Nakbesar Kaga Le Bhaga
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चन्द्रकिशोर जायसवाल की कहानियों में भारतीय जीवन का यथार्थ अपने उसी रूप में आता है, जिस रूप में वह हमारे रोज़मर्रा जीवन का हिस्सा होता है। कोई वाद या विचार उसे न विकृत करता है, न महिमामंडित। इस संग्रह में उनकी चर्चित कहानी ‘नकबेसर कागा ले भागा’ के अलावा छह और कहानियाँ शामिल हैं जो जीवन के विभिन्न पक्षों और हमारे आसपास के चरित्रों के सामाजिक और मानसिक अन्तर्जीवन का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करती हैं। चन्द्रकिशोर जायसवाल लोक, परिवेश और जीवन के उपेक्षित क्षेत्रों की गहरी समझ रखते हैं। यही वह चीज़ है जो उनकी कहानियों को विश्वसनीय और समाजशास्त्रीय विवेचन के लिहाज से प्रामाणिक बनाती है। इस संग्रह की शीर्षक कथा में उन्होंने भिखारियों के रहन-सहन, उनकी भावनाओं, इच्छाओं और आपस में उनके रिश्तों को अंकित करते हुए मानवीय अनुभवों का एक मार्मिक और यथार्थपरक वितान रचा है।
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चन्द्रकिशोर जायसवाल की कहानियों में भारतीय जीवन का यथार्थ अपने उसी रूप में आता है, जिस रूप में वह हमारे रोज़मर्रा जीवन का हिस्सा होता है। कोई वाद या विचार उसे न विकृत करता है, न महिमामंडित।
इस संग्रह में उनकी चर्चित कहानी ‘नकबेसर कागा ले भागा’ के अलावा छह और कहानियाँ शामिल हैं जो जीवन के विभिन्न पक्षों और हमारे आसपास के चरित्रों के सामाजिक और मानसिक अन्तर्जीवन का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करती हैं।
चन्द्रकिशोर जायसवाल लोक, परिवेश और जीवन के उपेक्षित क्षेत्रों की गहरी समझ रखते हैं। यही वह चीज़ है जो उनकी कहानियों को विश्वसनीय और समाजशास्त्रीय विवेचन के लिहाज से प्रामाणिक बनाती है।
इस संग्रह की शीर्षक कथा में उन्होंने भिखारियों के रहन-सहन, उनकी भावनाओं, इच्छाओं और आपस में उनके रिश्तों को अंकित करते हुए मानवीय अनुभवों का एक मार्मिक और यथार्थपरक वितान रचा है।
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Rajkamal Prakashan Samuh
- Edition
- 1st
- Publication year
- 2024
- Weight
- 160 grams
- ISBN-13
- 9789348157430
- Pages
- 144
- Reading time
- ~5 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 13 × 20 cm
- Language
- Hindi
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The Last Rides is a haunting, beautiful journey through memory, loss, and the slow fading of a civilisation. Syed Muhammad Ashraf, one of Urdu’s most original modern voices creates a world where childhood innocence, ancestral wounds, and the weight of history intertwine. This English incarnation, masterfully translated by A. Naseeb Khan, retains the novel’s hypnotic atmosphere and its deep emotional undercurrents. A rare work that is at once intimate and epic, The Last Rides invites readers to inhabit a universe shaped by longing, faith, silence, and the fragile inheritance of the past. It is not just a story but an experience that lingers. Syed Muhammad Ashraf is widely regarded as a defining voice of the third generation of urdufiction. His writing blends psychological insight, cultural memory, and metaphysical depth with a rare lyricism. From his celebrated debut Daar Se Bichhre to his acclaimed novels and short stories, Ashraf has carved a distinctive literary space rooted in the Indian ethos while pushing the boundaries of narrative form. A recipient of the Sahitya Akademi Award, the Ghalib Award, the Iqbal Samman and several international honours, he stands today as one of urduliterature’s most powerful and enduring storytellers, part chronicler, part philosopher, part visionary. A. Naseeb Khan is a bilingual poet and one of the most respected contemporary translators of urduliterature. His translation of Aakhiri Sawariyaan into The Last Rides is the result of years of immersion, listening to its silences, preserving its emotional cadence and carefully carrying its cultural depth into English. His work spans translations of Ghalib, Premchand, Khalid Jawed and many major urduwriters, published by leading houses including Penguin, Rupa and Westland. Winner of the Delhi urduAcademy and UP urduAcademy awards, Naseeb Khan brings to this novel a rare combination of scholarship, sensitivity and artistic fidelity.
Dharohar Kahaniyaan : Suryakant Tripathi ‘Nirala’
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
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निराला के कथा-साहित्य में दो परस्पर विरोधी प्रवृत्तियाँ देखी जाती हैं। एक प्रवृत्ति काल्पनिक इच्छापूर्ति के सपने रचने की है, दूसरी वास्तविक जीवन-संघर्ष को चित्रित करने की। ‘देवी’ और ‘चतुरी चमार’ में कहानी का पुराना ढाँचा टूट गया है। कथानक लेकर चलने वाली, समस्या के समाधान, नायक-नायिका के विवाह से समाप्त होनेवाली कहानियाँ ये नहीं हैं। इनमें परिवेश, पात्र ज्यों के त्यों उठाकर कहानी में रख दिये गए हैं। उनकी कहानियाँ कथा-रचना में यथार्थवादी साहित्य के विकास में नया चरण हैं। —रामविलास शर्मा
Dharohar Kahaniyaan : Suryakant Tripathi ‘Nirala’
Suryakant Tripathi 'Nirala'
Katha Saptak - Mamta Kalia
- Author Name:
Mamta Kalia
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7 Short Stories
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