Mohanaswamy
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ಸಲಿಂಗಪ್ರೇಮಿ ಮೋಹನಸ್ವಾಮಿಯ ವಿಭಿನ್ನ ಮನಸ್ಥಿತಿಯ ಕತೆಗಳು ಇದರಲ್ಲಿವೆ. ಅದಲ್ಲದೆ ಇತರ ಐದು ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಜನಪ್ರಿಯ ಕತೆಗಳೂ ಈ ಸಂಕಲನದಲ್ಲಿವೆ.
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ಸಲಿಂಗಪ್ರೇಮಿ ಮೋಹನಸ್ವಾಮಿಯ ವಿಭಿನ್ನ ಮನಸ್ಥಿತಿಯ ಕತೆಗಳು ಇದರಲ್ಲಿವೆ. ಅದಲ್ಲದೆ ಇತರ ಐದು ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಜನಪ್ರಿಯ ಕತೆಗಳೂ ಈ ಸಂಕಲನದಲ್ಲಿವೆ.
Book Details
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ISBN9788196323820
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Pages213
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Avg Reading Time7 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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Description:
कहानीकार, कवि, व्यंग्यकार और निबन्धों पर भी सफलतापूर्वक हाथ आज़माने वाले कृष्ण अम्बष्ठ का यह कहानी-संग्रह पारिवारिक रिश्तों से लेकर प्रशासनिक दुनिया में फैले लोभ-लालच के बीहड़ तक को खँगालता है।
संग्रह में शामिल इक्कीस कहानियाँ अपने विषय-वैविध्य के अलावा पठनीयता के लिए भी उल्लेखनीय हैं। मध्यवर्गीय और निम्न-मध्यवर्गीय जीवन से लिए गए पात्रों के मन और परिवेश की लेखक को गहरी समझ है जो इन कहानियों की बुनावट में जाहिर होती है। आर्थिक अभाव के चलते अपने मानवीय आग्रहों से बरबस च्युत होते हुए लोग, ऊँचे पदों पर बैठे हुए लोगों की स्वाभाविक हो चली क्रूरता और दूसरी तरफ़ पूजा-पाठ आदि का आडम्बर—यह सब एक पूरी दुनिया की तरह यहाँ प्रकट होता है।
अपने आसपास की वस्तुओं और लोगों का ‘ऑब्जर्वेशन’ कृष्ण अम्बष्ठ की इन कहानियों की पठनीयता को रोचक और सहज बना देता है। ‘माइल स्टोन’ शीर्षक कहानी की ये पंक्तियाँ देखें : “कई घरों में एक से अधिक घडि़यों के रहने पर भी उनकी मिनटवाली सुइयों में आपसी तालमेल का अभाव-सा रहता है।” निजी जीवन में लेखक के बहुरंगी अनुभवों की छटा इन कहानियों के कलेवर को विस्तृत करती है, और विश्वसनीय भी बनाती है।
Mansarovar Vol. 4 : Sadgati Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्द शताब्दियों से पददलित, अपमानित और निष्चेषित कृषकों की आवाज़ थे; पर्दे में क़ैद, पद-पद पर लांछित और असहाय नारी जाति की महिमा के ज़बर्दस्त वकील थे; ग़रीबों और बेकसों के महत्त्व के प्रचारक थे। अगर आप उत्तर भारत की समस्त जनता के आचार-विचार, भाषा-भाव, रहन-सहन, आशा-आकांक्षा, दुःख-सुख और सूझ-बूझ को जानना चाहते हैं तो प्रेमचन्द से उत्तम परिचायक आपको नहीं मिल सकता। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
Customer Reviews
5 out of 5
Book
17/05/2025
Saif SHAIKH
Awesome