत देता है, नहीं तो जगन के कॉलेज में वहाँ की राजनीति, मामूली-सी तनख़्वाह और उषा के सामने घर को सँभालने की चुनौती उन्हें तनाव में ही रखती है। हारकर वे मुम्बई से इलाहाबाद आते हैं और वहाँ जगन एक प्रेस शुरू करता है। लेकिन चुनौतियाँ यहाँ भी कम नहीं। नया शहर, नया काम और फिर एक बच्चा भी उनके जीवन में आ जाता है। दाम्पत्य जीवन और सामाजिक–राजनीतिक तनावों को यह उपन्यास अत्यन्त कुशलता से चित्रित करता है। भाषा की चुस्ती, संवाद और सूक्ष्म मनोभावों का अंकन कहीं भी पाठक को भटकने नहीं देता।
ONCE UPON A TIME
- Author Name:
A Sethumadhavan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Once Upon a time by A. Sethumadhavan, is a novel which surrounds priyamvada, who is an HR professional, and a single parent at the centre of its narrative. The strong undercurrent of this award-winning title is the way woman asserts her independence and deft strokes in the book suggest how a professional woman scores. The novel very beautifully depicts the personal journey of a single parent, where are dilemmas which priyamvada faces, doing a tightrope walk between the labor force and the managements, trying to fill the vacuum in her daughter’s life and consciously attempting to steady her own emotional moorings.
Mallika ka Rachna-Sansar
- Author Name:
Vasudha Dalmiya
- Book Type:

- Description: औरतों के प्रति जब कभी पुरानी धारणा की मुठभेड़ आधुनिकता से होती है, तो भारतीय मन मनुष्य और समाज को पुरुषार्थ के उजाले में देखने-दिखाने के लिए मुड़ जाता है। पर हमारी परम्परा में पुरुषार्थ की साधना वही कर सकता है जो स्वतंत्र हो। और स्त्री की बाबत स्मृतियों की राय यही है कि वह बुद्धि और विवेक से रहित है। इसलिए वह स्वतंत्र हुई तो स्वैराचारिणी बनी। बेहतर हो वह पराश्रयी बन कर रहे। प्रसिद्ध साहित्यकार भारतेन्दु की रक्षिता मल्लिका का निजी जीवन और उनका यह दुर्लभ कृतित्व इस धारणा को उसी के धरातल में जाकर प्रखर चुनौती देता है। काशी के एक सम्पन्न परिवार के कुलदीपक की रक्षिता यह बांग्ला मूल की महिला 19वीं सदी के समाज में सामाजिक स्वीकार से वंचित रहीं। फिर भी उनकी नैसर्गिक प्रतिभा और कुछ हद तक भारतेन्दु के साथ रहते हुए उस प्रतिभा के निरन्तर परिष्कार से वह अपने समय के समाज में स्त्री जाति की असली दशा, विशेषकर युवा विधवाओं और किसी भी वजह से समाज की डार से बिछड़ गई औरतों की दुनिया पर निडर रचनात्मक नज़र डाल सकीं। यह आज भी विरल है, तब के युग में तो वह दुर्लभ ही था। —मृणाल पाण्डे
Durdamya - Kannada
- Author Name:
Gangadhar Gadgil +1
- Book Type:

- Description: A truly wonderful book . It explains the life of one of our greatest leader Lokmanya Bal Gangadhar Tilak . A truly inspiring book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book