Mati ke Log Sone ki Naiya
(0)
Author:
Mayanand MishraPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
365
₹ 299.3 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
कास और झौआ कोसी के सर्व-सुलभ वरदान हैं, पानी और मछली की तरह। जब घर में अन्न नहीं और जेब में नगदी नहीं, तब भी हीतलाल और रमेसर जैसे लोग कुछ बोझे कास काट-बेचकर मड़ुआ-मक्के और नमक का जुगाड़ कर लेते हैं। ये माटी के लोग हैं जिनके लिये नावें सोने से भी बढ़कर हैं। सस्ते श्रम की तरह इनके जीवन में सहज प्रेम कोसी के कास-झौए की तरह ही सुलभ और जीवन का सहारा है। नाच-गाने में ये अपनी तकलीफ भूल-बिसर कर निरस से जीवन में रस घोलते हुए कठिन संघर्ष में लगे रहते हैं। कोसी के कठिन जीवन-संघर्ष के बीच अनूपी और हीतलाल जैसे चरित्रों का प्रेम इस उपन्यास की अद्भुत विशेषता है। अनूपी जैसी एक स्त्री जो पति हीतलाल का घर छोड़ नथुनी पान वाले के यहाँ रहने चली गई है, उस स्त्री के प्रेम की गहराई और उसके साथ हीतलाल का सम्मानपूर्ण जुड़ाव स्त्री-विमर्श के नये दौर में भी दुर्लभ है। इन सरल हृदयी लोगों के बीच दो सौ मन धान के 'अगों' रूप में दान-दक्षिणा पर नज़र गड़ाए नेता और अफसर का गज़ब सांकेतिक बिम्ब है। रस-सिद्ध प्रवाहमयी भाषा के धनी प्रसिद्ध उपन्यासकार मायानंद मिश्र का चमत्कार इस उपन्यास में अपने चरम पर है। यही कारण है कि प्रथम प्रकाशन के 56 वर्ष बाद भी इस उपन्यास के प्रति पाठकीय आकर्षण बरकरार है।
Read moreAbout the Book
कास और झौआ कोसी के सर्व-सुलभ वरदान हैं, पानी और मछली की तरह। जब घर में अन्न नहीं और जेब में नगदी नहीं, तब भी हीतलाल और रमेसर जैसे लोग कुछ बोझे कास काट-बेचकर मड़ुआ-मक्के और नमक का जुगाड़ कर लेते हैं। ये माटी के लोग हैं जिनके लिये नावें सोने से भी बढ़कर हैं। सस्ते श्रम की तरह इनके जीवन में सहज प्रेम कोसी के कास-झौए की तरह ही सुलभ और जीवन का सहारा है। नाच-गाने में ये अपनी तकलीफ भूल-बिसर कर निरस से जीवन में रस घोलते हुए कठिन संघर्ष में लगे रहते हैं। कोसी के कठिन जीवन-संघर्ष के बीच अनूपी और हीतलाल जैसे चरित्रों का प्रेम इस उपन्यास की अद्भुत विशेषता है। अनूपी जैसी एक स्त्री जो पति हीतलाल का घर छोड़ नथुनी पान वाले के यहाँ रहने चली गई है, उस स्त्री के प्रेम की गहराई और उसके साथ हीतलाल का सम्मानपूर्ण जुड़ाव स्त्री-विमर्श के नये दौर में भी दुर्लभ है। इन सरल हृदयी लोगों के बीच दो सौ मन धान के 'अगों' रूप में दान-दक्षिणा पर नज़र गड़ाए नेता और अफसर का गज़ब सांकेतिक बिम्ब है। रस-सिद्ध प्रवाहमयी भाषा के धनी प्रसिद्ध उपन्यासकार मायानंद मिश्र का चमत्कार इस उपन्यास में अपने चरम पर है। यही कारण है कि प्रथम प्रकाशन के 56 वर्ष बाद भी इस उपन्यास के प्रति पाठकीय आकर्षण बरकरार है।
Book Details
-
ISBN9789391925963
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Friend Boyfriend Jaisa
- Author Name:
Sachin Tyagi
- Book Type:

- Description: बहुत दिनों बाद भी जब दोस्त से बात हो तो फिर से वही लहज़ा, वही शरारत सूझ जाती है। ऐसी ही थी मेरी वो दोस्त। लोग तो कहते हैं कि एक लड़का और लड़की फ़्रेंन्ड्स नहीं हो सकते, लेकिन हमारे दिल में क्या है? हम एक दूसरे के लिए क्या सोचते हैं ? ये मायने रखता है। न कि ये समाज हमें किस नज़र से देखता है और हमारे बारे में क्या सोचता है। ये सब बेमानी है। अगर हमारा मिलना एक इत्तफाक था तो बिछड़कर फिर मिल जाना खुशकिस्मती थी। हमारे आज के हालात में चाहे कितना भी बदलाव आया हो, लेकिन आज भी हम वही जिंदादिल दोस्त हैं, जो कल थे, जो आज हैं और हमेशा रहेंगे। पढ़िए, किशन और अन्वी की प्यारी सी दोस्ती की कहानी!
Phirangi Thag
- Author Name:
Rajendra Chandrakant Rai
- Book Type:

- Description: Novel
IAS Today
- Author Name:
Prof.. Vikas Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: लालच की दुनिया को वैराग्य की दुनिया से जोड़ते हुए, आईएएस टुडे एक गांधीवादी रोमेश की कहानी है, जो अपने प्रशिक्षण अवधि के दौरान त्रिशला वासु से शादी कर लेता है और बाद में अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं से अपराधों को जड़ से खत्म करने की कोशिश करता है। उसी दुनिया में टिन्नी भी है, जो कुलीन माता-पिता का बेटा है, जो एक रिंग लीडर बन जाता है और काले, पेनी, वल्लू और गन्नू के साथ अपना गिरोह बनाता है और कांति, रेवती और स्वाति के साथ एक कामुक जीवन जीता है। उसके पाप का पिटारा पहले से ही भरा हुआ है, क्या उसे अपने दुष्कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ेगा? मजबूत महिला पात्रों के साथ, उपन्यास पाठकों को प्रेम और वासना, हिंसा और अहिंसा, देहाती और शहरी जीवन के बीच संघर्ष प्रस्तुत करता है। अभी भी इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है कि क्या फैंसी एक धोखा देने वाली योगिनी है?
Pyar Mein Shaheen Bagh
- Author Name:
Rathor Bichitramani Singh
- Book Type:

- Description: ‘प्यार में शाहीन बाग’ राठौर विचित्रमणि सिंह का पहला उपन्यास है जो देश के बदलते हालात को ऐतिहासिक, राजनैतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में देखते हुए प्रेम और घृणा, हिंसा और अहिंसा के मुद्दे को तथ्य और तर्क की कसौटी पर लेकर कसते हैं और अंत में स्वीकार करते हैं कि जानना और समझना मानवीय संबंधों को बहाल करने की कसौटी है। उपन्यास हिमांशु नामक युवक के बचपन से शुरु होता है जहां उसके अवलोकन और समझ की जगह उस पर झूठा सच थोपा जाता है। इससे नफरत की इकहरी दृष्टि लेकर वह शाहीन बाग के आंदोलन को ध्वस्त करने के इरादे से जाता है जहां विष भरे हृदय में प्यार अंकुर उगता महसूस करता है सोफिया से जो गांधी से प्रभावित है। उपन्यास का यह हिस्सा फसाद, गलत प्रचार, दुखद घटनाओं व हत्याओं से पाठक के मन पर गहरा असर डालता है और स्वयं हिमांशु के अंदर की इंसानियत उसकी हैवानियत पर भारी पड़ती है। वह इसी भावना के वेग में आकर असम आंदोलन में शिरकत करता है और कहता है कि जहां-जहां शाहीन बाग उभरेगा, वहां वहां मैं मौजूद रहूंगा। देशप्रेम, आपसी भाईचारा व सकारात्मक व नकारात्मक सोच को बिना किसी लंबी व्याया के लेखक ने समय के सूप से पछोड़ कर अलग व सराहनीय काम किया है। उपन्यास पढ़ा जाना चाहिए जिसके लिए लेखक बधाई का पात्र है।-नासिरा शर्मा
Daari
- Author Name:
Kusuma Ayrahalli
- Rating:
- Book Type:

- Description: "ದಾರಿ" ಇದು ಕುಸುಮಾ ಆಯರಹಳ್ಳಿ ಬರೆದ ಕಾದಂಬರಿಯ ಶೀರ್ಷಿಕೆ. ಈ ಪುಸ್ತಕದಲ್ಲಿ, ಹಳ್ಳಿಯಿಂದ ನಗರಕ್ಕೆ ಹೋಗಿ ಬದುಕುತ್ತಿದ್ದ ವ್ಯಕ್ತಿಯೊಬ್ಬ, ತನ್ನ ಹಳ್ಳಿಗೆ ಮತ್ತೆ ಮರಳಿ, ಆ ಹಳ್ಳಿಗಾಗಿ ದುಡಿಯುವ, ಹಳ್ಳಿಗರಿಗಾಗಿ ತುಡಿಯುವ ಕಥೆ ಇದು. ಕಥಾ ನಾಯಕನ ಔದ್ಯೋಗಿಕ ಜೀವನದಲ್ಲಾದ ಸಣ್ಣ ಪಲ್ಲಟ ತನ್ನ ಹಳ್ಳಿಯನ್ನು ಆತನಿಗೆ ಮತ್ತೆ ನೆನಪಿಸುತ್ತದೆ. ತನ್ನದೇ ಆದ ಆದರ್ಶಗಳ ಜತೆ ಬದುಕುತ್ತಿರುವ ಕಥಾ ನಾಯಕನಿಗೆ ತಾನು ಹುಟ್ಟಿ ಬೆಳೆದ ಹಳ್ಳಿಯಲ್ಲಿ ಎಲ್ಲವೂ ಸರಿಯಿಲ್ಲ ಎಂದೆನಿಸಲು ಆರಂಭವಾಗುತ್ತದೆ. ಸರಿಯಿಲ್ಲದ್ದನ್ನು ಸರಿಪಡಿಸುವ ನಿರ್ಧಾರ ಮಾಡುತ್ತಾನೆ. ಅಲ್ಲಿಂದಲೇ ಈ "ದಾರಿ"ಯ ಆರಂಭ.
Chhako Ki Vapasi
- Author Name:
Badiuzzaman
- Book Type:

-
Description:
मुस्लिम-समाज की संरचना, गठन, जातीय स्मृतियों, आस्था और विश्वास के कुल योग—उसकी समूची आन्तरिकता को सघन कलात्मक रचाव से प्रस्तुत करनेवाले उपन्यासों में से यदि किन्हीं दो या तीन अग्रणी रचनाओं का चुनाव किया जाएगा तो ‘छाको की वापसी’ को उस सूची में रखना ही होगा, इसके बिना वह पूरी नहीं होगी।
छाको एक धुरी है, जिस पर घूम रही है एक भरी-पूरी दुनिया। एक समूची क़ौम की ज़ेहनियत और ज़िन्दगी। बीच में जो विभाजन की रेखा दिखाई देती है, वह हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच से होती हुई दोनों देशों के शासकवर्ग और जनता के वर्ग-हितों की भी सुस्पष्ट पहचान कराती है, और अन्तत: मनुष्य के अस्तित्व के प्रश्न में बदल जाती है।
मिट्टी की गन्ध जिस तरह से पूरी कृति में समाई हुई है, उसके आगे देश-प्रेम की भारी-भरकम शब्दावली वाली कितनी ही परिभाषाएँ बेकार हैं। सरहदों और सीमाओं में बँधी नागरिकता का एक प्रति-विमर्श रचते हुए यह उपन्यास ज़िन्दगी और ज़मीन के कहीं गहरे, लगभग शाश्वत रिश्ते की ओर इशारा करता है। यही वह रिश्ता है जो आख़िरकार मानव-सभ्यता के विकास का बीज बनता है।
‘एक चूहे की मौत’ जैसे अत्यन्त लोकप्रिय उपन्यास के लेखक का यह उपन्यास नागरिकता और देश की मौजूदा बहसों के सन्दर्भ में और भी प्रासंगिक हो जाता है।
Vishay : Nar Nari
- Author Name:
Bimal Mitra
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत उपन्यास में सुशीतल चटर्जी और अल्का नायर का प्रेम है जो सुशीतल के संयमित और प्रतिज्ञाबद्ध विद्यार्थी जीवन से आरम्भ होकर सुशीतल के पक्के जुआरी और शराबी होने तक जाता है, और दूसरी तरफ़ अल्का के एक मान की ऊँची छवि में स्थापित होने तक जो सुशीतल की दूसरी पत्नी से हुए बेटे की पढाई पर अपने जमा पैसे बिना हिचक खर्च कर देती है। दूसरा चरण सरपति राय के ख़ानदान का क़िस्सा है जो पुनः स्त्री-पुरुष सम्बन्ध के झोंकों में ही झूल जाता है। तीसरे उपन्यास में कुसमिया है—एक ईमानदार और सेवा-भाव से सम्पन्न सेविका जिसे अन्त में अपनी मालकिन के बेटे के ख़ून के इल्ज़ाम में फाँसी की सज़ा होती है। ‘विषय नर-नारी’ में बिमल मित्र ने जैसे लेखक होने की अपनी पहचान को भी बार-बार रेखांकित किया और जिया है। स्वतंत्र रूप से लेखन को ही अपना जीवन-ध्येय बनानेवाले उस ज़माने के ऐसे लेखकों की रचनाएँ स्वयं लेखन की प्रतिष्ठा हैं जिससे जनसाधारण पाठक के रूप में एक सजीव उपस्थिति की तरह जुड़ा रहता था। इस लिहाज़ से भी साहित्य की थाती में सुरक्षित ऐसी रचनाओं को पढ़ा जाना चाहिए।
Is Shahar Mein Ik Shahar Tha
- Author Name:
Jaya Jadwani
- Book Type:

- Description: विभाजन भारतीय उपमहाद्वीप का ऐसा दारुण जख़्म है जो न जाने कितने दिलों के भीतर मुसलसल टीस रहा है। जया जादवानी का उपन्यास ‘इस शहर में इक शहर था’ विभाजित सिन्ध और उसके लोगों की कसक और पीड़ा का आख्यान है। यह एक जगह से उजड़ और बिखर कर दूसरी जगहों पर जड़ें जमाने की संघर्ष भरी दास्तान भी है जहाँ ऊपरी तौर पर भले ही सब कुछ सहज लगता हो पर उनकी रूह का एक हिस्सा कहीं बहुत पीछे के शहर में फंसा रह गया है। अपनी रूह के इसी गुम हिस्से की तलाश में उपन्यास का वाचक ‘नन्द’ कराची पहुँचता है जहाँ से उसे शिकारपुर जाना है, जहाँ जाने की उसे अनुमति नहीं है। जहाँ उसे अपने ही जैसे बिखरे हुए लोगों से मिलना है, जिन्हें उसकी तलाश में इस तरह से मददगार होना है जैसे वे अपनी ही मदद कर रहे हों। शिकारपुर—जहाँ उसका बचपन बीता है, जहाँ से निकलकर वह बम्बई में रहते हुए दुनिया भर में भटक रहा है। यह स्मृति में धँसी हुई एक ऐसी विलक्षण यात्रा है जहाँ एक बूढ़ा आईने के सामने अपने आपसे सिन्धी में बतिया रहा है; कोई बरसों बाद मिली एक बूढ़ी औरत के साथ रोटी खाते हुए उसकी गोद में रो रहा है, वह श्मशान जहाँ नन्द के लोग जलाए गए, वह गलियाँ जहाँ वे चले, उनमें ठहरते और चलते हुए नन्द अपने पुरखों के तलवों का दुख-दर्द जी रहा है। जहाँ से अपने बचपन के प्यार की एक झलक भर देखकर बिना कुछ कहे वह वापस चला आता है कि बार-बार आने की एक वजह यह भी बनी रहे।
Narak Dar Narak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: ‘नरक-दर-नरक’ ममता कालिया के चर्चित उपन्यासों में से एक है। अपने समय का सांगोपांग चित्रण करने वाली यह रचना पाठकों और आलोचकों दोनों की प्रिय रही है। उपन्यास के केन्द्र में जगन और उषा हैं जो एक तरह से आज़ादी के बाद पैदा हुई युवा पीढ़ी का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छा रोज़गार और बेहतर जीवन उनके ऐसे सपने हैं जो अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें अपनी पहुँच से दूर दिखाई देते हैं। प्रेम और उसके बाद तुरन्त ही शादी के बाद उनका प्यार ही है जो उन्हें राहत देता है, नहीं तो जगन के कॉलेज में वहाँ की राजनीति, मामूली-सी तनख़्वाह और उषा के सामने घर को सँभालने की चुनौती उन्हें तनाव में ही रखती है। हारकर वे मुम्बई से इलाहाबाद आते हैं और वहाँ जगन एक प्रेस शुरू करता है। लेकिन चुनौतियाँ यहाँ भी कम नहीं। नया शहर, नया काम और फिर एक बच्चा भी उनके जीवन में आ जाता है। दाम्पत्य जीवन और सामाजिक–राजनीतिक तनावों को यह उपन्यास अत्यन्त कुशलता से चित्रित करता है। भाषा की चुस्ती, संवाद और सूक्ष्म मनोभावों का अंकन कहीं भी पाठक को भटकने नहीं देता।
Homeland
- Author Name:
Dalpat Chauhan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Dalpat Chauhan's first novel Homeland (Malak in Gujarati) is set in rural northern Gujarat in pre-independence India and tells the tale of a community of Dalits who eke out an existence on the margins of an upper castr village. They belong to the Vankar caste and are considered 'Untouchables' by the upper caste villagers. Many of them because of small loans taken by them or their forefathers from the village landlords are 'bonded' for generations to them and have to provide them with free labour. Their women are sexually harassed and at times raped and murdered. Yet these Vankars are attached to their Malak and are traumatised when they are forced to leave it due to the threat of uppar caste reprisal over the relationship between a young Dalit man and upper castemarried woman. Homeland is writtten in what be termed the postcolonial narrative style, with interior monologues, interventions of the past into the present and alternative voices. The language is a judicious mix of Northern Gujarat rural dialect and standard Gujarati. This gives the novel a very authentic and contemporary edge.
Sah-Saa
- Author Name:
Geetanjali Shree
- Book Type:

- Description: ‘सह-सा’ छोटे-छोटे अकस्मातों में बनती व्यापक मानव नियति की कहानी है। रोज़मर्रा के अनाटकीय प्रसंगों की टकराहटों से बड़े सवालों के खुले में आ जाने की कहानी। न्यायमूर्ति भूलेराम मिसिर अवकाश-प्राप्ति के बाद पत्नी प्रेमिला, बेटी चिया, और अपाहिज अम्मा के साथ रह रहे हैं। पत्नी व बेटी नौकरी पर निकल जाती हैं और घर की ज़िम्मेदारियाँ खुशी खुशी उन्होंने अपने ऊपर ले ली हैं। माँ अपनी शोर करती पटरागाड़ी पर बैठ घर भर का मुआयना करती रहती हैं। भूलेराम का बेटा, श्रवण, दूसरे शहर में है। दो नौकर हैं, शम्भु और उसकी जिज्जी। सब साथ भी हैं, अलग-थलग भी। घरों के जाने पहचाने शीतयुद्ध में रत, जिसे भूलेराम खुला युद्ध नहीं बनने देते। हँसते-खेलते सब पर आदतन चिल्लाते हैं, और बिना डींग-दावे के सबका ध्यान रखते हैं। सहसा एक दिन वे बेआराम हो जाते हैं। प्यार से बनाये उनके वन-प्रांगण में एक गौरैया उनकी बाँह पर आ बैठती है। वे मुस्कुराते हैं कि बाँह को डाल समझ रही है पर तभी मन में संदेह कौंधता है कि उन्हें देख ही नहीं रही शायद। ‘मैं क्या अदृश्य? हवा? प्रेत? भूत सा फिरता अपने घर में।’ यह संदेह यादों की लंबी कड़ी से जुड़ता है। वे जर्जराने लगते हैं और अचानक बीमारी के एक झटके में दम तोड़ देते हैं। जीते जी अदृश्य होने लगे भूले मृत्योपरांत चारों ओर छा जाते हैं। प्रकट कथा के पीछे, उसके अनकहे में, एक और कथा भी चलती है जो दिखाती है कि इस वाचाल समय में हम वही देखते सुनते हैं जो ढिंढोरा है, भड़कीला है, उसके पीछे हो रहे को नहीं। बात चाहे परिजनों की हो या नेताओं की या मेहनतकश मज़दूरों की, हम चुपचाप के अच्छे और बुरे दोनों को मिस कर देते हैं। भूले द्वारा चुपचाप किया गया अच्छा और चूहों द्वारा चुपचाप किया गया संहार इसीलिए छिपा रहता है। इस कृति में भी गीतांजलि श्री की भाषा और शैली का अपना वैभव है। बदलती स्थितियों, मनःस्थितियों को उजागर करती कभी चुटीली, नुकीली, कभी प्रशांत, उदास और दार्शनिक। हमेशा बहुअर्थी। और इसमें है उस प्रकृति का अद्भुत वात्सल्य जिसे हम बेगाना बना बैठे हैं। ‘सह-सा’ एक अनूठी प्रेम गाथा है।
Insanity Is The Gift
- Author Name:
Apoorva
- Book Type:

- Description: Insanity is the Gift? The dreams we dream are often not our own but an accumulation of the surrounding we thrive. Our thoughts and opinions are slave to the experiences we have and the people we meet. But what happens when you finally break through the shell and try to chase a dream that is almost impossible. Insanity is the gift is a coming of age Novel that takes you on a journey through the lens of a bunch of childhood friends who are ambitious, dreamy, confused, authentic and most importantly - insane in their own way. As they go through college and discover themselves through music, love and friendships- not all things go according to plan. It is an story of finding true meaning of the meaninglessness of life. It tries to navigate and drift across contrasting characters to portray the different shades of love, fear, agony, dreams and human connections.
Maiyadas Ki Madi
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
‘मय्यादास की माड़ी’ में दाख़िल होने का एक ख़ास मतलब है, यानी पंजाब की धरती पर एक ऐसे कालखंड में दाख़िल होना, जबकि सिक्ख-अमलदारी को उखाड़ती हुई ब्रिटिश-साम्राज्यशाही दिन-ब-दिन अपने पाँव फैलाती जा रही थी।
भारतीय इतिहास के इस अहम बदलाव को भीष्म जी ने एक क़स्बाई कथाभूमि पर चित्रित किया है और कुछ इस कौशल से कि हम जन-जीवन के ठीक बीचोबीच जा पहुँचते हैं। झरते हुए पुरातन के बीच लोग एक नए युग की आहटें सुनते हैं, उन पर बहस-मुबाहसा करते हैं और चाहे-अनचाहे बदलते चले जाते हैं—उनकी अपनी निष्ठाओं, कदरों, क़ीमतों और परम्पराओं पर एक नया रंग चढ़ने लगता है। इस सबके केन्द्र में है दीवान मय्यादास की माड़ी, जो हमारे सामने एक शताब्दी पहले की सामन्ती अमलदारी, उसके सड़े-गले जीवन-मूल्यों और हास्यास्पद हो गए ठाठ-बाट के एक अविस्मरणीय ऐतिहासिक प्रतीक में बदल जाती है। इस माड़ी के साथ दीवानों की अनेक पीढ़ियाँ और अनेक ऐसे चरित्र जुड़े हुए हैं जो अपने-अपने सीमित दायरों में घूमते हुए भी विशेष अर्थ रखते हैं—इनमें चाहे सामन्ती धूर्तता और दयनीयता की पराकाष्ठा तक पहुँचा दीवान धनपत और उसका बेटा हुकूमतराय हो, राष्ट्रीयता के धूमिल आदर्शों से उद्वेलित लेखराज हो, बीमार और नीम-पागल कल्ले हो, साठसाला बूढ़ी भागसुद्धी हो या फिर विचित्र परिस्थितियों में माड़ी की बहू बन जानेवाली रुक्मो हो—जो कि अन्ततः एक नए युग की दीप-शिखा बनकर उभरती है।
वस्तुतः भीष्म जी का यह उपन्यास एक हवेली अथवा एक क़स्बे की कहानी होकर भी बहते काल-प्रवाह और बदलते परिवेश की दृष्टि से एक समूचे युग को समेटे हुए है और उनकी रचनात्मकता को एक नई ऊँचाई सौंपता है।
Paraja
- Author Name:
Gopinath Mohanty +1
- Book Type:

- Description: মূলত 1945 সালে ওড়িয়া ভাষায় লেখা এবং এখানে প্রথমবার অনুবাদ করা হয়েছে, পরজা আধুনিক ভারতীয় কথাসাহিত্যের একটি ক্লাসিক। এটি একটি মহাকাব্যিক স্কেলে উড়িষ্যার পাহাড়ী জঙ্গলে একজন আদিবাসী কুলপতি এবং তার পরিবারের গল্প বলে। এই পরিবারের ভাগ্যের ধীর পতন- স্থানীয় মহাজনের দাসত্বের দিকে নির্বাহের জীবিকা নির্বাহের শান্ত সমৃদ্ধি থেকে- উভয়ই মর্মস্পর্শীভাবে ব্যক্তিকেন্দ্রিক এবং সেইসাথে কৃষক সম্প্রদায়ের মধ্যে সমগ্র জীবনযাত্রার ক্ষয়ের প্রতীক।
Mantra-Viddh
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

- Description: ‘मंत्र-विद्ध’ प्यार की खुरदरी कहानी है—आज की मूर्तिकला की तरह... तारक और सुरजीत कौर के बीच एक तीसरा ‘व्यक्ति’ और है, और वह है प्यार! तारक अपने को समझाते हुए, दूसरे आदमी की निग़ाह से सारी स्थिति को देखता है और स्वयं आतंकित रहता है कि क्या सचमुच वीरता का वह क्षण उसी ने धारण किया था...क्षण अथवा आवेश-भरे दबाव का शायद एक ऐसा विस्फोट, जिसका अनुभव केवल कायर ही कर सकता है। यानी परम वीरता के काम पक्के कायर के सिवा कोई दूसरा नहीं कर सकता! प्यार जैसे रिश्ते और मानवीय आशा-आकांक्षा के साथ प्रायः ही उठ खड़े होने वाले द्वन्द्व का एक अलग ही कोण दिखाती है यह कथाकृति। तारक स्वयं को जिस रूप में प्रस्तुत करता है, वास्तव में वह उसके विपरीत है अर्थात भीरु, शंकालु और जिम्मेदारियों से भागने वाला। उसके विपरीत स्वाभिमानी और जिम्मेदार सुरजीत सामन्ती घुटन से मुक्ति के लिए तारक का साथ स्वीकार करती है और अपनी शक्ति और अभावों की तरफ से आँखें मूँदकर प्रेम को हासिल कर लेने का स्वप्न देखती है। परस्पर विपरीत ध्रुवों की नजदीकी का यह त्रासद यथार्थ इस उपन्यास को प्रेम और व्यक्ति-सम्बन्धों के बारे में एक भिन्न ही कोण से सामने लाता है। अपने समय का एक चर्चित उपन्यास।
Joys and Woes are Woven Fine
- Author Name:
Arkaprava De
- Rating:
- Book Type:

- Description: She was born in Kolkata. She was an unwelcomed guest, a product of lust. She had to pay the price. She was abducted and trafficked to Hyderabad. She spent nine years begging on the roadside. Destiny brought her back to Kolkata, where she was sold off to a procuress in Sonargachi. She married Raghu and started leading a healthy life. However, she attempted suicide. She was Ketaki. Why was Ketaki abducted and trafficked? Where were her father and mother? Was Ketaki ever able to meet her birth parents? Why did she attempt suicide? Was it all destiny that brought her back to Kolkata, or did The Almighty have something else in His holy mind? After all, Joys and Woes are always woven fine!!
Akaal Me Utsav
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: ‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
Aakhiri Paydan Par Khada Aadmi
- Author Name:
Manjushree
- Book Type:

- Description: Manjushree's New Novel
5 Point Someone
- Author Name:
Chetan Bhagat
- Book Type:

- Description: "रेयान दौड़कर बोर्ड के पास पहुँचा और पहली पंक्ति के नाइन पॉइंटर मुसकराए कि एक फाइव पॉइंटर क्लास के लिए योगदान देगा। यद्यपि समीकरण सही था; रेयान बोर्ड तक नहीं जाता, जब तक कि वह यह न जान ले कि वह सही है। “बहुत अच्छा, धन्यवाद रेयान। अच्छा, पिछले टर्म पेपर में स्कूटर के पेट्रोल के उपयोग पर लूब्रीकेंट की कार्य-क्षमता के बारे में तुमने ही लिखा था?” “जी हाँ, सर।” “क्या यह सच है कि यह परिणाम तुमने अपने स्कूटर पर टेस्ट किया है?” “हाँ, मैंने किया है, सर। यद्यपि बिलकुल सही तरीके से नहीं।” “वह मुझे अच्छा लगा।” प्रो. वीरा ने नाइन पॉइंटर्स की तरफ देखते हुए कहा, जो रट्टू तोतों की तरह नोट्स बनाने में व्यस्त थे—“मुझे वास्तव में अच्छा लगा।” —इसी उपन्यास से आज की गलाकाट प्रतिस्पर्द्धा के दौर में कैसे अपनी क्षमता, इच्छाशक्ति और कुछ हासिल करने की शिद्दत से युवा सफल हो सकते हैं-यह मूल संदेश है 5 पॉइंट समवन का । लेखन के क्षेत्र में पदार्पण करते ही अपनी सरल-सुबोध भाषा, आकर्षक शिल्प तथा किस्सागोई के कारण लाखों युवाओं को लुभा लेनेवाले बेस्टसेलर लेखक चेतन भगत का उपन्यास है 5 पॉइंट समवन। "
Kamini Kay Kantare Vol-I
- Author Name:
Mahesh Katare
- Book Type:

- Description: कामिनी काय कांतारे’ अर्थात कामिनी काया के जंगल में! राजा भर्तृहरि, गृहस्थ भर्तृहरि, प्रेमी भर्तृहरि, कवि भर्तृहरि, वैयाकरण भर्तृहरि, योगी भर्तृहरि! बहुमखी प्रतिभा के धनी विविध रूप-गुणों से संपन्न भर्तृहरि के जीवन पर आधारित यह उपन्यास कामिनी कंचन के बीच से ही नहीं गुजरता, कामिनी काया के जंगल से भी गुजरता है और कथा, इतिहास, मिथक के बल पर एक महान क्लासिक रचना वरिष्ठ कथाकार-उपन्यासकार महेश कटारे की कलम से पूर्णता को प्राप्त करती है। यह उपन्यास न मात्र बेहद पठनीय और रोचकता के लिहाज से महत्त्वपूर्ण है, ज्ञान को दीप्त करने वाली विशिष्ट कृति है। भारतीय परंपरा की थाती। उपन्यासकार के शब्दों में, ''भरथरी गाने वालों की कथा में बीवी की बेवफाई से दुखी राजा भरथरी जोगी बनकर महल, हवेली, राजपाट छोड़कर निकल गए। गुरु गोरखनाथ के कहने पर वह अपनी उसी पत्नी रानी पिंगला से भीख माँगने द्वार पर पहुँचे तो राजा को जोगी के भेष में देख रानी पछाड़ खाकर गिर पड़ी। 'भरथरी’ सुनती स्त्रियों की भीड़ राजा के घर से निकलते ही आँसू बहाने लगती और रानी के पछाड़ खा गिरने पर तो अनेक की 'कीक’ फूट जाती। इस भर्तृहरि से मेरा बचपन का परिचय था। बाद में सरसरी दृष्टि से शतकत्रय भी पढ़े थे तो उस रात मैंने मित्रों को दो-तीन श्लोक सुना डाले। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि भर्तृहरि बहुत बड़ा कवि है। हमारे यहाँ ऐसे लोगों पर बहुत कम काम हुआ है, सो मैं एक उपन्यास लिखूँ।...’’ और अब यह उपन्यास दो खण्डों में आपके सामने है। हिंदी की एक अनमोल कृति के रूप में!...
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book