Imperfect Maa
(0)
₹
299
₹ 248.17 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
एक माँ के रूप में ख़ुद को और अपने बच्चे को बेहतर समझने का अवसर देती है यह किताब । पैरेंट्स बनने से पहले मन में अनगिनत संशय, उत्सुकताएँ और भय होते हैं और पैरेंट्स बन जाने के बाद तो हर क्षण कुछ-न-कुछ बदलता रहता है- पल-प्रतिपल नयी चुनौतियाँ सामने आती हैं और सलाह की ज़रूरत महसूस होती है। पहले हम यह सलाह दादी-ताई से लेते थे, आज इंटरनेट से लेते हैं । पर हम सब जानते हैं कि ऐसी सलाहें अक्सर उतनी मददगार नहीं होतीं, कई बार तो उलझन और बढ़ा देती हैं। यह किताब किसी भी तरह के निर्देश देने का दावा नहीं करती। इसके विपरीत, यह स्वीकार करती है कि हर माँ, हर बच्चा और हर परिस्थिति अलग होती है। इसलिए यह केवल अपने अनुभवों को साझा करती है - ताकि आप पढ़ते हुए कभी अपने अनुभवों से जुड़ सकें, और कभी उनसे अलग होकर अपनी स्थितियों को नये नज़रिये से समझ सकें ।
Read moreAbout the Book
एक माँ के रूप में ख़ुद को और अपने बच्चे को बेहतर समझने का अवसर देती है यह किताब । पैरेंट्स बनने से पहले मन में अनगिनत संशय, उत्सुकताएँ और भय होते हैं और पैरेंट्स बन जाने के बाद तो हर क्षण कुछ-न-कुछ बदलता रहता है- पल-प्रतिपल नयी चुनौतियाँ सामने आती हैं और सलाह की ज़रूरत महसूस होती है। पहले हम यह सलाह दादी-ताई से लेते थे, आज इंटरनेट से लेते हैं । पर हम सब जानते हैं कि ऐसी सलाहें अक्सर उतनी मददगार नहीं होतीं, कई बार तो उलझन और बढ़ा देती हैं। यह किताब किसी भी तरह के निर्देश देने का दावा नहीं करती। इसके विपरीत, यह स्वीकार करती है कि हर माँ, हर बच्चा और हर परिस्थिति अलग होती है। इसलिए यह केवल अपने अनुभवों को साझा करती है - ताकि आप पढ़ते हुए कभी अपने अनुभवों से जुड़ सकें, और कभी उनसे अलग होकर अपनी स्थितियों को नये नज़रिये से समझ सकें ।
Book Details
-
ISBN9789347125232
-
Pages228
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dukhiyare
- Author Name:
Anis Ashfaq
- Book Type:

- Description: वे ख़ुशियाँ, वे खिलखिलाहटें, वे रौनक़ें जिनसे लखनऊ कभी आबाद होता था, मुरझाती हुई धीरे-धीरे उदासियों में बदल गईं। कुछ हवेलियाँ बिक गईं, कुछ नीलाम और कुर्क हो गईं। खानदान जिनकी उपमा सितारों से दी जाती थी, वक़्त और अपनी लापरवाहियों से पिटते-पिटते सड़कों पर आ गए, सड़कों पर भी जगह न रही, तो पब्लिक मैदानों में जा टिके...कर्बलाओं, इमामबाड़ों और मस्जिदों में सिर छुपाते घूमने लगे। ये कहानी इसी दुखियारे वक़्त की है। एक भाई हैं जो छोटे भाइयों के मुक़ाबले अपनी माँ के बहुत लाडले हैं लेकिन उनके दिमाग़ में ख़लल है, बेचैनी कहीं टिकने नहीं देती...वक़्तन-फ़-वक़्तन कुछ औल-फौल बोलने लगते हैं, अपने ख़्वाबों की हवेलियों के नक्शे खींचने लगते हैं और कभी भी किधर भी निकल जाते हैं, छोटे भाई उनको ढूँढ़ते रहते हैं, जब मिलते हैं तो घर भी ले आते हैं, लेकिन बड़े फिर किसी दिन कोई पर्चा छोड़कर ग़ायब हो जाते हैं... शुरू से आख़िर तक यही सिलसिला चलता रहता है, खो जाने और मिल जाने का, और इस लामहदूद–से लगने वाले सफ़र में पुराने लखनऊ का इतिहास और भूगोल हमारी आँखों के सामने से गुज़रता जाता है, उस दुख को दर्ज करता हुआ जिन्हें वक़्त अपने उतरते दिनों की झोली में डालकर कभी न लौटने के लिए चला जाता है...
Kailas Mein Golmaal
- Author Name:
Satyajit Ray
- Book Type:

- Description: महान फ़िल्मकार और अनूठे कथाकार सत्यजित राय के चर्चित जासूस किरदार फेलूदा का एक लोमहर्षक कारनामा है— ‘कैलास में गोलमाल’। इस बहुचर्चित उपन्यास में फेलूदा का सामना होता है प्राचीन मूर्तियों की तस्करी करनेवालों से। भुवनेश्वर के एक प्रसिद्ध मन्दिर से यक्षिणी की मूर्ति के मस्तक गायब होने की घटना से शुरू हुआ यह मामला उस वक्त बेहद पेचीदा हो जाता है, जब सम्भावित तस्कर वस्तुतः एक जासूस निकलता है। रहस्य-रोमांच के बेहद चक्करदार रास्तों से होकर गुजरती इस कथा में भरपूर रोमांच और मनोरंजन तो है ही, देश की ऐतिहासिक और कलात्मक धरोहर के संरक्षण तथा उसके प्रति प्रेम का सन्देश भी निहित है।
The Girl With Unshed Tears And Other Short Stories
- Author Name:
Surya Bala
- Book Type:

- Description: Dr Suryabala is a highly established and widely acclaimed writer, endowed with creative talent, sensitivity and vision. The canvas of her writing encompasses villages, towns, metros and even foreign lands. She exhibits the open-mindedness required of a writer and rises above the narrow considerations of any particular ideology, class, or literary movement. Her creative genius thrives on newer milieus and themes with changing backgrounds and, consequently, enables her to break new ground in her stories and novels to bear the ever-present human afflictions and anguish. Stories in this collection draw inspiration from our inner emotions, which are far more profound, vigorous, comprehensive, and genuine than the ones we express. The anguish of deteriorating cultural and moral values pierces Suryabala to her very heart and is the main source of her creativity. Her craft and style of writing, enriched with lyrical language, are ever fresh and draw readers with their own magnetism.
Mulk : Patkatha
- Author Name:
Anubhav Sinha
- Book Type:

- Description: मैंने 17 साल की उम्र में जब ‘गरम हवा’ देखी थी तो मुझे अपना सिर्फ़ भारतीय होना पता था। मैं ‘मुल्क’ देखते हुए रोती रही, क्योंकि अब मुझे पता है कि मुसलमान होना क्या होता है और उसके साथ क्या-क्या आता है। —राना सफ़वी, इतिहासकार ‘मुल्क’ देखकर मेरा मन किया कि मैं ख़ुशी से चिल्लाऊँ। बहुत ज़ोर से। —शुभ्रा गुप्ता, फ़िल्म समीक्षक, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ निडर, दमदार और सम्मोहक। —सैबल चटर्जी, फ़िल्म समीक्षक, ‘एनडीटीवी’ ‘मुल्क’ ने बतौर भारतीय मुझे गर्व और ख़ुशी से भर दिया। —विशाल ददलानी, गायक-संगीतकार कमाल की फ़िल्म। हर शॉट, हर डायलॉग और हर पल बिल्कुल परफ़ेक्ट। —फ़े डिसूज़ा, पत्रकार ‘मुल्क’ की चमक और साहस स्तब्ध कर देते हैं। हमारे समय की सबसे महत्त्वपूर्ण फ़िल्मों में से एक। —शेखर गुप्ता, पत्रकार एवं सम्पादक
Ham Gunahgar aur Besharm Auraten
- Author Name:
Kavita Kadambari
- Book Type:

- Description: Collection of Hindi Poems
Main Nastik Hoon
- Author Name:
Rajesh Sonwar
- Book Type:

- Description: Book
Yuddh Aur Shanti (1-4)
- Author Name:
Leo Tolstoy
- Book Type:

- Description: ‘युद्ध और शान्ति’ को अनेक विद्वानों ने दुनिया का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास माना है। इसमें तोल्स्तोय ने नेपोलियन के रूस पर आक्रमण को आधार बनाकर रूसी जनजीवन का महाकाव्य रचा है। नेपोलियन का आक्रमण न सिर्फ शासक और सैनिकों को आलोड़ित करता है बल्कि किसानों, अभिजातों, सामान्य नागरिकों आदि विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों को उनके इतिहास, वर्तमान और संस्कृति की समस्याओं के सामने खड़ा कर देता है। युद्ध के बहाने तोल्स्तोय एक ऐसी त्रासदी को रेखांकित करते हैं जो किसी एक देश अथवा समाज की नहीं बल्कि पूरी मानवजाति की समस्या है।
Kunjgali Nahin Sankri
- Author Name:
Anita Gopesh
- Book Type:

- Description: कुंज़गली’ उपन्यास सूरजभान से शुरू होता है और उसके ममेरे बडे भाई बृजभान की पत्नी कल्याणी के प्रेम से गुज़रता हुआ सूरजभान के शवदाह पर ख़त्म। 'मणिकर्णिका’ जीवन की अन्तिम मंज़िल है और ‘कुँज़गली’ की भी। कहानी इन्हीं दोनों परिवारों के बीच बहती है, चलती नहीं। उसमें वेग है, प्रवाह है, धारा है। धारा में उतरिए और बहते चले जाइए। इस धारा से टकराते, जूझते, लड़ते पार लगने की जद्दोज़हद में है कल्याणी जो उपन्यास का केन्द्रीय पात्र है। वह अपने मानसिक, दैहिक संघर्षों में 'त्यागपत्र' के 'मृणाल' की याद दिलाती है। कुल मिलाकर उपन्यास दिलचस्प और पठनीय है। कथानक कसा हुआ और सुगठित है। भाषा में जगह-जगह बनारसीपन की छौंक है, लेकिन सधी हुई। —काशीनाथ सिंह
Ek Patni Ke Notes
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘एक पत्नी के नोट्स’ दाम्पत्य की विरूपता की मर्मान्तक कथा है। पति-पत्नी का एक रिश्ता जो सरल प्रेमपगी काव्य पंक्तियों की तरह शुरू हुआ, दाम्पत्य में बदलते ही जैसे नागफनी हो गया। संदीप जो एक सम्पूर्ण और सुरुचिपूर्ण पुरुष के रूप में कविता को मिला, पति बनते ही एक विकृत, क्रुकंड व्यक्ति में बदल गया। यह उपन्यास विवाह नामक संस्था के उन पक्षों को दिखाता है जहाँ स्त्री एक असहाय-निरुपाय इकाई और पुरुष, अगर वह संदीप की तरह अपने जीवन में सफल और उच्च पदासीन हो तो केवल एक अधिकारवादी विकृत पति। सबके सामने आदर्श दम्पती के रूप में प्रशंसित संदीप और कविता की यह कहानी स्त्री-पुरुष सम्बन्ध को सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक स्तर पर लाकर देखती है। साहित्य का व्यापक और गहन अध्ययन भी संदीप को उस मानसिक हिंसा से नहीं रोक पाता, जिसे वह रोज़ अपनी पत्नी के ऊपर आजमाता है, कभी सन्देह से, कभी सीधे अपमान से वह अकसर उसे प्रताड़ित करता है। साथ ही इतना पजेसिव भी कि कविता की कोई तारीफ़ भी कर दे तो भभक उठे। कविता समझ ही नहीं पाती, कि वह कितनी सुखी है, कितनी दुखी। दूर से साधारण दिखनेवाले हम लोगों के भीतर कैसे-कैसे विद्रूप छिपे होते हैं और अगर एक संस्था का आवरण मिल जाए तो किस-किस तरह के प्रकट होते हैं, यह भी इस उपन्यास को पढ़ते हुए बराबर महसूस होता है।
Post Box No. 203, Nala Sopara
- Author Name:
Chitra Mudgal +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Post Box No. 203, Nala Sopara by Chitra Mudgal is an extremely moving, sensitive, urgent novel about the life of a transgender, Vinod is an all-rounder in school, a promising mathematician, in love with a girl, the object of envy by friends. Forceful separation from his family by a gang of hijras pushes him into the darkest dungeons of society. His childhood is destroyed due to the reluctance of his family to disclose his identity to society but he refuses to give up his dreams of living normal life. The novel also projects a beautiful relationship between mother and son. Read on to find what happens to his zeal... a thought-provoking and riveting tale of love, separation, pain, grit, couragem friendship, conspiracy, barbarity and undying hope.
Daari
- Author Name:
Kusuma Ayrahalli
- Rating:
- Book Type:

- Description: "ದಾರಿ" ಇದು ಕುಸುಮಾ ಆಯರಹಳ್ಳಿ ಬರೆದ ಕಾದಂಬರಿಯ ಶೀರ್ಷಿಕೆ. ಈ ಪುಸ್ತಕದಲ್ಲಿ, ಹಳ್ಳಿಯಿಂದ ನಗರಕ್ಕೆ ಹೋಗಿ ಬದುಕುತ್ತಿದ್ದ ವ್ಯಕ್ತಿಯೊಬ್ಬ, ತನ್ನ ಹಳ್ಳಿಗೆ ಮತ್ತೆ ಮರಳಿ, ಆ ಹಳ್ಳಿಗಾಗಿ ದುಡಿಯುವ, ಹಳ್ಳಿಗರಿಗಾಗಿ ತುಡಿಯುವ ಕಥೆ ಇದು. ಕಥಾ ನಾಯಕನ ಔದ್ಯೋಗಿಕ ಜೀವನದಲ್ಲಾದ ಸಣ್ಣ ಪಲ್ಲಟ ತನ್ನ ಹಳ್ಳಿಯನ್ನು ಆತನಿಗೆ ಮತ್ತೆ ನೆನಪಿಸುತ್ತದೆ. ತನ್ನದೇ ಆದ ಆದರ್ಶಗಳ ಜತೆ ಬದುಕುತ್ತಿರುವ ಕಥಾ ನಾಯಕನಿಗೆ ತಾನು ಹುಟ್ಟಿ ಬೆಳೆದ ಹಳ್ಳಿಯಲ್ಲಿ ಎಲ್ಲವೂ ಸರಿಯಿಲ್ಲ ಎಂದೆನಿಸಲು ಆರಂಭವಾಗುತ್ತದೆ. ಸರಿಯಿಲ್ಲದ್ದನ್ನು ಸರಿಪಡಿಸುವ ನಿರ್ಧಾರ ಮಾಡುತ್ತಾನೆ. ಅಲ್ಲಿಂದಲೇ ಈ "ದಾರಿ"ಯ ಆರಂಭ.
Aadha Gaon
- Author Name:
Rahi Masoom Raza
- Book Type:

- Description: आधा गाँव, यानी गंगौली। ज़िला ग़ाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश)। काल-परिप्रेक्ष्य–1947, स्वाधीनता के समय होनेवाला देश-विभाजन। गंगौली मुस्लिम-बहुल गाँव है और यह उपन्यास है–इस गाँव के मुसलमानों का बेपर्द जीवन-यथार्थ। पूरी तरह सच, बेबाक और धारदार। पाकिस्तान बनते समय मुसलमानों की विविध मन:स्थितियों, हिन्दुओं के साथ उनके सहज आत्मीय संबंधों तथा द्वंद्वमूलक अनुभवों का अविस्मरणीय शब्दांकन। सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ एक ऐसा सृजनात्मक प्रहार, जो दुनिया में कहीं भी राष्ट्रीयता ही के हक़ में जाता है। लेखकीय चिंता सार्वजनीन है कि गंगौली में अगर गंगौलीवाले कम तथा सुन्नी और शिया और हिन्दू ज़्यादा दिखाई देने लगें, तो गंगौली का क्या होगा?...दूसरे शब्दों में, गंगौली को यदि भारत मान लिया जाए तो भारत का क्या होगा? भारतीय कौन होंगे?...अपनी वस्तुगत चिंताओं, गतिशील रचनाशिल्प, आंचलिक भाषा-सौंदर्य और सांस्कृतिक परिवेश के चित्रण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण उपन्यास–हिन्दी कथा-साहित्य की बहुचर्चित और निर्विवाद उपलब्धि। इस कृति की सबसे बड़ी ख़ासियत है–संयमहीनता। इसके सभी पात्र बिना लगाम के हैं और उनकी अभिव्यक्ति सहज, सटीक और दो टूक है, गालियों की हद तक।
Meghdoot Ki Raah Ke Pathik
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: ‘मेघदूत की राह के पथिक’ कालिदास की अमर कृति मेघदूत के साथ एक सघन रचनात्मक सम्वाद है—प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक जैकब एल मोरेनो की उस स्थापना के संदर्भ में जो रचनात्मकता को शारीरिक-मानसिक सक्रियता और सामुदायिक पारस्परिकता के साथ जोड़ती है। यानी रचनात्मकता वह जो हर तरह की जड़ता का भंजन करे। इस दृष्टिकोण से देखें तो यह कृति बन्द कमरे का विशुद्ध मानसिक और किताबी सम्वाद नहीं, जीवन और प्रकृति के प्रकट और प्रच्छन्न के रमता योगी कालिदास के साथ एक जीवन्त यात्रात्मक जुगलबन्दी है। जिन मार्गों पर चलकर कालिदास ने मेघदूत का भौगोलिक आधार पाया होगा और कथा और जीवन के जिन धुँधलकों में बिखरे उच्छ्वासों को अन्तर्भूत कर ‘कविताया’ होगा, मनीषा रामगिरि और अलकापुरी के बीच उच्छ्वसित धुँधलके में बिखरे उन सारे सम्भावित मार्गों पर चलीं और आज के कण्ठ में अवशिष्ट धुनें और लोककथाएँ सुनते-चुनते लौटीं; तब कहीं जाकर इस सम्वाद को सम्भव किया। जब आप प्रकाशित पृष्ठों से गुज़रेंगे तो पाएँगे कि यहाँ भौगोलिक ही नहीं ज्ञानमार्ग की यात्रा से हासिल निधियाँ भी हैं। कालिदास की ही तरह यहाँ भी मिथक और यथार्थ के बीच विश्वसनीय आवाजाही की गई है और पार्थिव और प्राकृतिक पता वाला साहित्य और इतिहास का एक सुन्दर साझा लोक भी रचा गया है। भौगोलिक मेघ-मार्ग और सांस्कृतिक मेघदृष्टि को समझने के लिए यह एक पुस्तक एक रम्य और रोचक शाहकार है। —डॉ. विनय कुमार
Bachelors Kitchen
- Author Name:
Vineet Kumar
- Book Type:

- Description: लड़का भात बनाना भी नहीं जानता' के उलाहने से लेकर सुंदर, सुरुचिपूर्ण ‘बैचलर्स किचन' तक की यात्रा सिर्फ़ पकाने - खाने तक की यात्रा नहीं है। विनीत की यह किताब एक भावनात्मक यात्रा का दस्तावेज़ है जहाँ चप्पे-चप्पे पर माँ और पीछे छूट चुके घर की यादें हैं । यह सिंगल्स के खाने-पकाने को एक ठोस सैद्धांतिक ज़िद के साथ आकार देने की कहानी है। 'अकेले का क्या है, कुछ भी खाकर सो जाएगा', यह किताब इस आमफ़हम ख़याल को झकझोरती है और अपने आप से कुछ सवाल पूछने को कहती है। अकेले रहते हुए भी अपने खाने को स्वादिष्ट और उसकी प्रस्तुति को क्यों सुंदर नहीं बनाया जाना चाहिए? अपने खाने के लिए भी नए प्रयोग करने और पारंपरिक खाने को याद करने से क्यों शर्माना चाहिए? इस किताब के पास अपना तर्क है, अपना आस्वाद और अपना सौंदर्यबोध !
Vaya Gurgaon
- Author Name:
Dushyant
- Book Type:

- Description: सुमन ने कहा कि कर दी ना सीधी सट्ट जाटोंवाली बात! महेंद्र ने कहा– क्यों जची नहीं क्या, सुमन ने कहा– जाटणी हूं, जी में आ जाए तो क्या नी जचे। और ना जचे तो भगवान भी नहीं जचा सके। वैसे बात तो सयाणी करी है। सोचने दो महेंद्र सिहाग जी। वैसे, गोदारों का जवाईं बनने का सुख भी आसानी से नहीं मिलता। –इसी उपन्यास से
Narak Dar Narak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘नरक-दर-नरक’ ममता कालिया के चर्चित उपन्यासों में से एक है। अपने समय का सांगोपांग चित्रण करने वाली यह रचना पाठकों और आलोचकों दोनों की प्रिय रही है। उपन्यास के केन्द्र में जगन और उषा हैं जो एक तरह से आज़ादी के बाद पैदा हुई युवा पीढ़ी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छा रोज़गार और बेहतर जीवन उनके ऐसे सपने हैं जो अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें अपनी पहुँच से दूर दिखाई देते हैं। प्रेम और उसके बाद तुरन्त ही शादी के बाद उनका प्यार ही है जो उन्हें राहत देता है, नहीं तो जगन के कॉलेज में वहाँ की राजनीति, मामूली-सी तनख़्वाह और उषा के सामने घर को सँभालने की चुनौती उन्हें तनाव में ही रखती है। हारकर वे मुम्बई से इलाहाबाद आते हैं और वहाँ जगन एक प्रेस शुरू करता है। लेकिन चुनौतियाँ यहाँ भी कम नहीं। नया शहर, नया काम और फिर एक बच्चा भी उनके जीवन में आ जाता है। दाम्पत्य जीवन और सामाजिक–राजनीतिक तनावों को यह उपन्यास अत्यन्त कुशलता से चित्रित करता है। भाषा की चुस्ती, संवाद और सूक्ष्म मनोभावों का अंकन कहीं भी पाठक को भटकने नहीं देता।
Dekh Loon To Chaloon
- Author Name:
Sameer Lal
- Book Type:

- Description: This book has no description
Shantanukulnandan
- Author Name:
Purabi Bormudoi +1
- Book Type:

- Description: शान्तनुकुलनन्दन - पुरस्कृत असमिया उपन्यास अति ग़हिरो भावपूर्ण र जीवन्त भाषाशैलीमा रचिएको ऐतिहासिक कथानक हो। अनादि अनंतकालसम्म प्रवाहित महानदी ब्रह्मपुत्र को जीवन रेखा महामुनि शान्तनु र भार्गव परशुरामको जीवन संग जोडेर संपूर्ण भारतीय भाषा-कृष्टि, धर्म-संस्कृति यस्को उद्भव अनी विकास सम्म मननशील शास्त्र सम्मत इतिहासपरक दस्तावेज भन्न मिल्दछ। प्राचीन भारतमा किरातहरुको, आर्यहरुको उपस्थिति प्रवजन, यवनहारूको व्यावसायिक परिभ्रमणले भारतको उत्तर-दक्षिण पूर्व-पश्चिम सबै दिशा र परिवर्तनशील समयको बदलिदो दिशा र दशालाइ शान्तनुकुलनन्दनले समेटेको छायस्को भाषिक उच्चतपूर्वक मर्यादापूर्ण कथनभड़गीले पाठकलाई स्वत समाहित गराउछ।
Qyamat
- Author Name:
Rahi Masoom Raza
- Book Type:

- Description: ‘क़यामत’ राही मासूम रज़ा का बेहद दिलचस्प उपन्यास है। राही मासूम रज़ा के कथा साहित्य का विश्लेषण करते समय प्रायः उनकी एक-आध कृति को छोड़कर बाक़ी की चर्चा न के बराबर की जाती है। एक कारण तो यह कि वे उपन्यास हिन्दी में उपलब्ध नहीं हैं अर्थात् वे मूल रूप से उर्दू में लिखे गए हैं। दूसरा यह कि कई बार विभिन्न वजहों से कुछ रचनाओं को ‘पॉपुलर’ के खाते में डाल दिया जाता है। गोया पॉपुलर होने और स्तरीय होने में कोई अनिवार्य अन्तर्विरोध हो! और तो और, कई बार पठनीयता को भी श्रेष्ठता के विपक्ष में खड़ा कर दिया जाता है। कहना चाहिए कि ‘क़यामत’ राही मासूम रज़ा का पठनीय और लोकप्रिय होने के साथ स्तरीय उपन्यास है। भाषा में वही शक्ति है जो राही की पहचान है। उदाहरण के लिए\ “जो हिन्दुस्तान से पाकिस्तान चले गए हैं या पाकिस्तान से हिन्दुस्तान आ गए हैं, घर की याद तो उन्हें भी आती होगी। और रात को घर के ख़्वाब आते होंगे। और वो ख़्वाब ही में उदास हो जाते होंगे। और शायद रो भी देते हों।...” डॉ. एम. फ़ीरोज़ ख़ान और डॉ. शगुफ़्ता नियाज़ ने हिन्दी में ‘क़यामत’ का प्रवाहपूर्ण अनुवाद किया है।
Chaturang (Raj)
- Author Name:
Ravindranath Thakur
- Book Type:

- Description: ‘चतुरंग’ मूलत: जीवन के प्रयोजनों और उनकी उपलब्धि के बीच अनिर्णीत संघर्ष का कथा-प्रयोग है। अब तक हुई तमाम बौद्धिक व्याख्याओं की पहुँच के परे इस संघर्ष का प्रारम्भ कहीं भौतिक परिवेश में दिखाई देता है, कहीं तर्क और विवेक की जुगलबन्दी में और कहीं मनो-जगत में पलती आत्म-प्रताड़णा में; और तीनों ही स्रोतों से यह हमारे आधुनिक विचार-जगत में प्रवेश करता दिखता है। शचीश, श्रीविलास, दामिनी और लीलानन्द स्वामी इसे अपने-अपने स्तर पर जीते हैं—अध्यात्म और भक्ति के दिशाहारा आवेग में, दैहिक प्रेम की तृषार्त-भीरु गुफाओं में, जीवन के भीतर, जीवन के बाहर, प्रभंजन के व्यामोह से घिरे-घिरे। ताऊ जी (जगमोहन) इस कथा को रवीन्द्रनाथ की तत्कालीन सामाजिक चिन्ताओं से जोड़ते हैं, देहरी लाँघने की व्याकुलता तक।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book