Udati Stree : Nari-Mukti Ke Arddh-Kathanak
Author:
Mrinal PandePublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Society-social-sciences0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
थेरीगाथा का नारीवाद ठीक वही नारीवाद नहीं है, जिसे पश्चिम की देखादेखी हमने स्वीकार कर लिया। थेरियों की रचनाओं से हम उसके लिए कुछ समर्थन पा सकते हैं, लेकिन उसे उसका प्रतिरूप नहीं कह सकते।
थेरियों ने अपने समय में एक प्रतिसमय रचा था जिसे पूरी तरह स्वीकारने में स्वयं बुद्ध को भी समय लगा। उन प्रौढ़ा थेरियों ने अपने शब्दहीन लेकिन स्वानुभूत सच को साकार करने के लिए बुद्ध के धम्म की भट्टी में अपने समय की परम्पराओं, लोक मान्यताओं और दर्शन को पहले किस तरह पिघलाया, और कैसे उसे जनभाषा में ढाला, उसे समझना स्त्री-स्वातंत्र्य की एक बड़ी अवधारणा की तरफ जाना है।
थेरीगाथा की रचनाओं का लक्ष्य केवल सामाजिक, नैतिक प्रतिबन्धों से ही नहीं सांसारिकता से भी मुक्ति है और केवल मुक्ति नहीं एक नई स्त्री के रूप में एक नए प्रस्थान की नींव डालना है, एक नई उड़ान भरना है।
इन रचनाओं से केवल उनकी कामना को नहीं, उस समय के राज-समाज की शक्ल, स्त्रियों के भौतिक संसार और धर्म-जाति सम्बन्धी प्रतिबन्धों को भी समझना ज़रूरी है, और थेरियों के स्त्रीवाद की संभावनाओं को भी।
थेरियों के प्रतिसमय से लेकर हमारे वर्तमान तक फैले स्त्री विरोध की परतें टटोलती यह किताब इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक प्रस्ताव भी है और आरम्भ भी।
ISBN: 9789347265860
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Dr.Sanjay Rout
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- Description: For centuries, India has been a land of growth and development. The rich history of India's ancestors and their many achievements in art, science, engineering, and philosophy have left a lasting legacy that continues to influence the modern world. This book is a tribute to the generations of Indians who have helped shape the country and its culture. From the prehistoric Indus Valley Civilization to the development of the modern Indian Republic, this book will explore the various stages of Indian development. It will look at the historical contributions of India's ancestors, as well as their impact on modern society. The book will also consider the current state of Indian development, including the challenges and successes of recent years. In addition, this book will provide readers with an overview of Indian culture, including its literature, music, art, religion, and politics. It will also discuss the various social issues that have affected India over the centuries, such as poverty, gender inequality, and caste discrimination. This book will be an invaluable resource for anyone interested in learning more about India's fascinating history and its place in the world today.
Operation SINDOOR
- Author Name:
Lt Gen KJS 'Tiny' Dhillon
- Rating:
- Book Type:

- Description: On 22 April 2025, the Baisaran Valley in Pahalgam, south Kashmir, witnessed a horrifying attack when heavily armed terrorists from the Resistance Front, a proxy of Lashkar-e-Taiba (LeT), fully sponsored by the Pakistan Army and Inter-Services Intelligence (ISI), shattered its serenity with gunfire, killing twenty-six innocent individuals and injuring several others. The victims included newlyweds, elderly parents and solo trekkers. A Hindu professor narrowly escaped death by reciting the kalma, a Christian sacrificed his life to save his family and a local Muslim was killed while saving others. This was an attempt to rupture India’s religious harmony and create widespread outrage in the country. India chose to respond to this incident, which shook not just the nation but the world, with Operation SINDOOR, showcasing its military modernization and might. The mission targeted terror camps, including the ones in Bahawalpur and Muridke, linked to Jaish-e-Mohammed and LeT, respectively, and terrorist launch pads in Pakistan-occupied Jammu and Kashmir. India’s response demonstrated military professionalism, technological maturity and diplomatic sagacity, ensuring regional stability while delivering a powerful message against Pakistan and its terror factory. This book carries minute details and a blow-by-blow account of the ‘Four-Day War’ between two hostile nuclear powers. The author underscores the intelligent use of media and social media in the battle of narratives, discusses the ‘new normal’ and emerging rules of engagement, and suggests a way forward. Offering hitherto unrevealed information, Lt Gen. ‘Tiny’ Dhillon (Retd) opens a window to Operation SINDOOR, a testament to the strength of the Indian military and the unity of India when confronted with an adverse situation. With visuals from the destroyed target areas, this book is a powerful reminder of the impact of terrorism and the enduring hope for peace and justice. Operation SINDOOR is a must-read for everyone.
Gods, Giants And The Geography Of India
- Author Name:
Nalini Ramachandran
- Rating:
- Book Type:

- Description: In the east, a pirate king finds his plans foiled by a formidable force of nature.In the north, a majestic mountain range emerges from a demon's tantrum. In the west, a sea keeps a city safely hidden in its deep waters. In the south, the avatar of a god gives a forest its name. Long ago, before science came up with explanations for the events that occurred in nature, people turned to stories to make sense of the wondrous workings of the natural world. And so, a life-giving stream became the gift of a goddess, a hot spring arose from the breath of a celestial snake and a heap of broken boulders served as a testament to a divine battle. Zigzagging through myths, folklore, local history and geological theories, this extraordinary book draws fascinating connections between ancient tales and the science behind the spectacular geography of India. Join Nalini Ramachandran on a most unusual, adventure-filled expedition up, down and across the country's varied terrain!
Uttar-Poorva Bharat Ke Vikas Mein Neist Ki Praudyogikiyan
- Author Name:
Dr. Mohan Lal +1
- Book Type:

- Description: "किसी भी राष्ट्र के प्राकृतिक संसाधन न केवल उसका गौरव होते हैं, वरन् उसकी वास्तविक संपत्ति भी होते हैं। ऐसे संसाधनों में मुख्य रूप से महत्त्वपूर्ण पौधे, पशु, पारंपरिक संपदाएँ और खनिज शामिल हैं। देश की 38 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में से उत्तर- पूर्वी क्षेत्र में स्थित एक महत्त्वपूर्ण प्रयोगशाला है- उत्तर-पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (नॉर्थ- ईस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी - निस्ट)। यह प्रयोगशाला पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रयोगशाला के रूप में अपनी विशेषज्ञताओं और क्षमताओं को बढ़ाते हुए विकास की ओर अग्रसर रही है। वस्तुतः इस संस्थान का उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत में उपलब्ध विपुल प्राकृतिक संपदाओं का दोहन करते हुए स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करना, संबंधित क्षेत्र में विशिष्टता हासिल करना एवं आवश्यक क्षेत्र में अवसंरचना सुविधा प्रदान करना है। यह हर्ष का विषय है कि इस लब्धप्रतिष्ठ संस्थान ने अपनी स्थापना से अभी तक 125 से अधिक जनोपयोगी स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ विकसित की हैं जो कृषि, औषध, वी.एस. के. सीमेंट, तेल से संबंधित रसायनों, जैव-चिकित्सा, पेट्रो रसायनों से संबंधित हैं। इन कार्यों द्वारा देश के सामाजिक- आर्थिक एवं वैज्ञानिक क्षेत्र में अतुलनीय अवदान कर करोड़ों रुपयों का राजस्व भी प्राप्त किया है। 'उत्तर-पूर्व भारत के विकास में निस्ट की प्रौद्योगिकियाँ' विषयक बहुरंगी पुस्तक में निस्ट का परिचयात्मक विवेचन, अनुसंधान समूह, विकसित प्रौद्योगिकियों का विहंगावलोकन, नूतन प्रौद्योगिकियाँ, उद्यमिता एवं अन्य महत्त्वपूर्ण विषयों पर रोचक हिंदी भाषा में सचित्र तकनीकी जानकारी प्रदान करने का सुप्रयास किया गया है, जिससे सभी वर्गों के सुधी पाठकगण लाभान्वित हो सकें।"
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