Yug Nirmata JRD Tata
About the book
"कुशल पायलट, नवप्रवर्तक उद्यमी, संस्थान निर्माता, परमार्थी व महान् जन-प्रबंधक जे. आर.डी टाटा उन राष्ट्र- निर्माताओं में थे, जो आबाल-वृद्ध सभी के प्रेरणा-स्रोत रहे हैं । एक उद्योगपति के रूप में उनको टाटा उद्योग समूह को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने का श्रेय प्राप्त है । श्री टाटा विज्ञान व कलाओं के संरक्षक रहे । साहित्य, ललित-कलाओं, तेज रफ्तार कारों, स्कीइंग एवं उड़ान में उनकी गहरी रुचि थी । उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, नेशनल सेंटर फॉर द परफार्मिग आर्ट्स एवं अन्य अनेक संस्थानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । जे. आर.डी टाटा को जन-प्रेरक के रूप में सदा याद किया जाएगा । सही व्यक्ति को सही काम के लिए चुनने की उनमें विलक्षण क्षमता थी । किसी टीम को सुगठित करने, विभिन्न कर्मियों से सबसे अच्छे परिणाम हासिल करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी । वह जिजीविषा से परिपूर्ण थे और नवाचार व उद्यम की प्रेरणा देने में अत्यंतमुखर । अपने सभी कर्मियों को अगाध स्नेह करनेवाले, दूरदर्शी, युग -निर्माता जे. आर.डी टाटा के जीवन से प्रेरणा और शिक्षा देनेवाली उपयोगी पुस्तक ।
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About the Book
"कुशल पायलट, नवप्रवर्तक उद्यमी, संस्थान निर्माता, परमार्थी व महान् जन-प्रबंधक जे. आर.डी टाटा उन राष्ट्र- निर्माताओं में थे, जो आबाल-वृद्ध सभी के प्रेरणा-स्रोत रहे हैं ।
एक उद्योगपति के रूप में उनको टाटा उद्योग समूह को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने का श्रेय प्राप्त है । श्री टाटा विज्ञान व कलाओं के संरक्षक रहे । साहित्य, ललित-कलाओं, तेज रफ्तार कारों, स्कीइंग एवं उड़ान में उनकी गहरी रुचि थी । उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, नेशनल सेंटर फॉर द परफार्मिग आर्ट्स एवं अन्य अनेक संस्थानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
जे. आर.डी टाटा को जन-प्रेरक के रूप में सदा याद किया जाएगा । सही व्यक्ति को सही काम के लिए चुनने की उनमें विलक्षण क्षमता थी । किसी टीम को सुगठित करने, विभिन्न कर्मियों से सबसे अच्छे परिणाम हासिल करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी । वह जिजीविषा से परिपूर्ण थे और नवाचार व उद्यम की प्रेरणा देने में अत्यंतमुखर ।
अपने सभी कर्मियों को अगाध स्नेह करनेवाले, दूरदर्शी, युग -निर्माता जे. आर.डी टाटा के जीवन से प्रेरणा और शिक्षा देनेवाली उपयोगी पुस्तक ।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 400 grams
- ISBN-13
- 9788173157592
- Pages
- 160
- Reading time
- ~5 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
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Yug Nirmata JRD Tata is a portrait of the man who transformed the Tata Group into an international industrial force while championing science, art, and social research in post-independence India. This Hindi biography traces JRD Tata's journey from his early passion for aviation — he was India's first licensed pilot — to his role as the founder of institutions such as the Tata Institute of Fundamental Research and the Tata Institute of Social Sciences. Published by Prabhat Prakashan, the book reveals a leader whose interests spanned high-speed cars, skiing, literature, and the performing arts, yet whose greatest legacy was his belief in institution-building as nation-building. Through detailed accounts of his managerial philosophy and philanthropic vision, readers encounter a figure whose influence extended far beyond boardrooms into the cultural and scientific life of modern India.
Yug Nirmata JRD Tata की किताब पढ़कर मुझे कैसा अनुभव होगा?
यह जीवनी आपको एक ऐसे व्यक्तित्व से परिचित कराती है जो उद्योग, विज्ञान और कला के प्रति समान रूप से समर्पित थे। पढ़ने के दौरान आपको प्रेरणा मिलेगी कि कैसे एक दूरदर्शी नेता संस्थाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करता है। किताब संतुलित गति से आगे बढ़ती है और आपको जे. आर.डी. टाटा की बहुआयामी रुचियों और उनके प्रबंधकीय दर्शन की गहराई से परिचित कराती है।
Yug Nirmata JRD Tata की किताब किन पाठकों के लिए सबसे उपयुक्त है, और इसे पढ़ने के लिए क्या तैयारी चाहिए?
- उन युवाओं के लिए जो उद्यमिता और नेतृत्व में रुचि रखते हैं
- उन पाठकों के लिए जो भारतीय औद्योगिक इतिहास और स्वतंत्रता के बाद के विकास को समझना चाहते हैं
- जिन्हें संस्थागत निर्माण और परोपकार की भूमिका में रुचि है
- हिंदी में जीवनी साहित्य पढ़ने वाले पाठक जो प्रेरक कथाओं की तलाश में हैं
Yug Nirmata JRD Tata की किताब के विषय की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रासंगिकता आज के भारतीय पाठकों के लिए क्या है?
जे. आर.डी. टाटा ने जिन संस्थानों की नींव रखी — जैसे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च — वे आज भी भारत की अनुसंधान और शैक्षिक पहचान के स्तंभ हैं। उनका विज़न यह था कि निजी उद्योग को सार्वजनिक हित की सेवा करनी चाहिए, जो आज की कॉर्पोरेट जिम्मेदारी की बहसों में अत्यंत प्रासंगिक है।
लेखक ने इस विषय को किस विशिष्ट तरीके से प्रस्तुत किया है?
यह जीवनी केवल व्यावसायिक सफलताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जे. आर.डी. टाटा की व्यक्तिगत रुचियों — साहित्य, तेज़ रफ्तार कारों, उड़ान और कला — को भी उजागर करती है। लेखक ने उनके मानवीय पक्ष और संस्थान-निर्माता के रूप में उनकी दूरदृष्टि को संतुलित ढंग से प्रस्तुत किया है, जो उन्हें एक पूर्ण व्यक्तित्व के रूप में दर्शाता है।
Yug Nirmata JRD Tata की किताब पाठक के साथ भावनात्मक, बौद्धिक या सांस्कृतिक रूप से क्या छोड़ जाती है?
पढ़ने के बाद आप यह समझेंगे कि सच्ची नेतृत्व क्षमता संस्थाओं के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने में निहित है। यह किताब आपको यह विश्वास दिलाती है कि व्यक्तिगत सफलता और सामाजिक योगदान एक साथ चल सकते हैं। जे. आर.डी. टाटा का जीवन आपको प्रेरित करेगा कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण और मानवीय मूल्य किसी भी क्षेत्र में स्थायी प्रभाव छोड़ सकते हैं।
