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Guru Nanak Dev : Jivan Aur Darshan

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डॉ. जयराम मिश्र ने इस पुस्तक में गुरुमत दर्शन को गुरुनानक देव जी की जीवन-घटनाओं द्वारा प्रकट किया है। स्थान-स्थान पर गुरुदेव के उच्चारित शब्दों की व्याख्या की गई है, ताकि साधारण पाठक गुरुमत सम्बन्धी ठीक-ठीक परिचय प्राप्त कर सकें। घटनाओं के आन्तरिक तथ्य को लेखक ने विस्तारपूर्वक प्रकट किया है।... डॉ. मिश्र की लेखनी में बल है। उनका गुरुमत का शान विषद् और निर्दोष है।...इस पुस्तक का स्रोत चाहे हमारी जन्म साखियाँ क्यों न हों, परन्तु जिस सुयोग्य ढंग से घटनाओं का वर्णन किया गया है, वह लेखक की मौलिकता का परिचायक है।...पुस्तक के अन्त में दो अध्याय व्यक्तित्व एवं दर्शन सम्बन्धी अलग दिए गए हैं।... मैं इस मनोहर रचना के लिए डॉ. जयराम मिश्र को बधाई देता हूँ और आशा करता हूँ कि यह रचना हिन्दी पाठकों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी। —डॉ. सुरेन्द्रसिंह कोहली वरिष्ठ प्रोफ़ेसर एवं अध्यक्ष, पंजाबी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़।

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डॉ. जयराम मिश्र ने इस पुस्तक में गुरुमत दर्शन को गुरुनानक देव जी की जीवन-घटनाओं द्वारा प्रकट किया है। स्थान-स्थान पर गुरुदेव के उच्चारित शब्दों की व्याख्या की गई है, ताकि साधारण पाठक गुरुमत सम्बन्धी ठीक-ठीक परिचय प्राप्त कर सकें। घटनाओं के आन्तरिक तथ्य को लेखक ने विस्तारपूर्वक प्रकट किया है।...

डॉ. मिश्र की लेखनी में बल है। उनका गुरुमत का शान विषद् और निर्दोष है।...इस पुस्तक का स्रोत चाहे हमारी जन्म साखियाँ क्यों न हों, परन्तु जिस सुयोग्य ढंग से घटनाओं का वर्णन किया गया है, वह लेखक की मौलिकता का परिचायक है।...पुस्तक के अन्त में दो अध्याय व्यक्तित्व एवं दर्शन सम्बन्धी अलग दिए गए हैं।...

मैं इस मनोहर रचना के लिए डॉ. जयराम मिश्र को बधाई देता हूँ और आशा करता हूँ कि यह रचना हिन्दी पाठकों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी।

—डॉ. सुरेन्द्रसिंह कोहली

वरिष्ठ प्रोफ़ेसर एवं अध्यक्ष, पंजाबी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
3rd
Publication year
2012
Weight
278 grams
ISBN-13
9788180317095
Pages
295
Reading time
~10 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
13.5 × 21 cm
Language
Hindi

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