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Loknayak Samarthguru Ramdass

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डॉ. सच्चिदानंद परळीकर ने अत्यन्त तटस्थता से और बिना किसी पूर्वग्रह के समर्थगुरु रामदास का चरित्र प्रस्तुत किया है। इसके पहले लिखी गई समर्थ रामदास की जीवनियों में उनके राजनीतिक सम्बन्धी विचारों एवं कार्य की इतने विस्तार से चर्चा नहीं की गई है। इस ग्रन्थ के सातवें अध्याय में समर्थ रामदास के समग्र काव्य का जो सरसरी निगाह से परिचय करा दिया है, वह इस ग्रन्थ की एक अनोखी विशेषता मानी जा सकती है। इसके दसवें अध्याय में समर्थ रामदास के समन्वयात्मक दृष्टिकोण की जो सोदाहरण चर्चा की गई है, उस प्रकार की चर्चा समर्थ रामदास पर लिखे गए मराठी, अंग्रेज़ी या हिन्दी के चरित्रग्रन्थों में कहीं भी नहीं की गई है। इस चर्चा को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए लेखक ने बहुत ही समीचीन सन्दर्भ प्रस्तुत किए हैं। आठवें तथा नौवें अध्याय में समर्थ रामदास के भक्तिमार्ग एवं दार्शनिक विचारों का विवेचन करते समय लेखक ने बड़ी ख़ूबी से दिखाया है कि महाराष्ट्र के अन्य सन्तों के इस विषय में सम्बन्धित विचारों में बहुतांश में मतैक्य पाया जाता है। एक महत्‍त्‍वपूर्ण और संग्रहणीय कृति।

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डॉ. सच्चिदानंद परळीकर ने अत्यन्त तटस्थता से और बिना किसी पूर्वग्रह के समर्थगुरु रामदास का चरित्र प्रस्तुत किया है। इसके पहले लिखी गई समर्थ रामदास की जीवनियों में उनके राजनीतिक सम्बन्धी विचारों एवं कार्य की इतने विस्तार से चर्चा नहीं की गई है। इस ग्रन्थ के सातवें अध्याय में समर्थ रामदास के समग्र काव्य का जो सरसरी निगाह से परिचय करा दिया है, वह इस ग्रन्थ की एक अनोखी विशेषता मानी जा सकती है। इसके दसवें अध्याय में समर्थ रामदास के समन्वयात्मक दृष्टिकोण की जो सोदाहरण चर्चा की गई है, उस प्रकार की चर्चा समर्थ रामदास पर लिखे गए मराठी, अंग्रेज़ी या हिन्दी के चरित्रग्रन्थों में कहीं भी नहीं की गई है। इस चर्चा को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए लेखक ने बहुत ही समीचीन सन्दर्भ प्रस्तुत किए हैं। आठवें तथा नौवें अध्याय में समर्थ रामदास के भक्तिमार्ग एवं दार्शनिक विचारों का विवेचन करते समय लेखक ने बड़ी ख़ूबी से दिखाया है कि महाराष्ट्र के अन्य सन्तों के इस विषय में सम्बन्धित विचारों में बहुतांश में मतैक्य पाया जाता है।

एक महत्‍त्‍वपूर्ण और संग्रहणीय कृति।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
1st
Publication year
2002
Weight
250 grams
ISBN-13
9788180310065
Pages
247
Reading time
~8 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 22 cm
Language
Hindi

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