Main Tumse Kuchh Kahna Chahati Hun
Author:
Alice MunroPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 239.2
₹
299
Available
“प्रतिभा का शानदार नमूना...लेखिका की कला का चमत्कार देखकर पाठकों के मुँह से बरबस वाह-वाह निकल पड़ती है। एलिस मनरो हमारी आँखों के सामने ही जीवन की किसी साधारण घटना को एक ऐसे रत्न में परिवर्तित कर देती हैं जो हमें चकाचौंध कर देता है।"</p>
<p>—हैमिल्टन स्पेक्टेटर दैनिक</p>
<p>“प्रेम, विस्मय, भय से सराबोर यह कहानियाँ मंत्रमुग्ध कर देती हैं...भरपूर प्रतिभा और विशाल पर्स्पेक्टिव की लेखिका।”</p>
<p>—लॉस ऐंजल्स टाइम्स</p>
<p>“विश्व के अग्रणी समकालीन कहानी लेखकों में गणना किए जाने के लिए एलिस मनरो का</p>
<p>ज़ोरदार दावा।”</p>
<p>—न्यूयॉर्क टाइम्स</p>
<p>“नारीत्व के विभिन्न पहलुओं का अनूठा अन्वेषण...आज के लेखकों में इससे अधिक</p>
<p>ईमानदार, संवेदनशील, भरपूर, हृदयस्पर्शी प्रेरणा का उदाहरण मिल पाना कठिन होगा।”</p>
<p>—मिज पत्रिका</p>
<p> “हमारे युग के महानतम कहानी लेखकों में से एक।”</p>
<p>—ग्लोब एंड मेल
ISBN: 9789386863553
Pages: 215
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Waqt Ek Chabuk Hai
- Author Name:
Rameshraaj
- Book Type:

- Description: व्यंग और अन्य कहानी संग्रह
DHOL KI THAP
- Author Name:
Murari Sharma
- Book Type:

- Description: Collection of hindi short stories
Lal Chhint Wali Lugdi Ka Sapna
- Author Name:
Satyanarayan Patel
- Book Type:

- Description: Short Stories
Barah Charchit Kahaniya
- Author Name:
Sudha Om Dhingra +1
- Book Type:

- Description: This book has no description
Katha Saptak - Zakiya Zubairee
- Author Name:
Zakiya Zubairee
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Doo Dubha Me Din Gol
- Author Name:
Amar Nath Jha
- Book Type:

- Description: A Collection of Maithili Short Stories
Vairagya
- Author Name:
Geetanjali Shree
- Book Type:

- Description: नई व पुरानी कहानियों का यह संकलन गीतांजलि श्री की लगभग एक दशक की साहित्यिक यात्रा का परिचय देता है। इसमें वैविध्य है विषय का, अन्दाज़ का। प्रयोग है शिल्प का, भाषा का। और हमेशा ही एक सृजनात्मक साहस है कि यथातथ्यता—‘लिटरैलिटी’—को लाँघते हुए पथ, दृश्य, अनुभव, ज़मीन तलाशें। अलग-अलग बिन्दुओं की टोह लेने की लालसा में नतीजा फटाफट समझाने की कोई हड़बड़ी नहीं। कहीं हमारी जटिल आधुनिकता के आयाम हैं, कहीं मानव-सम्बन्धों की अनुभूतियाँ। कहानियाँ हमारे शाश्वत मुद्दों पर भी हैं—मृत्युबोध, जीवन की आस, आत्मीयता की चाह-पर ताज़ी संवेदना से भरपूर। कभी ‘नज़र’ में हास्य है, कभी फ़लसफ़ाना दुःख। भाषा की ध्वनियाँ ऐसी हैं कि शायद बहुतों को यहाँ कविता का रस भी मिलेगा। साहित्य-प्रेमियों के लिए एक सार्थक प्रयास।
Pachees Saal Ki Ladki
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कथाकारों में ममता कालिया अपनी पैनी दृष्टि, जीवन्तता और साफगोई के लिए, अलग से पहचानी जाती हैं। उनकी रचनाओं की विशेषता है कि वे अपने लेखन में रोजमर्रा के संघर्ष में युद्धरत स्त्री का व्यक्तित्व बड़ी संवेदना से उभारती हैं, साथ ही जीवन की जटिलताओं के बीच जी रही हाड़-मांस की स्त्री के जीवन के उन पहलुओं पर पाठकों की दृष्टि आकर्षित करती हैं, जिन्हें लोग प्रायः नजरअन्दाज करते रहे हैं।
यों तो लड़कियों के जीवन में उम्र का सोलहवाँ साल बहुत नाजुक होता है पर पचीस साल की उम्र भी खास मायने रखती है। आधुनिक युग की देन है- लड़कियों की उम्र का पचीसवाँ साल, जिसे ममता जी ने इस संग्रह की कहानियों में रेखांकित किया है। इन कहानियों में उस उम्र की युवतियों की मानसिकता, उनके जीवन-संघर्ष, राग-विराग को कहीं चटक तो कहीं उदास रंगों में प्रस्तुत किया गया है। अलग तेवर लिये इन कहानियों को पढ़ने का आनन्द ही कुछ और है।
Sookhi Ret
- Author Name:
Zilani Bano
- Book Type:

-
Description:
जीलानी बानो के उपन्यासों और कहानियों से आज के समय के बदलते जीवन–मूल्यों और सामाजिक अन्तर्विरोधों की जो तस्वीर बनती है, वह बहुत संजीदा तो है ही साथ ही पूरी तरह दोमुँही सोच की असलियत को बेपर्दा करते हुए समाज और जीवन से तआल्लुक़ रखनेवाली हर चीज़ को अपने में शामिल करती चलती है।
‘सूखी रेत’ की कहानियाँ स्त्री–जीवन के उस मरुस्थल को भी प्रतिबिम्बित करती हैं, जो सदियों से विस्तारित होता चला आया है और उसकी तपिश और ख़लिश से वह न तो उकताती है और न ही हार मानती है। नारी का यही अन्तर्विरोध एक प्रतिकार बनने से कैसे, कहाँ चूक जाता है, इसी मसले की दास्ताँ है ‘सूखी रेत’, जहाँ ढेर सारे बहलावे हैं और ख़ूब सारे सपने, जो पूरी तरह मृग–मरीचिका बन जाते हैं। वह हमेशा इत्मीनान करती है कि अब पानी पास ही है, वहाँ तक पहुँचने की जद्दोजहद और फिर प्यासे रह जाने की तड़प। लेकिन जीलानी बानो की कहानियों के नारी–पात्र बार–बार प्यासे रह जाने और अपनी तकमील की तलाश के नाकाम हो जाने को अपनी क़िस्मत नहीं मानते, वे सब न तो छिछला विद्रोह करते हैं और न ही अपनी गरिमा से च्युत होते हैं; बस वे सुलग रहे हैं भीतर ही भीतर। इस रेगिस्तान से निकलने की मुकम्मल राह तलाशते हुए।
एक उल्लेखनीय और महत्त्वपूर्ण कथा-संग्रह।
Bhoot Bhai Sahab Aur Any Kahaniyan
- Author Name:
Priyanka Kaushal
- Book Type:

- Description: This book has no description
Yugaadi
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description: ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ಹಲವು ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಸಂದಿವೆ. ಮುಖ್ಯವಾಗಿ ಡಾ. ಯು ಆರ್ ಅನಂತಮೂರ್ತಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಹಾಗೂ ವರ್ಧಮಾನ ಉದಯೋನ್ಮುಖ ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಈ ಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ದಕ್ಕಿವೆ.
Dharohar Kahaniyaan : Rahul Sankrityayan
- Author Name:
Rahul Sankrityayan
- Book Type:

- Description: कौन ऐसा पाठक है जिसने एक बार प्रेमचन्द की कहानियों को पढ़ा हो और उन्हें भूल पाया हो! यह इसलिए कि हम उनकी रचनाओं को उनके देदीप्यमान, प्रखर व्यक्तित्व की लौ में देखने, ग्रहण करने लगते हैं। जहाँ उनकी रचनाएँ हमारे सामने जीवन का प्रामाणिक, जीवन्त चित्र प्रस्तुत करती हैं, सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलुओं के प्रति हमें सचेत करती हैं, वहीं वे हमारे दिल में सद्भाव जगाती हैं, हमारे मस्तिष्क को झकझोरती हैं, हमें जिन्दगी को देखने समझने का नजरिया देती हैं। —भीष्म साहनी
Khushkismat
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत कहानी-संग्रह ‘ख़ुशक़िस्मत’ में सामाजिक विसंगतियों का बोध और उनसे उबरने की बेचैनी तथा मनोविज्ञान का समावेश किया गया है। इस कहानी-संग्रह में ‘एक अकेली तस्वीर ख़ुशक़िस्मत’, ‘कौवे और कोलकाता’, ‘चोरी’, ‘सूनी’, ‘बगिया’, ‘छोटे गुरु’, ‘परदेशी’, ‘पंडिताइन’, ‘लड़के’, ‘राएवाली’, ‘बसन्त-सिर्फ़ एक तारीख़’, ‘तस्कीं को हम न रोए’, ‘ख़ाली होता हुआ घर’, ‘एक अदद औरत’ आदि कहानियाँ संगृहीत हैं। नई साज-सज्जा के साथ प्रस्तुत यह अनुपम कहानी-संग्रह निस्सन्देह पठनीय और संग्रहणीय है।
Kabootar Ki Udan
- Author Name:
Udita Mishra
- Book Type:

- Description: Book
Taana Baana
- Author Name:
Ushakiran Khan
- Book Type:

- Description: Book
Mansarovar Vol. 5 : Ramleela Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Rating:
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्द का सम्पूर्ण साहित्य भारत के स्वाधीनता संग्राम की महागाथा है। ...स्वराज्य के लक्ष्य पर सतत दृष्टि होने के कारण प्रेमचन्द ने उन समस्याओं पर भी लिखा जो स्वराज्य-प्राप्ति के रास्ते में बाधा पैदा करती थीं। साम्प्रदायिकता की समस्या इनमें सबसे प्रमुख रही है। ...प्रेमचन्द उस मायने में विशिष्ट हैं कि उन्होंने हिन्दू और मुस्लिम दोनों प्रकार के सम्प्रदायवाद पर निर्भीकता के साथ प्रहार किया और इसके साथ ही जन साधारण में उस भाव को जगाने का प्रयास किया जिसे आजकल विभिन्न धर्मों के बीच 'सौमनस्य' अथवा 'एकात्म' की संज्ञा दी जाती है। ...इसी प्रकार प्रेमचन्द ने अपनी कृतियों में हिन्दू समाज में बद्धमूल जाति-पाँति के भेद पर चोट करते हुए विशेष रूप से अछूतों पर होने वाले अत्याचार की मार्मिक कहानियाँ भी लिखी हैं। ...नारी की वेदना भी समाज की उन्हीं दुर्बलताओं में से एक है जिस पर प्रेमचन्द की करुणामयी दृष्टि बहुत गहराई तक गई थी। —नामवर सिंह
But Jab Bolte Hain
- Author Name:
Sudha Arora
- Book Type:

-
Description:
कथाकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुधा अरोड़ा हमारे समय का एक जाना-पहचाना नाम है। लेखन इनके लिए जुनून तो है ही मिशन भी है। सुधा जी के लेखन में निरन्तर ताज़गी दिखाई देती है। समकालीन मुद्दों पर उनके लेखन की पक्षधरता अचम्भित करती है।
‘बुत जब बोलते हैं’ उनकी महत्त्वपूर्ण कहानियों का संकलन है। सुधा अरोड़ा की कहानियाँ शाश्वत मूल्यों के साथ-साथ समकालीन परिस्थिति से संवाद भी करती चलती हैं और अपने को निरन्तर बदलते समाज से जोड़े रखती हैं—कुरीतियों और अवमूल्यन के ख़िलाफ़ बेबाक-बयानी करती हुई और सच के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलन्द करती हुई। इन कहानियों के पात्र विविध वर्गों से आते हैं। यहाँ स्त्रियों के अलावा मूक कामगार भी हैं, मौन बालश्रमिक भी और जटिल सामाजिक विसंगातियों से जूझती बुज़ुर्ग और युवा स्त्रियाँ भी।
सुधा अरोड़ा की कहानियाँ देह-विमर्श की तीखी आवाज़ों के बीच स्त्री-जीवन के किसी मार्मिक हिस्से को अभिव्यक्त करती कर्णप्रिय लोकगीत-सी लगती हैं। इनका उद्देश्य घरेलू-हिंसा और पुरुष की व्यावहारिक व मानसिक क्रूरता के आघात झेलकर ठूँठ हो चुके स्त्री मन में फिर से हरीतिमा अँखुआने और जीवन की कोमलता उभारने की संवेदना का सिंचन करना है।
‘उधड़ा हुआ स्वेटर’ कहानी को खुले मन से मिली पाठकों की स्वीकृति साबित करती है कि ऐसी संवेदनात्मक कहानियों का लिखा जाना कितना ज़रूरी है। इन कहानियों में लेखिका दर्दमन्द स्त्रियों की दरदिया बनकर अगर एक हाथ से उनके घाव खोलती है तो दूसरे हाथ से उन्हें आत्मसाक्षात्कार के अस्त्र भी थमाती है जिससे ये स्त्रियाँ भावनात्मक आघात और सन्त्रास से टूटती नहीं, बल्कि मज़बूत बनती हैं। ‘राग देह मल्हार की बेनू’ और ‘भागमती पंडाइन का उपवास’ की भागमती ऐसी ही स्त्रियाँ हैं जिनका स्वर व्यंग्यात्मक और चुटीला होते हुए भी संवेदना को सँजोए रहता है। अपने समय के साथ मुठभेड़ में हमेशा अगुआ रही इस वरिष्ठ लेखिका का यह संकलन पाठकों के बीच हमेशा अपनी ज़रूरी और महत्त्वपूर्ण भूमिका में बना रहेगा।
Pratinidhi Kahaniyan : Chitra Mudgal
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

-
Description:
कुछ लेखक रचना के लिए सामग्री जुटाने में ही अपनी अधिकांश शक्ति व्यय कर देते हैं। उन्हें लगता होगा कि किसी परिघटना से ही महत्त्वपूर्ण या बड़ा जीवन- सत्य व्यक्त किया जा सकता है। चित्रा मुद्गल जीवन के छोटे-छोटे प्रसंगों को चुनती हैं, उनमें व्याप्त तनाव को परखती हैं, उन्हें सामाजिकता के व्यापक धरातल पर ला खड़ा करती हैं। यह एक तरह से अकथनीय को ज़ाहिर करने का हुनर है। उनके लिए परिवार सबसे बड़ा सच है। उनकी अधिकांश कहानियाँ विषम स्थितियों में भी रिश्तों को बचाए रखना चाहती हैं।
चित्रा मुद्गल की सबसे बड़ी शक्ति है, उनकी अनोखी क़िस्सागोई। जैसे कोई धीमी आँच वाले अलाव के पास बैठे श्रोताओं के भीतर कहानी की लौ तेज़ कर रहा हो। अमृतलाल नागर, भगवतीचरण वर्मा, कामतानाथ, विजयदान देथा की भाँति चित्रा जी ने क़िस्सागोई या कथन-रस को नया अर्थ दिया है। उनकी कहानियाँ किसी चौंकानेवाली युक्ति या प्रयोग-विह्वल प्रयत्न से प्रारम्भ नहीं होतीं। जीवन का एक क्षण पकड़कर ये कहानियाँ आगे चल पड़ती हैं। भाषा की तमाम भंगिमाओं, कहावतों, मुहावरों, क्षेत्रीय शब्दों और उच्चारण पद्धति का साथ पाकर इन कहानियों की आन्तरिकता विकसित होती है।
चित्रा मुद्गल की कहानियाँ प्रतिवाद के शिल्प में लिखी गई हैं। उनमें बदलते समय-समाज की आहटें हैं। जो कहानियाँ यथार्थ के किसी खुरदुरे हिस्से पर ख़त्म होती हैं, वे भी स्थितियों के प्रति आक्रोश जगाती हैं।
Andhera
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

- Description: ‘वजूद’, ‘यक्षगान’, ‘ग्रहण’ और ‘अँधेरा’ महज़ चार लम्बी कहानियाँ नहीं हैं—ये हमारे कथा साहित्य की विरल उपलब्धियाँ हैं। इन्हीं चारों कहानियों से तैयार हुआ है अत्यन्त महत्त्वपूर्ण और बहुचर्चित कथाकार अखिलेश का नया कहानी-संग्रह ‘अँधेरा’। अखिलेश हिन्दी की ऐसी विशिष्ट प्रतिभा हैं जिनके लेखन को लेकर साहित्य-जगत उत्सुक और प्रतीक्षारत रहता है। अखिलेश की रचनात्मकता के प्रति गहरे भरोसे का ही नतीजा है कि उनकी रचनाएँ साहित्य की दुनिया में ख़ास मुक़ाम हासिल करती हैं। निश्चय ही इस अनोखे विश्वास के निर्माण में ‘अँधेरा’ की कहानियों की अहम भूमिका है। ‘अँधेरा’ में शामिल चारों कहानियाँ लगातार चर्चा के केन्द्र में रही हैं। इन्हें जो ध्यानाकर्षण—जो शोहरत मिली है, वह कम रचनाओं को नसीब होती है। इनके बारे में अनेक प्रकार की व्याख्याएँ, आलेख, टिप्पणियाँ और विवाद समय-समय पर प्रकट हुए हैं। पर इन सबसे ज़्यादा ज़रूरी बात यह है कि चारों कहानियों पर पाठकों ने भी मुहर लगाई है। हमारे युग की मनुष्य विरोधी शक्तियों से आख्यान की भिड़न्त, भाषा की शक्ति, शिल्प का वैविध्य तथा उत्कर्ष, प्रतिभा की विस्फोटक सामर्थ्य—ये सभी कुछ कोई एक जगह देखना चाहता है तो उसे अखिलेश का कहानी-संग्रह ‘अँधेरा’ अवश्य पढ़ना चाहिए। ‘अँधेरा’ की कहानियों की ताक़त है कि वे अपने कई-कई पाठ के लिए बेचैन करती हैं। यही नहीं, वे प्रत्येक अगले पाठ में नई व्यंजना, नए अर्थ, नए सौन्दर्य से जगमगाने लगती हैं। इसी बिन्दु पर ‘अँधेरा’ की कहानियाँ न केवल पढ़े जाने और एकाधिक बार पढ़े जाने की इच्छा जगाती हैं, बल्कि सहेजकर रखे जाने की ज़रूरत भी पैदा करती हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Ismat Chugtai
- Author Name:
Ismat Chugtai
- Book Type:

- Description: उर्दू कथा-साहित्य में इस्मत चुग़ताई एक ऐसा नुमाया नाम है, जिसने साहित्य और साहित्य से बाहर हर तरह की रूढ़ परम्परा को नामंजूर किया। जिस दौर और जिस समाज से उनकी क़लम का रिश्ता रहा है, एक महिला कथाकार के नाते उसे अपनी शर्तों पर निबाह ले जाना बेहद मुश्किल काम था। इस संग्रह में चुग़ताई की चुनिन्दा कहानियाँ शामिल हैं। ये कहानियाँ हमारी दुनिया और उसकी समाजी सच्चाइयों का ऐसा बयान हैं जिनकी कड़वाहट पर भरोसा किया जा सकता है। इनके माध्यम से हम आज की उस जद्दोजहद से वाबस्ता होते हैं जो इनसानी वजूद और इनसानियत के हक़ में सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। आदमी द्वारा आदमी पर होनेवाला ज़ुल्म और ऐसे आदमी को पैदा करनेवाले निज़ाम की तीखी आलोचना इन कहानियों में पूरी कलात्मकता के साथ मौजूद है। यथार्थ की गहरी पकड़, नए अर्थ खोलती अछूती उपमाएँ, बेबाकी-भरा व्यंग्यात्मक लहज़ा, चरित्रों का स्वाभाविक विकास और शब्दों का बेहद किफ़ायती इस्तेमाल इस्मत चुग़ताई के रचनाकर्म की कुछ ख़ास ख़ूबियाँ हैं।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...