Mithuna
Author:
VasudhendraPublisher:
Chanda PustakaLanguage:
KannadaCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 114.75
₹
135
Available
ತೆಲುಗುನಲ್ಲಿ ಶ್ರೀರಮಣ ಬರೆದ ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನ ಬಹಳ ಪ್ರಸಿದ್ಧಿಯನ್ನು ಪಡೆದಿದೆ. ಸುಮಾರು ಮೂರು ಲಕ್ಷಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಪ್ರತಿಗಳು ಆಂಧ್ರದಲ್ಲಿ ಮಾರಾಟವಾಗಿವೆ. ’ಮಿಥುನ’ ಕತೆಯನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ಹಲವಾರು ಭಾಷೆಗಳಲ್ಲಿ ಸಿನಿಮಾ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ. ಕನ್ನಡದ ಓದುಗರು ಇದನ್ನು ಅತ್ಯಂತ ಪ್ರೀತಿಯಿಂದ ತಮ್ಮ ನಾಡಿನ ಕತೆಗಳೆನ್ನುವಂತೆ ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸುಮಾರು ನಾಲ್ಕು ತಂಡಗಳು ಈ ಕತೆಗಳನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ನಾಟಕವನ್ನು ರಂಗಭೂಮಿಗೆ ತಂದಿವೆ. ಕೊಡವ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿಯೂ ’ಮಿಥುನ’ ಕತೆಯನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ನಾಟಕ ಮಾಡಿಸಿದ್ದು ಈ ಕತೆಯ ಹೆಗ್ಗಳಿಕೆ ಮತ್ತು ಜನಪ್ರೀತಿಗೆ ಧ್ಯೋತಕವಾಗಿದೆ.
ISBN: 97882E12
Pages: 98
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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कृष्ण कुमार सिर्फ़ पेशे से नहीं, पैशन से भी शिक्षाशास्त्री हैं और अपने गहरे मानव-बोध के चलते समाजशास्त्री। उनके लेखन में कहीं भी, कभी भी यह नहीं लगता कि यह उन्होंने किसी व्यावसायिक तक़ाज़े पर लिखा है। उनकी चिन्ताओं की वास्तविकता को उनके गद्य की संरचना स्वयं बयान कर देती है।
इस पुस्तक में उनकी कहानियाँ हैं। कहने की आवश्यकता नहीं कि जिस तरह उनका वैचारिक लेखन अपने सरोकारों और चिन्ताओं को स्पष्ट ढंग से रेखांकित करते हुए हमें एक समर्थ गद्य भी उपलब्ध कराता है जिससे हिन्दी के लिक्खाड़ भी कुछ सीख सकते हैं, उसी तरह उनकी ये कहानियाँ कहानी के मौजूदा बाज़ार में एक अलग कोने से किया गया हस्तक्षेप हैं। ये एक समाजशास्त्री द्वारा लिखी हुई कहानियाँ हैं जिनमें वह कहानी विधा के प्रचलित पैमानों से ज़्यादा फ़िक्र इस बात की करता है कि उसके देखे-जाने सुख-दु:ख अपनी पूरी गहराई और फैलाव के साथ भाषा में अंकित हो सकें।
वे अपनी बात को पहुँचाना चाहते हैं, सिर्फ़ 'रच' देना भर उनका उद्देश्य नहीं है, और पहुँचाने की यह इच्छा भी उनकी भाषा की शिराओं में बिंधी मिलती है। वे भाषा को वह पूरा का पूरा दे देना चाहते हैं जो उनकी संवेदना ने अपने परिवेश से पाया, महसूस करने की अपनी क्षमता के चलते जो उन्होंने जाना, और जिसने उन्हें व्यथित किया। और इसके लिए वे भाषा को इतना समर्थ बनाने का प्रयास करते हैं जितनी वह अपने देश और काल की सीमाओं के भीतर हो सकती है। हर बड़ा लेखक यही करता है। वह अभिव्यक्ति के उपलब्ध और प्रचलित भाषिक उपकरणों में अपनी बात कहकर सन्तुष्ट नहीं होता। वह जान रहा होता है कि उसे अपने शब्दों को उस तरह प्रशिक्षित करके बाहर भेजना है कि वे अपनी पूरी बात कहकर ही रहें।
इन कहानियों के विषय विविध हैं। हिन्दी में और भी कहानियाँ इन्हीं विषयों पर या इन जैसे विषयों पर लिखी गई हैं, लिखी जाएँगी, लेकिन जिस तरह कृष्ण कुमार उन्हें लिखते हैं, वह अपनी एक अलग श्रेणी बनाता है।
Tales of Wisdom: Stories to Motivate & Inspire
- Author Name:
Motilal Oswal
- Book Type:

- Description: This handy book of motivational stories contains short stories and anecdotes available on the internet. This book is a collection of either actual incidents of great thinkers and leaders or fictional stories with deep meaning and learnings. This simple yet profound collection will provide you with a sense of inspiration and guidance. Creative caricatures have been included to make the stories come alive.
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