The Future Is Mine
(0)
Author:
Vandana Kumari JenaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections₹
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A girl embarks on a train journey to obliterate old memories which have destroyed her childhood; a young girl is transformed into a veritable Krishna to destroy a modern day Kansa; an unmarried surrogate mother readies herself to give birth to a child; a young civil servant stops believing in miracles when she is abducted and kept captive in the hills of Manipur; a young woman visits Munnar and discovers her family’s best kept secret in the hills. ‘The Future is Mine’ by Vandana Kumari Jena is an eclectic collection of stories, some humorous, some serious and yet others suspenseful. The underlying thread running across the stories is women, their resilience, their infinite compassion and indomitable courage. These stories are hard-hitting yet soul-stirring and will strike an emotional chord with the reader. ‘The Future is Mine’ makes for compelling reading.
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A girl embarks on a train journey to obliterate old memories which have destroyed her childhood; a young girl is transformed into a veritable Krishna to destroy a modern day Kansa; an unmarried surrogate mother readies herself to give birth to a child; a young civil servant stops believing in miracles when she is abducted and kept captive in the hills of Manipur; a young woman visits Munnar and discovers her family’s best kept secret in the hills. ‘The Future is Mine’ by Vandana Kumari Jena is an eclectic collection of stories, some humorous, some serious and yet others suspenseful. The underlying thread running across the stories is women, their resilience, their infinite compassion and indomitable courage. These stories are hard-hitting yet soul-stirring and will strike an emotional chord with the reader. ‘The Future is Mine’ makes for compelling reading.
Book Details
-
ISBN9788184303100
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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एक सघन-समृद्ध भाषा जीवन यथार्थ की तमाम संश्लिष्टता और सिलवटों से अविच्छिन्न नाता बनाए रखती है। अमूर्तन और यथार्थ का दुर्लभ संतुलन इन कहानियों में ऐसे दृश्य रचता है जो पाठक को सुखद विस्मय से भर देता है।
इस संग्रह में ग्रामीण और आदिवासी जीवन की कहानियाँ भी हैं जिनमें दुख, शोषण, गरीबी और बर्बर होते समय की यथार्थ और पारदर्शी छवियाँ हैं। साथ ही भूमंडलीकरण के उत्तर समय के आतंक और सूचना-तकनीक की धूर्त प्रविधियों को कहानी की घटनात्मकता में जीवन मूल्यों की चुनौती की तरह प्रस्तुत किया गया है।
इन कहानियों में मनुष्य की गरिमा और उसकी करुणा का संसार है जो इसके विनाश में लाभ का अवसर देखने वाले कारक आशयों तक ले जाकर उनके लिए घृणा का प्रति संसार भी रचती हैं। बाजार की बदनीयती को समझने के बावजूद व्यक्ति अपने ज्ञान के अकेलेपन के साथ रहने को अभिशप्त है। इन कहानियों में लोभ-मग्न होते जा रहे इस उत्तर आधुनिक समय में व्यक्ति की जकड़न की यंत्रणा और मुक्ति की इच्छा, दोनों मौजूद हैं। यहाँ मनुष्य के गरिमापूर्ण सुखद जीवन की दृढ़ लेकिन सरल माँग है।
ये कहानियाँ संघर्ष और आवेश को उस संयम और धैर्य के साथ प्रस्तुत करती हैं जो आशयों और सरोकारों के लिए जरूरी है।
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