Dharohar Kahaniyaan : Vishwambharnath Sharma ‘Kaushik’
(1)
Author:
Ashutosh, Vishwambharnath Sharma 'Kaushik'Publisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
एक मध्यवर्गीय संयुक्त परिवार के परम्परागत मूल्यों और नैसर्गिक वात्सल्य के द्वन्द्व की मनोवैज्ञानिक कहानी ‘ताई’ हो, क्षय-रोग से ग्रस्त, पत्नी के प्रति पति की उदासीनता और प्रेम की सच्ची संवेदना के द्वन्द्व की कहानी ‘वह प्रतिमा’ हो या एक ग्रामीण पात्र के नीम के वृक्ष के प्रति प्रेम की अद्भुत कहानी ‘अशिक्षित का हृदय’ हो; मध्यवर्गीय पारिवारिक परिवेश में मानवीय संवेदना का मनोवैज्ञानिक अंकन विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ को एक लोकप्रिय और उल्लेखनीय कहानीकार के रूप में प्रतिष्ठित करता है। —गोपाल राय
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
एक मध्यवर्गीय संयुक्त परिवार के परम्परागत मूल्यों और नैसर्गिक वात्सल्य के द्वन्द्व की मनोवैज्ञानिक कहानी ‘ताई’ हो, क्षय-रोग से ग्रस्त, पत्नी के प्रति पति की उदासीनता और प्रेम की सच्ची संवेदना के द्वन्द्व की कहानी ‘वह प्रतिमा’ हो या एक ग्रामीण पात्र के नीम के वृक्ष के प्रति प्रेम की अद्भुत कहानी ‘अशिक्षित का हृदय’ हो; मध्यवर्गीय पारिवारिक परिवेश में मानवीय संवेदना का मनोवैज्ञानिक अंकन विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ को एक लोकप्रिय और उल्लेखनीय कहानीकार के रूप में प्रतिष्ठित करता है।
—गोपाल राय
Book Details
-
ISBN9788198959447
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vishwambharnath Sharma Kaushik ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Vishwambharnath Sharma 'Kaushik'
- Book Type:

- Description:
कथा सम्राट् प्रेमचंद के समकालीन कथाकार विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की सवा सौवीं जयंती पर साहित्य अकादेमी ने राष्ट्रीय संगोष्ठी कर उन्हें याद किया तो अच्छा लगा, क्योंकि सन् 1991 में जब उनकी जन्मशती पड़ी तो देश में कहीं भी कोई आयोजन नहीं हुआ—न तो हरियाणा में, जहाँ वे जनमे, न ही उत्तर प्रदेश में, जहाँ आखिरी साँस ली, जबकि वे बहुआयामी व्यक्तित्व के सर्जक-संपादक रहे। चाहे कहानी हो, उपन्यास, हास्य-व्यंग्य लेखन या ‘हिंदी मनोरंजन’ पत्रिका का संपादन, कौशिकजी हर जगह छाप छोड़ते रहे। चाहे स्त्री की पीड़ा का चित्रण हो, संयुक्त परिवार की समस्या, हिंदू-मुसलिम मामला या विश्वयुद्ध, कौशिकजी की कलम हर जगह बेमिसाल रही। उनकी कृतियों में विधागत वैविध्य तो है ही, उन्होंने प्रयोग भी खूब किए, जबकि उनके समय के समकालीन लेखक प्रयोग करने से बचते रहे। सामाजिक सरोकारों और मानव के सूक्ष्म मनोभावों को कथारस में भिगोकर लिखनेवाले कथाकारों में विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ का स्थान सर्वोपरि है। उन्होंने हिंदी कहानी को स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस काल में हिंदी लेखन का प्रचलन कम था। लोग प्रायः उर्दू या अंग्रेजी में लिखते थे। उन्होंने तब हिंदी में लिखकर प्रशंसनीय काम किया। उनसे पहले जयशंकर प्रसाद और जी.पी. श्रीवास्तव हिंदी में लिख रहे। गुलेरी और प्रेमचंद उनके बाद आए। प्रेमचंद की तरह विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ ने भी तीन सौ से अधिक कहानियाँ लिखी हैं। उन्हीं में से चुनी हुई उनकी लोकप्रिय कहानियाँ इस संग्रह में प्रस्तुत हैं।
Famous Writers (Set of 10 Books) - Dharohar Kahaniyaan
- Author Name:
Bhuvaneshwar +9
- Book Type:

- Description:
धरोहर कहानियाँ : भुवनेश्वर धरोहर कहानियाँ : प्रेमचंद धरोहर कहानियाँ : सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' धरोहर कहानियाँ : राहुल सांकृत्यायन धरोहर कहानियाँ : सुभद्रा कुमारी चौहान धरोहर कहानियाँ : जयशंकर प्रसाद धरोहर कहानियाँ : चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ धरोहर कहानियाँ : विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ धरोहर कहानियाँ : रांगेय राघव धरोहर कहानियाँ : आचार्य चतुरसेन शास्त्री
Dharohar Kahaniyaan : Suryakant Tripathi ‘Nirala’
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

- Description:
निराला के कथा-साहित्य में दो परस्पर विरोधी प्रवृत्तियाँ देखी जाती हैं। एक प्रवृत्ति काल्पनिक इच्छापूर्ति के सपने रचने की है, दूसरी वास्तविक जीवन-संघर्ष को चित्रित करने की। ‘देवी’ और ‘चतुरी चमार’ में कहानी का पुराना ढाँचा टूट गया है। कथानक लेकर चलने वाली, समस्या के समाधान, नायक-नायिका के विवाह से समाप्त होनेवाली कहानियाँ ये नहीं हैं। इनमें परिवेश, पात्र ज्यों के त्यों उठाकर कहानी में रख दिये गए हैं। उनकी कहानियाँ कथा-रचना में यथार्थवादी साहित्य के विकास में नया चरण हैं। —रामविलास शर्मा
Dharohar Kahaniyaan : Suryakant Tripathi ‘Nirala’
Suryakant Tripathi 'Nirala'
20% off₹ 250
₹ 200
Available
Dharohar Kahaniyaan : Bhuvaneshwar
- Author Name:
Bhuvneshwar +2
- Book Type:

- Description:
कहानी के वस्तु-तत्त्व को इस तरह से झीना और प्रगाढ़ करके उसे पारम्परिक कथालेखन से अलगाने का काम उस तरह से किसी ने नहीं किया जैसे कि भुवनेश्वर ने अपनी पाँच-सात कहानियों में कर दिखाया। उनकी संक्षिप्ति और सांकेतिकता हिन्दी कहानीकारों के लिए एक मिसाल है। भुवनेश्वर को मानवीय चरित्रों की अद्भुत पहचान है, और फिर उन्हें रचते वक्त वे हल्के-हल्के ब्रश-स्ट्रोक्स से जिस तरह से कहानी के वातावरण का सृजन करते हैं, उसमें तो उन्हें कमाल हासिल है। —दूधनाथ सिंह
Dharohar Kahaniyaan : Rahul Sankrityayan
- Author Name:
Rahul Sankrityayan +1
- Book Type:

- Description:
कौन ऐसा पाठक है जिसने एक बार प्रेमचन्द की कहानियों को पढ़ा हो और उन्हें भूल पाया हो! यह इसलिए कि हम उनकी रचनाओं को उनके देदीप्यमान, प्रखर व्यक्तित्व की लौ में देखने, ग्रहण करने लगते हैं। जहाँ उनकी रचनाएँ हमारे सामने जीवन का प्रामाणिक, जीवन्त चित्र प्रस्तुत करती हैं, सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं के प्रति हमें सचेत करती हैं, वहीं वे हमारे दिल में सद्भाव जगाती हैं, हमारे मस्तिष्क को झकझोरती हैं, हमें जिन्दगी को देखने समझने का नजरिया देती हैं। —भीष्म साहनी
Dharohar Kahaniyaan : Rangeya Raghav
- Author Name:
Rangeya Raghav +1
- Book Type:

- Description:
रांगेय राघव ने हिन्दी कहानी का हाथ पकड़कर उसे भारतीय समाज के उन धूल-काँटों भरे रास्तों, घुटती-सड़ती स्वप्निल चिथड़ों से ढँकी शहरी-कस्बाई बस्तियों, आवारे-लफंडरों-परजीवियों की फक्कड़ जिन्दगी, भारतीय गाँवों की कच्ची, कीचड़भरी पगडंडियों की गश्त करवाई जिससे वह भले ही अब तक पूर्ण अपरिचित न रही हो पर इस तरह हिली-मिली भी नहीं थी। इससे भी बड़ी बात यह कि उन्होंने इन्हीं दुनियाओं में से जिन्दगी से धड़कते हुए ऐसे-ऐसे कद्दावर चरित्र प्रकट किये जिन्हें हम विस्मृत नहीं कर सकेंगे। —अशोक शास्त्री
Dharohar Kahaniyaan : Premchand
- Author Name:
Premchand +1
- Book Type:

- Description:
कौन ऐसा पाठक है जिसने एक बार प्रेमचन्द की कहानियों को पढ़ा हो और उन्हें भूल पाया हो! यह इसलिए कि हम उनकी रचनाओं को उनके देदीप्यमान, प्रखर व्यक्तित्व की लौ में देखने, ग्रहण करने लगते हैं। जहाँ उनकी रचनाएँ हमारे सामने जीवन का प्रामाणिक, जीवन्त चित्र प्रस्तुत करती हैं, सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं के प्रति हमें सचेत करती हैं, वहीं वे हमारे दिल में सद्भाव जगाती हैं, हमारे मस्तिष्क को झकझोरती हैं, हमें जिन्दगी को देखने समझने का नजरिया देती हैं। —भीष्म साहनी
Dharohar Kahaniyaan : Subhadra Kumari Chauhan
- Author Name:
Subhadra Kumari Chauhan +1
- Book Type:

- Description:
अपनी समस्या पूरे देश की समस्या के साथ बँधी हुई है। सबकी मुक्ति में ही अपनी मुक्ति है। अन्धी परम्पराओं के बन्धन, चारों ओर सड़े-गले रस्म रिवाजों के गलीज घेरे, जिनमें क्रूर पाखंड की उँगलियाँ उठती हैं। एक दमन और घुटनवाला समाज, जो खुली तन्दुरुस्त जिन्दगी की साँस लेना जानता ही नहीं। सुभद्रा कुमारी चौहान की स्वस्थ और स्वतंत्र भावुकता ने यथार्थ के बहुत से मर्म पहचान लिये थे। हर चुनौती का जवाब उनके पास था। और यह जवाब था उनके अन्तःकरण और सच्चाई की हठ का। —शमशेर बहादुर सिंह
Dharohar Kahaniyaan : Chandradhar Sharma ‘Guleri’
- Author Name:
Chandradhar Sharma 'Guleri' +1
- Book Type:

- Description:
संस्कृत कविता में एक शब्द चलता है—भाव सबलता। दो भावों में विरोधी चीजों का मिश्रण। संस्कृत काव्यशास्त्र के आचार्य गुलेरी जी हास्य और करुणा का मेल करते हैं, क्योंकि इस मेल का मुख्य उद्देश्य है करुण रस उत्पन्न करना और करुण रस को थीम में बनाने के ठीक उसके उलटा हास्य को मिलाया जाएगा तो करुणा और भी गहरी और तीव्र होगी। हिन्दी कहानी की दुनिया में किस ऊँचे शिखर से हमने शुरू किया है, ‘उसने कहा था’ उसका सबसे शानदार नमूना है। —नामवर सिंह
Dharohar Kahaniyaan : Chandradhar Sharma ‘Guleri’
Chandradhar Sharma 'Guleri'
20% off₹ 250
₹ 200
Available
Dharohar Kahaniyaan : Acharya Chatursen Shastri
- Author Name:
Acharya Chatursen +2
- Book Type:

- Description:
चतुरसेन शास्त्री ने अपनी कहानियों का निर्माण कल्पना और इतिहास के इतने रोमानी धरातल से किया है कि ये कहानियाँ सदा अमर रहेंगी। इन कहानियों के कथानक निर्माण में क्रमबद्ध स्वाभाविक घटनाओं के घटने का प्रमुख हाथ है। इस संयोग से कथानक में नाटकीय विकास होता है। उनकी कथा-सृष्टि सौन्दर्य, प्रेम और बलिदान की रेखाओं से हुई है। उनकी सामाजिक कहानियों में भी इसी तरह कल्पना, नाटकीय स्थितियों, संयोग और आदर्श आदि तत्त्वों का आपस में अद्भुत तादात्म्य उपस्थित हुआ है। —लक्ष्मीनारायण लाल
Dharohar Kahaniyaan : Jaishankar Prasad
- Author Name:
Jaishankar Prasad +1
- Book Type:

- Description:
प्रसाद नाटकीय विडम्बनाओं की उस परम्परा के कथाकार हैं जो शेक्सपियर के नाटकों और तुर्गनेव के उपन्यासों में दिखाई पड़ती है। प्रसाद ऐसी ही क्रूर, निर्मम विडम्बनाओं के रचनाकार हैं। उनकी कहानियों में ऐसे नाटकीय तत्त्व संयोगवश नहीं हैं, वे समावेशी तत्त्व हैं। निरपराध और अपराधी, सत्य और असत्य, जीवन और मृत्यु के बीच प्रायः नाटकीय ढंग से ही पार्थक्य स्थापित कर लिया जाता है और असत्य सत्य का वाहक बन जाता है, ‘अपराधी’ उन अपराधों के लिए दंड पाता है जो उसने किये ही नहीं होते। —विजयमोहन सिंह
Prem Ke Pahle Basant Me
- Author Name:
Rashmi Bhardwaj
- Book Type:


- Description:
ख़ुसरो दरिया प्रेम का, उल्टी वा की धार। जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।।
Gyandan
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

- Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी है। ‘ज्ञानदान’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘ज्ञानदानֺ’, ‘एक राज़’, ‘गण्डेरी’, ‘कुछ समझ न सका’, ‘दु:ख का अधिकार’, ‘पराया सुख’, ‘80/100’, या ‘सांई सच्चे!’, ‘ज़बरदस्ती’, ‘हलाल का टुकड़ा’, ‘मनुष्य’, ‘बदनाम’ और ‘अपनी चीज़’।
Mansarovar Vol. 7 : Jail Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description:
प्रेमचन्द जहाँ भी समाज में अन्याय था, उसका प्रतिकार अपने ढंग से कर रहे थे। ईश्वर द्वारा मनुष्य के प्रति किया गया अन्याय ही नहीं, वे ग्रीक ट्रेजेडी नहीं लिख रहे थे, मनुष्य द्वारा मनुष्य के प्रति किया गया अन्याय, इसी समाज द्वारा इसी समाज में रहने वाले लोगों के प्रति किया गया अन्याय, उसे भी सतह पर लाकर दिखा रहे थे। जहाँ दमन और अन्याय था, उस अन्याय की व्यथा, पीड़ा सामने रख रहे थे और साथ ही उस व्यथा-पीड़ा का ऐसा चित्रण कर रहे थे, जो हमें आपको इस हद तक झकझोर दे कि हम स्वयं उस व्यवस्था के खिलाफ खड़े हो सकें, जो अमानवीय है ग़ैरबराबरी पर खड़ी है, जिसको हम अनजाने संस्कारवश ढोए चले जा रहे हैं और कभी-कभी परम्परा के प्रति श्रद्धा के नाम पर हम जिसका पोषण-समर्थन करते हैं। —नामवर सिंह
Mansarovar Vol. 2 : Lottery Aur Anya kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description:
प्रेमचन्द की रचनाएँ आधुनिक भारत को समझने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्हीं के समय से भारतीय पुनर्जागरण का प्रारम्भ होता है, जिसके पैरों की आहट उनकी रचनाओं में महसूस होती है। राष्ट्रीय जीवन की परिवर्तनशीलता, क्रिया-प्रतिक्रिया, प्रगति एवं प्रतिक्रियावादिता, धर्म की, मानवता की परछाइयाँ प्रेमचन्द की रचनाओं में झलकती हैं। —डॉ. जाफ़र रज़ा
Mansarovar Vol. 3 : Uddhar Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description:
स्पष्टता के मैदान में प्रेमचन्द बड़ी-से-बड़ी बात को बड़े उलझन के अवसर पर कुछ इस तरह सुलझा कर कह जाते हैं कि मुश्किल-से-मुश्किल बात हमारे रोजमर्रा के, घरेलू जीवन की जानी-पहचानी चीज हो जाती है। उनकी बातों में कुछ ऐसा अनुभव का मर्म भरा होता है कि आदमी उसे कंठस्थ कर लेना चाहता है। उनकी बात स्पष्ट, दो टूक निर्णय होती है। और उनकी कलम सब जगह पहुँचती है, अँधेरे में भी धोखा नहीं देती। —जैनेन्द्र कुमार
Sandigdh
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:


- Description:
पंद्रह बेहतरीन कहानियों का संग्रह।
Nak Bani Musibat
- Author Name:
Naoya Shiga +4
- Book Type:

- Description:
‘नाक’ के प्रसंग लगभग हर सभ्यता और संस्कृति से जुड़े हैं। ‘नाक बनी मुसीबत’ एक व्यंग्यात्मक कहानी है। संग्रह की बाक़ी कहानियाँ गम्भीर हैं। ‘नन्हे का भगवान’ अध्यात्म से प्रभावित है तो ‘किनोसाकी से’ ज़िन्दगी और मौत की कशमकश पर शिगा नाओया का जीवन-दर्शन है। ‘एक और काली बिल्ली’ मनुष्य और जानवर के उभरते आत्मीय सम्बन्ध की भावनात्मक गाथा है जो जापान की समसामयिक रचनाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
Katha Saptak - Mamta Kalia
- Author Name:
Mamta Kalia
- Book Type:

- Description:
7 Short Stories
Ek Ladki, Paanch Deevane
- Author Name:
Harishankar Parsai
- Book Type:

- Description:
एक लड़की है जिसे उसके दीवानों ने और मुहल्ले-भर की भूखी नज़रों ने जवान और चतुर बना दिया; फिर एक चूहा है जो रोज़ रात में गृह-निवासी के सिरहाने तब तक सत्याग्रह करता रहा जब तक कि उसे नियमित खाना नहीं दिया जाने लगा; अकाल का उत्सव है जिसके लिए जमाखोर, मुनाफ़ाखोर और नौकरशाही सालभर अनुष्ठान कराते हैं कि कब अकाल पड़े, कब दिन फिरें...और फिर नाक है, एक नहीं कई-कई तरह की। कुछ कट जाती हैं, फिर बढ़ जाती हैं, कुछ ऐसी कि चाहे जो जतन करो, कटती ही नहीं; फिर एक आदमी है जिसके भीतर दो आदमी हैं; कभी एक ऊपर आ जाता है, कभी दूसरा हावी हो जाता है।
आगे सड़े हुए आलू प्रवेश करते हैं। वे सुबह से टोकरे में पड़े हैं, पर बिक नहीं पाए। उनसे पूछा गया कि अब तुम क्या करोगे तो बोले कि हम विद्रोह करेंगे। चाहे आधी रात तक टोकरे में पड़े रहें, बिकेंगे नहीं। हम भी आत्मसम्मान रखते हैं। देखने में वे कुछ बुद्धिजीवी मालूम पड़ रहे थे लेकिन एक सस्ते होटल वाला आया और उन्हें ख़रीद ले गया।
इनके अलावा भी इस किताब में कई पात्र और परिस्थितियाँ हैं जिन्हें परसाई जी की निर्मम लेखनी ने यहाँ संग्रहीत व्यंग्य-कथाओं में उनकी तमाम विडम्बनाओं और विकृतियों के साथ अंकित किया है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
4 out of 5
Book